हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने युवा कांग्रेस के "छात्रों की गूंज" और एनएसयूआई (NSUI) के आंतरिक संगठनात्मक चुनाव कार्यक्रम में विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आस्था और धर्म पर बड़ी बात कही। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आस्था और धर्म किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वे रोज पूजा करते हैं, गाय की पूजा करते हैं, और कंजक पूजन करते हैं, ऐसे में हमसे बड़ा सनातनी कौन हो सकता है। उन्होंने भाजपा द्वारा सनातनी होने का प्रमाणपत्र देने की कोशिशों पर कड़ा ऐतराज जताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिला कांग्रेस अध्यक्षों को भरोसा दिलाया कि उन्हें संगठन और सरकार में शिकायत निवारण समितियों या अन्य उपयुक्त समितियों के जरिए उचित जिम्मेदारियां दी जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी को बोर्ड और निगमों में पद देना संभव नहीं है, लेकिन अवसर मिलने पर पार्टी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलेगी। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्व की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकाल में नौकरियां सरेआम बेची गईं और अपने कैडर के लोगों को नौकरी पर लगाने के लिए पेपर लीक करना एक मुख्य धंधा बन गया था। उन्होंने पुलिस भर्ती पेपर लीक को इसका सबसे बड़ा उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही कड़ा एक्शन लेते हुए अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को भंग किया, दोषियों को जेल भेजा और अब परीक्षाओं की सुरक्षा के लिए नए राज्य चयन आयोग का गठन किया है, जिससे भर्तियां पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो रही हैं। संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च चार 'परमवीर चक्र' हिमाचल के वीरों को मिले हैं, लेकिन पहले फौज में मिलने वाली 18 साल की स्थायी नौकरी को भाजपा ने महज 4 साल की 'अग्निवीर' नौकरी में बदल दिया और हिमाचल का कोटा भी घटा दिया। इसके विकल्प के रूप में राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में 1000 पदों पर पारदर्शी भर्ती पूरी की है और जल्द ही 850 और पदों पर भर्ती शुरू होने जा रही है। शिक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2021 के मूल्यांकन के अनुसार हिमाचल प्रदेश क्वालिटी एजुकेशन में खिसककर 21वें स्थान पर पहुंच गया था, क्योंकि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने बिना किसी योजना के ₹5,000 करोड़ की रेबड़ियां बांटीं और बिना पर्याप्त शिक्षकों के 650 से अधिक शिक्षण संस्थान खोल दिए। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कड़े सुधारों के चलते अब राज्य शिक्षा के स्तर में देश में 5वें स्थान पर पहुंच गया है। अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जीवन छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। वे कॉलेज में क्लास रिप्रेजेंटेटिव (CR), युवा कांग्रेस में जनरल सेक्रेटरी और फिर NSUI व प्रदेश कांग्रेस के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहे हैं, जिसके बाद चौथी बार विधायक बनने पर उन्हें मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने युवा कांग्रेस के "छात्रों की गूंज" और एनएसयूआई (NSUI) के आंतरिक संगठनात्मक चुनाव कार्यक्रम में विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आस्था और धर्म पर बड़ी बात कही। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आस्था और धर्म किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वे रोज पूजा करते हैं, गाय की पूजा करते हैं, और कंजक पूजन करते हैं, ऐसे में हमसे बड़ा सनातनी कौन हो सकता है। उन्होंने भाजपा द्वारा सनातनी होने का प्रमाणपत्र देने की कोशिशों पर कड़ा ऐतराज जताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिला कांग्रेस अध्यक्षों को भरोसा दिलाया कि उन्हें संगठन
