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कवर्धा के अटल आवास में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई सुबह तड़के एसपी के नेतृत्व में की गई, जिसके दौरान अवैध शराब का बड़ा जखीरा जब्त किया गया।
Deepesh Jangde
कवर्धा के अटल आवास में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई सुबह तड़के एसपी के नेतृत्व में की गई, जिसके दौरान अवैध शराब का बड़ा जखीरा जब्त किया गया।
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- बजाग ब्लॉक के अंतर्गत आमाडोंगरी में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य के दौरान पेयजल की पाइपलाइन टूट जाने से क्षेत्र की पानी आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। इस घटना के कारण ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त हो गया, जिसके चलते उन्होंने विरोध प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों का गुस्सा पाइपलाइन फोड़ने से उत्पन्न हुई पेयजल समस्या को लेकर था। यह चक्का जाम संबंधित विभाग और प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन और समझौते के बाद ही समाप्त किया गया।4
- बिलासपुर जिले सहित विभिन्न ब्लॉक एवं निकाय क्षेत्रों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का 27वां स्थापना दिवस बेहद उत्साह, जोश और गरिमामय वातावरण के बीच धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने, जनसरोकारों को उठाने और जनता के अधिकारों के लिए लड़ाई को और अधिक सशक्त बनाने का दृढ़ संकल्प लिया। मुख्य कार्यक्रम बेहतराई स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत उन वरिष्ठ नेताओं और दिवंगत कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई, जिन्होंने संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उपस्थित जनों ने उनके चित्रों पर पुष्प चढ़ाकर उनके योगदान को स्मरण किया और संगठन के प्रति उनके समर्पण को नमन किया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी हमेशा से आम जनता की आवाज को मजबूती से उठाती रही है, जिसका उद्देश्य केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित न होकर नागरिकों के अधिकारों, समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष करना रहा है। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी अंतिम व्यक्ति तक न्याय और जनहित की लड़ाई को निरंतर जारी रखेगी। स्थापना दिवस समारोह के दौरान संगठन की मजबूती, आगामी रणनीतियों और जनसंपर्क अभियानों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत करें, साथ ही आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाकर उन्हें शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करें। यह पूरा कार्यक्रम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा के मार्गदर्शन एवं प्रदेश अध्यक्ष निलेश विश्वास के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश यूथ अध्यक्ष रावस्कर गोरख, हिमांशु राज और प्रदेश प्रवक्ता सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिले के विभिन्न ब्लॉक एवं निकाय इकाइयों में भी स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं ने पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने, संगठन को मजबूत करने तथा जनता के हितों की लड़ाई को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, जनहित और संगठनात्मक एकजुटता की सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ।4
