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प्रतापगढ़ जिले में स्थित कार्यालय क्रय विक्रय सरकारी समिति लिमिटेड में यूरिया खाद प्राप्त करने के लिए किसानों और महिलाओं की बड़ी संख्या में कतारें देखी गईं। पिछले साल, यूरिया खाद दुकानों पर अधिक दाम में मिली थी, जिसके कारण इस बार बारिश के पहले किसानों ने यूरिया खाद के लिए लंबी कतारें लगाईं। इस दौरान किसानों ने अपनी आवश्यकता के अनुसार यूरिया खाद प्राप्त किया।

5 hrs ago
user_रिपोर्टर/मुकेश निनामा
रिपोर्टर/मुकेश निनामा
News Anchor Pratapgarh, Rajasthan•
5 hrs ago

प्रतापगढ़ जिले में स्थित कार्यालय क्रय विक्रय सरकारी समिति लिमिटेड में यूरिया खाद प्राप्त करने के लिए किसानों और महिलाओं की बड़ी संख्या में कतारें देखी गईं। पिछले साल, यूरिया खाद दुकानों पर अधिक दाम में मिली थी, जिसके कारण इस बार बारिश के पहले किसानों ने यूरिया खाद के लिए लंबी कतारें लगाईं। इस दौरान किसानों ने अपनी आवश्यकता के अनुसार यूरिया खाद प्राप्त किया।

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  • प्रतापगढ़ जिले में स्थित कार्यालय क्रय विक्रय सरकारी समिति लिमिटेड में यूरिया खाद प्राप्त करने के लिए किसानों और महिलाओं की बड़ी संख्या में कतारें देखी गईं। पिछले साल, यूरिया खाद दुकानों पर अधिक दाम में मिली थी, जिसके कारण इस बार बारिश के पहले किसानों ने यूरिया खाद के लिए लंबी कतारें लगाईं। इस दौरान किसानों ने अपनी आवश्यकता के अनुसार यूरिया खाद प्राप्त किया।
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    प्रतापगढ़ जिले में स्थित कार्यालय क्रय विक्रय सरकारी समिति लिमिटेड में यूरिया खाद प्राप्त करने के लिए किसानों और महिलाओं की बड़ी संख्या में कतारें देखी गईं। पिछले साल, यूरिया खाद दुकानों पर अधिक दाम में मिली थी, जिसके कारण इस बार बारिश के पहले किसानों ने यूरिया खाद के लिए लंबी कतारें लगाईं।

इस दौरान किसानों ने अपनी आवश्यकता के अनुसार यूरिया खाद प्राप्त किया।
    user_रिपोर्टर/मुकेश निनामा
    रिपोर्टर/मुकेश निनामा
    News Anchor Pratapgarh, Rajasthan•
    5 hrs ago
  • दर्शक अब शुरू ऐप पर प्रभात प्रतापगढ़ न्यूज देख सकते हैं। इस न्यूज के संपादक परमेश्वर रेदास हैं।
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    दर्शक अब शुरू ऐप पर प्रभात प्रतापगढ़ न्यूज देख सकते हैं। इस न्यूज के संपादक परमेश्वर रेदास हैं।
    user_Parmeshvar redash
    Parmeshvar redash
    Photographer Pratapgarh, Rajasthan•
    19 hrs ago
  • मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में यह सवाल उठाया गया है कि भारत में कितने हिंदू मंदिर हैं। रिपोर्ट दर्शकों को इस सवाल का जवाब एक वीडियो के माध्यम से जानने के लिए आमंत्रित करती है।
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    मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की एक खास रिपोर्ट में यह सवाल उठाया गया है कि भारत में कितने हिंदू मंदिर हैं। रिपोर्ट दर्शकों को इस सवाल का जवाब एक वीडियो के माध्यम से जानने के लिए आमंत्रित करती है।
    user_Mangal Dev Rathore
    Mangal Dev Rathore
    मंदसौर नगर, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • जूना बोरिया में वन विभाग द्वारा की गई कार्यवाही के संदर्भ में विधायक थावरचंद डामोर ने जनता को संबोधित करते हुए एक संदेश दिया है। इस संदेश में विधायक ने क्या कहा है, इस जानकारी को सुनने के लिए कहा गया है।
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    जूना बोरिया में वन विभाग द्वारा की गई कार्यवाही के संदर्भ में विधायक थावरचंद डामोर ने जनता को संबोधित करते हुए एक संदेश दिया है। इस संदेश में विधायक ने क्या कहा है, इस जानकारी को सुनने के लिए कहा गया है।
    user_जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    जुबेर अहमद पत्रकार व लॉ छात्र
    धरियावद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र में स्थित चारभुजा नाथ का मंदिर एक जाना-माना और प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है। यह मंदिर 'बड़े मंदिर' के नाम से भी विख्यात है, जहाँ हर साल हजारों भक्त दर्शन करने और धार्मिक लाभ प्राप्त करने आते हैं। इस चारभुजा मंदिर में विशेष रूप से हर पूर्णिमा के दिन हवन और पूजा का आयोजन किया जाता है, जिससे कई श्रद्धालु धर्म लाभ उठाते हैं।
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    प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र में स्थित चारभुजा नाथ का मंदिर एक जाना-माना और प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है। यह मंदिर 'बड़े मंदिर' के नाम से भी विख्यात है, जहाँ हर साल हजारों भक्त दर्शन करने और धार्मिक लाभ प्राप्त करने आते हैं। इस चारभुजा मंदिर में विशेष रूप से हर पूर्णिमा के दिन हवन और पूजा का आयोजन किया जाता है, जिससे कई श्रद्धालु धर्म लाभ उठाते हैं।
