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2-4 एकड़ वाले किसानों को दिहाड़ी मजदूर बना दिया मोदी सरकार ने खाद्य 2100 रुपए अब किसान ट्रेक्टर जुताई दे मंहगी खाद्य डाले 7000 बिजली बिल दे तो किसान के पास बचेगा क्या इसलिए मजदूरी करने को मजबूर अब भी चाहिए 2047 तक विकसित भारत।। जबकि 12 सालों में ही बना दिया गरीब भारत
Kamlesh Yadav
2-4 एकड़ वाले किसानों को दिहाड़ी मजदूर बना दिया मोदी सरकार ने खाद्य 2100 रुपए अब किसान ट्रेक्टर जुताई दे मंहगी खाद्य डाले 7000 बिजली बिल दे तो किसान के पास बचेगा क्या इसलिए मजदूरी करने को मजबूर अब भी चाहिए 2047 तक विकसित भारत।। जबकि 12 सालों में ही बना दिया गरीब भारत
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- गुढ़ा पंचायत में लाखों के भ्रष्टाचार के आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की उच्च स्तरीय जांच की मांग1
- जेके सीमेंट पन्ना : पशुधन विकास कार्यक्रम से 22,800 से अधिक किसान हुए लाभान्वित. जेके सीमेंट पन्ना द्वारा अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत 'जेके ट्रस्ट' के सहयोग से संचालित पशुधन विकास कार्यक्रम ने पन्ना जिले के ग्रामीण अंचल में पशुपालन और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी है। जिले के 3 ब्लॉकों में स्थापित 30 केंद्रों के माध्यम से 22,854 किसानों एवं पशुपालकों को सीधे तौर पर लाभान्वित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी CSR पहल का मुख्य उद्देश्य उन्नत नस्ल सुधार, त्वरित पशु स्वास्थ्य सेवाएं, संतुलित पोषण तथा पशुपालकों के क्षमता निर्माण के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण परिवारों की आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित करना है। • नस्ल सुधार एवं कृत्रिम गर्भाधान: नस्ल सुधार अभियान के तहत 29,338 कृत्रिम गर्भाधान (AI) संपन्न कराए गए, जिनमें 19,911 मामलों में गर्भाधान की पुष्टि (PDC) हुई। इस प्रयास से क्षेत्र में 8,150 उन्नत नस्ल के बछड़ों का जन्म हुआ। इसके अलावा 1,516 पशुओं का बधियाकरण भी किया गया। • स्वास्थ्य एवं निवारक चिकित्सा: पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए 1,68,690 परजीवी नियंत्रण (Deticking) तथा 64,140 पेट के कीड़ों का उपचार (Deworming) किया गया। इसके साथ ही 26,524 प्राथमिक चिकित्सा, 26,268 टीकाकरण और 12,268 बांझपन निवारण के सफल उपचार किए गए। इस अवधि में कुल 575 विशाल पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। • पोषण एवं आहार प्रबंधन: पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए 6,934 पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण चारा बीज व आहार वितरण के साथ 510 यूनिट/किग्रा मिनरल मिक्स्चर (खनिज मिश्रण) उपलब्ध कराया गया। • जागरूकता एवं क्षमता निर्माण: किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से 4,310 प्रसार कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि 240 अग्रणी पशुपालकों के लिए 4 अध्ययन यात्राएं (Exposure Visits) आयोजित की गईं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला संबल जेके सीमेंट और जेके ट्रस्ट की इस एकीकृत पहल से पन्ना जिले के गांवों में न केवल पशु स्वास्थ्य में सुधार आया है, बल्कि दुग्ध उत्पादन बढ़ने से किसानों की दैनिक व मासिक आय में भी बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जेके सीमेंट के इस सामाजिक उत्तरदायित्व प्रयास की सराहना की जा रही है।1
- 23 हजार पटवारियों की हड़ताल के बीच सरकार बैकफुट पर, बिना प्रारंभिक जांच अब दर्ज नहीं होगी एफआईआर! #MPNews #PatwariStrike1
- गुनौर में प्रशासनिक तंत्र की बड़ी लापरवाही तहसीलदार का गलत आराजी नंबर लिखना पड़ा भारी *गुनौर में प्रशासनिक तंत्र की बड़ी लापरवाही: तहसीलदार का गलत आराजी नंबर लिखना पड़ा भारी, बिना अतिक्रमण हटाए बैरंग लौटी बुलडोजर टीम* गुनौर :- गुनौर तहसील प्रशासन की एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिससे पूरी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। शासकीय आदेश में एक मामूली-सी दिखने वाली लेकिन बड़ी तकनीकी भूल के कारण प्रशासन को न सिर्फ बैकफुट पर आना पड़ा, बल्कि पूरे दलबल और बुलडोजर के साथ पहुंची टीम को बिना कोई कार्रवाई किए खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। *क्या है पूरा मामला?