logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

मुरादनगर में बिजली विभाग की लापरवाही: चार दिन बाद भी जमीन से सटी जर्जर एबीसी केबल, हादसे का इंतजार? जर्जर HT लाइनें बनीं हादसे का इंतजार, नए कनेक्शन में तेजी तो पुराने तार बदलने में क्यों लापरवाही? मुरादनगर। “बिजली की तारें जर्जर हैं, हादसा कभी भी हो सकता है, अफसरों की नींद न जाने, कब तक कोई रो सकता है।” विद्युत वितरण खंड 33/11 डिवीजन मुरादनगर के सब-डिवीजन नूरपुर क्षेत्र में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र की कई कॉलोनियों में HT लाइन और एबीसी लाइन जर्जर हालत में होने के बावजूद उनकी मरम्मत अथवा तार बदलने को लेकर कथित तौर पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जर्जर लाइनों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहां पुरानी और जर्जर विद्युत लाइन को बदलने के लिए विभाग के पास कथित तौर पर फंड, संसाधन और श्रमिकों की कमी बताई जाती है, वहीं नए कनेक्शन अथवा कॉलोनी के विद्युतीकरण के लिए दो खंभों पर एबीसी केबल डालकर अस्थायी व्यवस्था करने में विभाग तेजी दिखाता है। “नया तार बिछाने में विभाग को पलभर की देर नहीं, पुराने तार बदलने को मगर कोई खबर नहीं। हादसा होगा तो जिम्मेदारी कौन निभाएगा, क्या तब विभाग जागेगा या फिर कोई बहाना बनाएगा?” स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जर्जर तारों के नीचे परिवार और बच्चे रोजाना गुजरते हैं। ऐसे में यदि तार टूटकर गिरते हैं या विद्युत दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? सवाल यह भी है कि क्या विभाग केवल नए कनेक्शन देने तक सीमित है? क्या पुराने उपभोक्ताओं और कॉलोनियों की सुरक्षा उसकी जिम्मेदारी नहीं है? विद्युत अधिकारियों से सीधा सवाल है—जब नई लाइन बिछाने के लिए व्यवस्था हो सकती है, तो जर्जर HT और एबीसी लाइन बदलने के लिए व्यवस्था क्यों नहीं? “करंट सिर्फ तारों में नहीं, जिम्मेदारी में भी दौड़ना चाहिए, जनता की जान से बढ़कर कोई बजट नहीं होना चाहिए।” अब देखना यह है कि विभाग किसी संभावित हादसे का इंतजार करेगा या उससे पहले जर्जर लाइनों को दुरुस्त कराकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

8 hrs ago
user_Virender Kumar
Virender Kumar
Social Media Manager Ghaziabad, Uttar Pradesh•
8 hrs ago

मुरादनगर में बिजली विभाग की लापरवाही: चार दिन बाद भी जमीन से सटी जर्जर एबीसी केबल, हादसे का इंतजार? जर्जर HT लाइनें बनीं हादसे का इंतजार, नए कनेक्शन में तेजी तो पुराने तार बदलने में क्यों लापरवाही? मुरादनगर। “बिजली की तारें जर्जर हैं, हादसा कभी भी हो सकता है, अफसरों की नींद न जाने, कब तक कोई रो सकता है।” विद्युत वितरण खंड 33/11 डिवीजन मुरादनगर के सब-डिवीजन नूरपुर क्षेत्र में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र की कई कॉलोनियों में HT लाइन

और एबीसी लाइन जर्जर हालत में होने के बावजूद उनकी मरम्मत अथवा तार बदलने को लेकर कथित तौर पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जर्जर लाइनों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहां पुरानी और जर्जर विद्युत लाइन को बदलने के लिए विभाग के पास कथित तौर पर फंड, संसाधन और श्रमिकों की कमी बताई जाती है, वहीं नए कनेक्शन अथवा कॉलोनी के विद्युतीकरण के लिए दो खंभों पर

एबीसी केबल डालकर अस्थायी व्यवस्था करने में विभाग तेजी दिखाता है। “नया तार बिछाने में विभाग को पलभर की देर नहीं, पुराने तार बदलने को मगर कोई खबर नहीं। हादसा होगा तो जिम्मेदारी कौन निभाएगा, क्या तब विभाग जागेगा या फिर कोई बहाना बनाएगा?” स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जर्जर तारों के नीचे परिवार और बच्चे रोजाना गुजरते हैं। ऐसे में यदि तार टूटकर गिरते हैं या विद्युत दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? सवाल यह भी है कि क्या विभाग केवल नए कनेक्शन देने तक