    user_Reporter ambalal suthar
    Reporter ambalal suthar
    Video Creator छोटी सादड़ी, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नीमच दौरे के दौरान जिले को बड़ी विकास सौगातें मिलीं, जहाँ उनका हवाई पट्टी पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की मौजूदगी में 500 मेगावाट नीमच और 450 मेगावाट शाजापुर सोलर पार्क का उद्घाटन किया गया। साथ ही, ₹1553 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित हो रहा है और नीमच इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में सोलर कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।
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    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नीमच दौरे के दौरान जिले को बड़ी विकास सौगातें मिलीं, जहाँ उनका हवाई पट्टी पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की मौजूदगी में 500 मेगावाट नीमच और 450 मेगावाट शाजापुर सोलर पार्क का उद्घाटन किया गया। साथ ही, ₹1553 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित हो रहा है और नीमच इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में सोलर कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।
    user_मुकेश शर्मा पत्रकार नीमच
    मुकेश शर्मा पत्रकार नीमच
    Carpenter Neemuch Nagar, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के नीमच में एक भव्य 'विकास महापर्व' का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्र को ₹3,949 करोड़ की एक ऐतिहासिक सौगात प्रदान की। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कुल 162 विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया और साथ ही विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ।
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    मध्य प्रदेश के नीमच में एक भव्य 'विकास महापर्व' का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्र को ₹3,949 करोड़ की एक ऐतिहासिक सौगात प्रदान की। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कुल 162 विकास कार्यों का भूमि पूजन किया गया और साथ ही विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण भी सम्पन्न हुआ।
    user_भविष्य न्यूज़ 24
    भविष्य न्यूज़ 24
    Local News Reporter नीमच, नीमच, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 जून को कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 को राज्य सरकार 'युवा वर्ष' के रूप में मनाएगी, जबकि 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (जीआईएस) का आयोजन जनवरी में भोपाल में किया जाएगा। ये घोषणाएं अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस-2026 के अवसर पर भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट' में की गईं, जहां मध्यप्रदेश के सफल उद्यमियों की विकास गाथा पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 760 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की और 137 स्टार्टअप्स को 1.5 करोड़ की सहायता राशि दी। 'मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना' के तहत वृहद उद्योगों को 1,274 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, साथ ही उद्योग स्थापना के लिए भूमि आवंटन पत्र और लोन स्वीकृति पत्र भी दिए गए। देवास, पांढुर्ना, टीकमगढ़ और उज्जैन को एमएसएमई भवन की सौगात मिली, वहीं मंदसौर के मुल्तानपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 288 भू-खंड, मंडला में 165, जबलपुर में 61, बैतूल में 50, कटनी के नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 68, नीमच के सरगना औद्योगिक क्षेत्र में 127 और खरगोन के डाबरिया औद्योगिक क्षेत्र में 103 भू-खंड आवंटित किए गए। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्ले एंड प्लग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एमएसएमई विभाग के बीच एमओयू भी हस्ताक्षरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 4 लाख 41 हजार से अधिक एमएसएमई यूनिट्स का संचालन माताओं-बहनों द्वारा किया जा रहा है और वर्ष 2024 से 2026 के बीच एमएसएमई में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व 59 प्रतिशत बढ़ा है। राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास हेतु 16 क्लस्टर निर्मित किए हैं और 14 नए क्लस्टरों पर कार्य जारी है। प्रदेश को ओडीओपी में उल्लेखनीय सफलता मिली है और वर्ष 2025-26 में 20 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र को आधुनिक तरीके से नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा, किसानों को शून्य ब्याज दर पर लोन दिया जाएगा और उन्हें लोन चुकाने के लिए 12 महीने की अवधि मिलेगी, जिसमें 31 मार्च की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। राज्य सरकार वर्ष 2024 को 'गरीब कल्याण वर्ष' और वर्ष 2025 को 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' के