logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

कैथून में आयोजित विशेष जनसुनवाई एवं जनसंवाद कार्यक्रम में कोटा ग्रामीण पुलिस ने आमजन की समस्याएं सुनीं। एसपी सुजीत शंकर ने मौके पर पहुंचकर कई शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया और शेष मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव, यातायात नियमों का पालन, महिला सुरक्षा, जमीनी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और नशा मुक्ति को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही एसपी हेल्पलाइन नंबर 8764520202 की जानकारी देते हुए अपराध, नशा तस्करी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई। कैथून में आयोजित विशेष जनसुनवाई एवं जनसंवाद कार्यक्रम में कोटा ग्रामीण पुलिस ने आमजन की समस्याएं सुनीं। एसपी सुजीत शंकर ने मौके पर पहुंचकर कई शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया और शेष मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव, यातायात नियमों का पालन, महिला सुरक्षा, जमीनी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और नशा मुक्ति को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही एसपी हेल्पलाइन नंबर 8764520202 की जानकारी देते हुए अपराध, नशा तस्करी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।

3 hrs ago
user_Journalist Asif khan KOTA City NEWS
Journalist Asif khan KOTA City NEWS
जर्नलिज्म,पत्रकारिता लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
3 hrs ago

कैथून में आयोजित विशेष जनसुनवाई एवं जनसंवाद कार्यक्रम में कोटा ग्रामीण पुलिस ने आमजन की समस्याएं सुनीं। एसपी सुजीत शंकर ने मौके पर पहुंचकर कई शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया और शेष मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव, यातायात नियमों का पालन, महिला सुरक्षा, जमीनी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और नशा मुक्ति को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही एसपी हेल्पलाइन नंबर 8764520202 की जानकारी देते हुए अपराध, नशा तस्करी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई। कैथून में आयोजित विशेष जनसुनवाई एवं जनसंवाद कार्यक्रम में कोटा ग्रामीण पुलिस ने आमजन की समस्याएं सुनीं। एसपी सुजीत शंकर ने मौके पर पहुंचकर कई शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया और शेष मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचाव, यातायात नियमों का पालन, महिला सुरक्षा, जमीनी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और नशा मुक्ति को लेकर लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही एसपी हेल्पलाइन नंबर 8764520202 की जानकारी देते हुए अपराध, नशा तस्करी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • कोटा विकास प्राधिकरण ने बुधवार को आयुक्त बचनेश अग्रवाल के निर्देशन में ग्राम छत्रपुरा स्थित प्राधिकरण की भूमि, डीसीएम रोड फ्लाईओवर के नीचे तथा श्रीनाथपुरम ब्लॉक-बी की स्लिप लेन पर अवैध रूप से डाली गई बजरी हटाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा नहीं करने की चेतावनी दी गई। मौके पर तहसीलदार ललित किशोर नागर, भू-अभिलेख निरीक्षक हरिश्चन्द्र प्रजापति और केडीए थाना प्रभारी सत्यनारायण मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे। कोटा विकास प्राधिकरण ने बुधवार को आयुक्त बचनेश अग्रवाल के निर्देशन में ग्राम छत्रपुरा स्थित प्राधिकरण की भूमि, डीसीएम रोड फ्लाईओवर के नीचे तथा श्रीनाथपुरम ब्लॉक-बी की स्लिप लेन पर अवैध रूप से डाली गई बजरी हटाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा नहीं करने की चेतावनी दी गई। मौके पर तहसीलदार ललित किशोर नागर, भू-अभिलेख निरीक्षक हरिश्चन्द्र प्रजापति और केडीए थाना प्रभारी सत्यनारायण मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे।
    1
    कोटा विकास प्राधिकरण ने बुधवार को आयुक्त बचनेश अग्रवाल के निर्देशन में ग्राम छत्रपुरा स्थित प्राधिकरण की भूमि, डीसीएम रोड फ्लाईओवर के नीचे तथा श्रीनाथपुरम ब्लॉक-बी की स्लिप लेन पर अवैध रूप से डाली गई बजरी हटाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा नहीं करने की चेतावनी दी गई। मौके पर तहसीलदार ललित किशोर नागर, भू-अभिलेख निरीक्षक हरिश्चन्द्र प्रजापति और केडीए थाना प्रभारी सत्यनारायण मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे।
कोटा विकास प्राधिकरण ने बुधवार को आयुक्त बचनेश अग्रवाल के निर्देशन में ग्राम छत्रपुरा स्थित प्राधिकरण की भूमि, डीसीएम रोड फ्लाईओवर के नीचे तथा श्रीनाथपुरम ब्लॉक-बी की स्लिप लेन पर अवैध रूप से डाली गई बजरी हटाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा था। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा नहीं करने की चेतावनी दी गई। मौके पर तहसीलदार ललित किशोर नागर, भू-अभिलेख निरीक्षक हरिश्चन्द्र प्रजापति और केडीए थाना प्रभारी सत्यनारायण मीणा पुलिस जाब्ते के साथ मौजूद रहे।
    user_Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    जर्नलिज्म,पत्रकारिता लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    49 min ago
  • छह महीने में सजा, 10 साल जेल और 10 करोड़ तक जुर्माना; लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पेश अब पेपर लीक माफिया की ख़ैर नहीं, लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पास। इसमें 7 साल की सजा, 10करोड़ तक का जुर्माना... नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इसमें पेपर लीक पर 5 से 10 साल तक जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। संगठित अपराध पर 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना, दो महीने में जांच और तीन महीने में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का प्रस्ताव है। देशभर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ पहले से कहीं ज्यादा सख्त सजा का प्रस्ताव रखा गया है। विधेयक को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया। इस दौरान विपक्ष छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी कर रहा था।
    1
    छह महीने में सजा, 10 साल जेल और 10 करोड़ तक जुर्माना; लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पेश


अब पेपर लीक माफिया की ख़ैर नहीं, लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पास।
इसमें 7 साल की सजा, 10करोड़ तक का जुर्माना...
नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इसमें पेपर लीक पर 5 से 10 साल तक जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। संगठित अपराध पर 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना, दो महीने में जांच और तीन महीने में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का प्रस्ताव है।
देशभर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ पहले से कहीं ज्यादा सख्त सजा का प्रस्ताव रखा गया है। विधेयक को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया। इस दौरान विपक्ष छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी कर रहा था।
    user_Dushyant singh gehlot journal
    Dushyant singh gehlot journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • नान्ता में पारिवारिक विवाद ने लिया हिंसक रूप, पीड़ित ने लगाया मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप कोटा। नान्ता क्षेत्र के गवारिया मोहल्ले में पारिवारिक विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़ित देवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने पूर्व नियोजित तरीके से उन पर, उनकी पत्नी और बच्चों पर लाठियों से हमला किया। देवेंद्र सिंह का कहना है कि दुकान खोलने के दौरान उनकी भाभी ने उनका गिरेबान पकड़ लिया, जिसके बाद अन्य परिजनों ने मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी दो छोटी बेटियों के साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद पीड़ित परिवार नान्ता थाने पहुंचा, जहां उनका मेडिकल कराया गया। देवेंद्र सिंह का आरोप है कि अस्पताल में उनके सरकारी कर्मचारी भाई ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं, घर लौटने पर दुकान पर ताला लगा मिला और अंदर जाने का रास्ता भी बंद कर दिया गया। पीड़ित ने बताया कि इन परिस्थितियों में वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नान्ता चौराहे पर रात बिताने को मजबूर हैं। मामले में पुलिस जांच कर रही है। l
    1
    नान्ता में पारिवारिक विवाद ने लिया हिंसक रूप, पीड़ित ने लगाया मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप

कोटा। नान्ता क्षेत्र के गवारिया मोहल्ले में पारिवारिक विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़ित देवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने पूर्व नियोजित तरीके से उन पर, उनकी पत्नी और बच्चों पर लाठियों से हमला किया। देवेंद्र सिंह का कहना है कि दुकान खोलने के दौरान उनकी भाभी ने उनका गिरेबान पकड़ लिया, जिसके बाद अन्य परिजनों ने मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी दो छोटी बेटियों के साथ भी मारपीट की गई।
घटना के बाद पीड़ित परिवार नान्ता थाने पहुंचा, जहां उनका मेडिकल कराया गया। देवेंद्र सिंह का आरोप है कि अस्पताल में उनके सरकारी कर्मचारी भाई ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं, घर लौटने पर दुकान पर ताला लगा मिला और अंदर जाने का रास्ता भी बंद कर दिया गया। पीड़ित ने बताया कि इन परिस्थितियों में वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नान्ता चौराहे पर रात बिताने को मजबूर हैं। मामले में पुलिस जांच कर रही है।
l
    user_VKH NEWS
    VKH NEWS
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • जयपुर में VVIP कल्चर का फिर दिखा अमानवीय चेहरा: बारिश में यात्री शेड में खड़े लोगों को पुलिस ने बाहर भगाया जयपुर: राजधानी में वीआईपी मूवमेंट के नाम पर आम जनता को परेशान करने और पुलिस की संवेदनहीनता का एक और मामला सामने आया है। जयपुर में वीआईपी (VIP) काफिला गुजरने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने तैनात पुलिसकर्मियों ने बारिश से बचने के लिए यात्री शेड में शरण लिए आम लोगों को बाहर खदेड़ दिया। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के एक व्यस्त मार्ग पर वीआईपी मूवमेंट को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और पूरे रास्ते पुलिस बल तैनात था। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। रास्ते से गुजर रहे राहगीर और आम लोग खुद को भीगने से बचाने के लिए पास में बने यात्री शेड (Bus Shelter) के नीचे जाकर खड़े हो गए। हालांकि, सुरक्षा का हवाला देते हुए वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को वहां से तुरंत हटने को कहा। जब लोगों ने बारिश रुकने तक वहीं खड़े रहने की गुजारिश की, तो आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जबरन उन्हें शेड से बाहर निकाल दिया और बारिश में भीगने पर मजबूर कर दिया। जनता में भारी आक्रोश और VVIP कल्चर पर सवाल सोशल मीडिया और आम जनता के बीच इस घटना का वीडियो/जानकारी सामने आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस के इस रवैये को बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया है। जनता का सवाल: "क्या आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से बढ़कर नेताओं और अधिकारियों का काफिला है?" सुरक्षा के नाम पर संवेदनहीनता: लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाना पुलिस का काम है, लेकिन बारिश में यात्री शेड जैसी सार्वजनिक सुविधा से लोगों को खदेड़ना अधिकारियों की संवेदनहीनता को दर्शाता है। फिलहाल इस मामले पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर राजस्थान में वीआईपी कल्चर और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं
    1
    जयपुर में VVIP कल्चर का फिर दिखा अमानवीय चेहरा: बारिश में यात्री शेड में खड़े लोगों को पुलिस ने बाहर भगाया
जयपुर:
राजधानी में वीआईपी मूवमेंट के नाम पर आम जनता को परेशान करने और पुलिस की संवेदनहीनता का एक और मामला सामने आया है। जयपुर में वीआईपी (VIP) काफिला गुजरने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने तैनात पुलिसकर्मियों ने बारिश से बचने के लिए यात्री शेड में शरण लिए आम लोगों को बाहर खदेड़ दिया।  
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के एक व्यस्त मार्ग पर वीआईपी मूवमेंट को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और पूरे रास्ते पुलिस बल तैनात था। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। रास्ते से गुजर रहे राहगीर और आम लोग खुद को भीगने से बचाने के लिए पास में बने यात्री शेड (Bus Shelter) के नीचे जाकर खड़े हो गए।  
हालांकि, सुरक्षा का हवाला देते हुए वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को वहां से तुरंत हटने को कहा। जब लोगों ने बारिश रुकने तक वहीं खड़े रहने की गुजारिश की, तो आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जबरन उन्हें शेड से बाहर निकाल दिया और बारिश में भीगने पर मजबूर कर दिया।  
जनता में भारी आक्रोश और VVIP कल्चर पर सवाल
सोशल मीडिया और आम जनता के बीच इस घटना का वीडियो/जानकारी सामने आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस के इस रवैये को बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया है।
जनता का सवाल: "क्या आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से बढ़कर नेताओं और अधिकारियों का काफिला है?"  
सुरक्षा के नाम पर संवेदनहीनता: लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाना पुलिस का काम है, लेकिन बारिश में यात्री शेड जैसी सार्वजनिक सुविधा से लोगों को खदेड़ना अधिकारियों की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
फिलहाल इस मामले पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर राजस्थान में वीआईपी कल्चर और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • कोटा में सड़क सुरक्षा पर जिला प्रशासन सख्त, एनएच पर लाइटिंग और बसों पर कार्रवाई के निर्देश जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर पीयूष समारिया ने दिए अहम निर्देश, नियम तोड़ने वाली बसों पर होगी सख्त कार्रवाई कोटा, 29 जुलाई। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर पीयूष समारिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के दुर्घटना संभावित (ब्लैक स्पॉट) स्थानों पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने एनएच-27 और एनएच-52 के चिन्हित स्थानों पर टीबीएम, ब्लिंकर और रोड लाइटिंग का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं 8-लेन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर ढाबों और अन्य स्थानों पर खड़े रहने वाले ट्रकों से बढ़ रहे दुर्घटना जोखिम को देखते हुए आरटीओ, एनएचएआई और ग्रामीण पुलिस को संयुक्त अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही एनएच-52 पर ट्रक यार्ड जल्द शुरू करने को कहा। बैठक में जिला कलेक्टर ने नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रही निजी बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ मिलकर स्लीपर कोच बसों की सघन जांच की जा रही है। हाल ही में हुई कार्रवाई में 8 बसें जब्त (सीज) की गईं और 5 बसों के पंजीयन प्रमाण पत्र (आरसी) निलंबित किए गए हैं। कलेक्टर ने अन्य राज्यों में पंजीकृत बसों के अवैध संचालन की भी जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नयापुरा चौराहे पर सवारियां भरने के लिए बसों के खड़े रहने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, इसलिए शहर से बाहर बसों के पिकअप प्वाइंट चिन्हित किए जाएं। बैठक में एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि दरा टनल की एक लेन ट्रायल रन के लिए शुरू होने के बाद यातायात का दबाव कम हुआ है। साथ ही