सीमित है? क्या पुराने उपभोक्ताओं और कॉलोनियों की सुरक्षा उसकी जिम्मेदारी नहीं है? विद्युत अधिकारियों से सीधा सवाल है—जब नई लाइन बिछाने के लिए व्यवस्था हो सकती है, तो जर्जर HT और एबीसी लाइन बदलने के लिए व्यवस्था क्यों नहीं? “करंट सिर्फ तारों में नहीं, जिम्मेदारी में भी दौड़ना चाहिए, जनता की जान से बढ़कर कोई बजट नहीं होना चाहिए।” अब देखना यह है कि विभाग किसी संभावित हादसे का इंतजार करेगा या उससे पहले जर्जर लाइनों को दुरुस्त कराकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • केसी लगता वीडियो
    4
    केसी लगता  वीडियो
    user_Tohidalamansari tohidalam
    Tohidalamansari tohidalam
    गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • गाजियाबाद पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़, एक शातिर अपराधी गोली लगने से घायल; साथी फरार। गाजियाबाद :- थाना सिहानी गेट क्षेत्र में पुलिस और शातिर बदमाशों के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है। उच्च अधिकारियों के निर्देशन में चलाई जा रही वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि स्कूटी पर सवार दो युवक किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। ​पुलिस टीम ने जब सफेद रंग की स्कूटी को रोकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर जान से मारने की नियत से फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। ​घायल बदमाश की पहचान शादाब उर्फ शाहरुख के रूप में हुई है, जबकि फरार साथी का नाम समीर बताया जा रहा है। पुलिस को इनके पास से तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस और एक स्कूटी बरामद हुई है। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और फरार बदमाश की तलाश जारी है। ​बाइट: जियाउद्दीन अहमद, सहायक पुलिस आयुक्त, नंदग्राम
    1
    गाजियाबाद पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़, एक शातिर अपराधी गोली लगने से घायल; साथी फरार। 
गाजियाबाद :- थाना सिहानी गेट क्षेत्र में पुलिस और शातिर बदमाशों के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है। उच्च अधिकारियों के निर्देशन में चलाई जा रही वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि स्कूटी पर सवार दो युवक किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं।
​पुलिस टीम ने जब सफेद रंग की स्कूटी को रोकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर जान से मारने की नियत से फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
​घायल बदमाश की पहचान शादाब उर्फ शाहरुख के रूप में हुई है, जबकि फरार साथी का नाम समीर बताया जा रहा है। पुलिस को इनके पास से तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस और एक स्कूटी बरामद हुई है। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और फरार बदमाश की तलाश जारी है।
​बाइट: जियाउद्दीन अहमद, सहायक पुलिस आयुक्त, नंदग्राम
