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भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि वह ऐसे हर संगठन के साथ खड़ी है जिसे प्रशासन 'जबरन मुकदमे लगाकर' जेल भेजता है। यूनियन के मास्टर श्यौराज ने इस संदर्भ में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'आपातकाले मर्यादा नास्ति', जिसका अर्थ है कि आपातकाल में कोई मर्यादा नहीं होती।
Bku lokshakti master sheoraj singh
भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि वह ऐसे हर संगठन के साथ खड़ी है जिसे प्रशासन 'जबरन मुकदमे लगाकर' जेल भेजता है। यूनियन के मास्टर श्यौराज ने इस संदर्भ में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'आपातकाले मर्यादा नास्ति', जिसका अर्थ है कि आपातकाल में कोई मर्यादा नहीं होती।
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- भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने प्रशासन पर तीखा निशाना साधा है, ऐलान किया है कि वह उन सभी संगठनों का समर्थन करेगी जिन्हें प्रशासन जबरन मुकदमे लगाकर जेल भेजता है। इस संबंध में मास्टर श्यौराज ने 'आपातकाले मर्यादा नास्ति' के दर्शन को सामने रखा, जिसका अर्थ है कि आपातकाल में कोई मर्यादा नहीं होती। संगठन ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की ऐसी कार्यवाही का शिकार होने वाले हर समूह को उनका साथ मिलेगा।1
- भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि वह ऐसे हर संगठन के साथ खड़ी है जिसे प्रशासन 'जबरन मुकदमे लगाकर' जेल भेजता है। यूनियन के मास्टर श्यौराज ने इस संदर्भ में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'आपातकाले मर्यादा नास्ति', जिसका अर्थ है कि आपातकाल में कोई मर्यादा नहीं होती।1
- पलवल में उप-निदेशक ने घोषणा की है कि धान की सीधी बिजाई (DSR) करने वाले किसानों को भौतिक सत्यापन के बाद प्रति एकड़ ₹4500 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने इस विधि से धान के उत्पादन में बढ़ोतरी होने की बात कही। जिला पलवल के लिए डीएसआर के तहत 10000 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और इसके लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 जून तय की गई है। जिले में वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'मेरा पानी मेरी विरासत' योजना के अंतर्गत 4000 एकड़ का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत धान के स्थान पर मक्का, कपास, अरहर, मूंग, ग्वार, उड़द, सोयाबीन, तिल, अरंडी, मूंगफली, प्याज, चारा, सब्जियां, बागवानी फसलें, पोपलर, यूकेलिप्टस (एग्रो फॉरेस्ट्री) जैसी वैकल्पिक फसलें लगाने या खेत को खाली छोड़ने पर किसानों को प्रति एकड़ ₹8000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, दलहन, तिलहन और कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ ₹2000 का अतिरिक्त बोनस भी मिलेगा। वाणिज्यिक कपास फसल को बढ़ावा देने के लिए एनएफएसएम स्कीम के तहत प्रदर्शनी प्लाट और कपास के साथ अंतर-फसलों आदि के लिए ऑनलाइन आवेदन भी प्रारंभ हो गए हैं। इस स्कीम के अंतर्गत आवेदन करने वाले किसानों को भौतिक सत्यापन के आधार पर प्रति एकड़ ₹3200 तक का लाभ प्रदान किया जाएगा। उप-निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग डॉ. बाबू लाल ने जानकारी दी कि हरियाणा सरकार द्वारा खरीफ-2026 के लिए 'मेरा पानी मेरी विरासत' सहित डीएसआर (धान की सीधी बिजाई) योजना के लिए आवेदन 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर फसल के पंजीकरण के आधार पर शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया है कि वे सरकार द्वारा चलाई जा रही इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल के माध्यम से नियत समय के अंदर आवेदन करें, ताकि जिले के अधिक से अधिक किसानों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों ने पिछले वर्ष धान बोया था और अब वैकल्पिक फसलें लगा रहे हैं या खेत को खाली छोड़ रहे हैं, उन किसानों को भी पंजीकरण के आधार पर उपरोक्त योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।1
