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रामपुर बुशहर के 15/20 गानवी क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित हालातों का जायजा लेने पहुंचे भाजपा नेता और पूर्व हिमकोफेड चेयरमैन कौल सिंह नेगी ने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आपदा के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी गानवी खड्ड पर स्थायी पुल का निर्माण न होने पर उन्होंने सरकार को घेरा है। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनते हुए सरकार से युद्धस्तर पर पुल निर्माण करने और तत्काल वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की मांग की है। कौल सिंह नेगी ने बताया कि पिछले वर्ष आई भीषण आपदा में गानवी खड्ड का स्थायी पुल बह गया था। इसके बाद लोगों के आने-जाने के लिए एक अस्थायी पुलिया का निर्माण किया गया था, लेकिन इस वर्ष बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने से वह अस्थायी पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके कारण क्याओ, कुट, गानवी और जगोरी पंचायतों का संपर्क पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। कई स्थानों पर सड़कें भी टूट चुकी हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग के मंत्री ने एक वर्ष पहले जल्द पुल निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। इसका सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और रोजमर्रा के कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। भाजपा नेता ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित पंचायतों की इन गंभीर समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्थायी पुल का निर्माण युद्धस्तर पर शुरू नहीं किया गया और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं कराया गया, तो भाजपा स्थानीय जनता के साथ मिलकर आंदोलन शुरू कर देगी। इस दौरे के दौरान उनके साथ भाजपा मंडलाध्यक्ष सराहन महेंद्र जैन, भाजयुमो अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत क्याओ के प्रधान अशोक मेहता, गानवी के उपप्रधान पवन कुमार सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।

4 hrs ago
user_Him News Update
Him News Update
रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
4 hrs ago

रामपुर बुशहर के 15/20 गानवी क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित हालातों का जायजा लेने पहुंचे भाजपा नेता और पूर्व हिमकोफेड चेयरमैन कौल सिंह नेगी ने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आपदा के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी गानवी खड्ड पर स्थायी पुल का निर्माण न होने पर उन्होंने सरकार को घेरा है। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनते हुए सरकार से युद्धस्तर पर पुल निर्माण करने और तत्काल वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की मांग की है। कौल सिंह नेगी ने बताया कि पिछले वर्ष आई भीषण आपदा में गानवी खड्ड का स्थायी पुल बह गया था। इसके बाद लोगों के आने-जाने के लिए एक अस्थायी पुलिया का निर्माण किया गया था, लेकिन इस वर्ष बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने से वह अस्थायी पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके कारण क्याओ, कुट, गानवी और जगोरी पंचायतों का संपर्क पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। कई स्थानों पर सड़कें भी टूट चुकी हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग के मंत्री ने एक वर्ष पहले जल्द पुल निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। इसका सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और रोजमर्रा के कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। भाजपा नेता ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित पंचायतों की इन गंभीर समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्थायी पुल का निर्माण युद्धस्तर पर शुरू नहीं किया गया और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं कराया गया, तो भाजपा स्थानीय जनता के साथ मिलकर आंदोलन शुरू कर देगी। इस दौरे के दौरान उनके साथ भाजपा मंडलाध्यक्ष सराहन महेंद्र जैन, भाजयुमो अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत क्याओ के प्रधान अशोक मेहता, गानवी के उपप्रधान पवन कुमार सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।

