मंदसौर जिले की गरोठ विधानसभा की ग्राम पंचायत खड़ावदा के अंतर्गत 'नई आबादी' क्षेत्र में बंजारा समाज के करीब 80 से 100 निवासी आज भी बुनियादी रास्ते के लिए तरस रहे हैं। खड़ावदा से गोपालपुरा के बीच स्थित लगभग आधा किलोमीटर के रास्ते पर फैला गहरा कीचड़ वर्ष 2001 से यहाँ रह रहे 15 परिवारों के लिए मुसीबत बना हुआ है। बारिश के दिनों में रास्ता बंद होने से मरीजों को अस्पताल ले जाना असंभव हो जाता है और स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे रोज जूते-चप्पल उतारकर पत्थरों और कीचड़ के बीच नंगे पैर चलने को मजबूर हैं। इसके अलावा, ग्राम पंचायत द्वारा स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना के 3 लाभार्थियों के लिए पक्के मकान की निर्माण सामग्री पहुँचाना भी इस बदहाल रास्ते के कारण ठप पड़ा है। प्रशासनिक उपेक्षा का दंश तब और सामने आया जब हाल ही में ओडिशा में बुजुर्ग नाथूलाल बंजारा की मृत्यु होने पर उनके पार्थिव शरीर को पलंग पर रखकर गाँव लाया गया, जबकि रास्ता खराब होने से रिश्तेदार और समाजजन गमी में नहीं पहुँच सके। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीण बाबूलाल, भोपाल, वकील, विनोद, गोविंद, राजेंद्र, मानसिंह, प्रकाश, खरवार, तोफान और मेंबर ने एकजुट होकर क्षेत्रीय भाजपा विधायक चन्दरसिंह सिसोदिया को लिखित आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे खेत की मेड़ से होकर आने-जाने को मजबूर हैं और आपस में फंड जुटाकर रास्ता बनाने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए विधायक निधि या पंचायत के माध्यम से सड़क का निर्माण कराया जाए। सड़क निर्माण को लेकर कांग्रेस नेता व जिला पंचायत सदस्य रिंकेश डबकरा का कहना है कि जिला पंचायत निधि में सड़क बनाने का प्रावधान नहीं है, हालांकि जी राम जी योजना के तहत पंचायत इसे बनवा सकती है। दूसरी ओर, पंचायत सचिव रामप्रसाद पवार ने निजी भूमि होने के कारण सरकारी सड़क निर्माण में अड़चन बताई है, जिस पर ग्रामीणों का कहना है कि वे दो महीने पहले ही अपनी निजी जमीन को सरकारी भूमि में मर्ज करने का आवेदन पंचायत में दे चुके हैं। क्षेत्र में भाजपा के विधायक, दोनों सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष और घुमक्कड़ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बाबूलाल सुरावत का निवास 10 किलोमीटर के दायरे में होने के बावजूद आधा किलोमीटर का यह मार्ग कागजी दावों और फाइलों में अटका पड़ा है।
मंदसौर जिले की गरोठ विधानसभा की ग्राम पंचायत खड़ावदा के अंतर्गत 'नई आबादी' क्षेत्र में बंजारा समाज के करीब 80 से 100 निवासी आज भी बुनियादी रास्ते के लिए तरस रहे हैं। खड़ावदा से गोपालपुरा के बीच स्थित लगभग आधा किलोमीटर के रास्ते पर फैला गहरा कीचड़ वर्ष 2001 से यहाँ रह रहे 15 परिवारों के लिए मुसीबत बना हुआ है। बारिश के दिनों में रास्ता बंद होने से मरीजों को अस्पताल ले जाना असंभव हो जाता है और स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे रोज जूते-चप्पल उतारकर पत्थरों और कीचड़ के बीच नंगे पैर चलने को मजबूर हैं। इसके अलावा, ग्राम पंचायत द्वारा स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना के 3 लाभार्थियों के लिए पक्के मकान की निर्माण सामग्री पहुँचाना भी इस बदहाल रास्ते के कारण ठप पड़ा है। प्रशासनिक उपेक्षा का दंश तब और सामने आया जब हाल ही में ओडिशा में बुजुर्ग नाथूलाल बंजारा की मृत्यु होने पर उनके पार्थिव शरीर को पलंग पर रखकर गाँव लाया गया, जबकि रास्ता खराब होने से रिश्तेदार और समाजजन गमी में नहीं पहुँच सके। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीण बाबूलाल, भोपाल, वकील, विनोद, गोविंद, राजेंद्र, मानसिंह, प्रकाश, खरवार, तोफान और मेंबर ने एकजुट होकर क्षेत्रीय भाजपा विधायक चन्दरसिंह सिसोदिया को लिखित आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे खेत की मेड़ से होकर आने-जाने को मजबूर हैं और आपस में फंड जुटाकर रास्ता बनाने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए विधायक निधि या पंचायत के माध्यम से सड़क का निर्माण कराया जाए। सड़क निर्माण को लेकर कांग्रेस नेता व जिला पंचायत सदस्य रिंकेश डबकरा का कहना है कि जिला पंचायत निधि में सड़क बनाने का प्रावधान नहीं है, हालांकि जी राम जी योजना के तहत पंचायत इसे बनवा सकती है। दूसरी ओर, पंचायत सचिव रामप्रसाद पवार ने निजी भूमि होने के कारण सरकारी सड़क निर्माण में अड़चन बताई है, जिस पर ग्रामीणों का कहना है कि वे दो महीने पहले ही अपनी निजी जमीन को सरकारी भूमि में मर्ज करने का आवेदन पंचायत में दे चुके हैं। क्षेत्र में भाजपा के विधायक, दोनों सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष और घुमक्कड़ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बाबूलाल सुरावत का निवास 10 किलोमीटर के दायरे में होने के बावजूद आधा किलोमीटर का यह मार्ग कागजी दावों और फाइलों में अटका पड़ा है।
- मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र अंतर्गत पावटी गांव में पुलिस ने 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ एम.डी. ड्रग्स और इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल की बड़ी खेप जप्त की है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रणजीत सिंह के खेत पर बने बाड़े में दबिश देकर 173 ग्राम एम.डी. ड्रग्स और ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त होने वाला कुल 24.570 किलोग्राम केमिकल जप्त किया है। मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ₹1.73 लाख कीमत की 173 ग्राम एम.डी. ड्रग्स के साथ ₹12,000 कीमत का 12.750 किलोग्राम हाइड्रोक्लोरिक एसिड, ₹6,000 कीमत का 6.460 किलोग्राम एमएमए केमिकल और ₹6,000 कीमत का 5.360 किलोग्राम एमडीसी केमिकल बरामद किया है। इसके अलावा परिवहन में इस्तेमाल की जा रही एक वेन्यू कार (MP14-ZE-2197, कीमत ₹10 लाख), एक स्विफ्ट कार (MP14-CC-4035, कीमत ₹6 लाख) और ₹1.50 लाख मूल्य के 4 एंड्रॉइड मोबाइल भी जप्त किए गए हैं। पुलिस ने मौके से पावटी निवासी रणजीत सिंह (30 वर्ष) और ढाकनी निवासी ईश्वर सिंह (37 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। मामले में चार आरोपी—दीपक गुर्जर (गोघटपुर), विक्रम उर्फ गुड्डू सिंह (बरखेड़ी मिठ्ठु), राजेंद्र सिंह (बर्डीया अमरा) और राजू लाला (सुरजनी)—फिलहाल फरार हैं। गरोठ थाना पुलिस की टीम द्वारा मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।1
- शुरू ऐप पर प्रभात प्रतापगढ़ न्यूज का प्रसारण किया जा रहा है, जिसके संपादक परमेश्वर रेदास हैं।1
- रतलाम जिले के ताल नगर में धर्म प्रेमी नागरिकों के सहयोग से अम्बे माता मंदिर से एक चुनरी यात्रा निकाली गई। यह धार्मिक यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों बस स्टैंड, अस्पताल रोड, नीम चौक, गांधी चौक, श्री चारभुजा चौक, छत्रसाल पुरा और आलोट नाका से होकर गुजरी। इस यात्रा का नेतृत्व पार्षद पंडित पंकज शुक्ला कर रहे थे, जिनके साथ बड़ी संख्या में धर्म प्रेमी जनता साथ-साथ चल रही थी। इस चुनरी यात्रा में महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया, जिनका नेतृत्व श्रीमती किरण पाठक कर रही थीं। यात्रा के चंबल नदी पहुंचने पर श्रद्धालुओं द्वारा चंबल मैया को चुनरी ओढ़ाई गई। कार्यक्रम के अंत में आयोजन मंडल ने यात्रा में शामिल हुए सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।1
- केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया है।1
- मंदसौर जिले के शामगढ़ में रविवार सुबह जिला पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा ने नगर में साइकिल चलाकर नशे के खिलाफ जन जागरूकता फैलाई। 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान के तहत उन्होंने हरी झंडी दिखाकर साइकिल यात्रा की शुरुआत की और साइकिलिस्ट यूथ के साथ मिलकर नगर का भ्रमण किया। इस भव्य आयोजन के दौरान उन्होंने नगर की जनता को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया और नशे के दुष्परिणामों के विषय में जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक के इस अभियान का नगर की जनता ने जगह-जगह पुष्प वर्षा करके अभिनंदन किया। कार्यक्रम में गरोठ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राम स्नेही मिश्रा, सीतामऊ के एसडीओपी दिनेश प्रजापति, थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्र सहित नगर परिषद अध्यक्ष, साइकिल यूथ, स्थानीय जनप्रतिनिधि, वुमन पावर सोसायटी की महिला पदाधिकारी और गायत्री परिवार संस्थाओं के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।1