    user_पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    Media house गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मुरादनगर में बिजली विभाग की लापरवाही: चार दिन बाद भी जमीन से सटी जर्जर एबीसी केबल, हादसे का इंतजार? जर्जर HT लाइनें बनीं हादसे का इंतजार, नए कनेक्शन में तेजी तो पुराने तार बदलने में क्यों लापरवाही? मुरादनगर। “बिजली की तारें जर्जर हैं, हादसा कभी भी हो सकता है, अफसरों की नींद न जाने, कब तक कोई रो सकता है।” विद्युत वितरण खंड 33/11 डिवीजन मुरादनगर के सब-डिवीजन नूरपुर क्षेत्र में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र की कई कॉलोनियों में HT लाइन और एबीसी लाइन जर्जर हालत में होने के बावजूद उनकी मरम्मत अथवा तार बदलने को लेकर कथित तौर पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जर्जर लाइनों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहां पुरानी और जर्जर विद्युत लाइन को बदलने के लिए विभाग के पास कथित तौर पर फंड, संसाधन और श्रमिकों की कमी बताई जाती है, वहीं नए कनेक्शन अथवा कॉलोनी के विद्युतीकरण के लिए दो खंभों पर एबीसी केबल डालकर अस्थायी व्यवस्था करने में विभाग तेजी दिखाता है। “नया तार बिछाने में विभाग को पलभर की देर नहीं, पुराने तार बदलने को मगर कोई खबर नहीं। हादसा होगा तो जिम्मेदारी कौन निभाएगा, क्या तब विभाग जागेगा या फिर कोई बहाना बनाएगा?” स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जर्जर तारों के नीचे परिवार और बच्चे रोजाना गुजरते हैं। ऐसे में यदि तार टूटकर गिरते हैं या विद्युत दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? सवाल यह भी है कि क्या विभाग केवल नए कनेक्शन देने तक सीमित है? क्या पुराने उपभोक्ताओं और कॉलोनियों की सुरक्षा उसकी जिम्मेदारी नहीं है? विद्युत अधिकारियों से सीधा सवाल है—जब नई लाइन बिछाने के लिए व्यवस्था हो सकती है, तो जर्जर HT और एबीसी लाइन बदलने के लिए व्यवस्था क्यों नहीं? “करंट सिर्फ तारों में नहीं, जिम्मेदारी में भी दौड़ना चाहिए, जनता की जान से बढ़कर कोई बजट नहीं होना चाहिए।” अब देखना यह है कि विभाग किसी संभावित हादसे का इंतजार करेगा या उससे पहले जर्जर लाइनों को दुरुस्त कराकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
    4
    मुरादनगर में बिजली विभाग की लापरवाही: चार दिन बाद भी जमीन से सटी जर्जर एबीसी केबल, हादसे का इंतजार?
जर्जर HT लाइनें बनीं हादसे का इंतजार, नए कनेक्शन में तेजी तो पुराने तार बदलने में क्यों लापरवाही?
मुरादनगर।
“बिजली की तारें जर्जर हैं, हादसा कभी भी हो सकता है,
अफसरों की नींद न जाने, कब तक कोई रो सकता है।”
विद्युत वितरण खंड 33/11 डिवीजन मुरादनगर के सब-डिवीजन नूरपुर क्षेत्र में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र की कई कॉलोनियों में HT लाइन और एबीसी लाइन जर्जर हालत में होने के बावजूद उनकी मरम्मत अथवा तार बदलने को लेकर कथित तौर पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जर्जर लाइनों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहां पुरानी और जर्जर विद्युत लाइन को बदलने के लिए विभाग के पास कथित तौर पर फंड, संसाधन और श्रमिकों की कमी बताई जाती है, वहीं नए कनेक्शन अथवा कॉलोनी के विद्युतीकरण के लिए दो खंभों पर एबीसी केबल डालकर अस्थायी व्यवस्था करने में विभाग तेजी दिखाता है।
“नया तार बिछाने में विभाग को पलभर की देर नहीं,
पुराने तार बदलने को मगर कोई खबर नहीं।
हादसा होगा तो जिम्मेदारी कौन निभाएगा,
क्या तब विभाग जागेगा या फिर कोई बहाना बनाएगा?”
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जर्जर तारों के नीचे परिवार और बच्चे रोजाना गुजरते हैं। ऐसे में यदि तार टूटकर गिरते हैं या विद्युत दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?
सवाल यह भी है कि क्या विभाग केवल नए कनेक्शन देने तक सीमित है? क्या पुराने उपभोक्ताओं और कॉलोनियों की सुरक्षा उसकी जिम्मेदारी नहीं है?
विद्युत अधिकारियों से सीधा सवाल है—जब नई लाइन बिछाने के लिए व्यवस्था हो सकती है, तो जर्जर HT और एबीसी लाइन बदलने के लिए व्यवस्था क्यों नहीं?
