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श्री चंडी माता मंदिर पिपरिया में थाना खैरीघाट द्वारा महिलाओं एवं बच्चियों को पम्पलेट वितरण किया गया उत्तर प्रदेश अंतर्गत ग्राम पिपरिया थाना खैरीघाट जनपद बहराइच
आशीष मिश्र बहराइच
श्री चंडी माता मंदिर पिपरिया में थाना खैरीघाट द्वारा महिलाओं एवं बच्चियों को पम्पलेट वितरण किया गया उत्तर प्रदेश अंतर्गत ग्राम पिपरिया थाना खैरीघाट जनपद बहराइच
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- उत्तर प्रदेश अंतर्गत ग्राम पिपरिया थाना खैरीघाट जनपद बहराइच1
- बहराइच बिग ब्रेकिंग न्यूज बहराइच DPRO पर लगा 25 हजार का जुर्माना RTI कार्यकर्ता रौशन लाल नाभिक ने मांगी सूचना RTI के तहत कर्मचारियों की वैध नियुक्ति की मांगी थी सूचना ग्राम विकास अधिकारीयो के स्थायी करण को लेकर मांगी थी सूचना ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के स्थायी करण को लेकर भी मांगी थी सूचना 2024 में मांगी गई सूचना का अभी तक नहीं दिया गया जवाब राज्य सूचना आयोग ने मामले का लिया संज्ञान DPRO पर लगाया 25 हजार का जुर्माना *बाइट: रौशन लाल नाभिक, RTI कार्यकर्ता बहराइच*1
- बहराइच। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित दौरें को लेकर मिहींपुरवा के सेमरहाना पहुंचे आईजी अमित पाठक हेलीपैड का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी समेत पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह मौजूद रहे।1
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- Post by Pintumintujewellers .bahraich4
- संयुक्त अरब अमीरात के Ras Al Khaimah में 23 मार्च 2026 को भारी बारिश के कारण गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ, जबकि कई रिहायशी इलाकों में जलभराव के चलते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन द्वारा तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। स्थानीय टीमें और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। लगातार हो रही बारिश के कारण हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। कई स्कूलों और दफ्तरों को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। बिजली और पानी की सप्लाई भी कुछ इलाकों में बाधित हुई है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्था की है, जहां प्रभावित लोगों को भोजन और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।1
- बहराइच के नानपारा थाना क्षेत्र अंतर्गत बैसवारा के रहने वाले विशंभर उर्फ राधे श्याम पुत्र समय दीन,18 मार्च 2026 को लापता हो गए थे जिनकी तलाश परिजनों ने सभी रिश्तेदारियों में की परिजनों का कहना है कि विशंभर उर्फ राधे श्याम पुत्र समय दीन का जब कहीं पता नहीं चला तभी परिजनों ने स्थानीय थाना नानपारा को सूचना दी परिजनों का कहना है कि प्रार्थना देने के बाद स्थानीय थाना की पुलिस ने आश्वासन दिया की खोज की जाएगी प्रार्थना पत्र देने के बाद दूसरे ही दिन थाना मटेरा क्षेत्र में पहलादी समय माता मंदिर के पास आम के बाग में संदिग्ध अवस्था में विशंभर उर्फ राधेश्याम पुत्र समय दिन की डेड बॉडी मिली सूचना मिलने मौके पर थाना मटेरा की पुलिस की पहुंची वहीं फॉरेंसिक टीम भी पहुंची जांच पड़ताल करने के बाद डेड बॉडी का पंचायत नामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है3
- ईरान पर बयानों की जंग ट्रंप बनाम अराघची: सच्चाई क्या है.? अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है, और इस बार वजह है दोनों देशों के बीच सामने आए विरोधाभासी बयान। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हालात को देखते हुए सैन्य हमलों को पाँच दिनों के लिए रोका गया है, ताकि बातचीत को मौका दिया जा सके। लेकिन, इसी बीच ईरान की तरफ से बिल्कुल उलट तस्वीर सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी तरह की कोई बातचीत नहीं हो रही है। उनके मुताबिक, अमेरिका के ये दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इन्हें सिर्फ ऊर्जा की कीमतों को प्रभावित करने के लिए दिया जा रहा है। अब आपको बताते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है और अमेरिका-ईरान के रिश्तों में यह तनाव क्यों बना रहता है। दरअसल, दोनों देशों के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति रही है। परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका लगातार ईरान पर दबाव बनाता रहा है, जबकि ईरान अपने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता और सैन्य गतिविधियों ने भी हालात को और संवेदनशील बना दिया है। हाल के दिनों में क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे टकराव की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे माहौल में जब अमेरिका की तरफ से बातचीत और हमले रोकने की बात कही जाती है, और ईरान उसे सिरे से नकार देता है, तो यह कूटनीतिक उलझन और भी गहरी हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विरोधाभासी बयान न सिर्फ दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका असर पड़ता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या वाकई पर्दे के पीछे कोई बातचीत चल रही है, या फिर यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाज़ी है? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में साफ हो सकते हैं।1