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राजस्थान में नगरीय निकाय और पंचायती राज चुनावों की घोषणा हो चुकी है, जिसके साथ ही प्रदेश में चुनावी रणभेरी बज गई है। इन चुनावों के ऐलान के बाद राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों के लिए स्थिति 'करो या मरो' वाली बन गई है। खुद को साबित करने और अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए दोनों तरफ से पुरजोर तरीके से ताल ठोकी जाएगी। निकाय और पंचायत स्तर के इस मुकाबले में दोनों ही पक्षों के सामने अपनी ताकत दिखाने के लिए कर गुजरने की स्थिति रहेगी।
Journalist Harish Yadav
राजस्थान में नगरीय निकाय और पंचायती राज चुनावों की घोषणा हो चुकी है, जिसके साथ ही प्रदेश में चुनावी रणभेरी बज गई है। इन चुनावों के ऐलान के बाद राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों के लिए स्थिति 'करो या मरो' वाली बन गई है। खुद को साबित करने और अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए दोनों तरफ से पुरजोर तरीके से ताल ठोकी जाएगी। निकाय और पंचायत स्तर के इस मुकाबले में दोनों ही पक्षों के सामने अपनी ताकत दिखाने के लिए कर गुजरने की स्थिति रहेगी।
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- राजस्थान के कोटा शहर में आवारा एवं बेसहारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम का विशेष अभियान लगातार जारी है। गुरुवार को निगम की दो टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए कुल 80 आवारा गायों को पकड़कर कायनहाउस (गौशाला) पहुंचाया। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि एक टीम ने विज्ञान नगर, तलवंडी, महावीर नगर तृतीय चौराहा, धरणीधर चौराहा तथा खड़े गणेश जी मंदिर मार्ग क्षेत्र से 41 गायों को पकड़ा। वहीं दूसरी टीम ने थेगड़ा, रायपुरा चौराहा, डीसीएम चौराहा तथा फोर-लेन बायपास (डाकघर के पास) क्षेत्र से 39 गौवंश को पकड़ा। गौशाला प्रभारी महावीर सिंह सिसोदिया के अनुसार, आमजन को राहत दिलाने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने पशुपालकों से भी मवेशियों को खुले में न छोड़ने की अपील की है। इसके साथ ही नगर निगम ने धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन महत्व के भीतरिया कुंड परिसर में बुधवार सुबह विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि सफाई एवं निर्माण अनुभाग की संयुक्त टीम ने चंबल नदी तट पर स्थित भीतरिया कुंड परिसर, भगवान शिव के प्राचीन मंदिर परिसर तथा ऐतिहासिक बावड़ी की गहन सफाई की। इस दौरान परिसर में फैले कचरे, झाड़-झंखाड़ और अवांछित सामग्री को हटाकर पूरे क्षेत्र को स्वच्छ व व्यवस्थित बनाया गया। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण देने के लिए ऐसे विशेष अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे।4
- भविष्य के प्रति सजग और वर्तमान हालात से दो-चार हो रही युवा पीढ़ी (जेन जी) दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। देश के कोने-कोने से बच्चे अपने अभिभावकों को साथ लेकर इस आंदोलन में शामिल होने के लिए कूच कर रहे हैं। इसी प्रदर्शन का हिस्सा बनने राजस्थान के बारां जिले से महज 15 वर्ष की एक जेन जी भी दिल्ली पहुंची है। ताज्जुब की बात यह है कि वह न सिर्फ अपने पिता के साथ वहां पहुंची, बल्कि उसने ऐन-केन-प्रकारेण अपने पिता को मनाकर अपने साथ जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट में लेकर आई है।1