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  • कुल्लू के कनारा गुंथ क्षेत्र में श्री हरि भगवान बद्रीनाथ धाम को लेकर स्थानीय निवासियों से एक विशेष अपील की गई है। कनारा गुंथ क्षेत्र के प्रत्येक निवासी का यह दायित्व बताया गया है कि वे इस धाम को अपने व्हाट्सएप स्टेटस और फेसबुक पर स्थान दें, जिससे जन-जन इससे अवगत हो सके। संदेश में कहा गया है कि आज के आधुनिक युग में यह भी एक महत्वपूर्ण सेवा है, क्योंकि नर सेवा ही नारायण की सेवा है। अंत में 'जय बद्री विशाल' के उद्घोष के साथ सभी को इस सेवा से जुड़ने का आह्वान किया गया है।
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    कुल्लू के कनारा गुंथ क्षेत्र में श्री हरि भगवान बद्रीनाथ धाम को लेकर स्थानीय निवासियों से एक विशेष अपील की गई है। कनारा गुंथ क्षेत्र के प्रत्येक निवासी का यह दायित्व बताया गया है कि वे इस धाम को अपने व्हाट्सएप स्टेटस और फेसबुक पर स्थान दें, जिससे जन-जन इससे अवगत हो सके। संदेश में कहा गया है कि आज के आधुनिक युग में यह भी एक महत्वपूर्ण सेवा है, क्योंकि नर सेवा ही नारायण की सेवा है। अंत में 'जय बद्री विशाल' के उद्घोष के साथ सभी को इस सेवा से जुड़ने का आह्वान किया गया है।
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • बिलासपुर जिले के घुमारवीं के तहत भगेर और पनोह के बीच सनौर में सार्वजनिक सड़क पर गंदा पानी बहाए जाने से लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। सड़क पर गंदा पानी जमा होने के कारण इलाके में बेहद अस्वच्छ परिस्थितियां पैदा हो गई हैं और चारों तरफ भयंकर दुर्गंध फैल रही है। इस समस्या की वजह से वहां से गुजरने वाले पैदल यात्रियों और वाहनों को आवाजाही में काफी दिक्कतें आ रही हैं, साथ ही रुके हुए पानी से मच्छरों के पनपने और बीमारियां फैलने का भी खतरा लगातार बढ़ रहा है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द इस स्थान का निरीक्षण करने की मांग की गई है। प्रशासन से अपील की गई है कि सड़क पर गंदा पानी फेंकने की इस गतिविधि को तुरंत रोका जाए और क्षेत्र में उचित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता बनी रहे।
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    बिलासपुर जिले के घुमारवीं के तहत भगेर और पनोह के बीच सनौर में सार्वजनिक सड़क पर गंदा पानी बहाए जाने से लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। सड़क पर गंदा पानी जमा होने के कारण इलाके में बेहद अस्वच्छ परिस्थितियां पैदा हो गई हैं और चारों तरफ भयंकर दुर्गंध फैल रही है। इस समस्या की वजह से वहां से गुजरने वाले पैदल यात्रियों और वाहनों को आवाजाही में काफी दिक्कतें आ रही हैं, साथ ही रुके हुए पानी से मच्छरों के पनपने और बीमारियां फैलने का भी खतरा लगातार बढ़ रहा है।

इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द इस स्थान का निरीक्षण करने की मांग की गई है। प्रशासन से अपील की गई है कि सड़क पर गंदा पानी फेंकने की इस गतिविधि को तुरंत रोका जाए और क्षेत्र में उचित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता बनी रहे।
    user_Subhash Chand
    Subhash Chand
    घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    7 hrs ago
  • उत्तराखण्ड की संस्कृति, आस्था और विरासत को सशक्त करने की दिशा में राज्य सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत चलाई जा रही 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व विशेष ट्रेन यात्रा' के अंतर्गत सोमवार के दिन उत्तरकाशी से आए श्रद्धालुओं का जत्था सोमनाथ के लिए रवाना हुआ। यह विशेष यात्रा प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को और अधिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