रूप में मना चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 200 से अधिक सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। मध्य प्रदेश सबसे युवा प्रदेश है और विदेशी निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें अब तक 9,300 करोड़ का निवेश धरातल पर आया है। कनाडा की मैकमैन कंपनी आगर मालवा में, यूके की दो बड़ी कंपनियां पीथमपुर में, और जापान, चीन, आयरलैंड तथा दक्षिण कोरियाई कंपनियां प्रदेश में निवेश कर रही हैं। राज्य सरकार ने 25 साल पुरानी मांग को पूरा करते हुए कपास पर मंडी शुल्क आधा करके किसानों को सौगात दी है। इसी प्रकार अरहर (तुअर) दाल से जुड़ी परेशानी पर भी सरकार काम कर रही है। प्रत्येक जिले के राजस्व का एक मॉडल तैयार किया जाएगा ताकि स्थानीय अनुकूलता के आधार पर व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहन मिले। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री चेतन्य काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने उद्योग विकास में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं, जिसका प्रमाण एमएसएमई विभाग का बजट 1100 करोड़ से बढ़कर 2100 करोड़ होना है। पिछले एक साल में लगभग 1200 भूखंड उद्योग स्थापित करने के लिए आवंटित किए गए हैं और आगामी डेढ़ साल में 3000 और भूखंड आवंटित किए जाएंगे। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश के निर्यात का 49 प्रतिशत एमएसएमई सेक्टर से आता है और राज्य में जीआईएस के दौरान मिले निवेश प्रस्तावों में से 9 लाख करोड़ का निवेश जमीन पर दिखने लगा है। एमएसएमई उत्पादों के निर्यात में मध्यप्रदेश ने एक वर्ष में 4 स्थानों की छलांग लगाई है और अब देश में 11वें नंबर पर है। प्रदेश ने भारत सरकार द्वारा तय 23 सुधारों को शत प्रतिशत लागू कर देश में टॉप अचीवर का दर्जा प्राप्त किया है। जनविश्वास बिल पारित किया गया, 900 से अधिक गैर-जरूरी कानूनों को शिथिल किया गया और 100 से अधिक कानूनों में सजा के प्रावधान को पेनाल्टी में बदला गया। पिछले एक साल में 8500 कंपनियों को बैंक लोन स्वीकृति मिली है। प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले ढाई साल में एमएसएमई और उद्योग विभाग के अंतर्गत 11,500 करोड़ से अधिक राशि निवेश प्रोत्साहन सहायता के रूप में दी गई है। अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर 235 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से 750 से अधिक इकाइयों को वितरित की गई है। दिसंबर 2023 में स्टार्टअप्स की संख्या लगभग 4800 थी, जो अब 7500 से अधिक हो गई है, जिनमें से 50 प्रतिशत से अधिक का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। समिट में उद्यमियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। डॉ. पीयूष कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश को उद्योग स्थापित करने और आगे बढ़ाने वाला राज्य बताते हुए सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों और पारदर्शिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी राज्य में 200 करोड़ का निवेश कर चुकी है और एक दुर्लभ बीमारी की दवा बना रही है। आर्यवृत अभियांत्रिकी के प्रोपराइटर राजेश मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक विभाग में निवेश प्रोत्साहन सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की है और एमएसएमई सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सरकार ने 31 मई 2026 तक की सभी देनदारियां क्लियर कर दी हैं।
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    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 जून को कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 को राज्य सरकार 'युवा वर्ष' के रूप में मनाएगी, जबकि 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (जीआईएस) का आयोजन जनवरी में भोपाल में किया जाएगा। ये घोषणाएं अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस-2026 के अवसर पर भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट' में की गईं, जहां मध्यप्रदेश के सफल उद्यमियों की विकास गाथा पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 760 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की और 137 स्टार्टअप्स को 1.5 करोड़ की सहायता राशि दी। 'मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना' के तहत वृहद उद्योगों को 1,274 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, साथ ही उद्योग स्थापना के लिए भूमि आवंटन पत्र और लोन स्वीकृति पत्र भी दिए गए। देवास, पांढुर्ना, टीकमगढ़ और उज्जैन को एमएसएमई भवन की सौगात मिली, वहीं मंदसौर के मुल्तानपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 288 भू-खंड, मंडला में 165, जबलपुर में 61, बैतूल में 50, कटनी के नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 68, नीमच के सरगना औद्योगिक क्षेत्र में 127 और खरगोन के डाबरिया औद्योगिक क्षेत्र में 103 भू-खंड आवंटित किए गए। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्ले एंड प्लग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एमएसएमई विभाग के बीच एमओयू भी हस्ताक्षरित किए गए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 4 लाख 41 हजार से अधिक एमएसएमई यूनिट्स का संचालन माताओं-बहनों द्वारा किया जा रहा है और वर्ष 2024 से 2026 के बीच एमएसएमई में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व 59 प्रतिशत बढ़ा है। राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास हेतु 16 क्लस्टर निर्मित किए हैं और 14 नए क्लस्टरों पर कार्य जारी है। प्रदेश को ओडीओपी में उल्लेखनीय सफलता मिली है और वर्ष 2025-26 में 20 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र को आधुनिक तरीके से नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा, किसानों को शून्य ब्याज दर पर लोन दिया जाएगा और उन्हें लोन चुकाने के लिए 12 महीने की अवधि मिलेगी, जिसमें 31 मार्च की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। राज्य सरकार वर्ष 2024 को 'गरीब कल्याण वर्ष' और वर्ष 2025 को 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' के रूप में मना चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 200 से अधिक सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। मध्य प्रदेश सबसे युवा प्रदेश है और विदेशी निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें अब तक 9,300 करोड़ का निवेश धरातल पर आया है। कनाडा की मैकमैन कंपनी आगर मालवा में, यूके की दो बड़ी कंपनियां पीथमपुर में, और जापान, चीन, आयरलैंड तथा दक्षिण कोरियाई कंपनियां प्रदेश में निवेश कर रही हैं। राज्य सरकार ने 25 साल पुरानी मांग को पूरा करते हुए कपास पर मंडी शुल्क आधा करके किसानों को सौगात दी है। इसी प्रकार अरहर (तुअर) दाल से जुड़ी परेशानी पर भी सरकार काम कर रही है। प्रत्येक जिले के राजस्व का एक मॉडल तैयार किया जाएगा ताकि स्थानीय अनुकूलता के आधार पर व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहन मिले।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री चेतन्य काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने उद्योग विकास में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं, जिसका प्रमाण एमएसएमई विभाग का बजट 1100 करोड़ से बढ़कर 2100 करोड़ होना है। पिछले एक साल में लगभग 1200 भूखंड उद्योग स्थापित करने के लिए आवंटित किए गए हैं और आगामी डेढ़ साल में 3000 और भूखंड आवंटित किए जाएंगे। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश के निर्यात का 49 प्रतिशत एमएसएमई सेक्टर से आता है और राज्य में जीआईएस के दौरान मिले निवेश प्रस्तावों में से 9 लाख करोड़ का निवेश जमीन पर दिखने लगा है। एमएसएमई उत्पादों के निर्यात में मध्यप्रदेश ने एक वर्ष में 4 स्थानों की छलांग लगाई है और अब देश में 11वें नंबर पर है। प्रदेश ने भारत सरकार द्वारा तय 23 सुधारों को शत प्रतिशत लागू कर देश में टॉप अचीवर का दर्जा प्राप्त किया है। जनविश्वास बिल पारित किया गया, 900 से अधिक गैर-जरूरी कानूनों को शिथिल किया गया और 100 से अधिक कानूनों में सजा के प्रावधान को पेनाल्टी में बदला गया। पिछले एक साल में 8500 कंपनियों को बैंक लोन स्वीकृति मिली है। प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले ढाई साल में एमएसएमई और उद्योग विभाग के अंतर्गत 11,500 करोड़ से अधिक राशि निवेश प्रोत्साहन सहायता के रूप में दी गई है। अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर 235 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से 750 से अधिक इकाइयों को वितरित की गई है। दिसंबर 2023 में स्टार्टअप्स की संख्या लगभग 4800 थी, जो अब 7500 से अधिक हो गई है, जिनमें से 50 प्रतिशत से अधिक का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।

समिट में उद्यमियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। डॉ. पीयूष कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश को उद्योग स्थापित करने और आगे बढ़ाने वाला राज्य बताते हुए सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों और पारदर्शिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी राज्य में 200 करोड़ का निवेश कर चुकी है और एक दुर्लभ बीमारी की दवा बना रही है। आर्यवृत अभियांत्रिकी के प्रोपराइटर राजेश मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक विभाग में निवेश प्रोत्साहन सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की है और एमएसएमई सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सरकार ने 31 मई 2026 तक की सभी देनदारियां क्लियर कर दी हैं।
    user_Mangal Dev Rathore
    Mangal Dev Rathore
    मंदसौर नगर, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
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