और सरकार में शिकायत निवारण समितियों या अन्य उपयुक्त समितियों के जरिए उचित जिम्मेदारियां दी जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी को बोर्ड और निगमों में पद देना संभव नहीं है, लेकिन अवसर मिलने पर पार्टी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलेगी। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्व की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकाल में नौकरियां सरेआम बेची गईं और अपने कैडर के लोगों को नौकरी पर लगाने के लिए पेपर लीक करना एक मुख्य धंधा बन गया था। उन्होंने पुलिस भर्ती पेपर लीक को इसका सबसे बड़ा उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही कड़ा एक्शन लेते हुए अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को भंग किया, दोषियों को जेल भेजा और अब परीक्षाओं की सुरक्षा
के लिए नए राज्य चयन आयोग का गठन किया है, जिससे भर्तियां पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो रही हैं। संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च चार 'परमवीर चक्र' हिमाचल के वीरों को मिले हैं, लेकिन पहले फौज में मिलने वाली 18 साल की स्थायी नौकरी को भाजपा ने महज 4 साल की 'अग्निवीर' नौकरी में बदल दिया और हिमाचल का कोटा भी घटा दिया। इसके विकल्प के रूप में राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में 1000 पदों पर पारदर्शी भर्ती पूरी की है और जल्द ही 850 और पदों पर भर्ती शुरू होने जा रही है। शिक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2021
के मूल्यांकन के अनुसार हिमाचल प्रदेश क्वालिटी एजुकेशन में खिसककर 21वें स्थान पर पहुंच गया था, क्योंकि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने बिना किसी योजना के ₹5,000 करोड़ की रेबड़ियां बांटीं और बिना पर्याप्त शिक्षकों के 650 से अधिक शिक्षण संस्थान खोल दिए। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कड़े सुधारों के चलते अब राज्य शिक्षा के स्तर में देश में 5वें स्थान पर पहुंच गया है। अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जीवन छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। वे कॉलेज में क्लास रिप्रेजेंटेटिव (CR), युवा कांग्रेस में जनरल सेक्रेटरी और फिर NSUI व प्रदेश कांग्रेस के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहे हैं, जिसके बाद चौथी बार विधायक बनने पर उन्हें मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ।
- हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा ने एकतरफा और निर्विरोध जीत हासिल की है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस ऐतिहासिक जीत पर जनता, निर्वाचित जिला परिषद सदस्यों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए इसे वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का स्पष्ट संकेत बताया है। सोलन जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार तक खड़ा नहीं कर सकी, जिसके बाद भाजपा समर्थित कुमारी शीला सर्वसम्मति से अध्यक्ष और पंकज शर्मा सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। डॉ. बिंदल ने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा सोलन जिले की पांचों सीटों पर विजय प्राप्त करेगी। डॉ. बिंदल ने बताया कि प्रदेश के जिन आठ जिलों में अब तक जिला परिषद चुनाव संपन्न हुए हैं, उनमें से सात में भाजपा समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने गए हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस केवल एक जिला परिषद में बेहद मामूली अंतर से ही जीत दर्ज कर सकी और कई स्थानों पर उसे प्रत्याशी तक नहीं मिले, जो राज्य में उसकी राजनीतिक स्थिति को खुद बयां करता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंचायत और जिला परिषद चुनावों को टालने का हरसंभव प्रयास किया था। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद ही लगभग आठ महीने की देरी से ये चुनाव कराए जा सके, जो कांग्रेस सरकार की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान कांग्रेस सरकार ने सत्ता, धनबल और प्रशासनिक मशीनरी का जमकर दुरुपयोग किया। भाजपा समर्थित प्रतिनिधियों को डराने-धमकाने के प्रयास किए गए, उनके परिजनों के तबादले किए गए और झूठे मुकदमे दर्ज कर दबाव बनाया गया, फिर भी जनता ने भाजपा पर अपना विश्वास जताया। डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के पिछले लगभग चार वर्षों के कार्यकाल से पूरी तरह निराश हो चुकी है, जहां विकास कार्य ठप हैं, बेरोजगारी बढ़ी है और भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इस जनविरोधी सरकार को सत्ता से बाहर कर भाजपा को पूर्ण बहुमत सौंपेगी। अंत में उन्होंने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए पारदर्शिता और जनसेवा के साथ सोलन के विकास के लिए काम करने की शुभकामनाएं दीं।1
