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चित्तौड़गढ़ जिले के डुंगला स्थित ऐलवा माता में मेघवाल समाज द्वारा एक प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
Advocate Prakash Meghwal
चित्तौड़गढ़ जिले के डुंगला स्थित ऐलवा माता में मेघवाल समाज द्वारा एक प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
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- मेरे प्रभु सेठ साँवरा की जय हो! चित्तौड़गढ़, राजस्थान स्थित श्रीसांवलिया सेठ मंडफिया मंदिर से 14.6.26 को आज के श्रंगार दर्शन कराए गए।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के बिनोता अंबे माता पहाड़ी पर एक मादा पैंथर अपने शावक के साथ देखी गई है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मादा पैंथर और उसके शावक को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।1
- एक व्यक्ति ने जिंदगी को बहुत करीब से देखने का दावा किया है, जिसमें उन्होंने पाया कि सांँवरिया लोग पल भर में पराया कर देते हैं। इस गहन अनुभव के बीच, मिस्टर मुरली वाले जादुगर कन्हैया के अति मनमोहक दर्शन का ज़िक्र किया गया है, जो 14 जून 2026 को होने वाले हैं।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के डुंगला स्थित ऐलवा माता में मेघवाल समाज द्वारा एक प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।1
- राजसमंद जिले के देवगढ़ में एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जिसके बाद इलाके का माहौल गरमा गया। इस घटना को लेकर पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने आ गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।1
- चित्तौड़गढ़ के एमपीपीजी कॉलेज परिसर में 13 जून को एनएसयूआई के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष संजय राव के साथ एबीवीपी से जुड़े कुछ छात्रों द्वारा कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां करने और मारपीट करने की घटना को एनएसयूआई ने "अत्यंत निंदनीय" बताया है। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि छात्र राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन हिंसा, अभद्र व्यवहार और डराने-धमकाने की राजनीति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कॉलेज के मुख्य द्वार को बंद करके छात्रों को परेशान करने का प्रयास किया गया, जिसके कारण प्रवेश लेने आए विद्यार्थियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। संगठन ने जोर देकर कहा कि छात्र हितों के विरुद्ध किया गया ऐसा कोई भी कदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई के अनुसार, शिक्षा संस्थान लोकतांत्रिक विचारों और छात्र हितों के केंद्र होते हैं, न कि दबाव और अराजकता फैलाने के मंच। इस मामले पर, एनएसयूआई ने प्रशासन से पूरी घटना की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई, तो वे छात्र हितों की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। एनएसयूआई ने यह दृढ़ संकल्प व्यक्त किया कि छात्रों की आवाज़ दबाने का हर प्रयास विफल होगा और वह छात्र हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।1
- यह संदेश लोगों से जागरूक बनने और सामाजिक जागरूकता वाले संदेशों को आगे बढ़ाने का आग्रह करता है।1
- चित्तौड़गढ़ स्थित कॉलेज परिसर में छात्र संगठनों के बीच विवाद बढ़ गया। विवाद के बढ़ने पर छात्रों ने कॉलेज के गेट पर ताला लगा दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस और प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप से इस मामले को संभाला गया और परिसर में स्थिति सामान्य हो सकी।1