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    उत्तराखण्ड की संस्कृति, आस्था और विरासत को सशक्त करने की दिशा में राज्य सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत चलाई जा रही 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व विशेष ट्रेन यात्रा' के अंतर्गत सोमवार के दिन उत्तरकाशी से आए श्रद्धालुओं का जत्था सोमनाथ के लिए रवाना हुआ। यह विशेष यात्रा प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को और अधिक मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
    user_Shanti Tamta
    Shanti Tamta
    Graphic designer राजगढ़ी, उत्तर काशी, उत्तराखंड•
    9 hrs ago
  • APMC चेयरमैन ललित ठाकुर ने चम्बा में अपने जनसेवा अभियान के तहत स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। इस अभियान के दौरान उन्होंने मौके पर ही लोगों की कई समस्याओं का समाधान करवाया। इसके साथ ही, ललित ठाकुर ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से भी जनता की विभिन्न समस्याओं का निस्तारण करवाकर लोगों को बड़ी राहत दिलाई है।
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    APMC चेयरमैन ललित ठाकुर ने चम्बा में अपने जनसेवा अभियान के तहत स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। इस अभियान के दौरान उन्होंने मौके पर ही लोगों की कई समस्याओं का समाधान करवाया। इसके साथ ही, ललित ठाकुर ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से भी जनता की विभिन्न समस्याओं का निस्तारण करवाकर लोगों को बड़ी राहत दिलाई है।
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Sarkaghat, Mandi•
    23 hrs ago
  • राजधानी शिमला के लोअर बाजार में नगर निगम प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद तहबाजारियों की रोजी-रोटी पर गंभीर संकट मंडरा गया है। सड़क चौड़ी करने की इस कार्रवाई के कारण पिछले करीब एक हफ्ते से काम बंद होने से गुस्साए वेंडर्स ने सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम के कर्मचारियों पर जबरन सामान उठाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस कार्रवाई से उनका जीना हराम हो गया है। तहबाजारियों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन द्वारा दिए गए वैकल्पिक ठिकाने 'आजीविका भवन' में शिफ्ट होने के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे एक पूरी तरह से असफल मार्केट करार देते हुए कहा कि वहां ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर है और लोग वहां आने से कतराते हैं। वेंडर्स ने तिब्बती मार्केट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सालों से बैठे लोगों का काम भी बंद होने की कगार पर है। उन्होंने मांग की है कि उन्हें ऐसी जगह दी जाए जहां उनका रोजगार सुरक्षित रहे। वे सब्जी मंडी में ₹500 करोड़ की लागत से बनने वाले मॉल या पुरानी तिब्बती मार्केट में स्पेस दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने उन्हें हटाने का नहीं, बल्कि उचित जगह चिह्नित करने का आदेश दिया था। उन्होंने संडे मार्केट में पंजाब और चंडीगढ़ जैसे बाहरी राज्यों से आकर डेरा डालने वालों पर कार्रवाई करने तथा स्थानीय जेन्युइन कार्ड धारकों को परेशान न करने की मांग उठाई है। अपनी आपबीती सुनाते हुए तहबाजारियों ने कहा कि हफ़्तों से काम बंद होने के कारण बुजुर्ग दुकानदारों के पास दवाइयों के पैसे नहीं हैं और घरों के चूल्हे जलना बंद हो गए हैं। इस संवेदनशील मामले में उन्हें मुख्यमंत्री, मंत्रियों और स्थानीय विधायकों से सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले हैं। वेंडर्स ने कड़ी चेतावनी दी है कि फिलहाल उनका यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और वे नगर निगम कमिश्नर से मुलाकात करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यदि प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली और जबरन उजाड़ने की कोशिश की, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे और अधिकारियों को बाजार में घुसने नहीं देंगे।
