रायपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, सरस्वती नगर पुलिस ने 31 मई 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 वर्षीय युवती खुशी देवार को 2.040 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद गांजे की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1 लाख रुपये बताई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुकुरबेड़ा स्थित ओवरब्रिज के नीचे एक महिला अवैध रूप से गांजा रखकर बेचने की फिराक में है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए, उपयुक्त (पश्चिम) संदीप कुमार पटेल के निर्देशन और थाना प्रभारी सरस्वती नगर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। टीम ने संदिग्ध महिला की पहचान कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में महिला ने अपना नाम खुशी देवार, निवासी देवार बस्ती, कुकुरबेड़ा, थाना सरस्वती नगर, रायपुर बताया। उसकी तलाशी के दौरान उसके पास रखे थैले से 2.040 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। आरोपी महिला के विरुद्ध थाना सरस्वती नगर में अपराध क्रमांक 109/2026 दर्ज किया गया है और एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 20(ख) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार महिला को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध उनका अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, सरस्वती नगर पुलिस ने 31 मई 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 वर्षीय युवती खुशी देवार को 2.040 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद गांजे की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1 लाख रुपये बताई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुकुरबेड़ा स्थित ओवरब्रिज के नीचे एक महिला अवैध रूप से गांजा रखकर बेचने की फिराक में है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए, उपयुक्त (पश्चिम) संदीप कुमार पटेल के निर्देशन और थाना प्रभारी सरस्वती नगर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। टीम ने संदिग्ध महिला की पहचान कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में महिला ने अपना नाम खुशी देवार, निवासी देवार बस्ती, कुकुरबेड़ा, थाना सरस्वती नगर, रायपुर बताया। उसकी तलाशी के दौरान उसके पास रखे थैले से 2.040 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। आरोपी महिला के विरुद्ध थाना सरस्वती नगर में अपराध क्रमांक 109/2026 दर्ज किया गया है और एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 20(ख) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार महिला को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध उनका अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने बेमेतरा में कई दिग्गज नेताओं का भव्य स्वागत किया। यह आयोजन एकेडमिक वर्ल्ड स्कूल में हुआ, जहाँ विभिन्न प्रमुख नेता एक साथ उपस्थित रहे।1
- शिक्षक खान सर, पत्रकार अंजना ओम कश्यप के एक वायरल बयान को लेकर उन पर बुरी तरह भड़क उठे हैं। यह गुस्सा ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल के दिनों में अंजना ओम कश्यप को अपने इसी बयान के कारण इंटरनेट पर लगातार ट्रोल किया जा रहा है।1
- रायपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, सरस्वती नगर पुलिस ने 31 मई 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 वर्षीय युवती खुशी देवार को 2.040 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद गांजे की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1 लाख रुपये बताई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुकुरबेड़ा स्थित ओवरब्रिज के नीचे एक महिला अवैध रूप से गांजा रखकर बेचने की फिराक में है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए, उपयुक्त (पश्चिम) संदीप कुमार पटेल के निर्देशन और थाना प्रभारी सरस्वती नगर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। टीम ने संदिग्ध महिला की पहचान कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में महिला ने अपना नाम खुशी देवार, निवासी देवार बस्ती, कुकुरबेड़ा, थाना सरस्वती नगर, रायपुर बताया। उसकी तलाशी के दौरान उसके पास रखे थैले से 2.040 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। आरोपी महिला के विरुद्ध थाना सरस्वती नगर में अपराध क्रमांक 109/2026 दर्ज किया गया है और एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 20(ख) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार महिला को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध उनका अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।1
- यह जानकारी दी गई है कि लोग अपनी टिकटें अभी बुक कर सकते हैं।1
- राजधानी रायपुर के वृन्दावन सभागृह में प्रदेश की अग्रणी सामाजिक व साहित्यिक संस्था वक्ता मंच ने आज एक भव्य "काव्य महाकुंभ" का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रदेश भर से चयनित 151 रचनाकारों को उनकी सृजनशीलता, रचनाधर्मिता, मूल्य चेतना एवं नैतिक मूल्यों हेतु "शब्द शिखर सम्मान" से विभूषित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद के शब्दों को उद्धृत करते हुए अतिथियों ने जोर देकर कहा कि साहित्य राजनीति के आगे चलनेवाली मशाल है। वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते ने बताया कि रायपुर, बस्तर, धमतरी, महासमुंद, जगदलपुर, राजनांदगांव, कोरबा, दुर्ग, बालोद, रायगढ़, बिलासपुर, गरियाबंद, बलौदाबाजार, दल्ली राजहरा और बेमेतरा से उपस्थित 151 रचनाकारों ने काव्य पाठ किया और सम्मान प्राप्त किया। आयोजन के मुख्य अतिथि चिकित्सक व साहित्यकार डॉ. गीतेश अमरोहित थे, जबकि डॉ. संयुक्ता गांधी ने अध्यक्षता की। छ.