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जालौन के थाना सिरसा कलार क्षेत्र में पुलिस सिपाहियों पर हमला करने और उनके साथ मारपीट करने के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, ये आरोपी एनसीआर के एक मामले में दबिश देने पहुंचे कोबरा सिपाहियों को एक कमरे में बंद कर उनके साथ मारपीट की थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को उनके घर से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद, तीनों आरोपी थाना सिरसा कलार की हवालात से बाहर निकलते हुए लंगड़ाते हुए दिखाई दिए, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में तीन युवक आरोपियों और दो महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया है। वहीं, मुख्य आरोपियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पत्रकार विकाश सिंह
जालौन के थाना सिरसा कलार क्षेत्र में पुलिस सिपाहियों पर हमला करने और उनके साथ मारपीट करने के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, ये आरोपी एनसीआर के एक मामले में दबिश देने पहुंचे कोबरा सिपाहियों को एक कमरे में बंद कर उनके साथ मारपीट की थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को उनके घर से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद, तीनों आरोपी थाना सिरसा कलार की हवालात से बाहर निकलते हुए लंगड़ाते हुए दिखाई दिए, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में तीन युवक आरोपियों और दो महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया है। वहीं, मुख्य आरोपियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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- उत्तर प्रदेश सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएँ प्रदेश के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना, ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। कानपुर देहात के ग्राम कुसमी, पोस्ट कोरसा, तहसील अकबरपुर निवासी धर्मेंद्र सिंह, पुत्र मिश्रीलाल, इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। प्रजापति समाज से संबंध रखने वाले धर्मेंद्र सिंह पीढ़ियों से माटीकला के पारंपरिक कार्य से जुड़े हुए थे, लेकिन सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के कारण वे आधुनिक उपकरण नहीं खरीद पा रहे थे। परिणामस्वरूप उनका उत्पादन सीमित था और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें माटीकला कार्य के साथ-साथ मजदूरी भी करनी पड़ती थी, जिससे उनकी मासिक आय लगभग 18 से 20 हजार रुपये के बीच थी। वर्ष 2025-26 में, उन्हें जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, कानपुर देहात के माध्यम से मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना की जानकारी प्राप्त हुई। आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद, ग्रामीण बैंक, शाखा लालपुर, अकबरपुर द्वारा उन्हें 3 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया। इस वित्तीय सहायता से श्री धर्मेंद्र सिंह ने अपनी इकाई का आधुनिकीकरण किया। उन्होंने जिगर मशीन, विभिन्न डाई तथा सोलर पैनल स्थापित किए, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। पहले जहाँ अधिकांश कार्य पारंपरिक तरीके से होता था, वहीं अब आधुनिक तकनीक के प्रयोग से कम समय में अधिक एवं बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार होने लगे हैं। इससे उनकी मेहनत कम हुई और उत्पादन लागत में भी कमी आई। आज श्री धर्मेंद्र सिंह की मासिक आय बढ़कर 30 से 32 हजार रुपये तक पहुँच गई है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी माटीकला इकाई में तीन अन्य ग्रामीण युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है, जिससे उनकी इकाई आज ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार और रोजगार सृजन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है। धर्मेंद्र सिंह बताते हैं कि यदि उन्हें समय पर शासन की योजना का लाभ और वित्तीय सहयोग न मिला होता, तो उनके लिए अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाना कठिन था। आज वे न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अपने परिवार को बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं। श्री धर्मेंद्र सिंह की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाएँ वास्तव में पात्र लाभार्थियों के जीवन में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं। सरकार की योजनाओं के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग तथा रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे न केवल लोगों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि प्रदेश में आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती मिल रही है। उनकी यह प्रेरक यात्रा एक सशक्त संदेश देती है कि यदि इच्छाशक्ति के साथ शासन की योजनाओं का लाभ लिया जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है।1
- भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बयान में कहा कि वर्ष 2014 से लेकर अब तक देश ने बहुत बड़ी सफलताएं हासिल की हैं।1