“करंट सिर्फ तारों में नहीं, जिम्मेदारी में भी दौड़ना चाहिए,
जनता की जान से बढ़कर कोई बजट नहीं होना चाहिए।”
अब देखना यह है कि विभाग किसी संभावित हादसे का इंतजार करेगा या उससे पहले जर्जर लाइनों को दुरुस्त कराकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
    user_Virender Kumar
    Virender Kumar
    Social Media Manager Ghaziabad, Uttar Pradesh•
    8 hrs ago
  • Ola Driver Scam Exposed | Atal Setu Toll & Fare Fraud | Driver Riyaz Munde कैब ड्राइवरों का शोषण कब तक? 🚖📉 इस वीडियो में हम बात कर रहे हैं मुंबई/नवी मुंबई के ओला ड्राइवर रियाज मुंडे (CRN: 11180320561) के साथ हुए एक गंभीर मामले की। 13 अगस्त 2026 की इस ट्रिप में ऐप का रूट छोड़कर अटल सेतु से जाना पड़ा। ड्राइवर ने अपनी जेब से ₹250 और ₹54 का टोल भरा, लेकिन ओला की तरफ से सिर्फ ऑटोमेटेड टिकट (1061573) मिला और कोई समाधान नहीं हुआ। जब कस्टमर की सुनें तो टोल का बोझ, और कंपनी की सुनें तो ग्राहक परेशान! आखिर क्यों बार-बार ड्राइवर ही पिसें? जानिए पूरी सच्चाई इस वीडियो में। ⚠️ डिस्क्लेमर: इस वीडियो में दिखाए गए सभी आंकड़े, फास्टैग स्टेटमेंट और ईमेल स्क्रीनशॉट पूरी तरह वास्तविक और ड्राइवर द्वारा उपलब्ध कराए गए सबूतों पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य किसी की छवि धूमिल करना नहीं, बल्कि कैब इंडस्ट्री में पारदर्शिता लाना और ड्राइवरों के अधिकारों की रक्षा करना है। 👉 हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें: @ApnaCargoPartner #OlaScam #AtalSetu #CabDrivers #DriversRights #ApnaCargoPartner #MumbaiDrivers #OlaDriverIssues #RideSharing Ola scam, Ola driver fraud, Atal Setu toll issue, Ola support ticket 1061573, Mumbai cab driver problems, Ola fare drop, cab driver rights India, Apna Cargo Partner, Ola driver news, fastag deduction issue.
    1
    Ola Driver Scam Exposed | Atal Setu Toll & Fare Fraud | Driver Riyaz Munde


कैब ड्राइवरों का शोषण कब तक? 🚖📉
इस वीडियो में हम बात कर रहे हैं मुंबई/नवी मुंबई के ओला ड्राइवर रियाज मुंडे (CRN: 11180320561) के साथ हुए एक गंभीर मामले की। 13 अगस्त 2026 की इस ट्रिप में ऐप का रूट छोड़कर अटल सेतु से जाना पड़ा। ड्राइवर ने अपनी जेब से ₹250 और ₹54 का टोल भरा, लेकिन ओला की तरफ से सिर्फ ऑटोमेटेड टिकट (1061573) मिला और कोई समाधान नहीं हुआ।
जब कस्टमर की सुनें तो टोल का बोझ, और कंपनी की सुनें तो ग्राहक परेशान! आखिर क्यों बार-बार ड्राइवर ही पिसें? जानिए पूरी सच्चाई इस वीडियो में।
⚠️ डिस्क्लेमर: इस वीडियो में दिखाए गए सभी आंकड़े, फास्टैग स्टेटमेंट और ईमेल स्क्रीनशॉट पूरी तरह वास्तविक और ड्राइवर द्वारा उपलब्ध कराए गए सबूतों पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य किसी की छवि धूमिल करना नहीं, बल्कि कैब इंडस्ट्री में पारदर्शिता लाना और ड्राइवरों के अधिकारों की रक्षा करना है।
👉 हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें: @ApnaCargoPartner
#OlaScam #AtalSetu #CabDrivers #DriversRights #ApnaCargoPartner #MumbaiDrivers #OlaDriverIssues #RideSharing
Ola scam, Ola driver fraud, Atal Setu toll issue, Ola support ticket 1061573, Mumbai cab driver problems, Ola fare drop, cab driver rights India, Apna Cargo Partner, Ola driver news, fastag deduction issue.
