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स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि नोएडा सेक्टर 63 की चोटपुर कॉलोनी में कुछ लाइनमैन अवैध तरीके से जम्फर लगाकर आधी कॉलोनी को बिजली देते हैं, जबकि आधी कॉलोनी की बिजली सप्लाई काट दी जाती है। इस कृत्य के कारण खुलेआम अवैध उगाही और भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है, जिससे गरीब, बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग भीषण गर्मी में अत्यधिक परेशान हैं। कॉलोनी वासियों का कहना है कि संबंधित अधिकारी और एसडीओ लगातार शिकायतें मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, और पिछले 2 वर्षों से भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। यह स्थिति तब है जब प्रदेश सरकार बिजली की कोई कमी न होने का दावा करती है, लेकिन चोटपुर कॉलोनी को केवल 5-6 घंटे ही बिजली मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जनता कब तक इस भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का शिकार होती रहेगी।
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स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि नोएडा सेक्टर 63 की चोटपुर कॉलोनी में कुछ लाइनमैन अवैध तरीके से जम्फर लगाकर आधी कॉलोनी को बिजली देते हैं, जबकि आधी कॉलोनी की बिजली सप्लाई काट दी जाती है। इस कृत्य के कारण खुलेआम अवैध उगाही और भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है, जिससे गरीब, बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग भीषण गर्मी में अत्यधिक परेशान हैं। कॉलोनी वासियों का कहना है कि संबंधित अधिकारी और एसडीओ लगातार शिकायतें मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, और पिछले 2 वर्षों से भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। यह स्थिति तब है जब प्रदेश सरकार बिजली की कोई कमी न होने का दावा करती है, लेकिन चोटपुर कॉलोनी को केवल 5-6 घंटे ही बिजली मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जनता कब तक इस भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का शिकार होती रहेगी।
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- स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि नोएडा सेक्टर 63 की चोटपुर कॉलोनी में कुछ लाइनमैन अवैध तरीके से जम्फर लगाकर आधी कॉलोनी को बिजली देते हैं, जबकि आधी कॉलोनी की बिजली सप्लाई काट दी जाती है। इस कृत्य के कारण खुलेआम अवैध उगाही और भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है, जिससे गरीब, बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग भीषण गर्मी में अत्यधिक परेशान हैं। कॉलोनी वासियों का कहना है कि संबंधित अधिकारी और एसडीओ लगातार शिकायतें मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, और पिछले 2 वर्षों से भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। यह स्थिति तब है जब प्रदेश सरकार बिजली की कोई कमी न होने का दावा करती है, लेकिन चोटपुर कॉलोनी को केवल 5-6 घंटे ही बिजली मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जनता कब तक इस भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का शिकार होती रहेगी।2
- कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने सेक्टर 12 स्थित टाउन पार्क में विभिन्न आधुनिक विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सिंथेटिक जॉगिंग ट्रैक, एक ओपन एयर थिएटर, बाउंड्री वॉल और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।1
