मोकामा में 4 दिन से दीपक का शव लापता, पाइपलाइन में फंसने का दावा मोकामा के कसहा दियारा में अस्थि विसर्जन के दौरान 23 वर्षीय युवक लापता, शव नहीं मिलने से आक्रोश मोकामा प्रखंड के कसहा दियारा क्षेत्र में करीब चार दिन पहले दादी के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे 23 वर्षीय दीपक कुमार अस्थि विसर्जन के दौरान तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गए। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार, दीपक कुमार दादी के अंतिम संस्कार के बाद अस्थि विसर्जन के लिए निषाद घाट पहुंचे थे। इसी दौरान गंगा की तेज धारा में चले जाने के बाद वे लापता हो गए। घटना की सूचना मिलने पर बेगूसराय और पटना जिला प्रशासन की मदद से उनकी खोजबीन कराई गई, लेकिन अब तक शव बरामद नहीं हो सका है। इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि बेगूसराय जल संसाधन आपूर्ति विभाग की पाइपलाइन के पास दीपक का शव फंसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग इस आशंका को गंभीरता से नहीं ले रहा है। हालांकि, शव के पाइपलाइन में फंसे होने की बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शव बरामद नहीं होने से मृतक के परिजन, समर्थक और स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। लोगों की मांग है कि संभावित स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर जल्द से जल्द दीपक कुमार की तलाश पूरी की जाए। प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।
मोकामा में 4 दिन से दीपक का शव लापता, पाइपलाइन में फंसने का दावा मोकामा के कसहा दियारा में अस्थि विसर्जन के दौरान 23 वर्षीय युवक लापता, शव नहीं मिलने से आक्रोश मोकामा प्रखंड के कसहा दियारा क्षेत्र में करीब चार दिन पहले दादी के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे 23 वर्षीय दीपक कुमार अस्थि विसर्जन के दौरान तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गए। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार, दीपक कुमार दादी के अंतिम संस्कार के बाद अस्थि विसर्जन के लिए निषाद घाट पहुंचे थे। इसी दौरान गंगा की तेज धारा में चले जाने के बाद वे लापता हो गए। घटना की सूचना मिलने पर बेगूसराय और पटना जिला प्रशासन की मदद से उनकी खोजबीन कराई गई, लेकिन अब तक शव बरामद नहीं हो सका है। इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि बेगूसराय जल संसाधन आपूर्ति विभाग की पाइपलाइन के पास दीपक का शव फंसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग इस आशंका को गंभीरता से नहीं ले रहा है। हालांकि, शव के पाइपलाइन में फंसे होने की बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शव बरामद नहीं होने से मृतक के परिजन, समर्थक और स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। लोगों की मांग है कि संभावित स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर जल्द से जल्द दीपक कुमार की तलाश पूरी की जाए। प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।
- 24 घंटे बाद मिला आदित्य का शव, मोकामा की रेस्क्यू व्यवस्था पर उठे सवाल 24 घंटे की तलाश के बाद मिला 12 वर्षीय आदित्य का शव, रेस्क्यू व्यवस्था पर उठे सवाल मोकामा। तपस्वी गंगा घाट पर गंगा स्नान के दौरान डूबे 12 वर्षीय आदित्य कुमार का शव करीब 24 घंटे की लगातार खोजबीन के बाद बरामद कर लिया गया। आदित्य सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे दो दोस्तों के साथ गंगा स्नान करने पहुंचा था। स्नान के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। सूचना मिलने के बाद स्थानीय गोताखोरों ने करीब 10 मिनट के अंदर गंगा में उतरकर उसकी तलाश शुरू कर दी। स्थानीय गोताखोरों के साथ मंगलवार सुबह से एसडीआरएफ की टीम भी खोजबीन में जुटी रही। लगातार प्रयास के बाद आदित्य का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद प्रशासन की टीम आगे की कार्रवाई में जुट गई। पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। आदित्य मोकामा के गौशाला रोड, गोला निवासी स्व. जुगनू दास का छोटा बेटा था। शव मिलने की सूचना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना ने मोकामा में डूबने की घटनाओं के दौरान रेस्क्यू व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में गंगा में डूबने की घटनाएं लगातार होती रहती हैं, इसके बावजूद मोकामा में एसडीआरएफ की स्थायी तैनाती नहीं है। आपात स्थिति में टीम को बुलाने के लिए प्रशासन को वाहन की व्यवस्था कर टीम को लाना पड़ता है। वहीं स्थानीय गोताखोर तत्काल मौके पर पहुंचकर अपनी जान जोखिम में डालते हैं। स्थानीय जानकारी के अनुसार, कई मामलों में उन्हें 500 रुपये से भी कम मानदेय मिलता है और भुगतान में कई-कई महीने लग जाते हैं। सवाल है कि जान जोखिम में डालकर बचाव कार्य करने वाले गोताखोरों को समय पर मानदेय क्यों नहीं मिलता? क्या उनके लिए प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण, बीमा और उचित मानदेय की स्थायी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए? आदित्य की घटना ने मोकामा में स्थायी रेस्क्यू व्यवस्था की जरूरत को फिर सामने ला दिया है.1
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- बेगूसराय- चेरियाबरियारपुर थाना की पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत 01 वास्तविक धारक को किया मोबाइल सुपुर्द, SP ने दी जानकारी चेरियाबरियारपुर थाना की पुलिस में ऑपरेशन मुस्कान के तहत 01 वास्तविक धारक को मोबाइल सुपुर्द करने का काम किया है. इस बात की जानकारी मंगलवार की देर रात 10:00 बजे एसपी मनीष ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी. इस संबंध में SP ने बताया कि बेगूसराय पुलिस खोए हुए मोबाइल अथवा चोरी किए गए मोबाइल को ऑपरेशन मुस्कान के तहत बरामद करते हुए वास्तविक धारक को सुपुर्द करने का काम करती है. इस कार्य से आमलोगों में खुशी का वातावरण है.1
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- बड़ी ख़बर जमुई छेड़छाड़ के आरोपी का एनकांउट२ | पैर में लगी गो ! ली | वायरल विडियो के बाद एक्शन | बिहार समाचार | Mobile Tv News1
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