उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल : सेवा, संवेदना और विकास की राजनीति के सशक्त हस्ताक्षर | 3 अगस्त जन्मदिवस विशेष | पाँच बार के विधायक से उप मुख्यमंत्री तक का प्रेरक जनसेवा सफर मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल का सार्वजनिक जीवन जनसेवा, सुशासन और विकास के प्रति समर्पण का पर्याय माना जाता है। 3 अगस्त 1964 को रीवा में जन्मे श्री शुक्ल ने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और आज प्रदेश के सबसे अनुभवी एवं प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों में उनकी पहचान है। बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (सिविल) की शिक्षा प्राप्त करने वाले श्री शुक्ल वर्ष 1985-86 में इंजीनियरिंग कॉलेज रीवा के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। वर्ष 1998 में भारतीय जनता पार्टी से सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने के बाद उन्होंने लगातार जनविश्वास अर्जित किया और वर्ष 2003 से अब तक पाँच बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए। 13 दिसंबर 2023 को उन्होंने मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। विकास को दी नई दिशा ऊर्जा मंत्री रहते हुए श्री शुक्ल ने प्रदेश में अटल ज्योति अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके कार्यकाल में रीवा में स्थापित एशिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र ने मध्यप्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई। उनके प्रयासों से रीवा एयरपोर्ट का सपना साकार हुआ, जिससे विंध्य क्षेत्र की देश के प्रमुख शहरों से सीधी हवाई कनेक्टिविटी स्थापित हुई। सड़क, पुल, रिंग रोड, सिंचाई परियोजनाओं, पर्यटन और शहरी अधोसंरचना के विकास में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संस्कृति, पर्यावरण और विरासत संरक्षण के पक्षधर श्री शुक्ल ने विकास के साथ-साथ संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व दिया। मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी की स्थापना, तालाबों एवं जल संरचनाओं का पुनरुद्धार, नगर वनों का विकास, वृक्षारोपण अभियान, संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना तथा खेल अधोसंरचना के विस्तार जैसे कार्य उनकी दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। गौ-सेवा के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय पहल की। बसामन मामा गौ अभयारण्य आज प्रदेश में गौ संरक्षण का एक सफल मॉडल माना जाता है। स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक सोच वर्तमान कार्यकाल में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में श्री शुक्ल ने चिकित्सा सेवाओं को अधिक सुलभ, आधुनिक और पारदर्शी बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। चिकित्सा शिक्षा का विस्तार, मेडिकल कॉलेजों में सीट वृद्धि, जिला अस्पतालों का उन्नयन, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अनेक पहल की गई हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और आमजन तक गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुंचाने की दिशा में उनके प्रयास लगातार जारी हैं। सरल व्यक्तित्व, संवाद आधारित नेतृत्व राजनीतिक जीवन में श्री राजेंद्र शुक्ल की पहचान एक सहज, सरल और संवादप्रिय जननेता के रूप में रही है। वे प्रशासन और जनता के बीच समन्वय स्थापित करने तथा समस्याओं के व्यावहारिक समाधान पर विश्वास रखते हैं। कार्यकर्ताओं के बीच उनकी आत्मीयता और प्रशासनिक कार्यशैली में पारदर्शिता उन्हें अलग पहचान प्रदान करती है। उनका मानना है कि विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही वास्तविक सुशासन है। जनसेवा का निरंतर संकल्प विंध्य क्षेत्र को विकास की नई पहचान दिलाने, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने, शिक्षा, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण के क्षेत्र में किए गए कार्यों ने श्री राजेंद्र शुक्ल को प्रदेश की राजनीति में विशिष्ट स्थान दिलाया है। 3 अगस्त को उनके जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेशभर से उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की जा रही हैं। जनमानस की कामना है कि वे स्वस्थ, दीर्घायु एवं ऊर्जावान रहकर मध्यप्रदेश के विकास और जनसेवा के अपने संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाते रहें। — ताहिर अली
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल : सेवा, संवेदना और विकास की राजनीति के सशक्त हस्ताक्षर | 3 अगस्त जन्मदिवस विशेष | पाँच बार के विधायक से उप मुख्यमंत्री तक का प्रेरक जनसेवा सफर मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल का सार्वजनिक जीवन जनसेवा, सुशासन और विकास के प्रति समर्पण का पर्याय माना जाता है। 3 अगस्त 1964 को रीवा में जन्मे श्री शुक्ल ने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और आज प्रदेश के सबसे अनुभवी एवं प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों में उनकी पहचान है। बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (सिविल) की शिक्षा प्राप्त करने वाले श्री शुक्ल वर्ष 1985-86 में इंजीनियरिंग कॉलेज रीवा के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। वर्ष 1998 में भारतीय जनता पार्टी से सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने के बाद उन्होंने लगातार जनविश्वास अर्जित किया और वर्ष 2003 से अब तक पाँच बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए। 