प्रयागराज के घूरपुर में किसान सेवा सहकारी समिति पर यूरिया और डीएपी खाद लेने आए किसानों को घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद भारी परेशानी झेलनी पड़ी। किसान सुबह से ही समिति पर पहुंच गए थे, लेकिन शाम पांच बजे तक इंतजार करने के बाद भी कई किसानों को खाद नहीं मिल सकी और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों का आरोप है कि समिति पर सप्ताह में केवल दो दिन ही खाद की बिक्री के लिए कर्मचारी मौजूद रहते हैं, जबकि अन्य दिनों में समिति खुली रहने के बावजूद खाद का वितरण नहीं किया जाता। इसके चलते किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मौके पर मौजूद किसान सतीश कुशवाहा, दशरथ लाल पटेल, विजय बहादुर पटेल और देवराज सहित सैकड़ों किसानों ने कर्मचारियों की कमी को वितरण प्रभावित होने की मुख्य वजह बताया और तत्काल नए कर्मचारियों की नियुक्ति करने की मांग की। इस अव्यवस्था के संबंध में जिला सहकारी अधिकारी बारा निक्खी मोहन से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
प्रयागराज के घूरपुर में किसान सेवा सहकारी समिति पर यूरिया और डीएपी खाद लेने आए किसानों को घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद भारी परेशानी झेलनी पड़ी। किसान सुबह से ही समिति पर पहुंच गए थे, लेकिन शाम पांच बजे तक इंतजार करने के बाद भी कई किसानों को खाद नहीं मिल सकी और उन्हें खाली हाथ
लौटना पड़ा। किसानों का आरोप है कि समिति पर सप्ताह में केवल दो दिन ही खाद की बिक्री के लिए कर्मचारी मौजूद रहते हैं, जबकि अन्य दिनों में समिति खुली रहने के बावजूद खाद का वितरण नहीं किया जाता। इसके चलते किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मौके पर मौजूद किसान सतीश कुशवाहा, दशरथ लाल पटेल, विजय
बहादुर पटेल और देवराज सहित सैकड़ों किसानों ने कर्मचारियों की कमी को वितरण प्रभावित होने की मुख्य वजह बताया और तत्काल नए कर्मचारियों की नियुक्ति करने की मांग की। इस अव्यवस्था के संबंध में जिला सहकारी अधिकारी बारा निक्खी मोहन से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
- प्रयागराज के बारा स्थित गौरा गांव में बसपा की संगठनात्मक बैठक संपन्न हुई है। इस बैठक के दौरान पार्टी के बूथ कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।1
- प्रयागराज के शंकरगढ़ नगर पंचायत का दूषित नाला कपारी (लवनी) नदी में छोड़े जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई है। नाले के पानी के साथ बड़ी मात्रा में पॉलीथिन, प्लास्टिक और ठोस कचरा सीधे नदी में बहकर पहुंच रहा है, जिससे इसके प्राकृतिक प्रवाह पर बुरा असर पड़ रहा है और नदी के पाटने व अस्तित्व का संकट बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, पहले यह नदी स्वच्छ थी, लेकिन अब नगर पंचायत के नाले का पानी गिरने से इसका जल बुरी तरह दूषित दिखाई दे रहा है। गढ़वा के जंगलों से देवरा तक जाने वाली यह नदी जोरवट, कपारी, बकुलिहा, पगुआर, कल्याणपुर और मतरवार सहित सैकड़ों गांवों को सिंचित करती है। स्थानीय किसान सिंचाई के लिए इसके पानी का उपयोग करते हैं और यह पशु-पक्षियों तथा जैव विविधता के लिए भी महत्वपूर्ण जलस्रोत है। ऐसे में नदी में कूड़ा और प्रदूषित पानी छोड़े जाने से खेती, पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रदूषण विभाग की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने पूछा है कि आखिर किस विभाग की अनुमति और किन पर्यावरणीय मानकों के तहत नाले को नदी में छोड़ा गया। स्थानीय लोगों ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने, नदी में कचरा जाने पर तत्काल रोक लगाने, नाले के पानी का वैज्ञानिक उपचार सुनिश्चित करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।1
- प्रयागराज के घूरपुर में किसान सेवा सहकारी समिति पर यूरिया और डीएपी खाद लेने आए किसानों को घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद भारी परेशानी झेलनी पड़ी। किसान सुबह से ही समिति पर पहुंच गए थे, लेकिन शाम पांच बजे तक इंतजार करने के बाद भी कई किसानों को खाद नहीं मिल सकी और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों का आरोप है कि समिति पर सप्ताह में केवल दो दिन ही खाद की बिक्री के लिए कर्मचारी मौजूद रहते हैं, जबकि अन्य दिनों में समिति खुली रहने के बावजूद खाद का वितरण नहीं किया जाता। इसके चलते किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मौके पर मौजूद किसान सतीश कुशवाहा, दशरथ लाल पटेल, विजय बहादुर पटेल और देवराज सहित सैकड़ों किसानों ने कर्मचारियों की कमी को वितरण प्रभावित होने की मुख्य वजह बताया और तत्काल नए कर्मचारियों की नियुक्ति करने की मांग की। इस अव्यवस्था के संबंध में जिला सहकारी अधिकारी बारा निक्खी मोहन से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।3