- डिंडौरी जिले में किसानों को जैविक खेती और नवाचार से जोड़ने के लिए नर्मदांचल गौ सेवा समिति ढोंढ़ा के जैविक कृषि विशेषज्ञ एवं भारतीय किसान संघ डिंडौरी के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू ने एक पहल की है। वे किसानों को धान की बेहतर पैदावार के लिए जैविक विधि से बीजोपचार और नर्सरी तैयार करने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। साहू का कहना है कि बीजों का समय पर उपचार करने से उक्ठा सहित कई बीजजनित और मृदाजनित रोगों से फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, धान की अच्छी उपज के लिए सीधे बुवाई के बजाय नर्सरी तैयार कर रोपाई करना अधिक लाभकारी है। यदि बीजोपचार जैविक तरीके से किया जाए, तो अंकुरण क्षमता बढ़ती है और पौधों की शुरुआती वृद्धि बेहतर होती है। बीजोपचार के लिए 'बीजामृत' नामक जैविक घोल तैयार किया जाता है, जिसके निर्माण में लगभग 10 किलोग्राम गोबर, 10 लीटर गौमूत्र, 500 ग्राम खाने का चूना, 5 लीटर साफ पानी और एक पाव कच्चे दूध का उपयोग होता है। इन सभी सामग्रियों को मिलाकर 24 घंटे छाया में रखा जाता है। तैयार मिश्रण का छिड़काव 100 किलोग्राम बीज पर कर उसे अच्छी तरह मिलाया जाता है, ताकि सभी बीजों पर एक समान परत बन जाए। उपचारित बीजों को छाया में सुखाकर अगले दिन बोआई करने की सलाह दी जाती है। इस प्रक्रिया से बीजों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने और पौधों की जड़ों के बेहतर विकास में मदद मिल सकती है। बिहारी लाल साहू ने किसान भाइयों से आग्रह किया कि वे बीज बोने से पहले बीजोपचार अवश्य करें, क्योंकि जैविक विधि अपनाने से लागत कम करने और फसल की शुरुआती सुरक्षा में मदद मिल सकती है।2
- डिंडौरी जिले के ढोंढ़ा में जनजाति कल्याण केन्द्र बरगांव प्रकल्प प्रमुख, वरिष्ठ प्रचारक श्याम जी और महाकौशल प्रांत गौसेवा प्रमुख घनश्याम जी ने दौरा किया। इस प्रवास के दौरान, उन्होंने जैविक खेती के महत्व पर विशेष जोर देते हुए इसे मानव जीवन, पशु-पक्षियों तथा पूरे पर्यावरण के अस्तित्व का आधार बताया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि खेत की जमीन और मिट्टी ही अन्न उत्पन्न करने की मूल शक्ति है, जिससे मानव तथा अन्य जीवों का जीवन चलता है, इसलिए मिट्टी का संरक्षण और उसकी उर्वरता को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। रासायनिक खेती के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता को हुए नुकसान, जमीन के बंजर होने, तथा जल, वायु और खाद्य पदार्थों के प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की गई। इसके परिणामस्वरूप मानव स्वास्थ्य, पशुओं और पर्यावरण पर पड़ रहे सीधे प्रभाव को देखते हुए, गौवंश आधारित जैविक खेती को एकमात्र सही विकल्प के रूप में सामने रखा गया। जैविक खेती प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके मिट्टी की उर्वरता बनाए रखती है, पर्यावरण को संतुलित रखती है, और शुद्ध, सुरक्षित तथा स्वास्थ्यवर्धक फसलें उत्पन्न करती है। यह पद्धति दीर्घकालीन लाभ प्रदान करती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन को सुरक्षित रखती है। इस संदर्भ में, यह आवश्यक बताया गया कि अधिक से अधिक किसान जैविक खेती को अपनाएँ। साथ ही, केंद्र सरकार को भी जैविक खेती करने वाले किसानों को सीधे सहयोग प्रदान करना चाहिए, जिसमें प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता, बाजार की सुविधा और उचित मूल्य की व्यवस्था शामिल है। इससे किसानों का मनोबल बढ़ेगा और देश में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। अंततः यह निष्कर्ष निकाला गया कि अपने खेत, मिट्टी, स्वास्थ्य और पर्यावरण को बचाने के लिए जैविक खेती को अपनाना ही एकमात्र ऐसा मार्ग है, जो एक स्वस्थ, समृद्ध और संतुलित भविष्य की ओर ले जाता है। इस प्रवास के दौरान बायोगैस संयंत्र और जीवामृत जैसी जैविक खेती की महत्वपूर्ण तकनीकों पर भी चर्चा की गई। बायोगैस संयंत्र में पशुओं के गोबर को पानी में घोलकर टैंक में डाला जाता है, जहाँ बिना ऑक्सीजन के जैविक पदार्थों के विघटन से मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनती है। यह गैस सीधे चूल्हे तक पहुँचती है, जबकि बची हुई स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में उपयोग की जाती है। इसी प्रकार, जीवामृत देसी गाय के गोबर, गोमूत्र, गुड़, बेसन (दाल का आटा) और खेत की मिट्टी से बना एक प्राकृतिक तरल जैविक खाद है। हाल ही में, डिंडौरी जिले के जाने-माने बहुचर्चित ऑर्गेनिक फार्मिंग एक्सपर्ट बिहारी लाल साहू ने, जो विगत 10 वर्षों से लगातार जैविक खेती कर रहे हैं, जनजाति कल्याण केन्द्र महाकौशल बरगांव