कोटा विकास प्राधिकरण ने बुधवार को आयुक्त बचनेश अग्रवाल के निर्देशन में ग्राम छत्रपुरा स्थित प्राधिकरण की भूमि, डीसीएम रोड फ्लाईओवर के नीचे तथा श्रीनाथपुरम ब्लॉक-बी की स्लिप लेन पर अवैध रूप से डाली गई बजरी हटाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा नहीं करने की चेतावनी दी गई। मौके पर तहसीलदार ललित किशोर नागर, भू-अभिलेख निरीक्षक हरिश्चन्द्र प्रजापति और केडीए थाना प्रभारी सत्यनारायण मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे। कोटा विकास प्राधिकरण ने बुधवार को आयुक्त बचनेश अग्रवाल के निर्देशन में ग्राम छत्रपुरा स्थित प्राधिकरण की भूमि, डीसीएम रोड फ्लाईओवर के नीचे तथा श्रीनाथपुरम ब्लॉक-बी की स्लिप लेन पर अवैध रूप से डाली गई बजरी हटाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा नहीं करने की चेतावनी दी गई। मौके पर तहसीलदार ललित किशोर नागर, भू-अभिलेख निरीक्षक हरिश्चन्द्र प्रजापति और केडीए थाना प्रभारी सत्यनारायण मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे।
कोटा विकास प्राधिकरण ने बुधवार को आयुक्त बचनेश अग्रवाल के निर्देशन में ग्राम छत्रपुरा स्थित प्राधिकरण की भूमि, डीसीएम रोड फ्लाईओवर के नीचे तथा श्रीनाथपुरम ब्लॉक-बी की स्लिप लेन पर अवैध रूप से डाली गई बजरी हटाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा नहीं करने की चेतावनी दी गई। मौके पर तहसीलदार ललित किशोर नागर, भू-अभिलेख निरीक्षक हरिश्चन्द्र प्रजापति और केडीए थाना प्रभारी सत्यनारायण मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे। कोटा विकास प्राधिकरण ने बुधवार को आयुक्त बचनेश अग्रवाल के निर्देशन में ग्राम छत्रपुरा स्थित प्राधिकरण की भूमि, डीसीएम रोड फ्लाईओवर के नीचे तथा श्रीनाथपुरम ब्लॉक-बी की स्लिप लेन पर अवैध रूप से डाली गई बजरी हटाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा नहीं करने की चेतावनी दी गई। मौके पर तहसीलदार ललित किशोर नागर, भू-अभिलेख निरीक्षक हरिश्चन्द्र प्रजापति और केडीए थाना प्रभारी सत्यनारायण मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे।
- कोटा विकास प्राधिकरण ने बुधवार को आयुक्त बचनेश अग्रवाल के निर्देशन में ग्राम छत्रपुरा स्थित प्राधिकरण की भूमि, डीसीएम रोड फ्लाईओवर के नीचे तथा श्रीनाथपुरम ब्लॉक-बी की स्लिप लेन पर अवैध रूप से डाली गई बजरी हटाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा नहीं करने की चेतावनी दी गई। मौके पर तहसीलदार ललित किशोर नागर, भू-अभिलेख निरीक्षक हरिश्चन्द्र प्रजापति और केडीए थाना प्रभारी सत्यनारायण मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे। कोटा विकास प्राधिकरण ने बुधवार को आयुक्त बचनेश अग्रवाल के निर्देशन में ग्राम छत्रपुरा स्थित प्राधिकरण की भूमि, डीसीएम रोड फ्लाईओवर के नीचे तथा श्रीनाथपुरम ब्लॉक-बी की स्लिप लेन पर अवैध रूप से डाली गई बजरी हटाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा नहीं करने की चेतावनी दी गई। मौके पर तहसीलदार ललित किशोर नागर, भू-अभिलेख निरीक्षक हरिश्चन्द्र प्रजापति और केडीए थाना प्रभारी सत्यनारायण मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे।1
- नान्ता में पारिवारिक विवाद ने लिया हिंसक रूप, पीड़ित ने लगाया मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप कोटा। नान्ता क्षेत्र के गवारिया मोहल्ले में पारिवारिक विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़ित देवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने पूर्व नियोजित तरीके से उन पर, उनकी पत्नी और बच्चों पर लाठियों से हमला किया। देवेंद्र सिंह का कहना है कि दुकान खोलने के दौरान उनकी भाभी ने उनका गिरेबान पकड़ लिया, जिसके बाद अन्य परिजनों ने मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी दो छोटी बेटियों के साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद पीड़ित परिवार नान्ता थाने पहुंचा, जहां उनका मेडिकल कराया गया। देवेंद्र सिंह का आरोप है कि अस्पताल में उनके सरकारी कर्मचारी भाई ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं, घर लौटने पर दुकान पर ताला लगा मिला और अंदर जाने का रास्ता भी बंद कर दिया गया। पीड़ित ने बताया कि इन परिस्थितियों में वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नान्ता चौराहे पर रात बिताने को मजबूर हैं। मामले में पुलिस जांच कर रही है। l1
- Aakash institute rajasthan uplakshya goyal AIR3 felicitation by chief minister of rajasthan1
- छह महीने में सजा, 10 साल जेल और 10 करोड़ तक जुर्माना; लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पेश अब पेपर लीक माफिया की ख़ैर नहीं, लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पास। इसमें 7 साल की सजा, 10करोड़ तक का जुर्माना... नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इसमें पेपर लीक पर 5 से 10 साल तक जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। संगठित अपराध पर 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना, दो महीने में जांच और तीन महीने में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का प्रस्ताव है। देशभर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ पहले से कहीं ज्यादा सख्त सजा का प्रस्ताव रखा गया है। विधेयक को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया। इस दौरान विपक्ष छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी कर रहा था।1
- कैथून में आयोजित विशेष जनसुनवाई एवं जनसंवाद कार्यक्रम में कोटा ग्रामीण पुलिस ने आमजन की समस्याएं सुनीं। एसपी सुजीत शंकर ने मौके पर पहुंचकर कई शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया और शेष मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव, यातायात नियमों का पालन, महिला सुरक्षा, जमीनी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और नशा मुक्ति को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही एसपी हेल्पलाइन नंबर 8764520202 की जानकारी देते हुए अपराध, नशा तस्करी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई। कैथून में आयोजित विशेष जनसुनवाई एवं जनसंवाद कार्यक्रम में कोटा ग्रामीण पुलिस ने आमजन की समस्याएं सुनीं। एसपी सुजीत शंकर ने मौके पर पहुंचकर कई शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया और शेष मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव, यातायात नियमों का पालन, महिला सुरक्षा, जमीनी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और नशा मुक्ति को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही एसपी हेल्पलाइन नंबर 8764520202 की जानकारी देते हुए अपराध, नशा तस्करी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।1
- आंखों में आंसू और मन में आक्रोश,बस एक ही मांग तुरंत कार्रवाई हो। उदयपुर में जमीन-मकान विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जैन समाज के लोग इस घटना के जिम्मेदार आरोपी को गिरफ्तार कर कडी सजा की मांग कर रहे हैं।1