- लखनऊ में पासी समाज के एक शिव मंदिर को एक विशेष समुदाय के लोगों द्वारा कब्रिस्तान बनाए जाने के आरोप पर ब्रजभूमि के साधु-संतों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस घटना को लेकर कई धार्मिक हस्तियों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस में याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने इस विषय पर बोलते हुए कहा कि मुगल शासकों ने तलवार के बल पर हिंदू धार्मिक स्थलों पर अवैध कब्जा किया था, और इन अवैध कब्जों को भाजपा सरकार में हटाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उस स्थान पर पासी समाज का एक शिव मंदिर था, जिसे तोड़कर अन्य धर्म के लोगों द्वारा कब्रिस्तान बना दिया गया है। महाराज ने जोर देकर कहा कि जब तक इस अपराध और शिव मंदिर पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे लोग हिंदू धार्मिक स्थलों पर अवैध अतिक्रमण करते रहेंगे। इस मामले में साध्वी इंदुलेखा, महामंडलेश्वर रामदास महाराज और हिंदूवादी नेता डॉक्टर सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सभी ने मांग की है कि लखनऊ में पासी समाज के शिव मंदिर को मुक्त कराया जाए और सरकार कब्रिस्तान को हटाए।1
- भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने प्रशासन पर तीखा निशाना साधा है, ऐलान किया है कि वह उन सभी संगठनों का समर्थन करेगी जिन्हें प्रशासन जबरन मुकदमे लगाकर जेल भेजता है। इस संबंध में मास्टर श्यौराज ने 'आपातकाले मर्यादा नास्ति' के दर्शन को सामने रखा, जिसका अर्थ है कि आपातकाल में कोई मर्यादा नहीं होती। संगठन ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की ऐसी कार्यवाही का शिकार होने वाले हर समूह को उनका साथ मिलेगा।1
- Post by Bhole Kumar1
- भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि वह ऐसे हर संगठन के साथ खड़ी है जिसे प्रशासन 'जबरन मुकदमे लगाकर' जेल भेजता है। यूनियन के मास्टर श्यौराज ने इस संदर्भ में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'आपातकाले मर्यादा नास्ति', जिसका अर्थ है कि आपातकाल में कोई मर्यादा नहीं होती।1
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के गाजियाबाद जिले में स्थित बामहेटा क्षेत्र में 'एलन कंपनी' की एक बिल्डिंग में भीषण आग लग गई है। आग इतनी भयानक है कि इसकी लपटें और काले धुएं का गुबार दूर-दूर से देखा जा सकता है, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। वीडियो से मिली जानकारी के अनुसार, बामहेटा इलाके में स्थित इस कंपनी की बहुमंजिला इमारत की ऊपरी मंजिलों में आग की तेज लपटें दिखाई दे रही हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए सड़क पर आने-जाने वाले राहगीर और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और पुलिसकर्मी यातायात को नियंत्रित करते तथा भीड़ को सुरक्षित दूरी पर हटाते हुए नजर आए। इसके साथ ही दमकल विभाग को भी सूचित कर दिया गया है ताकि आग पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके। यह घटना मुख्य मार्ग के पास हुई है, जिसके चलते कविनगर, शास्त्रीनगर और राजनगर की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा सड़क पर लगे जाम को खुलवाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, और इस हादसे में किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।1
- नोएडा सेक्टर 63 की चोटपुर कॉलोनी में बिजली माफियाओं के कथित आतंक का आरोप लगाया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रविंद्र यादव और उनके पुत्र उपेंद्र यादव खुलेआम यह दावा करते हैं कि पुलिस प्रशासन और बिजली विभाग उनकी जेब में हैं, जिसके कारण वे अपनी मनमानी करते हैं। आरोप है कि ये लोग ₹8000 से ₹10000 लेकर बिना मीटर के अवैध बिजली कनेक्शन जोड़ते हैं और फिर हर महीने ₹1500 से ₹4000 तक की अवैध वसूली करते हैं, जिससे बिजली व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। कॉलोनीवासियों का यह भी आरोप है कि जो लोग मिलकर बिजली व्यवस्था को ठीक करने का प्रयास करते हैं, उसे भी उपेंद्र यादव जानबूझकर खराब कर देते हैं। इसके अतिरिक्त, ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत के नाम पर भी प्रत्येक ट्रांसफॉर्मर से ₹70-80 हजार तक की वसूली की जाती है। लोगों का कहना है कि पिछले 15 वर्षों से लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद इन बिजली माफियाओं और भ्रष्ट दलालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह स्थिति तब है जब सरकार दावा करती है कि प्रदेश में कोई माफिया नहीं है, फिर भी चोटपुर कॉलोनी में गरीब लोगों का शोषण जारी है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि इन पर कार्रवाई आखिर क्यों नहीं होती।3