झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा का धनबाद में बंद को लेकर प्रदर्शन, बरवाअड्डा किसान चौक पर दिया धरना-बोले 26 साल बाद भी आंदोलनकारी दर-दर भटक रहे झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की ओर से आहूत झारखंड बंद को सफल बनाने के लिए धनबाद जिला झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के लोगों ने बरवाअड्डा किसान चौक के पास सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय सचिव जगत महतो, जिलाध्यक्ष अनूप साव, जिला उपाध्यक्ष रतिरंजन गिरि, महासचिव विश्वनाथ पाल, सचिव मोईन अंसारी, दिनेश मंडल, राजेंद्र महतो, इमामुद्दीन अंसारी, बासुदेव यादव आदि के नेतृत्व में सड़क पर धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड निर्माण के छब्बीस साल बाद भी झारखंड आंदोलनकारी दर बदर ठोकर खा रहे हैं। जब तक सभी आंदोलनकारियों को दस हजार पेंशन, आश्रितों को नौकरी तथा उचित मान सम्मान नहीं दिया जाता है तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। झारखंड राज्य स्थापना दिवस पर भगवान बिरसा मुंडा के प्रतिमा के नीचे रांची में आमरण अनशन किया जायेगा। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड के साथ अलग होने वाले छत्तीसगढ़ राज्य में सभी आंदोलनकारियों को दस हजार पेंशन और नौकरी में रिजर्वेशन दिया गया है जबकि झारखंड सरकार बरगलाने का काम कर रही है।
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा का धनबाद में बंद को लेकर प्रदर्शन, बरवाअड्डा किसान चौक पर दिया धरना-बोले 26 साल बाद भी आंदोलनकारी दर-दर भटक रहे झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की ओर से आहूत झारखंड बंद को सफल बनाने के लिए धनबाद जिला झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के लोगों ने बरवाअड्डा किसान चौक के पास सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय सचिव जगत महतो, जिलाध्यक्ष अनूप साव, जिला उपाध्यक्ष रतिरंजन गिरि, महासचिव विश्वनाथ पाल, सचिव मोईन अंसारी, दिनेश मंडल, राजेंद्र महतो, इमामुद्दीन अंसारी, बासुदेव यादव आदि के नेतृत्व में सड़क पर धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड निर्माण के छब्बीस साल बाद भी झारखंड आंदोलनकारी दर बदर ठोकर खा रहे हैं। जब तक सभी आंदोलनकारियों को दस हजार पेंशन, आश्रितों को नौकरी तथा उचित मान सम्मान नहीं दिया जाता है तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। झारखंड राज्य स्थापना दिवस पर भगवान बिरसा मुंडा के प्रतिमा के नीचे रांची में आमरण अनशन किया जायेगा। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड के साथ अलग होने वाले छत्तीसगढ़ राज्य में सभी आंदोलनकारियों को दस हजार पेंशन और नौकरी में रिजर्वेशन दिया गया है जबकि झारखंड सरकार बरगलाने का काम कर रही है।
- झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा का धनबाद में बंद को लेकर प्रदर्शन, बरवाअड्डा किसान चौक पर दिया धरना-बोले 26 साल बाद भी आंदोलनकारी दर-दर भटक रहे झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की ओर से आहूत झारखंड बंद को सफल बनाने के लिए धनबाद जिला झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के लोगों ने बरवाअड्डा किसान चौक के पास सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय सचिव जगत महतो, जिलाध्यक्ष अनूप साव, जिला उपाध्यक्ष रतिरंजन गिरि, महासचिव विश्वनाथ पाल, सचिव मोईन अंसारी, दिनेश मंडल, राजेंद्र महतो, इमामुद्दीन अंसारी, बासुदेव यादव आदि के नेतृत्व में सड़क पर धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड निर्माण के छब्बीस साल बाद भी झारखंड आंदोलनकारी दर बदर ठोकर खा रहे हैं। जब तक सभी आंदोलनकारियों को दस हजार पेंशन, आश्रितों को नौकरी तथा उचित मान सम्मान नहीं दिया जाता है तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। झारखंड राज्य स्थापना दिवस पर भगवान बिरसा मुंडा के प्रतिमा के नीचे रांची में आमरण अनशन किया जायेगा। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड के साथ अलग होने वाले छत्तीसगढ़ राज्य में सभी आंदोलनकारियों को दस हजार पेंशन और नौकरी में रिजर्वेशन दिया गया है जबकि झारखंड सरकार बरगलाने का काम कर रही है।1
- *हेडलाइन: कतरास में दुर्गा पूजा से पहले कचरे के ढेर से उठ रही दुर्गंध, रेलवे-निगम के पेंच में फंसी सफाई व्यवस्था* *कतरास, धनबाद।* दुर्गा पूजा के उल्लास के बीच कतरास की लचर सफाई व्यवस्था लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। वार्ड संख्या-3 के आसपास सड़कों पर महीनों से कचरे के ढेर लगे हैं, जिससे उठ रही भीषण बदबू ने राहगीरों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। आलम यह है कि अब छोटे बच्चे भी कहने लगे हैं - *"छोटी बच्ची भी समझ रही है कि कितनी गंध दे रही है।"* स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह इलाका रेलवे और नगर निगम की सीमा में आता है, और दोनों के बीच जिम्मेदारी को लेकर खींचतान चलती है। रेलवे कहता है निगम की जिम्मेदारी है, निगम कहता है रेलवे की। इस पेंच में आम जनता पिस रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों को नाक पर रुमाल रखकर गुजरना पड़ रहा है। त्योहार का सीजन है, बाजारों और पूजा पंडालों के आसपास भीड़ बढ़ेगी। ऐसे में यह गंदगी संक्रामक बीमारियों को न्यौता दे रही है। लोगों का सवाल है कि आखिर इस लचर व्यवस्था का जिम्मेवार कौन है? क्या प्रशासन किसी महामारी का इंतजार कर रहा है? स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि दुर्गा पूजा से पहले युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाकर कचरे का निष्पादन किया जाए।1
