महोबा के पनवाड़ी विकासखंड की ग्राम पंचायत चुरारी में लघु सिंचाई विभाग द्वारा लगभग ₹20 से ₹22 लाख की लागत से निर्मित चेकडैम पहली ही बरसात में सवालों के घेरे में आ गया है। चुरारी मौजा में बनाए गए इस चेकडैम के किनारे की पिच धंस गई और कई स्थानों पर दरारें पड़ गईं। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि चेकडैम का निर्माण हाल ही में हुआ है, लेकिन पहली ही बारिश में किनारों की पिच धंस गई और कई स्थानों पर दरारें पड़ गईं। उनका कहना है कि यदि शुरुआत में ही निर्माण की यह स्थिति है तो भविष्य में चेकडैम जल संरक्षण के उद्देश्य को कितना पूरा कर पाएगा, इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लघु सिंचाई विभाग के (जेई) इंजीनियर रविंद्र यादव ने बताया कि निर्माण कार्य के बाद तीन वर्ष तक रखरखाव की जिम्मेदारी विभाग की होती है। उन्होंने कहा कि मिट्टी के सेटलमेंट के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। मिट्टी धंसने से चेकडैम के किनारे दरार आ गई, जबकि ऊपर की स्लैब अपनी जगह बनी रही, जिससे बीच में गैप दिखाई देने लगा। इसी कारण मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय अधिकारी पहुंचकर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करा रहे हैं और किनारों पर दोबारा मिट्टी डलवाई गई है। हालांकि, पहली ही बरसात में निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने से ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
महोबा के पनवाड़ी विकासखंड की ग्राम पंचायत चुरारी में लघु सिंचाई विभाग द्वारा लगभग ₹20 से ₹22 लाख की लागत से निर्मित चेकडैम पहली ही बरसात में सवालों के घेरे में आ गया है। चुरारी मौजा में बनाए गए इस चेकडैम के किनारे की पिच धंस गई और कई स्थानों पर दरारें पड़ गईं। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि चेकडैम का निर्माण हाल ही में हुआ है, लेकिन पहली ही बारिश में किनारों की पिच धंस गई और कई स्थानों पर दरारें पड़ गईं। उनका कहना है कि यदि शुरुआत में ही निर्माण की यह स्थिति है तो भविष्य में चेकडैम जल संरक्षण के उद्देश्य को कितना पूरा कर पाएगा, इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लघु सिंचाई विभाग के (जेई) इंजीनियर रविंद्र यादव ने बताया कि निर्माण कार्य के बाद तीन वर्ष तक रखरखाव की जिम्मेदारी विभाग की होती है। उन्होंने कहा कि मिट्टी के सेटलमेंट के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। मिट्टी धंसने से चेकडैम के किनारे दरार आ गई, जबकि ऊपर की स्लैब अपनी जगह बनी रही, जिससे बीच में गैप दिखाई देने लगा। इसी कारण मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय अधिकारी पहुंचकर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करा रहे हैं और किनारों पर दोबारा मिट्टी डलवाई गई है। हालांकि, पहली ही बरसात में निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने से ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
- नहर में भटक कर आ गई 147 किलो की डॉल्फिन मछली रेस्क्यू टीम द्वारा निकाली गई उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गप्तांगंज छेत्र के सिशवा शुक्ल गांव के नहर में भटक कर आ गई डॉल्फिन मछली गांव बालों ने तुरन्त रेस्क्यू टीम को तुरंत खबर दी और टीम ने सूझ बूझ से तुरंत रेस्क्यू किया लगातार दो घंटे तक चला रेस्क्यू अभियान ,फिर मछली को निकालने के बाद स्वास्थ जांच की गई, और उसके बाद डॉल्फिन रेस्क्यू एंबुलेंस से गोरखपुर ले जाकर राजघाट स्थित राप्ती नदी में सुरक्षित छोड़ा दिया गया,1
- महोबा जिले के गहरौली स्वास्थ्य केंद्र में हुए प्रकरण में एक नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में दर्ज मुकदमे के बाद एक वीडियो सामने आया है जिसमें नामजद युवकों ने अपनी बात रखी है। वीडियो में युवकों ने अपने पक्ष को स्पष्ट किया है और कहा है कि उनके साथ अन्याय हुआ है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले में और गहराई से जांच की मांग उठने लगी है। स्थानीय लोग इस प्रकरण को लेकर काफी चिंतित हैं और चाहते हैं कि सच्चाई जल्द से जल्द सामने आए।1