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    राजधानी शिमला के लोअर बाजार में नगर निगम प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद तहबाजारियों की रोजी-रोटी पर गंभीर संकट मंडरा गया है। सड़क चौड़ी करने की इस कार्रवाई के कारण पिछले करीब एक हफ्ते से काम बंद होने से गुस्साए वेंडर्स ने सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम के कर्मचारियों पर जबरन सामान उठाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस कार्रवाई से उनका जीना हराम हो गया है।

तहबाजारियों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन द्वारा दिए गए वैकल्पिक ठिकाने 'आजीविका भवन' में शिफ्ट होने के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे एक पूरी तरह से असफल मार्केट करार देते हुए कहा कि वहां ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर है और लोग वहां आने से कतराते हैं। वेंडर्स ने तिब्बती मार्केट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सालों से बैठे लोगों का काम भी बंद होने की कगार पर है। उन्होंने मांग की है कि उन्हें ऐसी जगह दी जाए जहां उनका रोजगार सुरक्षित रहे। वे सब्जी मंडी में ₹500 करोड़ की लागत से बनने वाले मॉल या पुरानी तिब्बती मार्केट में स्पेस दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने उन्हें हटाने का नहीं, बल्कि उचित जगह चिह्नित करने का आदेश दिया था। उन्होंने संडे मार्केट में पंजाब और चंडीगढ़ जैसे बाहरी राज्यों से आकर डेरा डालने वालों पर कार्रवाई करने तथा स्थानीय जेन्युइन कार्ड धारकों को परेशान न करने की मांग उठाई है।

अपनी आपबीती सुनाते हुए तहबाजारियों ने कहा कि हफ़्तों से काम बंद होने के कारण बुजुर्ग दुकानदारों के पास दवाइयों के पैसे नहीं हैं और घरों के चूल्हे जलना बंद हो गए हैं। इस संवेदनशील मामले में उन्हें मुख्यमंत्री, मंत्रियों और स्थानीय विधायकों से सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले हैं। वेंडर्स ने कड़ी चेतावनी दी है कि फिलहाल उनका यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और वे नगर निगम कमिश्नर से मुलाकात करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यदि प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली और जबरन उजाड़ने की कोशिश की, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे और अधिकारियों को बाजार में घुसने नहीं देंगे।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    12 hrs ago
  • देहरादून में प्लॉट उपलब्ध है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए दिए गए नंबर 8126111514 पर संपर्क किया जा सकता है।
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    देहरादून में प्लॉट उपलब्ध है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए दिए गए नंबर 8126111514 पर संपर्क किया जा सकता है।
    user_Sandeep Rawat
    Sandeep Rawat
    Actor राजगढ़ी, उत्तर काशी, उत्तराखंड•
    11 hrs ago
  • क्या महादेव सचमुच धरतीलोक से नाराज हो गए हैं और इसी वजह से बाबा बर्फानी अंतर्ध्यान हो गए हैं? बाबा अमरनाथ बर्फानी जी के इस तरह अंतर्ध्यान होने पर गहरी श्रद्धा और चिंता व्यक्त करते हुए 'जय बाबा अमरनाथ बर्फानी जी' का जयकारा लगाया गया है।
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    क्या महादेव सचमुच धरतीलोक से नाराज हो गए हैं और इसी वजह से बाबा बर्फानी अंतर्ध्यान हो गए हैं? बाबा अमरनाथ बर्फानी जी के इस तरह अंतर्ध्यान होने पर गहरी श्रद्धा और चिंता व्यक्त करते हुए 'जय बाबा अमरनाथ बर्फानी जी' का जयकारा लगाया गया है।
    user_Hem Singh Chauhan
    Hem Singh Chauhan
    Engineer Balh, Mandi•
    23 hrs ago
