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नेपाल : यह देखना किसी चमत्कार से कम नहीं था, तीन दिन बाद मौत को पीछे हटना पड़ा और जिंदगी जीत गई। तीन दिन तक आपदा के कीचड़ में दबी छह साल की बच्ची को नेपाल के सुरक्षा बलों ने रेस्क्यू किया। घटना नेपाल के रसुवा जिले के टिमोरे गांव की है। बाढ़ और भूस्खलन के मलबे में दबी रहने के बाद 6 साल की बच्ची मनीषा को जिंदा बाहर निकाला गया। #nepal #nepalflood #viral #viralreels #reel news today nepal 🇳🇵
RAJA KUMAR
नेपाल : यह देखना किसी चमत्कार से कम नहीं था, तीन दिन बाद मौत को पीछे हटना पड़ा और जिंदगी जीत गई। तीन दिन तक आपदा के कीचड़ में दबी छह साल की बच्ची को नेपाल के सुरक्षा बलों ने रेस्क्यू किया। घटना नेपाल के रसुवा जिले के टिमोरे गांव की है। बाढ़ और भूस्खलन के मलबे में दबी रहने के बाद 6 साल की बच्ची मनीषा को जिंदा बाहर निकाला गया। #nepal #nepalflood #viral #viralreels #reel news today nepal 🇳🇵
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- Post by Rupak kumar jha1
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- *प्रेस विज्ञप्ति* *आज दिनांक 31 अगस्त 2026* *भाकपा नेता ओम प्रकाश क्रांति का योगी सरकार पर तीखा हमला, बोले कम्युनिस्टों से डर गई भाजपा* बेतिया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पश्चिम चंपारण जिला के जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने 1 सितंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली ‘बदलाव जरूरी है’ रैली को विफल करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कथित तौर पर भाकपा नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने की कड़ी आलोचना की है। ओम प्रकाश क्रांति ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कम्युनिस्ट नेताओं को हाउस अरेस्ट कराकर योगी सरकार ने अपने डरपोक चेहरे और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति असहिष्णु रवैये को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि देशभर से लाखों कम्युनिस्ट दिल्ली पहुंच रहे हैं और यह बदलाव रैली देश को नई राजनीतिक दिशा देने का काम करेगी। भाकपा नेता ने कहा कि नेताओं को हाउस अरेस्ट करने से कम्युनिस्ट डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि सत्ताधारी दल के नेताओं के सामने कम्युनिस्टों का ‘भूत’ मंडराने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि सत्ता की कुर्सी सुरक्षित नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि 1 सितंबर की रैली में देशभर के कम्युनिस्ट नफरत की राजनीति को खत्म करने का हुंकार भरेंगे। रैली में संविधान की रक्षा, लोकतंत्र को मजबूत करने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने तथा नौजवानों, मजदूरों, किसानों और महिलाओं के बेहतर भविष्य की राजनीतिक दिशा पर जोर दिया जाएगा। पश्चिम चंपारण जिला के जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी सरकार को कम्युनिस्टों की बढ़ती सक्रियता की चिंता सता रही है। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट सत्ता में आएं या न आएं, लेकिन उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरण को प्रभावित करने की क्षमता जरूर रखते हैं।4
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- पहाड़ पलक झपकते ही हरे-भरे इलाकों पर आ गिरा। तस्वीरों में इस सप्ताह हिमनद के ढहने के बाद उत्तरी नेपाल की घाटियों में बहे कीचड़, पानी, चट्टानों और गाद के भयानक बहाव की भयावहता दिखाई देती है। विरोधाभास स्पष्ट है: ढलान से नीचे उतरते मलबे के घने ढेर से कुछ ही मीटर की दूरी पर हरे-भरे कृषि क्षेत्र दिखाई देते हैं। यह आपदा हिमालय में भारी मात्रा में बर्फ और चट्टान के टूटने के बाद शुरू हुई, जिससे हिमस्खलन, मलबा प्रवाह और अचानक आई बाढ़ की एक श्रृंखला शुरू हो गई, जिसने गांवों, पुलों, सड़कों और जलविद्युत संयंत्रों को नष्ट कर दिया। शनिवार, 29 अगस्त तक, अकेले नेपाल में मरने वालों की संख्या 669 तक पहुंच गई है, जबकि लगभग 3,000 लोग अभी भी लापता हैं। 3,700 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है। ▲ क्षेत्र की निगरानी जारी है। प्राकृतिक मलबे के अवरोधों से बनी झीलों में से एक का पानी सूख रहा है और ढहने का खतरा कम हो गया है, लेकिन एक दूसरी, बड़ी झील की भी पहचान की गई है और ड्रोन और रडार1