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तीन दिन पहले ग्राम पंचायत छिपानेर के चिचोट कुटी क्षेत्र में एक भालू के दिखाई देने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। आज, वन विभाग की टीम ने गोंदागांव खुर्द में घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद इस भालू का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू किए गए भालू का अब स्वास्थ्य चेकअप किया जाएगा, जिसके बाद उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
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तीन दिन पहले ग्राम पंचायत छिपानेर के चिचोट कुटी क्षेत्र में एक भालू के दिखाई देने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। आज, वन विभाग की टीम ने गोंदागांव खुर्द में घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद इस भालू का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू किए गए भालू का अब स्वास्थ्य चेकअप किया जाएगा, जिसके बाद उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- देवास जिले के सतवास में रात के समय बार-बार हो रही बिजली कटौती से ग्रामीण अत्यधिक परेशान हैं। इस स्थिति के चलते किसान यूनियन टिकैत का गुस्सा फूट पड़ा है। यूनियन ने तहसीलदार और बिजली विभाग को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें इस समस्या के समाधान की मांग की गई है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो किसान यूनियन आंदोलन और चक्का जाम करने को मजबूर होगी।1
- मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों का पालन करते हुए, नगर परिषद कन्नौद ने जल गंगा अभियान के तहत गंगा दशहरा पर्व मनाया। सोमवार, 25 मई, 2026 को सुबह 11:30 बजे कन्नौद के हनुमान मंदिर तालाब मोहल्ला, वार्ड नंबर 12 में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय तालाब की साफ-सफाई की गई। कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों और नगर परिषद के कर्मचारियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस कार्यक्रम में संतोष जाट (विधायक प्रतिनिधि), संदीप धुत उपाध्याय, पार्षद राधेश्याम खत्री, राजेश यादव (पार्षद प्रतिनिधि), गोपालसिंह राठौड़ (पार्षद प्रतिनिधि), संजय शर्मा (पार्षद प्रतिनिधि), अन्नू शर्मा (पार्षद प्रतिनिधि), राजेश चौहान (परिषद प्रतिनिधि), पार्षद शैलेश सल्लम और अन्य निकाय कर्मचारी शामिल थे।3
- हरदा के टिमरनी नगर में सकल जैन समाज ने हाल ही में हुई जैन आर्यिकाओं की सड़क दुर्घटना में मौत पर गहरा दुःख और रोष व्यक्त किया है। समाज के महिला, पुरुषों और बच्चों ने एक मौन रैली निकालकर इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम एसडीएम संजीव कुमार नागू को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया कि चारपहिया वाहन चालक द्वारा लापरवाही से टक्कर मारे जाने के कारण आर्यिकाओं का दुःखद निधन हुआ। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि समाज इस घटना को मात्र एक सड़क दुर्घटना नहीं मान रहा, बल्कि उपलब्ध तथ्यों और वीडियो क्लिपों के आधार पर इसमें गहरी आशंका और चिंता व्याप्त है। जैन समाज ने इस प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि जैन साधु-संत निहत्थे, अहिंसक और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो किसी प्रकार की सुरक्षा या सुविधाओं का उपयोग नहीं करते, बल्कि समाज में शांति और अहिंसा का संदेश प्रसारित करते हैं। ऐसे संतों के साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाएं एवं हमले संपूर्ण समाज के लिए चिंताजनक विषय हैं। सकल जैन समाज ने इस संबंध में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, जिसमें एसआईटी या न्यायिक जांच शामिल हो, सभी सीसीटीवी, वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं, दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जाए, और यदि सुनियोजित कृत्य अथवा षड्यंत्र के तथ्य मिलें तो कठोर धाराएं लगाई जाएं। दूसरी मांग 'संत सुरक्षा प्रोटोकॉल' लागू करने की है, जिसमें विहाररत साधु-संतों की सुरक्षा हेतु प्रशासनिक समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक और हाईवे एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी सुनिश्चित की जाए। तीसरी मांग 'राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति' बनाने की है, ताकि साधु-संतों के लिए मार्ग पर प्रशासनिक समन्वय, पुलिस सहयोग एवं ट्रैफिक नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।4
- डोलरिया, नर्मदापुरम के अंतर्गत आने वाली मिसरोद ग्राम पंचायत में डोलरिया विद्युत विभाग द्वारा एक विशेष संपर्क अभियान कैम्प का आयोजन किया गया। इस कैम्प का मुख्य उद्देश्य बिजली से संबंधित उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करना और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाना था। अभियान के दौरान कुल 50 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 30 आवेदनों का निराकरण तत्काल मौके पर ही कर दिया गया, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली की समस्याओं से तुरंत राहत मिली। डोलरिया विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रभारी शुभम सुहाने ने प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कैम्प में विद्युत विभाग के कई ऑपरेटर और कर्मचारी भी मौजूद रहे, जिनमें राजेश बाबू, सेवकराम कुशरे, गोपाल चौधरी, अंकित राजपूत, रामकुमार गौर, अजय साध, भूपेन्द्र राठोर, अनिल यादव, अनिकेत राजपूत और सुरेंद्र साहू शामिल थे। ग्राम पंचायत मिसरोद के सरपंच, सचिव और बड़ी संख्या में उपभोक्ता भी इस कैम्प में उपस्थित रहे। विभाग ने यह भी जानकारी दी कि शेष बचे आवेदनों की जांच जारी है और उन पर भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।1