- पंचकूला में डीसीपी अदिति सिंह ने अपना कार्यभार संभाल लिया है।1
- हरियाणा सरकार की हालिया तबादला सूची के तहत नियुक्त 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह ने मंगलवार को पंचकूला की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण कर लिया है। सेक्टर-1 स्थित जिला सचिवालय में पुलिस उपायुक्त कार्यालय पहुंचने पर पुलिस अधिकारियों ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया और पुलिस की एक टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी। कार्यभार संभालने के बाद डीसीपी ने कार्यालय में तैनात एसीपी और विभिन्न शाखाओं के प्रभारियों से परिचय लिया और जिले की वर्तमान कानून व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। कार्यभार संभालते ही डीसीपी अदिति सिंह ने स्पष्ट किया कि जिले में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही अपराधों पर नियंत्रण, मजबूत कानून व्यवस्था और जनता के लिए सुरक्षित व शांतिपूर्ण माहौल तैयार करना उनके मुख्य लक्ष्यों में शामिल है। उन्होंने पुलिस और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने और पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी व जवाबदेह बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी शिकायत, समस्या या सुझाव के लिए बिना किसी संकोच के सीधे डीसीपी कार्यालय में उनसे संपर्क कर सकते हैं, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की निवासी आईपीएस अदिति सिंह इस नियुक्ति से पहले गुरुग्राम रेंज के स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर कार्यरत थीं। पंचकूला में कार्यभार संभालने के बाद उनसे जनकेंद्रित पुलिसिंग और कानून व्यवस्था को नई मजबूती देने की उम्मीद जताई जा रही है।4
- रामपुर बुशहर के 15/20 गानवी क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित हालातों का जायजा लेने पहुंचे भाजपा नेता और पूर्व हिमकोफेड चेयरमैन कौल सिंह नेगी ने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आपदा के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी गानवी खड्ड पर स्थायी पुल का निर्माण न होने पर उन्होंने सरकार को घेरा है। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनते हुए सरकार से युद्धस्तर पर पुल निर्माण करने और तत्काल वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की मांग की है। कौल सिंह नेगी ने बताया कि पिछले वर्ष आई भीषण आपदा में गानवी खड्ड का स्थायी पुल बह गया था। इसके बाद लोगों के आने-जाने के लिए एक अस्थायी पुलिया का निर्माण किया गया था, लेकिन इस वर्ष बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने से वह अस्थायी पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके कारण क्याओ, कुट, गानवी और जगोरी पंचायतों का संपर्क पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। कई स्थानों पर सड़कें भी टूट चुकी हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग के मंत्री ने एक वर्ष पहले जल्द पुल निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। इसका सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और रोजमर्रा के कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। भाजपा नेता ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित पंचायतों की इन गंभीर समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्थायी पुल का निर्माण युद्धस्तर पर शुरू नहीं किया गया और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं कराया गया, तो भाजपा स्थानीय जनता के साथ मिलकर आंदोलन शुरू कर देगी। इस दौरे के दौरान उनके साथ भाजपा मंडलाध्यक्ष सराहन महेंद्र जैन, भाजयुमो अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत क्याओ के प्रधान अशोक मेहता, गानवी के उपप्रधान पवन कुमार सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।1