- स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि नोएडा सेक्टर 63 की चोटपुर कॉलोनी में कुछ लाइनमैन अवैध तरीके से जम्फर लगाकर आधी कॉलोनी को बिजली देते हैं, जबकि आधी कॉलोनी की बिजली सप्लाई काट दी जाती है। इस कृत्य के कारण खुलेआम अवैध उगाही और भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है, जिससे गरीब, बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग भीषण गर्मी में अत्यधिक परेशान हैं। कॉलोनी वासियों का कहना है कि संबंधित अधिकारी और एसडीओ लगातार शिकायतें मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, और पिछले 2 वर्षों से भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों पर कोई कदम नहीं उठाया गया है। यह स्थिति तब है जब प्रदेश सरकार बिजली की कोई कमी न होने का दावा करती है, लेकिन चोटपुर कॉलोनी को केवल 5-6 घंटे ही बिजली मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जनता कब तक इस भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का शिकार होती रहेगी।2
- हथीन में सोशल इन्फ्लुएंसर Mahbooh Ahamad ने ईद-उल-अजहा के अवसर पर लोगों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि कुर्बानी के दौरान गरीबों का खास ख्याल रखा जाए और गौ हत्या से बचा जाए। अपनी अपील में, Mahbooh Ahamad ने किसी भी धर्म या समाज की भावनाओं को ठेस न पहुँचाने और आपसी भाईचारा बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने, साफ-सफाई बनाए रखने और कानून का पूरी तरह से पालन करने का भी आग्रह किया। Mahbooh Ahamad ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति माहौल खराब करने या धार्मिक भावनाएं भड़काने की कोशिश करेगा, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि कुर्बानी के दौरान किसी की भी भावनाओं को ठेस न पहुंचाई जाए।1
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा नगर थाना क्षेत्र में पारिवारिक कलह और अवैध संबंधों के शक के चलते एक पति ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। यह घटना खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र के आसफपुर गाँव में हुई। बताया गया है कि चार साल पहले शादी हुई थी और पति रवेंद्र ने अपनी पत्नी शिवानी की अवैध संबंधों के शक में ही हत्या की। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पति रवेंद्र को हिरासत में ले लिया है और उससे आगे की पूछताछ जारी है।3
- आज के ही दिन, 26 मई 2014 को, भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन के रूप में चिह्नित किया गया, जिसने देश के सुनहरे भविष्य की नींव रखी। यह वह अवसर था जब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने पहली बार राष्ट्र के 'प्रधान सेवक' के रूप में शपथ ग्रहण की। यह ऐतिहासिक क्षण प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय रहा।1
- नोएडा सेक्टर 63 की चोटपुर कॉलोनी में बिजली माफियाओं के कथित आतंक का आरोप लगाया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रविंद्र यादव और उनके पुत्र उपेंद्र यादव खुलेआम यह दावा करते हैं कि पुलिस प्रशासन और बिजली विभाग उनकी जेब में हैं, जिसके कारण वे अपनी मनमानी करते हैं। आरोप है कि ये लोग ₹8000 से ₹10000 लेकर बिना मीटर के अवैध बिजली कनेक्शन जोड़ते हैं और फिर हर महीने ₹1500 से ₹4000 तक की अवैध वसूली करते हैं, जिससे बिजली व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। कॉलोनीवासियों का यह भी आरोप है कि जो लोग मिलकर बिजली व्यवस्था को ठीक करने का प्रयास करते हैं, उसे भी उपेंद्र यादव जानबूझकर खराब कर देते हैं। इसके अतिरिक्त, ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत के नाम पर भी प्रत्येक ट्रांसफॉर्मर से ₹70-80 हजार तक की वसूली की जाती है। लोगों का कहना है कि पिछले 15 वर्षों से लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद इन बिजली माफियाओं और भ्रष्ट दलालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह स्थिति तब है जब सरकार दावा करती है कि प्रदेश में कोई माफिया नहीं है, फिर भी चोटपुर कॉलोनी में गरीब लोगों का शोषण जारी है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि इन पर कार्रवाई आखिर क्यों नहीं होती।3