प्रकल्प प्रमुख (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक) श्याम जी भाईसाहब, महाकौशल प्रांत के गौसेवा प्रमुख (आर एस एस के प्रचारक) घनश्याम जी भाईसाहब, और यूट्यूबर बर्मन ब्लॉग्स के हेमराज बर्मन के साथ नर्मदांचल गौ सेवा केन्द्र ढोंढ़ा में संचालित बीआरसी और जैविक फार्म हाउस का दौरा किया। बिहारी लाल साहू स्वयं जैविक खेती करने के साथ-साथ ग्रामीण किसान बंधुओं, महाविद्यालयों, विद्यालयों, सरकारी संस्थानों और एनजीओ जैसे अनेक मंचों के माध्यम से डिंडौरी सहित विभिन्न जिलों में जैविक खेती का अमूल्य प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने अपने फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी दिखाया, जिसमें गोबर गैस संयंत्र को जलता हुआ प्रदर्शित किया गया। सभी आगंतुकों ने उनके इन प्रयासों की सराहना की। यह जानकारी डिंडौरी ब्यूरो से नीरज रजक द्वारा दिनांक 10 जून, 2026 को प्रदान की गई।1
- खरोरा में 10 जून 2026 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान खरोरा स्थित शारदा मंदिर में माता शारदा और श्री हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम के बाद श्रद्धालुओं और उपस्थित जनों के बीच भोग-प्रसाद का वितरण किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. तेजराम पाल (जिला संयोजक, चिकित्सा प्रकोष्ठ), दुलारी सुरेंद्र वर्मा (जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि), लोनिता चंद्राकर (महिला मोर्चा जिला कार्यकारिणी सदस्य), चंद्रकांत साहू (अध्यक्ष, बंगोली मंडल), राजेंद्र खूंटे, मारुति नंदन वर्मा (महामंत्री, बंगाली मंडल), श्रीमती हीरा वर्मा (अध्यक्ष, महिला मोर्चा बंगाली मंडल) सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण और राष्ट्र की उन्नति की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।4
- डिंडौरी/शहपुरा के ढोंढ़ा स्थित नर्मदांचल गौ सेवा समिति के जैव आदान संसाधन केंद्र (बीआरसी) और जैविक फार्म हाउस का हाल ही में जनजाति कल्याण केंद्र बरगांव के प्रकल्प प्रमुख व वरिष्ठ प्रचारक श्याम जी, तथा महाकौशल प्रांत गौसेवा प्रमुख घनश्याम जी ने यूट्यूबर बर्मन ब्लॉग्स हेमराज बर्मन के साथ दौरा किया। इस भ्रमण का उद्देश्य जैविक खेती के महत्व को समझना और उसे बढ़ावा देना था, जिसे सभी ने सराहा। इस दौरान जैविक खेती को एकमात्र सही मार्ग बताते हुए इस बात पर जोर दिया गया कि खेती केवल उत्पादन का साधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, पशु-पक्षियों और पूरे पर्यावरण के अस्तित्व का आधार है। रासायनिक खेती के अत्यधिक उपयोग ने मिट्टी की गुणवत्ता को नुकसान पहुँचाया है, जिससे जमीन बंजर हो रही है और जल, वायु व खाद्य पदार्थ प्रदूषित हो रहे हैं। इसका सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य, पशुओं और पर्यावरण पर पड़ रहा है। ऐसे में गौवंश आधारित जैविक खेती को ही एकमात्र सही विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जैविक खेती प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके मिट्टी की उर्वरता बनाए रखती है, पर्यावरण को संतुलित करती है, और शुद्ध, सुरक्षित व स्वास्थ्यवर्धक फसलें देती है। यह खेती दीर्घकालीन लाभ प्रदान करती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन को सुरक्षित रखती है। इसलिए यह आवश्यक बताया गया कि अधिक से अधिक किसान जैविक खेती अपनाएं। साथ ही, केंद्र सरकार को भी जैविक खेती करने वाले किसानों को सीधे सहयोग प्रदान करना चाहिए, जिसमें प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता, बाजार की सुविधा और उचित मूल्य की व्यवस्था शामिल है। इससे किसानों का मनोबल बढ़ेगा और देश में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही बायोगैस संयंत्र और जीवामृत के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। बायोगैस संयंत्र में पशुओं के गोबर को पानी में घोलकर टैंक में डाला जाता है, जिससे मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनती है, जो सीधे चूल्हे तक पहुंचती है। बची हुई