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हिमाचल प्रदेश के सैंज पार्वती बांध से बार-बार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बेजुबान जानवरों की जान जोखिम में पड़ गई है, वहीं डाउनस्ट्रीम इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए भी खतरा लगातार बरकरार है। आज वीरवार सुबह बांध से छोड़े गए पानी के चलते एक कुत्ता गंभीर खतरे में फंस गया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। बांध से लगातार हो रहे पानी के इस बहाव के कारण निचले इलाकों में जानवरों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भी संकट गहरा गया है।

13 hrs ago
user_Budhi Singh Thakur
Budhi Singh Thakur
Local News Reporter Sainj, Kullu•
13 hrs ago

हिमाचल प्रदेश के सैंज पार्वती बांध से बार-बार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बेजुबान जानवरों की जान जोखिम में पड़ गई है, वहीं डाउनस्ट्रीम इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए भी खतरा लगातार बरकरार है। आज वीरवार सुबह बांध से छोड़े गए पानी के चलते एक कुत्ता गंभीर खतरे में फंस गया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। बांध से लगातार हो रहे पानी के इस बहाव के कारण निचले इलाकों में जानवरों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भी संकट गहरा गया है।

More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
  • कुल्लू के अखाड़ा बाज़ार में ट्रक यूनियन के समीप स्थित देवता ध्रुव ऋषि होली मेला ग्राउंड में 42 वर्षों के उपरांत परम पूज्य देवता ध्रुव ऋषि और देवता शृंगा ऋषि का पावन 'देव शखाती महा मिलन समारोह' आयोजित किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक और पवित्र अवसर श्रद्धा, भक्ति और समृद्ध देव संस्कृति का प्रतीक है। इस दिव्य समारोह का आयोजन 24 जुलाई 2026 को होगा। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार सायं 7:00 बजे से ब्रह्मभोज का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद शाम 8:00 बजे से मां दशमी वारदा भजन मंडली सेऊबाग द्वारा भजन संध्या का शुभारंभ होगा। समस्त देव श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों से सपरिवार पधारकर देवताओं के पावन दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का विनम्र अनुरोध किया गया है।
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    कुल्लू के अखाड़ा बाज़ार में ट्रक यूनियन के समीप स्थित देवता ध्रुव ऋषि होली मेला ग्राउंड में 42 वर्षों के उपरांत परम पूज्य देवता ध्रुव ऋषि और देवता शृंगा ऋषि का पावन 'देव शखाती महा मिलन समारोह' आयोजित किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक और पवित्र अवसर श्रद्धा, भक्ति और समृद्ध देव संस्कृति का प्रतीक है।

इस दिव्य समारोह का आयोजन 24 जुलाई 2026 को होगा। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार सायं 7:00 बजे से ब्रह्मभोज का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद शाम 8:00 बजे से मां दशमी वारदा भजन मंडली सेऊबाग द्वारा भजन संध्या का शुभारंभ होगा। समस्त देव श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों से सपरिवार पधारकर देवताओं के पावन दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का विनम्र अनुरोध किया गया है।
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश में आगामी 26 जुलाई तक मानसून सामान्य बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 23 से 26 जुलाई तक राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र का पूर्वानुमान है कि 27 जुलाई के बाद प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा और 27 से 29 जुलाई के बीच भारी से भारी बारिश हो सकती है। मानसून के असर से प्रदेश के तापमान में चार से पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, और 27 जुलाई को मानसून के तेज होने के साथ तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान बिलासपुर में सबसे अधिक करीब 56 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि मनाली और नाहन में लगभग 30-30 मिमी बारिश हुई। बुधवार सुबह से ही शिमला, सोलन, बिलासपुर, कांगड़ा और चंबा सहित कई क्षेत्रों में घने बादल छाए रहे और वर्षा का दौर जारी रहा। विभाग के अनुसार 23 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 24 से 26 जुलाई के बीच चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला सहित कई जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। हिमालय की तलहटी की ओर मानसून ट्रफ के सक्रिय रहने के कारण प्रदेश में बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। 27 से 29 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते 27 जुलाई के लिए कांगड़ा और मंडी समेत कुछ क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
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    हिमाचल प्रदेश में आगामी 26 जुलाई तक मानसून सामान्य बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 23 से 26 जुलाई तक राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र का पूर्वानुमान है कि 27 जुलाई के बाद प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा और 27 से 29 जुलाई के बीच भारी से भारी बारिश हो सकती है। मानसून के असर से प्रदेश के तापमान में चार से पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, और 27 जुलाई को मानसून के तेज होने के साथ तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान बिलासपुर में सबसे अधिक करीब 56 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि मनाली और नाहन में लगभग 30-30 मिमी बारिश हुई। बुधवार सुबह से ही शिमला, सोलन, बिलासपुर, कांगड़ा और चंबा सहित कई क्षेत्रों में घने बादल छाए रहे और वर्षा का दौर जारी रहा। विभाग के अनुसार 23 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 24 से 26 जुलाई के बीच चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला सहित कई जिलों में भारी वर्षा हो सकती है।