- "पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026" सीहोर में आयोजित "पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026" के अंतर्गत सीहोर में आयोजित भारतीय जनता पार्टी जिला सीहोर के जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग में उद्घाटन सत्र में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी के साथ इस अवसर भोपाल संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री आलोक शर्मा जी, देवास संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री महेंद्र सिंह सोलंकी जी, प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर जी, आष्टां विधयक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर, भाजपा जिला अध्यक्ष सीहोर श्री नरेश मेवाडा, सीहोर जिले के प्रभारी श्री विकास वीरानी, बुधनी विधायक श्री रमाकांत भार्गव , सीहोर विधायक श्री सुदेश राय सहित जिले के कर्मठ पार्टी पदाधिकारीगण तथा कार्यकर्ता उपस्थित थे l इस अवसर पर प्रदेश में गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, अन्नदाता किसान और युवाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे कार्यों की सराहना की l1
- हिंदू हृदय सम्राट पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी के परम शिष्य श्री रोहित जी महाराज 6 जून शनिवार को नगर में पधार रहे हैं। श्री रोहित जी महाराज, जो पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी के प्रत्येक कार्यक्रम में सुंदरकांड का पाठ करते हैं, इसी क्रम में नगर में आयोजित होने वाले भव्य आयोजन में भी भव्य सुंदरकांड करेंगे।1
- गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर देवास में आयोजित "जल गंगा संवर्धन अभियान" के जिला स्तरीय कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने जल की एक-एक बूंद का संरक्षण करने को हम सभी का दायित्व बताया। उन्होंने जल स्रोतों के प्राकृतिक बहाव में बाधा बनने वाले सभी छोटे-बड़े अतिक्रमणों को तुरंत हटाने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही मीठा तालाब पर गंगा आरती का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में अपने मुख्य आतिथ्य में मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश सरकार जल बचत और प्रबंधन के लिए लगातार कार्य कर रही है, और जल संकट से निपटने के लिए यह अभियान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5,000 से अधिक सरोवर बनाए गए हैं, जिनसे भूमिगत जल स्तर बढ़ेगा। देवास जिले में भी 570 तालाब और 95 अमृत सरोवर बनाए गए हैं, और अभियान के तहत यहां अच्छा कार्य हो रहा है। श्री सिलावट ने सभी से इस अभियान को जन आंदोलन बनाने का अनुरोध करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा नदियों को जोड़ने के कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने "केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना", संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना, और मेगा तापी रीचार्ज परियोजना जैसी योजनाओं के लाभ गिनाए, जिनसे सिंचाई का रकबा बढ़ेगा और पीने का पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने गंगा दशहरा को जल संरक्षण और स्वच्छता का संदेश देने वाला पावन दिवस बताते हुए भविष्य में जल संकट से बचने के लिए वर्तमान में विशेष प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर हाटपीपल्या विधायक श्री मनोज चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया, महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल, जिला अध्यक्ष श्री रायसिंह सेंधव, विधायक प्रतिनिधि श्री दुर्गेश अग्रवाल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद और नगर निगम आयुक्त श्री दलीप कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी तथा सामाजिक संगठनों व पर्यावरण प्रेमियों ने सहभागिता की। नगर निगम महापौर श्रीमती गीता अग्रवाल ने देवास में तालाबों, कुओं और बावड़ियों की सफाई सहित नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। जिला और नगर निगम क्षेत्र में "जल गंगा संवर्धन अभियान" के तहत विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें जनभागीदारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा नागरिकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों को जल शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने पानी बचाने, विवेकपूर्ण उपयोग करने, हर बूंद का संचयन करने, 'कैच द रेन' अभियान को बढ़ावा देने और जल को अनमोल संपदा मानकर उपयोग करने का संकल्प लिया। सभी ने अपने परिवारजनों, मित्रों और पड़ोसियों को भी प्रेरित कर इस "जल आंदोलन" को "जन आंदोलन" बनाने का आह्वान किया।3
- देवास जिले के खातेगांव में जैन समाज ने रीवा में हुए हादसे के विरोध में मौन प्रदर्शन किया। इस दौरान समाज के लोगों ने संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।1