* प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदक सुषमा पटेल का भी अतिक्रमण है एवं धपूरा खान का अतिक्रमण है जबकि तहसीलदार की टीम धपुरा खान पर एक तरफा कार्रवाई करने के लिए पहुंची थी गुनौर तहसील कार्यालय द्वारा सुंगरहा की पत्र न. 488 राजस्व प्रकरण क्रमांक 0011अ -68/26-27 आदेश दिनांक -03/8/26 है आराजी क्रमांक 724 /2 सुषमा पटेल के नाम पर है (रकबा/स्थल) से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए आधिकारिक आदेश जारी किए गए थे। आदेश मिलते ही राजस्व विभाग और पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम बुलडोजर और पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंची। लेकिन जब टीम ने संबंधित स्थल पर पहुंचकर कागजातों का मिलान किया, तो एक बड़ी तकनीकी खामी उजागर हुई। असल में जिस स्थान का अतिक्रमण हटाया जाना था और जहां पूरी टीम कार्रवाई के लिए खड़ी थी, वह आराजी क्रमांक 720 पर धपुरा खान चोपड़ी बना कर रहा रहा है वही सुषमा पटेल का एक कमरा,बोर एवं बिजली ट्रांसफार्मर कर अतिक्रमण किया हुआ है,पूर्व मै पटवारी द्वारा प्रतिवेदन मै 720 नंबर पर दोना का अतिक्रमण बताया गया है जबकि कार्यालय से जारी लिखित आदेश में आराजी क्रमांक 724 दर्ज था। *बिना कार्रवाई लौटी टीम, उठ रहे सवाल* आदेश में दर्ज आराजी नंबर और मौके की वास्तविक जमीन के नंबर में भिन्नता होने के कारण मौके पर मौजूद टीम कानूनन कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। गलत दस्तावेज के आधार पर कार्रवाई करने से कानूनी पेंच फंसने की आशंका को देखते हुए तहसीलदार की टीम को बिना अतिक्रमण हटाए ही बैरंग वापस लौटना पड़ा। तहसीलदार संतोष अरिहा की कार्यप्रणाली पर गहराया संशय इतने महत्वपूर्ण बेदखली आदेश में गलत आराजी नंबर दर्ज हो जाना तहसील कार्यालय की घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है। स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध जनों द्वारा अब तहसीलदार की कार्यशैली पर सीधे सवाल उठाए जा रहे हैं: क्या जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा फाइल पर हस्ताक्षर करने से पहले दस्तावेजों का सत्यापन नहीं किया गया? प्रशासनिक अमले की इस चूक से सरकार के राजस्व, समय और संसाधनों का जो नुकसान हुआ, उसका जिम्मेदार कौन है? फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और देखना यह होगा कि इस बड़ी प्रशासनिक चूक पर वरिष्ठ अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं।3
- बांदा जिले में हरियाली अभियान तेज | पौधशालाओं से हो रहा पौधों का वितरण | Banda Breaking News Today | Bundelkhand Green Update बांदा जिले में पौधरोपण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से पौधशालाओं के माध्यम से विभिन्न प्रकार के पौधों का वितरण किया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह पहल हरित वातावरण और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।1
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- सिमरिया। सरपंच सचिव ने भ्रष्टाचार की लिखी इवारत कर दिया लाखों का भ्रष्टाचार गुढ़ा के ग्रामीणों ने कलेक्टर पन्ना से की अपील पंचायत में किए गए कार्यों की हो उच्च स्तर से जांच पवई जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गुढ़ा के ग्रामीणों ने प्रशासन से पंचायत में हुए कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ग्रामीणों का कहना है कि हमारी पंचायत में बोल्डर चेक डैम नाम से केवल पत्थरों का ढेर लगाकर राशि निकाल ली गई है साथ ही दो तालाबों के जीर्णोद्धार नाम से राशि को निकाल लिया गया है साथ ही माध्यमिक शाला पगरा कि बाउंड्री मैं तो जमकर भ्रष्टाचार किया गया शासकीय माध्यमिक शाला पगरा के एच एम ने मिडिया से बताया की स्कूल की बाउंड्री के कार्य में सरपंच सचिव द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया गया शिक्षक का कहना है कि ना तो बाउंड्री के पिलर खोदे गए नाही खजुराहे की वालू का उपयोग किया गया लोकल बालू लगाकर घटिया निर्माण कर दिया गया । प्रदेश सरकार लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए लाखों रुपए खर्च करती है लेकिन लेकिन भ्रष्टाचारी प्रशासन की राशि को घटिया निर्माण करा कर डकार जाते हैं गुढ़ा ग्राम के ग्रामीणों ने कलेक्टर पन्ना से उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है जब इस मामले में पवई जनपद सीईओ से बात की गई तो उनका कहना है इस मामले को आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है और इसकी जांच कर कर कार्रवाई की जाएगी वाइट 1 ग्रामीण वाइट 2 माध्यमिक शाला पगरा गुढ़ा शिक्षक4