हिमालय की तलहटी की ओर मानसून ट्रफ के सक्रिय रहने के कारण प्रदेश में बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। 27 से 29 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते 27 जुलाई के लिए कांगड़ा और मंडी समेत कुछ क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    35 min ago
  • बिलासपुर जिला में बरसात के कारण अब तक लगभग 20 करोड़ रूपये के नुकसान का आकलन किया गया है। उपायुक्त राहुल कुमार ने जानकारी दी कि इसमें सबसे ज्यादा क्षति लोक निर्माण विभाग को पहुंची है, जिसका लगभग 19.05 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त जलशक्ति विभाग का लगभग 66 लाख रुपये, शिक्षा विभाग का लगभग 30 लाख रुपये और विद्युत बोर्ड का लगभग 2 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। बरसात की वजह से लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 1 सड़क बंद है, जिसे खोलने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही प्रभावित पेयजल आपूर्ति योजनाओं की बहाली के लिए भी जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। भू-स्खलन के लिहाज से संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उपायुक्त ने लोगों से अपील की है कि भारी बरसात के दौरान बहुत जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलें और अपनी यात्राएं स्थगित रखें। बरसात के दौरान सर्पदंश और नदी-नालों या झील के किनारे डूबने की घटनाओं को देखते हुए भी प्रशासन ने एहतियात बरतने को कहा है। सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाने और नदी-नालों से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। लोग यात्रा से पहले जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से मौसम और सड़कों की अद्यतन जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना होने पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
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    बिलासपुर जिला में बरसात के कारण अब तक लगभग 20 करोड़ रूपये के नुकसान का आकलन किया गया है। उपायुक्त राहुल कुमार ने जानकारी दी कि इसमें सबसे ज्यादा क्षति लोक निर्माण विभाग को पहुंची है, जिसका लगभग 19.05 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त जलशक्ति विभाग का लगभग 66 लाख रुपये, शिक्षा विभाग का लगभग 30 लाख रुपये और विद्युत बोर्ड का लगभग 2 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है।

बरसात की वजह से लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 1 सड़क बंद है, जिसे खोलने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही प्रभावित पेयजल आपूर्ति योजनाओं की बहाली के लिए भी जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। भू-स्खलन के लिहाज से संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उपायुक्त ने लोगों से अपील की है कि भारी बरसात के दौरान बहुत जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलें और अपनी यात्राएं स्थगित रखें।

बरसात के दौरान सर्पदंश और नदी-नालों या झील के किनारे डूबने की घटनाओं को देखते हुए भी प्रशासन ने एहतियात बरतने को कहा है। सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाने और नदी-नालों से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। लोग यात्रा से पहले जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से मौसम और सड़कों की अद्यतन जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना होने पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    13 hrs ago
  • सुजानपुर के पूर्व विधायक राजिंद्र राणा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि हिमाचल प्रदेश में सच बोलने पर एफआईआर दर्ज की जा रही है और भ्रष्टाचार फैलाने वालों को माफ़ किया जा रहा है। उन्होंने देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह जी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब उन्होंने उपचुनाव में 66 महिला मंडलों को गैर-कानूनी तरीके से 50-50 हजार रुपये बांटे जाने का मामला उठाया, तो सरकार ने उन्हें ही झूठा फंसाने का षड्यंत्र खेल लिया। इसके अलावा राजिंद्र राणा ने हमीरपुर मेडिकल कॉलेज का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में पिछले ढाई साल से बिल्डिंग बनकर तैयार खड़ी है, लेकिन इसके बावजूद वहां अभी तक क्लासें शुरू नहीं हो पाई हैं।
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    सुजानपुर के पूर्व विधायक राजिंद्र राणा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि हिमाचल प्रदेश में सच बोलने पर एफआईआर दर्ज की जा रही है और भ्रष्टाचार फैलाने वालों को माफ़ किया जा रहा है। उन्होंने देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह जी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब उन्होंने उपचुनाव में 66 महिला मंडलों को गैर-कानूनी तरीके से 50-50 हजार रुपये बांटे जाने का मामला उठाया, तो सरकार ने उन्हें ही झूठा फंसाने का षड्यंत्र खेल लिया।