- कानपुर देहात के डेरापुर-मंगलपुर मार्ग पर एक अर्टिगा कार और डीसीएम वाहन के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण भिड़ंत के कारण डीसीएम खाई में पलट गया और अर्टिगा कार भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की गंभीरता के बावजूद, कार के एयरबैग समय पर खुल गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और जानमाल का अधिक नुकसान होने से बचा। इस दुर्घटना में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों ने तत्परता से सुरक्षित बाहर निकाला।2
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के जैतीपुर गाँव में एक किसान ने घरेलू कलह से परेशान होकर रविवार को जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) झींझक ले जाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, जैतीपुर निवासी किसान राकेश राठौर ने रविवार सुबह लगभग 11 बजे घरेलू विवाद के कारण जहरीला पदार्थ खा लिया था। कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उनके छोटे भाई राजकुमार उन्हें तत्काल सीएचसी झींझक ले गए। वहाँ ड्यूटी पर तैनात डॉ. जे.पी. सिंह ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन राकेश राठौर को बचाया नहीं जा सका। मृतक के भाई राजकुमार ने बताया कि राकेश के पुत्र शिववीर बाहर नौकरी करते हैं, जबकि उनकी पत्नी मोना देवी घर पर रहती हैं, और घरेलू कलह ही इस कदम का कारण बनी। झींझक चौकी प्रभारी अवनीश कुमार वर्मा ने रविवार दोपहर 3 बजे बताया कि पुलिस टीम सीएचसी झींझक पहुँचकर शव को कब्जे में ले चुकी है और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा, और रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र के आलमपुर गांव में देसी शराब के ठेके को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। यह जानकारी पत्रकार इकबाल अहमद की एक खास रिपोर्ट से सामने आई है। इस दौरान, एक उम्मीद की राष्ट्रीय अध्यक्ष दीक्षा यादव भी मौके पर पहुंचीं और उन्होंने ग्रामीणों को समझाने के साथ उनकी शिकायतें भी सुनीं, जिसका समाधान निकालने का प्रयास किया। दूसरी तरफ, ग्रामीणों द्वारा किसी भी तरह का उपद्रव न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए थाना प्रभारी सिकंदरा जनार्दन प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। आबकारी विभाग के अमर सिंह ने भी ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। ग्राम वासियों का आरोप है कि शराब निर्धारित समय के विपरीत बेची जाती है और आए दिन ठेके पर उपद्रव होता है। उनका यह भी कहना है कि ठेके पर बैठने वाले व्यक्ति द्वारा शराबियों से कभी-कभी गैस सिलेंडर रख लिए जाते हैं, और शराबी नग्न अवस्था में खड़े होकर पेशाब आदि करते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर शराब का ठेका यहां से नहीं हटाया गया, तो वे कल तहसील दिवस पर सभी ग्रामवासी मिलकर सिकंदरा तहसील में धरना प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल, ठेका आज भी खुला हुआ है और पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम बागी से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ रविवार सुबह कुछ दबंगों ने एक घर में घुसकर युवक, उसकी बहन और वृद्ध दादी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित मनीष पुत्र अरविंद के अनुसार, रविवार सुबह करीब 8 बजे वह अपने घर में था, तभी गांव के ही शिवा, रामू (पुत्रगण रामसेवक) और शिवकुमार (पुत्र रामदयाल) उसके घर पहुँचे और गाली-गलौज करने लगे। मनीष के विरोध करने पर, आरोप है कि इन लोगों ने लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब मनीष की बहन मनीषा और उनकी वृद्ध दादी उसे बचाने आईं, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी मारपीट की। शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुँचे, जिसके बाद आरोपी कथित रूप से जान से मारने की धमकी देते हुए वहाँ से भाग गए। घटना के बाद, पीड़ित ने कदौरा थाने में नामजद तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिस पर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं: आखिर दबंगों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए कि वे घर में घुसकर हमला करने की हिम्मत कर रहे हैं? क्या महिलाओं और बुजुर्गों पर हाथ उठाना अब आम होता जा रहा है? साथ ही, यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या आरोपियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई होगी और क्या पुलिस वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराएगी? घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह जानकारी पीड़ित पक्ष के प्रार्थना पत्र, वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। पुलिस की विस्तृत जाँच और दूसरे पक्ष का बयान सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- जालौन के थाना सिरसा कलार क्षेत्र में पुलिस सिपाहियों पर हमला करने और उनके साथ मारपीट करने के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, ये आरोपी एनसीआर के एक मामले में दबिश देने पहुंचे कोबरा सिपाहियों को एक कमरे में बंद कर उनके साथ मारपीट की थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को उनके घर से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद, तीनों आरोपी थाना सिरसा कलार की हवालात से बाहर निकलते हुए लंगड़ाते हुए दिखाई दिए, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में तीन युवक आरोपियों और दो महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया है। वहीं, मुख्य आरोपियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।1