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watch ;Eid Milad-un-Nabi (SAW) celebrations in Baramulla.
Sanam Aijaz
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- ‘Save Jammu’s Trade and Employment’: Shiv Sena Signature Campaign Continues for Second Day Jammu Tawi must be the Main and Final Railway Terminal.1
- Babbersher Targets NC, BJP Over SPOs & Daily-Wagers’ Regularisation | Peerzada Mohammad Shafi alias Babbersher takes a direct dig at the National Conference and BJP over the regularisation of SPOs and daily wagers, questioning their commitments. He also targets LoP Sunil Sharma over his assurance on SPO salaries and regularisation, saying: “Zara main bhi dekhunga.”1
- 12 दिन बाद मिला लापता BRO हवलदार पंकज सिंह का शव, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई 🙏 उत्तराखंड के चमोली की नीती घाटी के तमक नाले में 10 अगस्त को आई आपदा के दौरान लापता हुए BRO के हवलदार पंकज सिंह का शव 12 दिन बाद रेस्क्यू टीम ने बरामद किया। वीर जवान को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। नम आंखों से परिजनों, साथियों और क्षेत्रवासियों ने वीर जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। ईश्वर दिवंगत जवान की आत्मा को शांति दें और परिवार को यह अपार दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। 🇮🇳🙏 ॐ शांति 🕊️ #Uttarakhand #Chamoli #BRO #PankajSingh #GarhwalScouts #VeerJawan #Tribute #IndianArmy #UttarakhandNews #BreakingNews1
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- बैंकिंग न्यूज़: डागडा खड्ड वार्ड 1 बना मुसीबत का कारण, प्रसाद खाने आए आवारा गाय(पशु )रगड़ो के हमले का शिकार --- प्रागपुर /गरली 26 अगस्त विकास खंड प्रागपुर के बणी पंचायत में स्थित डगडा खड्ड के वार्ड 1 क्षेत्र में कचरे की समस्या अब जानवरों की जान पर सवाल बन गया है। एतिहासिक चानो सिद्ध मंदिर का गुड़ युक्त प्रसाद और चढ़ावे का सामान खुले में फेंके जाने के कारण स्थानीय लोगों के पशु और आवारा पशु( गाय) खड्ड की तरफ खिंचे चले आ रहे हैं। रगड़ो ने किए आवारा पशु जख्मी मीठे की गंध के कारण पशु प्रसाद खाने खड्ड में पहुंच रहे हैं। इसी दौरान रगड़ो ने पालतू पशुओं पर आवारा पशुओं पर हमला कर उन्हें बुरी तरह जख्मी कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके 2-3 पशु घायल हो चुके हैं। और मन्दिर के परिसर श्रद्धालूओं द्वारा मीठा युक्त गुड़ प्रशाद चढ़ावा खुले में खड्ड में फैंका जा रहा सरासर ग़लत है जब कि इसी रास्ते से ग्रामीण अपने घरो के लिए आने जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है 25 अगस्त 2026 को ली गई तस्वीरों में खड्ड के किनारे प्लास्टिक, प्रसाद की थैलियां और कचरे के ढेर साफ देखे जा सकते हैं। सबसे बड़ी हैरानी: बणी पंचायत खामोश ग्रामीणों ने कई बार पंचायत को शिकायत दी, लेकिन अब तक न सफाई हुई न ही कोई ठोस कदम उठाया गया। ग्रामीणों में रोष है कि धार्मिक भावनाएं आहत होने के साथ-साथ अब पशुओं की जान भी खतरे में है। एक ग्रामीण ने कहा: _"मंदिर का प्रसाद कूड़े में और कूड़ा खड्ड में। अब तो हमारे पशु भी सुरक्षित नहीं हैं। पंचायत कब जागेगी?"_ कांगड़ा उपायुक्त प्रशासन से मांग . वार्ड 1 में तुरंत सफाई अभियान चलाया जाए मंदिर कमेटी प्रसाद निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था करे खुले में कचरा फेंकने और आवारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए कदम उठाए जाएं स्थानीय लोगों ने DC कांगड़ा और SDM देहरा से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। कहा कि पंचायत को साफ सफ़ाई करवाई जाए। फोटो , विडियो ---3
- पुराने गेट पर ताला, मरीज परेशान; बीएमओ और विधायक से गेट खुलवाने की मांग सुजानपुर सुजानपुर सिविल अस्पताल के तीन गेटों में से लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे पुराने गेट को अचानक बंद कर दिया गया है। लोगों की सुरक्षा के लिए नाली पर लोहे का जाला भी लगाया गया था। अब गेट बंद होने से मरीज, बुजुर्ग और बच्चे परेशान हैं। लोगों ने बीएमओ और विधायक से गेट खुलवाने की मांग की है।1
- पीरनिगाह मंदिर के प्रबंधन को लेकर बसोली के ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी, पंचायत को संचालन सौंपने और मंदिर की चाबियां लौटाने की मांग ऊना। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पीरनिगाह मंदिर के संचालन और प्रबंधन को लेकर बसोली गांव के ग्रामीणों का विरोध-प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। ग्रामीणों ने एमसी पार्क ऊना में एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर धरना दिया और प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर समाधान करवाने की मांग उठाई। ग्रामीण बलवंत सिंह ने कहा कि पीरनिगाह मंदिर का बसोली गांव और स्थानीय पंचायत से वर्षों पुराना संबंध रहा है। पहले मंदिर का संचालन पंचायत के माध्यम से किया जाता था और व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही थीं। ऐसे ेमें मंदिर का प्रबंधन दोबारा स्थानीय पंचायत को सौंपा जाए और मंदिर की चाबियां पंचायत को वापस दी जाएं। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। यह प्रदर्शन गांव के अधिकारों और धार्मिक स्थल के स्थानीय स्तर पर प्रबंधन को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि वे मामले को लंबा कानूनी विवाद बनाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका प्रयास है कि प्रशासनिक स्तर पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत करवाकर मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाए। उन्होंने जिला प्रशासन और उपायुक्त ऊना से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंनेे चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।2
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