ग. सन्निर्माण मंडल के पूर्व अध्यक्ष सुशील सन्नी अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार धर द्विवेदी व पंडित पी.के. तिवारी, वरिष्ठ साहित्यकार सीमा पांडेय, लोकभवन में उपसचिव डॉ. रूपेंद्र कवि तथा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अजीत मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में जांजगीर चांपा के लेखक उमेश कुमार श्रीवास की दो पुस्तकों— "पांच आगर एक कोरी" तथा "काव्य प्रत्यूषा"— और रायपुर के डॉ. लुनेश कुमार वर्मा की पुस्तक "माँ की रोटी" का विमोचन भी हुआ। वक्ता मंच विगत 34 वर्षों से निरंतर कलमकारों का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित करता आ रहा है, जिसमें नवोदित व प्रतिष्ठित दोनों धाराओं के रचनाकारों को मंच मिलता है। अतिथियों ने इस बात पर बल दिया कि साहित्यकारों को वर्तमान परिवेश की चुनौतियों का सामना करने के लिए रचनात्मक हस्तक्षेप करना होगा, क्योंकि साहित्यकार युग चेतना का वाहक होता है। साहित्य मानव जीवन की पीड़ाओं, संवेदनाओं और संघर्षों का एक जीवंत दस्तावेज है, जो जनमानस को संघर्षों की प्रेरणा व ऊर्जा प्रदान करता है। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन वक्ता मंच के संयोजक शुभम साहू द्वारा किया गया, जबकि काव्य गोष्ठी के सत्र का संचालन भिलाई के साहित्यकार राजाराम रसिक ने किया। संस्था की संरक्षिका ज्योति शुक्ला के आभार प्रदर्शन के साथ आयोजन समाप्त हुआ। इस अवसर पर राजेश पराते, शुभम साहू, विवेक बेहरा, ज्योति शुक्ला, दुष्यंत साहू, परम कुमार, पूर्णेश डडसेना, करण बघेल, आशा साहू, डॉ. गोपा शर्मा, डॉ. इंद्रदेव यदु, पंडित खेमेश्वर पुरी गोस्वामी, राजाराम रसिक, देव मानिकपुरी, तुकाराम कंसारी, डॉ. रमेश सोनसायटी, कोमल सिंह साहू सहित टीम वक्ता मंच के समस्त कार्यकर्ता उपस्थित थे।4
- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने एक गुमशुदा युवक से जुड़ी सनसनीखेज हत्याकांड को महज 72 घंटों के भीतर सुलझाने का दावा किया है। यह मामला 28 मई को तब शुरू हुआ, जब बैहरसारी गांव के कोमल वर्मा अचानक लापता हो गए। उनकी गुमशुदगी के ठीक अगले दिन, पांडातराई के सोंढा गांव में एक बोरी के भीतर कोमल का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता से जांच शुरू की। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए कॉल डिटेल्स खंगाली, जिसके आधार पर शक की सुई एक महिला मंदाकिनी वर्मा की ओर घूमी। हिरासत में लिए जाने पर मंदाकिनी वर्मा ने चौंकाने वाला सच उजागर किया। महिला का आरोप है कि कोमल उसे अश्लील वीडियो दिखाकर लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। घटना की रात जब ब्लैकमेलिंग का दबाव बहुत बढ़ गया, तो महिला ने कोमल को अपने घर बुलाया और लोहे के पाने से उस पर हमला कर दिया। इसके बाद, महिला ने अपने पति के साथ मिलकर कोमल को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद, शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने महिला के भाई की मदद ली। भाई ने ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर शव को दूर सुनसान जगह पर फेंक दिया था। हालांकि, कबीरधाम पुलिस की गहन जांच के आगे यह शातिर चाल नाकाम रही। इस मामले में अब पति, पत्नी और भाई तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जिससे ब्लैकमेलिंग का यह खौफनाक अंत सामने आया है।1
- वित्तीय गणना में 'लाख' को 'करोड़' में बदलने का एक सीधा सा नियम है। इसके तहत, 12,950 लाख की राशि 129.5 करोड़ के बराबर होती है। यह रूपांतरण इस आधार पर किया जाता है कि एक करोड़ में 100 लाख होते हैं। इसलिए, किसी भी लाख की राशि को करोड़ में बदलने के लिए उसे 100 से विभाजित करना होता है। इस गणना के अनुसार, 12950 को 100 से भाग देने पर 129.5 करोड़ प्राप्त होता है।1
- छत्तीसगढ़ के खरोरा में, कांग्रेस पार्टी ने आदिवासी समाज की पहचान और सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन करते हुए अपना विरोध प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम शनिवार शाम तिल्दा रोड स्थित तिगड्डा चौक पर आयोजित किया गया, जहाँ 'आदिवासी बनाम वनवासी' विवाद पर अपनी नाराजगी व्यक्त की गई। यह प्रदर्शन आदिवासी कांग्रेस कमेटी ब्लॉक खरोरा के अध्यक्ष अमित उइके के आह्वान पर आयोजित हुआ, जिसमें कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने आदिवासी समाज की पहचान से जुड़े विषयों पर गहरी नाराजगी जताई और केंद्र सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध किया। इस विरोध कार्यक्रम में जिला रायपुर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, पूर्व विधायक अनिता शर्मा, जिला आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष दिलदार कुमरे, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खरोरा अध्यक्ष अश्वनी वर्मा, जिला महामंत्री नीतू साहू, जिला सदस्य भागबली ध्रुव, मंडल अध्यक्ष रविंदर बबलू भाटिया तथा जिला आदिवासी कांग्रेस उपाध्यक्ष होलेराम पोर्ते सहित कई अन्य कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। इनमें सुरेंद्र गिलहरे, धनेश वर्मा, खूबी डहरिया, कपिल नशीने, लकेश्वर यादव, लकेश्वर कोसले, दशरथ ब्रजले, नंदकिशोर ध्रुव, शोभाराम जगत, नरेंद्र डहरिया, राशिद खान, मिराज खान, जितेंद्र गोड, कामता कोसले और सालिक राम मंडावी भी शामिल थे। कांग्रेस नेताओं ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि पार्टी आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी मुखर होकर अपनी आवाज उठाती रहेगी। यह पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1