दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना प्रदर्शन में अब यह बात खुलकर सामने आने लगी है कि इस आंदोलन को दो अलग-अलग हिस्सों में बांटकर देखा जाना चाहिए। एक तरफ सीजेपी फाउंडर दीपके और सोनम वांगचुक हैं, जिन पर पहले दिन से ही सरकार के इशारे पर काम करने का शक जताया जा रहा है और इसके तमाम सबूत भी हैं। यह बात कही जा रही है कि सीजेपी और सोनम वांगचुक को सिर्फ राहुल गांधी को काउंटर करने के लिए सरकार की तरफ से लाया गया है। दूसरी तरफ, इस आंदोलन में लेफ्ट की स्टूडेंट यूनियनें शामिल हैं, जो सरकार की हर गलत और आमजन विरोधी नीति के खिलाफ खुलकर प्रदर्शन करती आ रही हैं। इनका स्टैंड पूरी तरह क्लियर है कि सरकार चाहे किसी की भी हो, अगर नीति गलत है तो उसका विरोध किया जाएगा। ऐसे में अगर अब यह आंदोलन जनता के हाथ में आ गया है तो इसमें कोई ताज्जुब की बात नहीं है। फिलहाल दिल्ली के जंतर-मंतर पर लेफ्ट की स्टूडेंट यूनियनों का यह आंदोलन लगातार जारी है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना प्रदर्शन में अब यह बात खुलकर सामने आने लगी है कि इस आंदोलन को दो अलग-अलग हिस्सों में बांटकर देखा जाना चाहिए। एक तरफ सीजेपी फाउंडर दीपके और सोनम वांगचुक हैं, जिन पर पहले दिन से ही सरकार के इशारे पर काम करने का शक जताया जा रहा है और इसके तमाम सबूत भी हैं। यह बात कही जा रही है कि सीजेपी और सोनम वांगचुक को सिर्फ राहुल गांधी को काउंटर करने के लिए सरकार की तरफ से लाया गया है। दूसरी तरफ, इस आंदोलन में लेफ्ट की स्टूडेंट यूनियनें शामिल हैं, जो सरकार की हर गलत और आमजन विरोधी नीति के खिलाफ खुलकर प्रदर्शन करती आ रही हैं। इनका स्टैंड पूरी तरह क्लियर है कि सरकार चाहे किसी की भी हो, अगर नीति गलत है तो उसका विरोध किया जाएगा। ऐसे में अगर अब यह आंदोलन जनता के हाथ में आ गया है तो इसमें कोई ताज्जुब की बात नहीं है। फिलहाल दिल्ली के जंतर-मंतर पर लेफ्ट की स्टूडेंट यूनियनों का यह आंदोलन लगातार जारी है।
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना प्रदर्शन में अब यह बात खुलकर सामने आने लगी है कि इस आंदोलन को दो अलग-अलग हिस्सों में बांटकर देखा जाना चाहिए। एक तरफ सीजेपी फाउंडर दीपके और सोनम वांगचुक हैं, जिन पर पहले दिन से ही सरकार के इशारे पर काम करने का शक जताया जा रहा है और इसके तमाम सबूत भी हैं। यह बात कही जा रही है कि सीजेपी और सोनम वांगचुक को सिर्फ राहुल गांधी को काउंटर करने के लिए सरकार की तरफ से लाया गया है। दूसरी तरफ, इस आंदोलन में लेफ्ट की स्टूडेंट यूनियनें शामिल हैं, जो सरकार की हर गलत और आमजन विरोधी नीति के खिलाफ खुलकर प्रदर्शन करती आ रही हैं। इनका स्टैंड पूरी तरह क्लियर है कि सरकार चाहे किसी की भी हो, अगर नीति गलत है तो उसका विरोध किया जाएगा। ऐसे में अगर अब यह आंदोलन जनता के हाथ में आ गया है तो इसमें कोई ताज्जुब की बात नहीं है। फिलहाल दिल्ली के जंतर-मंतर पर लेफ्ट की स्टूडेंट यूनियनों का यह आंदोलन लगातार जारी है।1
- राजस्थान में नगरीय निकाय और पंचायती राज चुनावों की घोषणा हो चुकी है, जिसके साथ ही प्रदेश में चुनावी रणभेरी बज गई है। इन चुनावों के ऐलान के बाद राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों के लिए स्थिति 'करो या मरो' वाली बन गई है। खुद को साबित करने और अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए दोनों तरफ से पुरजोर तरीके से ताल ठोकी जाएगी। निकाय और पंचायत स्तर के इस मुकाबले में दोनों ही पक्षों के सामने अपनी ताकत दिखाने के लिए कर गुजरने की स्थिति रहेगी।1
- राजस्थान के कोटा स्थित संतोषी नगर चौराहे पर बुधवार शाम महिला कांग्रेस कोटा शहर ने जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम के नेतृत्व में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन करते हुए मशाल जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिए जाने और जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में किया गया। इस दौरान हाथों में मशालें लेकर बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों ने लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समर्थन में आवाज बुलंद की। इसके अलावा, पेपर लीक प्रकरणों से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों की स्मृति में मोमबत्तियां जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई और दो मिनट का मौन रखा गया। इस मशाल जुलूस में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव दानिश अबरार, पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल, शहर जिला कांग्रेस कमिटी अध्यक्ष राखी गौतम, पीसीसी महासचिव अनूप ठाकुर, क्रांति तिवारी और शिवराज गुंजल मुख्य रूप से मौजूद रहे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव दानिश अबरार ने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों की आवाज को दबाने की घटनाएं केंद्र सरकार की विफलताओं को उजागर करती हैं। उन्होंने राहुल गांधी सहित विपक्षी सांसदों को हिरासत में लेने और छात्रों पर लाठीचार्ज करवाने को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम ने कहा कि देश संविधान से चलता है, सत्ता के अहंकार से नहीं और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने हजारों युवाओं के सपनों को तोड़ा है और कांग्रेस पार्टी तानाशाही प्रवृत्तियों के खिलाफ जनआंदोलन जारी रखेगी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की मांग की।4
- कोटा के शिवपुरा क्षेत्र के नमकीन वाले काका जी अक्सर गलियों के अलावा मेलों में भी देखे जा सकते हैं। वे अपने अनोखे अंदाज़ और खास आवाज़ की वजह से लोगों के बीच पहचाने जाते हैं।1
- कोटा सिटी डिजिटल मीडिया न्यूज कोटा सिटी डिजिटल मीडिया न्यूज1
- राजस्थान के कोटा की भामाशाह मंडी में लहसुन की क्वॉलिटी के अनुसार बाजार की स्थिति और मंडी भाव की जानकारी दी जा रही है। मंडी बाजार के रोजाना भाव और ताज़ा अपडेट घर बैठे प्राप्त करने के लिए इसे रोजाना सब्सक्राइब करने की अपील की गई है, ताकि लोगों को मंडी से जुड़ी हर जानकारी आसानी से मिल सके।1