- मानसून की बारिश ने बूंदी के छत्रपुरा क्षेत्र में जिला प्रशासन की सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। इलाके में नालों का गंदा पानी सीधे सड़क पर फैल गया है, जिससे चारों तरफ जलभराव और गंदगी का आलम बना हुआ है। इस स्थिति के कारण पैदल राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बारिश से पहले नालों की पर्याप्त सफाई नहीं की गई थी, जिसके चलते कई स्थानों पर पानी की निकासी बाधित हो गई और गंदा पानी सड़कों पर जमा हो गया। गंदे पानी और दुर्गंध से आसपास का पूरा वातावरण प्रभावित हो रहा है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि नालों की तत्काल सफाई कराई जाए, जल निकासी के समुचित इंतजाम किए जाएं और सड़क पर जमा गंदे पानी से जल्द से जल्द राहत दिलाई जाए।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना प्रदर्शन में अब यह बात खुलकर सामने आने लगी है कि इस आंदोलन को दो अलग-अलग हिस्सों में बांटकर देखा जाना चाहिए। एक तरफ सीजेपी फाउंडर दीपके और सोनम वांगचुक हैं, जिन पर पहले दिन से ही सरकार के इशारे पर काम करने का शक जताया जा रहा है और इसके तमाम सबूत भी हैं। यह बात कही जा रही है कि सीजेपी और सोनम वांगचुक को सिर्फ राहुल गांधी को काउंटर करने के लिए सरकार की तरफ से लाया गया है। दूसरी तरफ, इस आंदोलन में लेफ्ट की स्टूडेंट यूनियनें शामिल हैं, जो सरकार की हर गलत और आमजन विरोधी नीति के खिलाफ खुलकर प्रदर्शन करती आ रही हैं। इनका स्टैंड पूरी तरह क्लियर है कि सरकार चाहे किसी की भी हो, अगर नीति गलत है तो उसका विरोध किया जाएगा। ऐसे में अगर अब यह आंदोलन जनता के हाथ में आ गया है तो इसमें कोई ताज्जुब की बात नहीं है। फिलहाल दिल्ली के जंतर-मंतर पर लेफ्ट की स्टूडेंट यूनियनों का यह आंदोलन लगातार जारी है।1
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों में संविधान के प्रति जागरूकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'नो योर कॉन्स्टिट्यूशन' पहल का शुभारंभ अगस्त में कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र से होगा। इस संबंध में जिला कलक्टर पीयूष समारिया की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर तैयारियों की समीक्षा की गई। ओम बिरला के निजी सचिव राजेश डागा ने बताया कि कोटा-बूंदी से शुरू होने वाली इस पहल को भविष्य में देश के सभी लोकसभा क्षेत्रों तक विस्तार देने की योजना है। बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सभी सरकारी और निजी विद्यालयों का समयबद्ध पंजीयन, व्यापक प्रचार-प्रसार और विद्यार्थियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रतियोगिता तीन श्रेणियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें कक्षा 6 से 8 के लिए 'संविधान अंकुर', कक्षा 9 और 10 के लिए 'संविधान प्रहरी' तथा कक्षा 11 और 12 के लिए 'संविधान रक्षक' श्रेणी निर्धारित है। प्रत्येक विद्यालय में पंजीयन और समन्वय के लिए एक नोडल प्रभारी नियुक्त होगा। विद्यालयों की प्रार्थना सभा में प्रतिदिन संविधान से जुड़े पांच प्रश्न बताए जाएंगे, सप्ताह में एक दिन इन प्रश्नों पर आधारित परीक्षा होगी और प्रत्येक माह संविधान रैली निकाली जाएगी। योजना के अनुसार नवंबर में प्रथम चरण की परीक्षा और जनवरी में एमसीक्यू आधारित मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। कोटा-बूंदी क्षेत्र के लगभग 2,505 सरकारी और निजी विद्यालयों से प्रत्येक श्रेणी के तीन उत्कृष्ट विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें संसद भ्रमण पर भेजा जाएगा। बैठक के दौरान 'पंचायत दर्पण' अभियान की भी जानकारी दी गई, जिसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर शिविर लगाकर बच्चों के जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाने और त्रुटियों का निराकरण करने का कार्य किया जाएगा। जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने शिक्षा विभाग को कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन और सभी स्कूलों का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, डाइट और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।4
- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि किस प्रकार ड्राइवर की लापरवाही की वजह से एक ट्रक पुलिया को तोड़ते हुए उस पर लटक गया। हादसे के बाद पुलिया पर लटके इस ट्रक को सुपर क्रेन द्वारा उठाकर सही किया गया।1