13 दिसंबर 2023 को उन्होंने मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। विकास को दी नई दिशा ऊर्जा मंत्री रहते हुए श्री शुक्ल ने प्रदेश में अटल ज्योति अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके कार्यकाल में रीवा में स्थापित एशिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र ने मध्यप्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई। उनके प्रयासों से रीवा एयरपोर्ट का सपना साकार हुआ, जिससे विंध्य क्षेत्र की देश के प्रमुख शहरों से सीधी हवाई कनेक्टिविटी स्थापित हुई। सड़क, पुल, रिंग रोड, सिंचाई परियोजनाओं, पर्यटन और शहरी अधोसंरचना के विकास में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संस्कृति, पर्यावरण और विरासत संरक्षण के पक्षधर श्री शुक्ल ने विकास के साथ-साथ संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को भी समान महत्व दिया। मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी की स्थापना, तालाबों एवं जल संरचनाओं का पुनरुद्धार, नगर वनों का विकास, वृक्षारोपण अभियान, संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना तथा खेल अधोसंरचना के विस्तार जैसे कार्य उनकी दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। गौ-सेवा के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय पहल की। बसामन मामा गौ अभयारण्य आज प्रदेश में गौ संरक्षण का एक सफल मॉडल माना जाता है। स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक सोच वर्तमान कार्यकाल में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में श्री शुक्ल ने चिकित्सा सेवाओं को अधिक सुलभ, आधुनिक और पारदर्शी बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। चिकित्सा शिक्षा का विस्तार, मेडिकल कॉलेजों में सीट वृद्धि, जिला अस्पतालों का उन्नयन, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अनेक पहल की गई हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और आमजन तक गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुंचाने की दिशा में उनके प्रयास लगातार जारी हैं। सरल व्यक्तित्व, संवाद आधारित नेतृत्व राजनीतिक जीवन में श्री राजेंद्र शुक्ल की पहचान एक सहज, सरल और संवादप्रिय जननेता के रूप में रही है। वे प्रशासन और जनता के बीच समन्वय स्थापित करने तथा समस्याओं के व्यावहारिक समाधान पर विश्वास रखते हैं। कार्यकर्ताओं के बीच उनकी आत्मीयता और प्रशासनिक कार्यशैली में पारदर्शिता उन्हें अलग पहचान प्रदान करती है। उनका मानना है कि विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही वास्तविक सुशासन है। जनसेवा का निरंतर संकल्प विंध्य क्षेत्र को विकास की नई पहचान दिलाने, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने, शिक्षा, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण के क्षेत्र में किए गए कार्यों ने श्री राजेंद्र शुक्ल को प्रदेश की राजनीति में विशिष्ट स्थान दिलाया है। 3 अगस्त को उनके जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेशभर से उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की जा रही हैं। जनमानस की कामना है कि वे स्वस्थ, दीर्घायु एवं ऊर्जावान रहकर मध्यप्रदेश के विकास और जनसेवा के अपने संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाते रहें। — ताहिर अली
- देवास में अगले 5 वर्षों में आधुनिक होगी खेती, खाद की कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई - श्री शिवराज सिंह चौहान ------------ देवास में दोगुनी होगी 'लखपति दीदियों' की संख्या, आजीविका मिशन और आसान ऋण से संवरेगा भविष्य ----------- देवास को शीघ्र टीबी मुक्त बनाने का संकल्प, 70 से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए चलेगा आयुष्मान विशेष अभियान केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में 'दिशा' की बैठक संपन्न, कृषि आधुनिकीकरण और विकास योजनाओं की समीक्षा देवास 01 अगस्त 2026/ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति 'दिशा' की समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष देवास में आयोजित की गई। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने देवास जिले के सर्वांगीण विकास, आधुनिक खेती, जल संरक्षण और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अगले पांच वर्षों में जिले में खेती के आधुनिकीकरण की दिशा में निर्णायक कार्य किया जाएगा। इसके तहत कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (आत्मा) और कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) का और अधिक विस्तार किया जाएगा। कृषि तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 100 और जिले भर से 500 से अधिक किसानों को चिन्हित कर विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही उन्नत मॉडल किसानों को अन्य समृद्ध कृषि क्षेत्रों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाएगा। किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें फूड प्रोसेसिंग और एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) की