- प्रयागराज के घूरपुर स्थित किसान सेवा सहकारी समिति पर यूरिया और डीएपी खाद लेने पहुंचे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान सुबह से ही खाद लेने के लिए समिति पर कतार में लग गए थे, लेकिन शाम पांच बजे तक इंतजार करने के बावजूद कई किसानों को खाद नहीं मिल सकी। किसानों का आरोप है कि समिति पर सप्ताह में केवल दो दिन ही खाद की बिक्री के लिए कर्मचारी मौजूद रहते हैं। अन्य दिनों में समिति खुली रहती है, लेकिन खाद का वितरण नहीं किया जाता, जिससे किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समस्या से परेशान किसान सतीश कुशवाहा, दशरथ लाल पटेल, विजय बहादुर पटेल और देवराज सहित सैकड़ों किसानों ने समिति में तत्काल नए कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की है। किसानों का कहना है कि कर्मचारियों की कमी के कारण पूरी खाद वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस बाबत जिला सहकारी अधिकारी बारा निक्खी मोहन से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। सरकार के खाद वितरण के दावे फेल साबित हो रहे हैं और दिन भर लाइन में लगने के बाद शाम को खाली हाथ घर लौटने से किसानों में भारी आक्रोश है।1
- प्रयागराज के घूरपुर स्थित किसान सेवा सहकारी समिति पर यूरिया और डीएपी खाद लेने पहुंचे किसानों को घंटों लाइन में लगने के बावजूद भारी परेशानी झेलनी पड़ी। किसान सुबह से ही खाद के लिए समिति पर जमा हो गए थे, लेकिन शाम पांच बजे तक इंतजार करने के बाद भी कई किसानों को खाद नहीं मिल सकी और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों का गंभीर आरोप है कि समिति पर सप्ताह में केवल दो दिन ही खाद बिक्री के लिए कर्मचारी मौजूद रहते हैं। अन्य दिनों में समिति खुली तो रहती है, लेकिन खाद का वितरण नहीं किया जाता, जिससे किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मौके पर मौजूद किसान सतीश कुशवाहा, दशरथ लाल पटेल, विजय बहादुर पटेल और देवराज सहित सैकड़ों किसानों ने समिति में तत्काल नए कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की है। किसानों का कहना है कि कर्मचारियों की कमी के कारण वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस अव्यवस्था के संबंध में जिला सहकारी अधिकारी बारा निक्खी मोहन से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।1
- प्रयागराज के अमिलिया तरहर स्थित माँ मसूरिया धाम और माँ दक्खिनी धाम में दर्शन-पूजन का कार्य किया जा रहा है। यहाँ पुजारी कृष्णा मिश्रा और पुजारी अंश मिश्रा द्वारा श्रद्धालुओं को माँ मसूरिया धाम तथा माँ दक्खिनी धाम में दर्शन और पूजन कराया जा रहा है।1
- प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश ने अस्थायी बस अड्डे की बदहाल व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। बस अड्डा परिसर में जगह-जगह जलभराव, कीचड़ और फिसलन के कारण यात्रियों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, परिसर में कई स्थानों पर छत से लगातार पानी टपक रहा है, जिसकी वजह से लोगों को घंटों खड़े रहकर ही बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। यात्रियों के अनुसार, बसों के समय पर न पहुंचने और अव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था ने इस परेशानी को और अधिक बढ़ा दिया है। इस बदहाली का सबसे बड़ा खमियाजा महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें जलभराव और फिसलन के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस अस्थायी बस अड्डे पर जल निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है, जिससे हल्की बारिश होते ही पूरा परिसर पानी से भर जाता है, लेकिन प्रशासन ने अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला है। इस स्थिति को देखते हुए यात्रियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि बस अड्डे पर तत्काल जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। इसके साथ ही परिसर की नियमित सफाई कराने, आवागमन के लिए पक्के मार्ग बनाने और यात्रियों के बैठने के लिए बेहतर प्रतीक्षालय की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है, ताकि बरसात के इस मौसम में लोगों को कुछ राहत मिल सके।1
- प्रयागराज जिले के विधानसभा बारा क्षेत्र से एक मामला सामने आया है। यहाँ भटपुरा गांव में स्थित कमला पंप नहर पर बना पुल टूट गया है।1