Shuru
Apke Nagar Ki App…
ऊना जिले के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में स्थित बेला गांव के ग्रामीण पिछले एक साल से सड़क निर्माण का इंतजार कर रहे हैं। गांव तक सड़क न बन पाने के कारण स्थानीय लोग लंबे समय से इसके बनने की आस लगाए बैठे हैं।
Abhishek Kumar Bhatia
ऊना जिले के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में स्थित बेला गांव के ग्रामीण पिछले एक साल से सड़क निर्माण का इंतजार कर रहे हैं। गांव तक सड़क न बन पाने के कारण स्थानीय लोग लंबे समय से इसके बनने की आस लगाए बैठे हैं।
More news from Himachal Pradesh and nearby areas
- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजधानी शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित कांग्रेस सेवा दल के राज्य अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। अधिवेशन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सेवा दल वर्षों से कांग्रेस संगठन को मजबूत करने का काम कर रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं से संवाद करना और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा करना है। अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ हुए कथित व्यवहार पर सवाल उठाते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी NEET अभ्यर्थियों के समर्थन में पहुंचे थे और यदि कोई स्थिति उत्पन्न हुई थी, तो उसे बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन हर राजनीतिक दल और विपक्ष का अधिकार है। यदि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अनुमति नहीं होगी, तो इससे लोकतंत्र की भावना कमजोर होगी। NEET पेपर लीक मामले पर बोलते हुए सुक्खू ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों के समर्थन में पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है।1
- पंचकूला में पीड़ित माता-पिता भलाई मंच ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया। इस दौरान मंच की ओर से अपनी अहम मांगों को प्रमुखता के साथ उठाया गया है।1
- पंचकूला के रामगढ़ क्षेत्र में पुलिस ने नशे के खिलाफ विशेष कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाते हुए स्निफर डॉग की मदद से संदिग्ध ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशा तस्करी और नशे के कारोबार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। इसके साथ ही पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत 7087081100 या 7087081048 पर दें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।1
- जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों ही पदों पर भाजपा का कब्जा हो गया है।1
- राजधानी शिमला में मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी और एसएफआई (SFI) कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई और दोनों पक्षों में हल्की धक्कामुक्की हुई। एक ओर भाजपा कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं कुछ ही दूरी पर एसएफआई कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। इसी दौरान एसएफआई कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर बढ़ने लगे, जिससे दोनों गुट आमने-सामने आ गए। मौके पर तैनात पुलिस ने तुरंत बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। स्थिति सामान्य होने के बाद दोनों संगठन अपने-अपने तय स्थानों पर प्रदर्शन करते रहे। घटना के बाद भाजपा ने एसएफआई पर माहौल बिगाड़ने का गंभीर आरोप लगाया। भाजपा नेताओं का कहना है कि वे उपायुक्त कार्यालय से पूर्व अनुमति लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि एसएफआई कार्यकर्ताओं के पास प्रदर्शन की कोई अनुमति नहीं थी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश पुलिस की जिम्मेदारी एसएफआई कार्यकर्ताओं को उनके स्थल पर ही रोकने की थी, लेकिन पुलिस की ढिलाई के कारण दोनों पक्ष आमने-सामने आए और धक्कामुक्की हुई। दूसरी तरफ, एसएफआई और वामपंथी कार्यकर्ताओं ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। सीटू नेता विजेंद्र मेहरा ने कहा कि एसएफआई कार्यकर्ता युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर कई दिनों से धरने पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली प्रदर्शन के दौरान सादी वर्दी में डंडे और पत्थर चलाने वाले लोग भाजपा व आरएसएस से जुड़े थे और अब शिमला में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने माहौल बिगाड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इस घटना से भाजपा और आरएसएस का छात्र-विरोधी चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है।3
- पीड़ित माता-पिता भलाई मंच ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी मांगों और चिंताओं को सार्वजनिक किया है। मंच ने बुजुर्गों के साथ होने वाले उत्पीड़न, उपेक्षा और कानूनी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार और समाज दोनों से प्रभावी कदम उठाने की अपील की। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करने और उनके अधिकारों की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।1
- हिमाचल प्रदेश के सैंज पार्वती बांध से बार-बार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बेजुबान जानवरों की जान जोखिम में पड़ गई है, वहीं डाउनस्ट्रीम इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए भी खतरा लगातार बरकरार है। आज वीरवार सुबह बांध से छोड़े गए पानी के चलते एक कुत्ता गंभीर खतरे में फंस गया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। बांध से लगातार हो रहे पानी के इस बहाव के कारण निचले इलाकों में जानवरों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भी संकट गहरा गया है।1