योजनाओं से जोड़ा जाएगा। बैठक के दौरान खाद वितरण की स्थिति संतोषजनक पाई गई और केंद्रीय मंत्री ने खाद की कालाबाजारी में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। देवास जिले में महिला सशक्तीकरण की दिशा में 'लखपति दीदी' योजना की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश भर की लखपति दीदियों में देवास जिले की महिलाओं का उल्लेखनीय योगदान है। उन्होंने जिले में लखपति दीदियों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया। स्व-सहायता समूहों के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से महिलाओं को आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराने के लिए बैंकिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और बागवानी के माध्यम से महिलाओं के क्षमता संवर्धन के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। जिले में जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर देते हुए देवास शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में जल संचयन तथा संरक्षण का व्यापक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। नर्मदा विकास प्राधिकरण और जल निगम की लंबित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए छीपानेर एवं मां रेवा लिफ्ट इरीगेशन योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। जल निगम के प्रबंध निदेशक को इन सभी परियोजनाओं की जांच कर लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के लिए कहा गया है। सड़क एवं बुनियादी ढांचे के विकास की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत देवास जिले में 39 मार्ग स्वीकृत हो चुके हैं और 32 अन्य मार्गों को जल्द स्वीकृति दिलाई जाएगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) को निर्देश दिए गए कि पाइपलाइन कार्य के साथ-साथ सड़कों का पुनर्निर्माण कार्य भी तुरंत पूरा किया जाए। रेलवे से संबंधित जलभराव की समस्या का स्थाई समाधान तलाशने और निर्माणाधीन ओवरब्रिज तथा अंडरपास के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के अंतर्गत मजरे-टोलों में सफलतापूर्वक किए गए विद्युतीकरण कार्यों के लिए जिला प्रशासन की सराहना की गई। स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण के क्षेत्र में देवास को शीघ्र अति शीघ्र टीबी (क्षय रोग) से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों एवं छूट गए पात्र नागरिकों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने के लिए जिले में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। युवाओं को प्राइवेट सेक्टर के सहयोग से कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर लोन सहायता के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित कराने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। इसके अतिरिक्त, पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को आसान ऋण दिलाकर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर बल दिया गया। बैठक में देवास विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार, खातेगांव विधायक श्री आशीष शर्मा, बागली विधायक श्री मुरली भंवरा, सोनकच्छ विधायक डॉ. राजेश सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया, महापौर श्रीमती गीता अग्रवाल, जिला अध्यक्ष श्री रायसिंह सेंधव सहितअन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद, डीएफओ श्री अमित सिंह, अपर कलेक्टर श्री शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्टर श्री संजीव जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।2
- शिक्षक का विदाई समारोह रखा गया जिसमें बहुत से शिक्षाको ने भाग लिया1
- नगर पालिका ने आवारा गोवंश के खिलाफ चलाया विशेष अभियान 55 पशु पकड़े, 21 गौशाला भेजे गए, नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने पशुपालकों से की सहयोग की अपील नगर में दिन-प्रतिदिन बढ़ती आवारा पशुओं की समस्या और यातायात में आ रही बाधाओं को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका ने नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा की जानकारी में एक विशेष मुहिम की शुरुआत की । इस अभियान के तहत नगर के मुख्य मार्गों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर खुले में विचरण कर रहे लगभग 55 आवारा पशुओं को पकड़ा गया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी विनोद कुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर को सुगम यातायात और दुर्घटना-मुक्त बनाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। इसके तहत लगभग 55 आवारा पशुओ को पकड़ा गया है, जिसमे से 34 पशुओ को पशु पालको के आने पर उन्हें सख्त हिदायत देते हुवे सौपे गए, शेष 21 आवारा पशुओ को दास्ताखेड़ी स्थित संत गोविंद जाने गौशाला में ट्रक के माध्यम से सुरक्षित पहुँचाए गए। नगर पालिका की इस त्वरित कार्रवाई से आम जनता और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है। सीएमओ श्री प्रजापति ने स्पष्ट किया है यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा नगरवासियों एवं पशु पालको से अपील करते हुए कहा हमारे नगर को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्य मार्गों पर विचरण करने वाले गोवंश के कारण