जगन्नाथपुरा, ताथेड़ ऑयल डिपो, कराड़िया, सीमल्या और गढ़ेपान सहित कई स्थानों पर रोड लाइटिंग शुरू कर दी गई है तथा शेष सात स्थानों पर भी जल्द बिजली कनेक्शन देकर लाइटें चालू कर दी जाएंगी। सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर ने बताया कि शहर के तीन दुर्घटना संभावित स्थानों पर मोटरसाइकिल एम्बुलेंस तैनात करने का प्रस्ताव मिशन निदेशक, एनएचएम को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि 15 जून से आयोजित नेत्र जांच शिविरों में 50 वाहन चालकों की आंखों की जांच भी की जा चुकी है। बैठक में एडीएम सिटी विनोद कुमार मल्होत्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाश मीणा, यातायात पुलिस उपाधीक्षक अशोक मीणा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जे.पी. गुप्ता, जिला परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा सहित पुलिस, परिवहन, जेवीवीएनएल, केडीए और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
    1
    कोटा में सड़क सुरक्षा पर जिला प्रशासन सख्त, एनएच पर लाइटिंग और बसों पर कार्रवाई के निर्देश
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर पीयूष समारिया ने दिए अहम निर्देश, नियम तोड़ने वाली बसों पर होगी सख्त कार्रवाई
कोटा, 29 जुलाई। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर पीयूष समारिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के दुर्घटना संभावित (ब्लैक स्पॉट) स्थानों पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने एनएच-27 और एनएच-52 के चिन्हित स्थानों पर टीबीएम, ब्लिंकर और रोड लाइटिंग का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं 8-लेन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर ढाबों और अन्य स्थानों पर खड़े रहने वाले ट्रकों से बढ़ रहे दुर्घटना जोखिम को देखते हुए आरटीओ, एनएचएआई और ग्रामीण पुलिस को संयुक्त अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही एनएच-52 पर ट्रक यार्ड जल्द शुरू करने को कहा।
बैठक में जिला कलेक्टर ने नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रही निजी बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ मिलकर स्लीपर कोच बसों की सघन जांच की जा रही है। हाल ही में हुई कार्रवाई में 8 बसें जब्त (सीज) की गईं और 5 बसों के पंजीयन प्रमाण पत्र (आरसी) निलंबित किए गए हैं।
कलेक्टर ने अन्य राज्यों में पंजीकृत बसों के अवैध संचालन की भी जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नयापुरा चौराहे पर सवारियां भरने के लिए बसों के खड़े रहने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, इसलिए शहर से बाहर बसों के पिकअप प्वाइंट चिन्हित किए जाएं।
बैठक में एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि दरा टनल की एक लेन ट्रायल रन के लिए शुरू होने के बाद यातायात का दबाव कम हुआ है। साथ ही जगन्नाथपुरा, ताथेड़ ऑयल डिपो, कराड़िया, सीमल्या और गढ़ेपान सहित कई स्थानों पर रोड लाइटिंग शुरू कर दी गई है तथा शेष सात स्थानों पर भी जल्द बिजली कनेक्शन देकर लाइटें चालू कर दी जाएंगी।
सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर ने बताया कि शहर के तीन दुर्घटना संभावित स्थानों पर मोटरसाइकिल एम्बुलेंस तैनात करने का प्रस्ताव मिशन निदेशक, एनएचएम को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि 15 जून से आयोजित नेत्र जांच शिविरों में 50 वाहन चालकों की आंखों की जांच भी की जा चुकी है।
बैठक में एडीएम सिटी विनोद कुमार मल्होत्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाश मीणा, यातायात पुलिस उपाधीक्षक अशोक मीणा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जे.पी. गुप्ता, जिला परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा सहित पुलिस, परिवहन, जेवीवीएनएल, केडीए और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Dushyant singh gehlot journal
    Dushyant singh gehlot journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • आंखों में आंसू और मन में आक्रोश,बस एक ही मांग तुरंत कार्रवाई हो। उदयपुर में जमीन-मकान विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जैन समाज के लोग इस घटना के जिम्मेदार आरोपी को गिरफ्तार कर कडी सजा की मांग कर रहे हैं।
    1
    आंखों में आंसू और मन में आक्रोश,बस एक ही मांग तुरंत कार्रवाई हो। 
उदयपुर में जमीन-मकान विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई। जैन समाज के लोग इस घटना के जिम्मेदार आरोपी को गिरफ्तार कर कडी सजा की मांग कर रहे हैं।
    user_Journalist Harish Yadav
    Journalist Harish Yadav
    Social Media Manager Ladpura, Kota•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.