- बिलासपुर जिले के घुमारवीं के तहत भगेर और पनोह के बीच सनौर में सार्वजनिक सड़क पर गंदा पानी बहाए जाने से लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। सड़क पर गंदा पानी जमा होने के कारण इलाके में बेहद अस्वच्छ परिस्थितियां पैदा हो गई हैं और चारों तरफ भयंकर दुर्गंध फैल रही है। इस समस्या की वजह से वहां से गुजरने वाले पैदल यात्रियों और वाहनों को आवाजाही में काफी दिक्कतें आ रही हैं, साथ ही रुके हुए पानी से मच्छरों के पनपने और बीमारियां फैलने का भी खतरा लगातार बढ़ रहा है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द इस स्थान का निरीक्षण करने की मांग की गई है। प्रशासन से अपील की गई है कि सड़क पर गंदा पानी फेंकने की इस गतिविधि को तुरंत रोका जाए और क्षेत्र में उचित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता बनी रहे।1
- हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के झंडूता में सुबह-सवेरे बाबा बालकनाथ मन्दिर के दर्शन करने से हर मनोकामना पूरी होगी।1
- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने युवा कांग्रेस के "छात्रों की गूंज" और एनएसयूआई (NSUI) के आंतरिक संगठनात्मक चुनाव कार्यक्रम में विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आस्था और धर्म पर बड़ी बात कही। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आस्था और धर्म किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वे रोज पूजा करते हैं, गाय की पूजा करते हैं, और कंजक पूजन करते हैं, ऐसे में हमसे बड़ा सनातनी कौन हो सकता है। उन्होंने भाजपा द्वारा सनातनी होने का प्रमाणपत्र देने की कोशिशों पर कड़ा ऐतराज जताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिला कांग्रेस अध्यक्षों को भरोसा दिलाया कि उन्हें संगठन और सरकार में शिकायत निवारण समितियों या अन्य उपयुक्त समितियों के जरिए उचित जिम्मेदारियां दी जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी को बोर्ड और निगमों में पद देना संभव नहीं है, लेकिन अवसर मिलने पर पार्टी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलेगी। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्व की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकाल में नौकरियां सरेआम बेची गईं और अपने कैडर के लोगों को नौकरी पर लगाने के लिए पेपर लीक करना एक मुख्य धंधा बन गया था। उन्होंने पुलिस भर्ती पेपर लीक को इसका सबसे बड़ा उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही कड़ा एक्शन लेते हुए अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को भंग किया, दोषियों को जेल भेजा और अब परीक्षाओं की सुरक्षा के लिए नए राज्य चयन आयोग का गठन किया है, जिससे भर्तियां पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो रही हैं। संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च चार 'परमवीर चक्र' हिमाचल के वीरों को मिले हैं, लेकिन पहले फौज में मिलने वाली 18 साल की स्थायी नौकरी को भाजपा ने महज 4 साल की 'अग्निवीर' नौकरी में बदल दिया और हिमाचल का कोटा भी घटा दिया। इसके विकल्प के रूप में राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में 1000 पदों पर पारदर्शी भर्ती पूरी की है और जल्द ही 850 और पदों पर भर्ती शुरू होने जा रही है। शिक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2021 के मूल्यांकन के अनुसार हिमाचल प्रदेश क्वालिटी एजुकेशन में खिसककर 21वें स्थान पर पहुंच गया था, क्योंकि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने बिना किसी योजना के ₹5,000 करोड़ की रेबड़ियां बांटीं और बिना पर्याप्त शिक्षकों के 650 से अधिक शिक्षण संस्थान खोल दिए। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कड़े सुधारों के चलते अब राज्य शिक्षा के स्तर में देश में 5वें स्थान पर पहुंच गया है। अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जीवन छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। वे कॉलेज में क्लास रिप्रेजेंटेटिव (CR), युवा कांग्रेस में जनरल सेक्रेटरी और फिर NSUI व प्रदेश कांग्रेस के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहे हैं, जिसके बाद चौथी बार विधायक बनने पर उन्हें मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ।4
- रामपुर उप मंडल के तहत सरपारा पंचायत की जनता ने बंद पड़ी बस सेवा को पुनः सुचारू रूप से शुरू करने के लिए आर एम से भेंट की है। सरपारा पंचायत के लोगों का मुख्य उद्देश्य बंद पड़ी इस बस सेवा को सुचारू रूप से शुरू करवाना है, जिसके लिए उन्होंने आर एम से मिलकर मुलाकात की।1