- महोबा के पनवाड़ी विकासखंड की ग्राम पंचायत चुरारी में लघु सिंचाई विभाग द्वारा लगभग ₹20 से ₹22 लाख की लागत से निर्मित चेकडैम पहली ही बरसात में सवालों के घेरे में आ गया है। चुरारी मौजा में बनाए गए इस चेकडैम के किनारे की पिच धंस गई और कई स्थानों पर दरारें पड़ गईं। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि चेकडैम का निर्माण हाल ही में हुआ है, लेकिन पहली ही बारिश में किनारों की पिच धंस गई और कई स्थानों पर दरारें पड़ गईं। उनका कहना है कि यदि शुरुआत में ही निर्माण की यह स्थिति है तो भविष्य में चेकडैम जल संरक्षण के उद्देश्य को कितना पूरा कर पाएगा, इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लघु सिंचाई विभाग के (जेई) इंजीनियर रविंद्र यादव ने बताया कि निर्माण कार्य के बाद तीन वर्ष तक रखरखाव की जिम्मेदारी विभाग की होती है। उन्होंने कहा कि मिट्टी के सेटलमेंट के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। मिट्टी धंसने से चेकडैम के किनारे दरार आ गई, जबकि ऊपर की स्लैब अपनी जगह बनी रही, जिससे बीच में गैप दिखाई देने लगा। इसी कारण मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय अधिकारी पहुंचकर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करा रहे हैं और किनारों पर दोबारा मिट्टी डलवाई गई है। हालांकि, पहली ही बरसात में निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने से ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।1
- महोबा जिले के डढ़हतमाफ गांव में काली माता मंदिर के पास एक धार्मिक आयोजन के तहत कन्या भोज एवं भंडारे का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान विधि-विधान से कन्याओं का पूजन किया गया और उन्हें भोजन कराया गया। साथ ही, उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे सामाजिक सौहार्द और धार्मिक आस्था का प्रतीक बताया। आयोजन शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोग और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।1
- हमीरपुर के मुस्करा थाना क्षेत्र के ग्राम गहरौली स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 25 जुलाई 2026 को शाम लगभग 3:30 बजे हुई घटना में नया मोड़ आ गया है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में जीतू राजपूत, विनय राजपूत और राहुल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि, मुकदमा दर्ज होने के बाद नामजद युवकों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि घटना का पूरा वीडियो उनके पास मौजूद है, जो पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने ला सकता है। युवकों का कहना है कि उन्हें बिना निष्पक्ष जांच के मुकदमे में फंसा दिया गया। उनका आरोप है कि घटना की वास्तविक परिस्थितियों को नजरअंदाज कर एकतरफा कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि यदि घटना के वीडियो फुटेज को निष्पक्ष रूप से देखा जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि आखिर मौके पर क्या हुआ था और किसकी भूमिका क्या थी। युवकों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल तहरीर के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हुई तो सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी और निर्दोष लोगों को न्याय मिलेगा। इस मामले को लेकर क्षेत्र में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि घटना का वीडियो वास्तव में उपलब्ध है, तो उसकी जांच से पूरे विवाद की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। उधर, पुलिस का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई है। मामले की विवेचना जारी है और जांच के दौरान जो भी तथ्य एवं साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजर पुलिस विवेचना और उपलब्ध वीडियो फुटेज पर है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर इस चर्चित मामले की वास्तविक सच्चाई सामने आ सकेगी।4
- kajdhdhkddjgsjsksgdhdksjhsjdnxvvxkdkshshskshdjususjshbshsk jsjshshsjsidfjwwoqytx1
- उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में गौ सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के तहत राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन के माध्यम से गौ माता के सम्मान और सुरक्षा की माँग की गई है। अभियान के इस चरण में स्थानीय समुदाय और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। ज्ञापन में गौ माता की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई है।1
- महोबा जनपद के पनवाड़ी थाना क्षेत्र के बिजरारी गांव में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक आठ माह की गर्भवती पत्नी की निर्मम हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पति अपनी पत्नी पर बेवजह शक करता था और वह शराब और जुए का आदी था। इसी के चलते पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता रहता था। घटना वाले दिन भी घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और आरोपी ने अपनी गर्भवती पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मृतका के गर्भ में आठ माह का शिशु भी था, जिसकी भी जान नहीं बच सकी। घटना की सूचना मिलते ही पनवाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस दर्दनाक घटना से परिवार पूरी तरह बिखर गया है। मृतका के दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1