    user_Apna Cargo Partner
    Apna Cargo Partner
    Content Creator (YouTuber) गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • जनपद बलिया थाना क्षेत्र उभांव गांव करीमगंज ककरासो पीड़ित व्यक्ति नाम लालजी जमीनी विवाद को लेकर शासन प्रशासन पर लगाया रिश्वत मांगने के कई गंभीर आरोप #पीड़ित_का_परिवार_डर_के_साए_में_जीने_को_मजबूर
    1
    जनपद बलिया थाना क्षेत्र उभांव  गांव करीमगंज ककरासो  पीड़ित व्यक्ति नाम लालजी  जमीनी विवाद को लेकर शासन प्रशासन पर लगाया रिश्वत मांगने के कई गंभीर आरोप
#पीड़ित_का_परिवार_डर_के_साए_में_जीने_को_मजबूर
    user_Duniya Direct news
    Duniya Direct news
    Voice of people गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • गाजियाबाद के शालीमार गार्डन स्थित विक्रम एन्क्लेव में रेन बसेरे के पास नालियां कूड़े से भरी पड़ी हैं। नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। इससे आने-जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और लोगों को मजबूरी में गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों में जमा कूड़े के कारण पानी का फ्लो रुक गया है। अगर समय रहते नालियों की सफाई नहीं की गई तो जलभराव के साथ-साथ गंदगी और बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है। संवाददाता रेनू पुरी
    4
    गाजियाबाद के शालीमार गार्डन स्थित विक्रम एन्क्लेव में रेन बसेरे के पास नालियां कूड़े से भरी पड़ी हैं। नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। इससे आने-जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और लोगों को मजबूरी में गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों में जमा कूड़े के कारण पानी का फ्लो रुक गया है। अगर समय रहते नालियों की सफाई नहीं की गई तो जलभराव के साथ-साथ गंदगी और बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है।
संवाददाता रेनू पुरी
    user_PRADEEP PURI
    PRADEEP PURI
    गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • viral video:- पति को दूसरी महिला के साथ देखा,सड़क पर ही हुई पिटाई,फिर मचा बवाल! उत्तरप्रदेश के मेरठ में पति को दूसरी महिला के साथ देखकर पत्नी ने दोनों को रास्ते में रोक लिया. इसके बाद कहासुनी इतनी बढ़ी कि दोनों महिलाएं आपस में भिड़ गईं और सड़क पर बाल खींचकर मारपीट करने लगीं. मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
    1
    viral video:- पति को दूसरी महिला के साथ देखा,सड़क पर ही हुई पिटाई,फिर मचा बवाल!

उत्तरप्रदेश के मेरठ में पति को दूसरी महिला के साथ देखकर पत्नी ने दोनों को रास्ते में रोक लिया. इसके बाद कहासुनी इतनी बढ़ी कि दोनों महिलाएं आपस में भिड़ गईं और सड़क पर बाल खींचकर मारपीट करने लगीं. मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
    user_आदर्श भारत TV
    आदर्श भारत TV
    TV News Anchor Ghaziabad, Uttar Pradesh•
    14 hrs ago
  • मोदीनगर दुष्कर्म पीड़िता महिनो से काट रही थाने अधिकारियों के चक्कर अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं। गाजियाबाद :- मोदीनगर निवाड़ी थाना क्षेत्र की घटना, सभी को सोचने पर मजबूर कर रही है। एक लड़की महिनो से अपनी शिकायत लेकर दर दर भटक रही है। लेकिन उसकी निवाड़ी थाना एफआईआर दर्ज नहीं कर रहा है। सब अधिकारी सिर्फ जांच के नाम पर सिर्फ, खाना पूर्ति कर रहे हैं। क्योंकि आरोपी जोनी की पत्नी यूपी पुलिस में कांस्टेबल है और पोस्टिंग पास के जिले मुजफ्फरनगर में है। जिसके प्रभाव के कारण, पुलिस मामले को दबा रही है। और साथ में हो सकता है दीवान जी से नोट भी दबाएं जा रहे हों।
    1
    मोदीनगर दुष्कर्म पीड़िता महिनो से काट रही थाने अधिकारियों के चक्कर अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं। 
गाजियाबाद :- मोदीनगर निवाड़ी थाना क्षेत्र की घटना, सभी को सोचने पर मजबूर कर रही है। एक लड़की महिनो से अपनी शिकायत लेकर दर दर भटक रही है। लेकिन उसकी निवाड़ी थाना एफआईआर दर्ज नहीं कर रहा है। सब अधिकारी सिर्फ जांच के नाम पर सिर्फ, खाना पूर्ति कर रहे हैं। क्योंकि आरोपी जोनी की पत्नी यूपी पुलिस में कांस्टेबल है और पोस्टिंग पास के जिले मुजफ्फरनगर में है। जिसके प्रभाव के कारण, पुलिस मामले को दबा रही है। और साथ में हो सकता है दीवान जी से नोट भी दबाएं जा रहे हों।
    user_पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    पत्रकार जितेन्द्र ठाकुर
    Media house गाज़ियाबाद, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.