- मंदसौर जिले की गरोठ विधानसभा की ग्राम पंचायत खड़ावदा के अंतर्गत 'नई आबादी' क्षेत्र में बंजारा समाज के करीब 80 से 100 निवासी आज भी बुनियादी रास्ते के लिए तरस रहे हैं। खड़ावदा से गोपालपुरा के बीच स्थित लगभग आधा किलोमीटर के रास्ते पर फैला गहरा कीचड़ वर्ष 2001 से यहाँ रह रहे 15 परिवारों के लिए मुसीबत बना हुआ है। बारिश के दिनों में रास्ता बंद होने से मरीजों को अस्पताल ले जाना असंभव हो जाता है और स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे रोज जूते-चप्पल उतारकर पत्थरों और कीचड़ के बीच नंगे पैर चलने को मजबूर हैं। इसके अलावा, ग्राम पंचायत द्वारा स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना के 3 लाभार्थियों के लिए पक्के मकान की निर्माण सामग्री पहुँचाना भी इस बदहाल रास्ते के कारण ठप पड़ा है। प्रशासनिक उपेक्षा का दंश तब और सामने आया जब हाल ही में ओडिशा में बुजुर्ग नाथूलाल बंजारा की मृत्यु होने पर उनके पार्थिव शरीर को पलंग पर रखकर गाँव लाया गया, जबकि रास्ता खराब होने से रिश्तेदार और समाजजन गमी में नहीं पहुँच सके। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीण बाबूलाल, भोपाल, वकील, विनोद, गोविंद, राजेंद्र, मानसिंह, प्रकाश, खरवार, तोफान और मेंबर ने एकजुट होकर क्षेत्रीय भाजपा विधायक चन्दरसिंह सिसोदिया को लिखित आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे खेत की मेड़ से होकर आने-जाने को मजबूर हैं और आपस में फंड जुटाकर रास्ता बनाने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए विधायक निधि या पंचायत के माध्यम से सड़क का निर्माण कराया जाए। सड़क निर्माण को लेकर कांग्रेस नेता व जिला पंचायत सदस्य रिंकेश डबकरा का कहना है कि जिला पंचायत निधि में सड़क बनाने का प्रावधान नहीं है, हालांकि जी राम जी योजना के तहत पंचायत इसे बनवा सकती है। दूसरी ओर, पंचायत सचिव रामप्रसाद पवार ने निजी भूमि होने के कारण सरकारी सड़क निर्माण में अड़चन बताई है, जिस पर ग्रामीणों का कहना है कि वे दो महीने पहले ही अपनी निजी जमीन को सरकारी भूमि में मर्ज करने का आवेदन पंचायत में दे चुके हैं। क्षेत्र में भाजपा के विधायक, दोनों सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष और घुमक्कड़ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बाबूलाल सुरावत का निवास 10 किलोमीटर के दायरे में होने के बावजूद आधा किलोमीटर का यह मार्ग कागजी दावों और फाइलों में अटका पड़ा है।1
- शिवसेना नेता संजय शिरसाथ ने छत्रपति संभाजी नगर में सीजेपी नेता अभिजीत दीपके के माता-पिता से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनके घर पहुंचकर उनका हालचाल जाना।1
- मनासा के पिपलियामंडी–मनासा मार्ग पर स्थित कृषि उपज मंडी के सामने बना डिवाइडर लंबे समय से हादसों का कारण बना हुआ है। शुक्रवार को भी इसी जगह साइनबोर्ड न होने के कारण एक कार सीधे डिवाइडर से टकरा गई। इस दौरान तीन कारें क्षतिग्रस्त हुईं, हालांकि गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई और बड़ा हादसा टल गया। डिवाइडर पर लगा चेतावनी साइनबोर्ड काफी समय पहले टूटकर गिर गया था, जिससे रात के समय और तेज गति से आने वाले वाहन चालकों को डिवाइडर दिखाई नहीं देता। स्थानीय नागरिकों द्वारा संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र के जागरूक रहवासियों ने स्वयं पहल की। लगातार हो रहे हादसों पर रोक लगाने और वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए रहवासियों ने अपने निजी खर्च से डिवाइडर पर चेतावनी साइनबोर्ड लगवाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। नागरिकों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि नगर के सभी प्रमुख मार्गों पर क्षतिग्रस्त और गायब साइनबोर्डों की शीघ्र मरम्मत कराकर उन्हें पुनः लगाया जाए, साथ ही दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा संकेतक और रिफ्लेक्टर भी लगाए जाएं।1