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Rupak kumar jha
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- Post by Rupak kumar jha1
- चंपारण में बाढ़ की स्थिति को लेकर BJP सांसद संजय जायसवाल ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ की जानकारी मिलते ही गंडक बैराज खोल दिया गया था, जिससे पहले से जमा पानी बाहर निकल गया। संजय जायसवाल ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ तस्वीरों को फर्जी बताते हुए कहा कि चंपारण में ऐसी बाढ़ की स्थिति नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बाढ़ की समस्या मुख्य रूप से गंगा नदी से जुड़ी थी और इसका नेपाल से कोई संबंध नहीं था। KSR Bihar News चंपारण में बाढ़ की स्थिति को लेकर BJP सांसद संजय जायसवाल ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ की जानकारी मिलते ही गंडक बैराज खोल दिया गया था, जिससे पहले से जमा पानी बाहर निकल गया। संजय जायसवाल ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ तस्वीरों को फर्जी बताते हुए कहा कि चंपारण में ऐसी बाढ़ की स्थिति नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बाढ़ की समस्या मुख्य रूप से गंगा नदी से जुड़ी थी और इसका नेपाल से कोई संबंध नहीं था। KSR Bihar News1
- सरकार में डर का माहौल GenAlpha Protest हाथ में तिरंगा और संविधान मांग सिर्फ एक न्याय पटना में एक नए आंदोलन की शुरुआत पढ़ाई और लड़ाई साथ-साथ Viral Boy Aditya न्याय के लिए धरना पर 📍 Gardanibagh patna bihar1
- सीतामढ़ी के युवक ने मधुबनी की प्रेमिका से की शादी, वीडियो जारी कर कहा- पिता जबर्दस्ती शादी कर रहे थे... देखेंl1
- बेतिया सदर-2 के नए डीएसपी राकेश कुमार भास्कर ने संभाला पदभार, बोले— कानून तोड़ने वालों पर रहेगी विशेष नजर बेतिया सदर-2 के नए डीएसपी राकेश कुमार भास्कर ने संभाला पदभार, बोले— कानून तोड़ने वालों पर रहेगी विशेष नजर1
- चूहे पकड़ने के पिंजरे में फंसा खतरनाक कोबरा, देखने उमड़ी भीड़… मोबाइल कैमरों में कैद हुआ पूरा नजारा! नौतन से इस वक्त की बड़ी और हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है… जहां चूहे पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में चूहा नहीं, बल्कि एक खतरनाक कोबरा फंस गया। मामला नौतन थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर मुख्य सड़क किनारे का है, जहां छबीला चौरसिया के घर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब चूहे पकड़ने वाले पिंजरे के अंदर फन फैलाए कोबरा को देखा गया। बताया जा रहा है कि घर में चूहों के आतंक से परेशान होकर छबीला चौरसिया ने चूहे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। लेकिन जब पिंजरे पर नजर पड़ी तो चूहे की जगह उसमें एक खतरनाक कोबरा फंसा हुआ था। पिंजरे के अंदर सांप के फुफकारने की आवाज सुनकर परिवार के लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। कोबरा के पिंजरे में फंसे होने की खबर जैसे ही ग्रामीणों तक पहुंची, मौके पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए। हर कोई इस अनोखे नजारे को अपनी आंखों से देखना चाहता था। वहीं, कई लोग अपने मोबाइल फोन से कोबरा का वीडियो बनाने लगे। पिंजरे में फंसे सांप को देखने के बाद गांव में भी चर्चा तेज हो गई। लोगों के बीच यही बात होती रही कि आखिर चूहे को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में इतना खतरनाक कोबरा पहुंचा कैसे? फिलहाल ग्रामीणों ने इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को दे दी है। अब इंतजार है वन विभाग की टीम के पहुंचने का, ताकि कोबरा को सुरक्षित तरीके से पिंजरे से बाहर निकालकर उसके प्राकृतिक ठिकाने तक पहुंचाया जा सके। फिलहाल चूहे के लिए लगाया गया पिंजरा कोबरा के फंसने से पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पूरा नजारा अब ग्रामीणों के मोबाइल कैमरों में भी कैद हो चुका है।1
- नेपाल : यह देखना किसी चमत्कार से कम नहीं था, तीन दिन बाद मौत को पीछे हटना पड़ा और जिंदगी जीत गई। तीन दिन तक आपदा के कीचड़ में दबी छह साल की बच्ची को नेपाल के सुरक्षा बलों ने रेस्क्यू किया। घटना नेपाल के रसुवा जिले के टिमोरे गांव की है। बाढ़ और भूस्खलन के मलबे में दबी रहने के बाद 6 साल की बच्ची मनीषा को जिंदा बाहर निकाला गया। #nepal #nepalflood #viral #viralreels #reel news today nepal 🇳🇵1
- पहाड़ पलक झपकते ही हरे-भरे इलाकों पर आ गिरा। तस्वीरों में इस सप्ताह हिमनद के ढहने के बाद उत्तरी नेपाल की घाटियों में बहे कीचड़, पानी, चट्टानों और गाद के भयानक बहाव की भयावहता दिखाई देती है। विरोधाभास स्पष्ट है: ढलान से नीचे उतरते मलबे के घने ढेर से कुछ ही मीटर की दूरी पर हरे-भरे कृषि क्षेत्र दिखाई देते हैं। यह आपदा हिमालय में भारी मात्रा में बर्फ और चट्टान के टूटने के बाद शुरू हुई, जिससे हिमस्खलन, मलबा प्रवाह और अचानक आई बाढ़ की एक श्रृंखला शुरू हो गई, जिसने गांवों, पुलों, सड़कों और जलविद्युत संयंत्रों को नष्ट कर दिया। शनिवार, 29 अगस्त तक, अकेले नेपाल में मरने वालों की संख्या 669 तक पहुंच गई है, जबकि लगभग 3,000 लोग अभी भी लापता हैं। 3,700 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है। ▲ क्षेत्र की निगरानी जारी है। प्राकृतिक मलबे के अवरोधों से बनी झीलों में से एक का पानी सूख रहा है और ढहने का खतरा कम हो गया है, लेकिन एक दूसरी, बड़ी झील की भी पहचान की गई है और ड्रोन और रडार1