न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि आए दिन हादसों का अंदेशा भी बना रहता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर पालिका टीम ने यह विशेष अभियान चलाया है। हम गोमाता के प्रति पूरी श्रद्धा रखते हैं। इसीलिए जिन पशुओं के कोई मालिक नहीं थे, उन्हें पूरी सुरक्षा और सम्मान के साथ दास्ताखेड़ी स्थित संत गोविंद जाने गौशाला भिजवाया गया है, ताकि वहां उन्हें उचित चारा और देखभाल मिल सके। मेरी सभी पशुपालक भाइयों से विनम्र अपील है कि अपने पालतु गोवंश को सड़कों पर लावारिस न छोड़ें। उन्हें अपने घरों या बाड़ों में बांधकर रखें। यदि कोई पशुपालक बार-बार अपने मवेशियों को सड़कों पर छोड़ता पाया गया, तो नगर पालिका प्रशासन उनके खिलाफ वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा। नगर को सुंदर, स्वच्छ और दुर्घटनामुक्त बनाने में आप सभी का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। इस अभियान मे दरोगा राजेश घेँघट, जमादार पप्पू खरे, अमरदीप सांगते, मनोज घेँघट, रितेश सांगते, दीपक सांगते, जीवन करोसिया आदि का सराहनीय योगदान रहा।3
- सीहोर: जनशिक्षक के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, 5 अगस्त से काउंसलिंग सीहोर। समय शिक्षा अभियान के तहत जिले में विकासखंड शिक्षा केंद्रों में रिक्त विकासखंड अकादमिक समन्वयक (BRC) और जनशिक्षक के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देशानुसार चयन प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी की जाएगी।1
- आज दिनाक 1/8/2026 की बीती रात को भैंसदेही और भैंसदेही के पास चिचोली के मंदिरों में चोरी की गई है बताया जा रहा है की लगभग 4या5 मंदिरों में चोरी को अंजाम दिया गया है1
- बुरहानपुर कलेक्टर हर्ष सिंह ने आज सभी स्कूलों और आंगनबाड़ीयों मे छुट्टी घोषित की1
- #ANT बुरहानपुर में भारी बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता, खेतों में भरा पानी, खकनार और धुलकोट में मूसलाधार बारिश का कहर, जनजीवन प्रभावित,लगातार बारिश से फसलें संकट में, प्रशासन ने जारी की सुरक्षा अपील(*दैनिक आल न्यूज़ टाइम्स भोपाल और खंडवा से प्रकाशन & ANT चैनल और अखबार की एजेंसी क़े लिए अभी संपर्क करे 9424550560*✍️) #ANT बुरहानपुर में भारी बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता, खेतों में भरा पानी, खकनार और धुलकोट में मूसलाधार बारिश का कहर, जनजीवन प्रभावित,लगातार बारिश से फसलें संकट में, प्रशासन ने जारी की सुरक्षा अपील(*दैनिक आल न्यूज़ टाइम्स भोपाल और खंडवा से प्रकाशन & ANT चैनल और अखबार की एजेंसी क़े लिए अभी संपर्क करे 9424550560*✍️)1
- कर्मचारियों के पास न तो सेफ्टी ग्लब्स थे और न ही सुरक्षा शूज, इसके बावजूद उनसे जान जोखिम में डालकर काम कराया जा रहा है। देवास में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही! बिना सेफ्टी किट मौत के खंभों पर चढ़े कर्मचारी, हादसे के बाद भी नहीं चेता विभाग देवास के मुखर्जी नगर में मेंटेनेंस के दौरान बिना ग्लब्स और शूज के ऊंचे बिजली पोल पर काम करते दिखे कर्मचारी, सवालों से बचता नजर आया सुपरवाइजर। देवास शहर के मुखर्जी नगर क्षेत्र में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। इलाके में बिजली मेंटेनेंस का कार्य किया जा रहा है, लेकिन विभाग के कर्मचारी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ऊंचे-ऊंचे बिजली पोल और डीपी पर चढ़कर काम करते दिखाई दिए। कर्मचारियों के पास न तो सेफ्टी ग्लब्स थे और न ही सुरक्षा शूज, इसके बावजूद उनसे जान जोखिम में डालकर काम कराया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि कुछ समय पहले इसी मुखर्जी नगर क्षेत्र में बिजली लाइन पर काम करने के दौरान एक कर्मचारी की मौत हो चुकी है। वहीं हाल ही में बालगढ़ क्षेत्र में भी मेंटेनेंस कार्य के दौरान बिजली विभाग के एक कर्मचारी की जान चली गई थी। लगातार हो रहे हादसों और लापरवाही के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कदम उठाते नजर नहीं आ रहे हैं। शनिवार दोपहर 2 बजे नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि राहुल पवार ने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना के मुखर्जी नगर की बिजली काट दी गई थी। जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि बिजली विभाग के कर्मचारी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ऊंचे खंभों पर चढ़कर काम कर रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों को समझाइश दी और पुराने हादसों की याद दिलाई, लेकिन काम बंद नहीं किया गया। मौके पर मौजूद कुछ कर्मचारियों ने बताया कि विभाग की ओर से उन्हें सुरक्षा के लिए न तो शूज उपलब्ध कराए गए हैं और न ही हैंड ग्लब्स जिसके कारण वे मजबूरी में बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करने को मजबूर हैं। पूरे मामले की जानकारी मिलने पर विभाग का सुपरवाइजर भी मौके पर पहुंचा, लेकिन जब मीडिया ने उनसे सवाल किए तो वह गोलमोल जवाब देकर वहां से निकल गया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर दो-दो कर्मचारियों की मौत के बाद भी बिजली विभाग क्यों नहीं जाग रहा है? क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या फिर कर्मचारियों की जान की कोई कीमत नहीं है?4
- शिक्षक का विदाई समारोह रखा गया पीपल रावा क्षेत्र में बहुत से शिक्षक हुआ शामिल1