स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में उपयोग होती है। करीब 6 फीट चौड़े और 10 फीट लंबे इस संयंत्र से वर्षों तक गैस प्राप्त की जा सकती है, जिससे ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण होता है। जीवामृत को देसी गाय के गोबर, गोमूत्र, गुड़, बेसन (दाल का आटा) और खेत की मिट्टी से बना एक प्राकृतिक तरल जैविक खाद बताया गया। डिंडौरी जिले के जाने-माने बहुचर्चित ऑर्गेनिक फार्मिंग एक्सपर्ट बिहारी लाल साहू विगत 10 वर्षों से लगातार जैविक खेती कर रहे हैं। वे स्वयं जैविक खेती करने के साथ-साथ ग्रामीण किसान बंधुओं, महाविद्यालयों, विद्यालयों, सरकारी संस्थानों और एनजीओ जैसे विभिन्न मंचों के माध्यम से डिंडौरी सहित कई जिलों में जैविक खेती का प्रशिक्षण दे रहे हैं। वे अपने फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी दिखाते हैं, और वर्तमान में बनी गोबर गैस को भी जलाकर लोगों को प्रदर्शित किया गया। यह सारी जानकारी दिनांक 10/6/2026 को प्रदान की गई।3
- बालाघाट जिले की लांजी तहसील परिसर के समीप स्थित झाड़ियों में 10 जून को अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप लेना शुरू कर दिया था। इसकी सूचना तत्काल नगर परिषद को दी गई, जिसके बाद नगर परिषद का दमकल वाहन मौके पर पहुंचा और अपनी सूझबूझ से आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया। फिलहाल, यह आग कैसे लगी इसकी पुख्ता जानकारी सामने नहीं आ पाई है। गनीमत रही कि समय रहते झाड़ियों में लगी इस आग पर काबू पा लिया गया, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि झाड़ियों के समीप ही तहसील कार्यालय का भवन स्थित है। इस घटना में किसी भी प्रकार की आर्थिक क्षति या जनहानि नहीं हुई। वहीं, मामले को लेकर लांजी एसडीएम का बयान भी सामने आया है।1
- ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की एक बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में स्पष्ट रूप से यह निर्णय लिया गया कि यातायात या अन्य संबंधित नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- डिंडौरी जिले के शाहपुर थाने से पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए युवक उमेश कुमार का मामला अब और गंभीर होता दिख रहा है। युवक सोमवार सुबह गोरखपुर डेम से लगे जंगल क्षेत्र में गंभीर अवस्था में मिलने का दावा किया गया है, जिसके बाद परिजनों ने उसकी हालत को लेकर कई सवाल उठाए हैं। युवक रविवार रात करीब 10 बजे पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ था और सोमवार सुबह करीब 10 बजे उसे बेशर्म की झाड़ियों के बीच अचेत अवस्था में बरामद किया गया। परिजनों के अनुसार, युवक की हालत बेहद खराब थी और वह सामान्य रूप से बात नहीं कर पा रहा था। दावा किया गया कि उसके मुंह में पत्ते भरे हुए थे, जिन्हें बाहर निकाला गया, और उसके बाएं पैर में सूजन व चोट के निशान भी थे। गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल डिंडौरी ले गए। उपचार कर रहे डॉ. नितिन देशमुख के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मरीज का ब्लड प्रेशर और शुगर स्तर कम पाया गया है, और उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। युवक की मां सिंधिया बाई ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को टीआई साहब द्वारा बहुत टॉर्चर किया गया है और उसे न्याय मिलना चाहिए। परिजनों का यह भी आरोप है कि युवक डरा हुआ था और पुलिस के पास जाने से मना कर रहा था, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। गौरतलब है कि युवक की मां पहले ही डिंडौरी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से बेटे की तलाश की गुहार लगाते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगा चुकी थीं। इस मामले को लेकर एसडीओपी शहपुरा ने कहा कि युवक का उपचार जारी है, और उसके बयान तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर विस्तृत प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भेजा जाएगा। युवक के मिलने के बाद अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग तेज हो गई है।4