  • उत्तराखंड के सुदूर क्षेत्र उत्तरकाशी के मोरी में आज भी देश की आजादी और राज्य गठन के दशकों बाद भी ग्रामीण एक अदद पुल के अभाव में अपनी जान हथेली पर रखकर उफनती नदी पार करने को मजबूर हैं। यह भयावह दृश्य कोई एडवेंचर टूरिज्म या फिल्म की शूटिंग नहीं है, बल्कि पर्वतीय विकास के दावों की पोल खोलती खौफनाक हकीकत है। बुनियादी सुरक्षा और रास्ते के बिना ग्रामीण यहाँ हर रोज अपनी जिंदगी जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। यह स्थिति सीधे तौर पर व्यवस्था और लोकतंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लंबे समय से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन लगातार इसकी उपेक्षा हो रही है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि अगर इस प्रशासनिक लापरवाही के कारण यहाँ किसी मासूम बच्चे, बुजुर्ग या ग्रामीण की जान चली जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? क्या वाकई जनता की बुनियादी सुरक्षा और जिंदगी की कीमत केवल चुनावी वादों और प्रशासनिक फाइलों तक ही सीमित है? अगर हमारी व्यवस्था अपने नागरिकों को एक सुरक्षित रास्ता तक नहीं दे सकती, तो हमें खुद को एक संवेदनशील समाज कहने का कोई हक नहीं है। उत्तराखंड सरकार और प्रशासन से सीधे सवाल किया गया है कि क्या शासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद केवल मुआवजे की औपचारिकता ही पूरी की जाए? सुदूर सीमांत क्षेत्रों की इस भौगोलिक विभीषिका को देखते हुए यहाँ युद्ध स्तर पर स्थाई पुल या फिर ट्रॉली और हैंगिंग ब्रिज जैसी तात्कालिक सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं बनाई जा रही है? माननीय मुख्यमंत्री और संबंधित शासन-प्रशासन से करबद्ध प्रार्थना की गई है कि वे फाइलों के ढर्रे से बाहर निकलकर मोरी क्षेत्र की इस गंभीर समस्या का तुरंत संज्ञान लें और इसका स्थाई समाधान ढूंढें, इससे पहले कि यह उफनती नदी किसी के घर का चिराग बुझा दे। इस सुदूर पहाड़ की आवाज को शासन के कानों तक पहुँचाने की पुरजोर अपील की गई है।
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    उत्तराखंड के सुदूर क्षेत्र उत्तरकाशी के मोरी में आज भी देश की आजादी और राज्य गठन के दशकों बाद भी ग्रामीण एक अदद पुल के अभाव में अपनी जान हथेली पर रखकर उफनती नदी पार करने को मजबूर हैं। यह भयावह दृश्य कोई एडवेंचर टूरिज्म या फिल्म की शूटिंग नहीं है, बल्कि पर्वतीय विकास के दावों की पोल खोलती खौफनाक हकीकत है। बुनियादी सुरक्षा और रास्ते के बिना ग्रामीण यहाँ हर रोज अपनी जिंदगी जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं।

यह स्थिति सीधे तौर पर व्यवस्था और लोकतंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लंबे समय से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन लगातार इसकी उपेक्षा हो रही है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि अगर इस प्रशासनिक लापरवाही के कारण यहाँ किसी मासूम बच्चे, बुजुर्ग या ग्रामीण की जान चली जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? क्या वाकई जनता की बुनियादी सुरक्षा और जिंदगी की कीमत केवल चुनावी वादों और प्रशासनिक फाइलों तक ही सीमित है? अगर हमारी व्यवस्था अपने नागरिकों को एक सुरक्षित रास्ता तक नहीं दे सकती, तो हमें खुद को एक संवेदनशील समाज कहने का कोई हक नहीं है।

उत्तराखंड सरकार और प्रशासन से सीधे सवाल किया गया है कि क्या शासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद केवल मुआवजे की औपचारिकता ही पूरी की जाए? सुदूर सीमांत क्षेत्रों की इस भौगोलिक विभीषिका को देखते हुए यहाँ युद्ध स्तर पर स्थाई पुल या फिर ट्रॉली और हैंगिंग ब्रिज जैसी तात्कालिक सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं बनाई जा रही है? माननीय मुख्यमंत्री और संबंधित शासन-प्रशासन से करबद्ध प्रार्थना की गई है कि वे फाइलों के ढर्रे से बाहर निकलकर मोरी क्षेत्र की इस गंभीर समस्या का तुरंत संज्ञान लें और इसका स्थाई समाधान ढूंढें, इससे पहले कि यह उफनती नदी किसी के घर का चिराग बुझा दे। इस सुदूर पहाड़ की आवाज को शासन के कानों तक पहुँचाने की पुरजोर अपील की गई है।
    user_Sandeep Rawat
    Sandeep Rawat
    Actor राजगढ़ी, उत्तर काशी, उत्तराखंड•
    8 hrs ago
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