इसके अलावा राजिंद्र राणा ने हमीरपुर मेडिकल कॉलेज का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में पिछले ढाई साल से बिल्डिंग बनकर तैयार खड़ी है, लेकिन इसके बावजूद वहां अभी तक क्लासें शुरू नहीं हो पाई हैं।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • NEET धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी बवाल और राजनीतिक हलचलों के बीच हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह पूरा प्रकरण सामने आया है, उसने देश की संपूर्ण परीक्षा प्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। केंद्र सरकार की ऐसी नाकामियों के कारण ही आज देश का युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर है और व्यवस्था से उसका भरोसा उठ रहा है। शिक्षा मंत्री ने मांग रखी कि केंद्र सरकार तुरंत जागे और बिना किसी पक्षपात के 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाकर मेधावी बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करे। NEET मुद्दे पर केंद्र को घेरने के साथ ही शिक्षा मंत्री ने हिमाचल प्रदेश में पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की भर्ती का पूरा रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है और सभी नियुक्तियां केवल मेरिट व पूर्ण पारदर्शिता के आधार पर की जाएंगी। वर्तमान में सीबीएसई व अन्य स्कूलों में इन-सर्विस शिक्षकों और प्रिंसिपल्स की नियुक्ति तेजी से चल रही है, जिसमें 152 प्रिंसिपल्स के पदों के लिए 8 जिलों की सूची जारी हो चुकी है। लगभग 9,000 अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा और स्क्रीनिंग के बाद मेरिट लिस्ट के आधार पर पद भरे जा रहे हैं। गणित व अंग्रेजी के शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है और पीजीटी समेत अन्य खाली पदों को 10 अगस्त तक भरने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में चल रहे जेबीटी (JBT) शिक्षकों के आंदोलन पर संवेदनशीलता जताते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से मांग उठाना उनका अधिकार है और सरकार सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है। इसके अलावा शिक्षक पुरस्कार नीति के वित्तीय लाभों में संशोधन की जानकारी जल्द दी जाएगी। भर्तियों की गति को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआत में 4,000 बैचवाइज और आयोग के ज़रिये 8,000 से 9,000 नियुक्तियां हो चुकी हैं। अभी 3,000 से 4,000 पदों की प्रक्रिया जारी है, जिसमें कैबिनेट द्वारा मंजूर 3.5 हजार मल्टीपर्पज वर्कर भी शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य कार्यकाल पूरा होने तक कुल 13,000 से 14,000 नई नियुक्तियां संपन्न करने का है।
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    NEET धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी बवाल और राजनीतिक हलचलों के बीच हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह पूरा प्रकरण सामने आया है, उसने देश की संपूर्ण परीक्षा प्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। केंद्र सरकार की ऐसी नाकामियों के कारण ही आज देश का युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर है और व्यवस्था से उसका भरोसा उठ रहा है। शिक्षा मंत्री ने मांग रखी कि केंद्र सरकार तुरंत जागे और बिना किसी पक्षपात के 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाकर मेधावी बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करे।

NEET मुद्दे पर केंद्र को घेरने के साथ ही शिक्षा मंत्री ने हिमाचल प्रदेश में पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की भर्ती का पूरा रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है और सभी नियुक्तियां केवल मेरिट व पूर्ण पारदर्शिता के आधार पर की जाएंगी। वर्तमान में सीबीएसई व अन्य स्कूलों में इन-सर्विस शिक्षकों और प्रिंसिपल्स की नियुक्ति तेजी से चल रही है, जिसमें 152 प्रिंसिपल्स के पदों के लिए 8 जिलों की सूची जारी हो चुकी है। लगभग 9,000 अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा और स्क्रीनिंग के बाद मेरिट लिस्ट के आधार पर पद भरे जा रहे हैं। गणित व अंग्रेजी के शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है और पीजीटी समेत अन्य खाली पदों को 10 अगस्त तक भरने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रदेश में चल रहे जेबीटी (JBT) शिक्षकों के आंदोलन पर संवेदनशीलता जताते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से मांग उठाना उनका अधिकार है और सरकार सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है। इसके अलावा शिक्षक पुरस्कार नीति के वित्तीय लाभों में संशोधन की जानकारी जल्द दी जाएगी। भर्तियों की गति को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआत में 4,000 बैचवाइज और आयोग के ज़रिये 8,000 से 9,000 नियुक्तियां हो चुकी हैं। अभी 3,000 से 4,000 पदों की प्रक्रिया जारी है, जिसमें कैबिनेट द्वारा मंजूर 3.5 हजार मल्टीपर्पज वर्कर भी शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य कार्यकाल पूरा होने तक कुल 13,000 से 14,000 नई नियुक्तियां संपन्न करने का है।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    41 min ago
  • हिमाचल प्रदेश के सैंज पार्वती बांध से बार-बार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बेजुबान जानवरों की जान जोखिम में पड़ गई है, वहीं डाउनस्ट्रीम इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए भी खतरा लगातार बरकरार है। आज वीरवार सुबह बांध से छोड़े गए पानी के चलते एक कुत्ता गंभीर खतरे में फंस गया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। बांध से लगातार हो रहे पानी के इस बहाव के कारण निचले इलाकों में जानवरों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भी संकट गहरा गया है।
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    हिमाचल प्रदेश के सैंज पार्वती बांध से बार-बार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बेजुबान जानवरों की जान जोखिम में पड़ गई है, वहीं डाउनस्ट्रीम इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए भी खतरा लगातार बरकरार है। आज वीरवार सुबह बांध से छोड़े गए पानी के चलते एक कुत्ता गंभीर खतरे में फंस गया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। बांध से लगातार हो रहे पानी के इस बहाव के कारण निचले इलाकों में जानवरों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर भी संकट गहरा गया है।
    user_Budhi Singh Thakur
    Budhi Singh Thakur
    Local News Reporter Sainj, Kullu•
    13 hrs ago
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