- दुर्गापूजा को लेकर प्रशासन अलर्ट, पूजा समितियों संग एसडीओ ने की अहम बैठक। जामताड़ा से उदय किशोर सिंह की रिपोर्ट। लाइसेंस से लेकर सुरक्षा और जुलूस के रूट तक, दुर्गापूजा की तैयारियों पर मंथन। शांतिपूर्ण दुर्गापूजा के लिए प्रशासन की तैयारी तेज, पूजा समितियों से लिए सुझाव।1
- मिहिजाम में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर आयोजित, बीपी और शुगर की हुई जाँच1
- एसआईआर पर भाजपा का हमला, हरिमोहन बोले- जामताड़ा में हजारों नाम काटे गए, जांच के नाम पर खानापूर्ति एसआईआर पर भाजपा का हमला, हरिमोहन बोले- जामताड़ा में हजारों नाम काटे गए, जांच के नाम पर खानापूर्ति1
- गैस कनेक्शन अपडेट और बैंक अधिकारी बनकर ठगी, चार साइबर अपराधी गिरफ्तार दोनों खबरों की जानकारी को मिलाकर एक प्रवाह में, टाइट और रोचक अखबारी शैली में खबर इस तरह रहेगी: जामताड़ा। साइबर ठगी के खिलाफ जामताड़ा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करमाटांड़ थाना क्षेत्र से चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 8 मोबाइल फोन और 8 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी कभी गैस कनेक्शन अपडेट कराने के नाम पर तो कभी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में करमाटांड़ थाना प्रभारी राजेश मंडल, पुलिस इंस्पेक्टर सुनील टुडू समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। टीम ने पहले रिंगोचिंगो गांव में सुनील कुमार मंडल के घर पर छापेमारी की और उसे साइबर ठगी करते गिरफ्तार किया। इसके बाद अमडीहा के पूर्व दिशा में डंगाल स्थित एक अर्धनिर्मित मकान में छापेमारी कर तीन अन्य आरोपियों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में सुनील कुमार मंडल (24), ग्राम रिंगोचिंगो, मोहम्मद अबूतालिब अंसारी (40), ग्राम ऊपर भीठरा, बहादुरुद्दीन अंसारी (28), ग्राम हेठ भीठरा और शमीम अंसारी (28), ग्राम ऊपर भीठरा शामिल हैं। सभी करमाटांड़ थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। ऐसे बिछाते थे ठगी का जाल पुलिस के मुताबिक, आरोपी गैस उपभोक्ताओं को फोन कर कनेक्शन अपडेट कराने की बात कहते थे। इसके बाद मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल में मौजूद महत्वपूर्ण और गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। इसी तरह बैंक अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते और एटीएम के 16 अंकों का नंबर, सीवीवी और ओटीपी जैसी बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद विभिन्न वॉलेट के माध्यम से रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का साइबर ठगी का नेटवर्क दूसरे राज्यों तक भी फैला हुआ था। मामले में साइबर थाना कांड संख्या 61/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और ठगी की अन्य घटनाओं की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई स्क्रीन शेयरिंग या अन्य संदिग्ध ऐप डाउनलोड न करें। बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी, एटीएम नंबर, सीवीवी और ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।1
- जामताड़ा न्यूज:-मिहिजाम में भाजपा का स्वास्थ्य शिविर, नि:शुल्क हुई जांच.. रिपोर्ट #उदय किशोर सिंह,जामताड़ा वार्ड-5 में लगा स्वास्थ्य जांच शिविर, लोगों को बांटी गई दवाएं. सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर, बीपी-शुगर की हुई जांच।1
- चंद्रपुरा हत्याकांड: मां-बाप के बाद रोहित की भी मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़। चंद्रपुरा डीवीसी कॉलोनी के पश्चिमपल्ली स्थित क्वार्टर में 17 सितंबर को हुई गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल रोहित सिन्हा की बुधवार अलसुबह रांची के मेदांता अस्पताल में मौत हो गयी. इसके साथ ही इस गोलीकांड में मरने वालों की संख्या तीन हो गयी. घटना में रोहित के पिता नरेश सिन्हा और मां रेणु देवी की मौके पर ही मौत हो गयी थी. रोहित का पिछले 13 दिनों से रांची में इलाज चल रहा था. गोलीबारी में रोहित को चार से अधिक गोलियां लगी थीं. इलाज के दौरान सिर में फंसी गोली निकाल ली गयी थी. कमर और जांघ में लगी गोलियां भी चिकित्सकों ने निकाल दी थीं. हालांकि, गर्दन में फंसी गोली को नहीं निकाला जा सका. गंभीर स्थिति में उसका इलाज जारी था, इसी बीच बुधवार को उसकी मौत हो गयी. हत्याकांड के 13वें दिन तक पुलिस हमलावरों की पहचान और घटना के कारण का खुलासा नहीं कर सकी थी. पुलिस और एसआइटी अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही थी. जांच के दौरान घटनास्थल से मिले साक्ष्य, दस्तावेज और अन्य सुरागों को खंगाला जा रहा था. पुलिस को उम्मीद थी कि रोहित के स्वस्थ होने और बयान देने की स्थिति में आने पर घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं. उसकी मौत के बाद यह संभावना भी खत्म हो गयी है. अब पुलिस को घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, तकनीकी जांच और अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर ही हत्याकांड की कड़ियां जोड़नी होंगी. रोहित का पोस्टमार्टम रांची में कराया जाएगा.1