अमेरिका-ईरान में बड़ा खेल शुरू! सामने कुछ और, अंदर ही अंदर क्या चल रहा है? 😳🔥 ईरान पर बयानों की जंग ट्रंप बनाम अराघची: सच्चाई क्या है.? अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है, और इस बार वजह है दोनों देशों के बीच सामने आए विरोधाभासी बयान। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हालात को देखते हुए सैन्य हमलों को पाँच दिनों के लिए रोका गया है, ताकि बातचीत को मौका दिया जा सके। लेकिन, इसी बीच ईरान की तरफ से बिल्कुल उलट तस्वीर सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी तरह की कोई बातचीत नहीं हो रही है। उनके मुताबिक, अमेरिका के ये दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इन्हें सिर्फ ऊर्जा की कीमतों को प्रभावित करने के लिए दिया जा रहा है। अब आपको बताते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है और अमेरिका-ईरान के रिश्तों में यह तनाव क्यों बना रहता है। दरअसल, दोनों देशों के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति रही है। परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका लगातार ईरान पर दबाव बनाता रहा है, जबकि ईरान अपने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता और सैन्य गतिविधियों ने भी हालात को और संवेदनशील बना दिया है। हाल के दिनों में क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे टकराव की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे माहौल में जब अमेरिका की तरफ से बातचीत और हमले रोकने की बात कही जाती है, और ईरान उसे सिरे से नकार देता है, तो यह कूटनीतिक उलझन और भी गहरी हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विरोधाभासी बयान न सिर्फ दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका असर पड़ता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या वाकई पर्दे के पीछे कोई बातचीत चल रही है, या फिर यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाज़ी है? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में साफ हो सकते हैं।
अमेरिका-ईरान में बड़ा खेल शुरू! सामने कुछ और, अंदर ही अंदर क्या चल रहा है? 😳🔥 ईरान पर बयानों की जंग ट्रंप बनाम अराघची: सच्चाई क्या है.? अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है, और इस बार वजह है दोनों देशों के बीच सामने आए विरोधाभासी बयान। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हालात को देखते हुए सैन्य हमलों को पाँच दिनों के लिए रोका गया है, ताकि बातचीत को मौका दिया जा सके। लेकिन, इसी बीच ईरान की तरफ से बिल्कुल उलट तस्वीर सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी तरह की कोई बातचीत नहीं हो रही है। उनके मुताबिक, अमेरिका के ये दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इन्हें सिर्फ ऊर्जा की कीमतों को प्रभावित करने के लिए दिया जा रहा है। अब आपको बताते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है और अमेरिका-ईरान के रिश्तों में यह तनाव क्यों बना रहता है। दरअसल, दोनों देशों के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति रही है। परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका लगातार ईरान पर दबाव बनाता रहा है, जबकि ईरान अपने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता और सैन्य गतिविधियों ने भी हालात को और संवेदनशील बना दिया है। हाल के दिनों में क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे टकराव की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे माहौल में जब अमेरिका की तरफ से बातचीत और हमले रोकने की बात कही जाती है, और ईरान उसे सिरे से नकार देता है, तो यह कूटनीतिक उलझन और भी गहरी हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विरोधाभासी बयान न सिर्फ दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका असर पड़ता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या वाकई पर्दे के पीछे कोई बातचीत चल रही है, या फिर यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाज़ी है? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में साफ हो सकते हैं।
- संयुक्त अरब अमीरात के Ras Al Khaimah में 23 मार्च 2026 को भारी बारिश के कारण गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ, जबकि कई रिहायशी इलाकों में जलभराव के चलते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन द्वारा तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। स्थानीय टीमें और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। लगातार हो रही बारिश के कारण हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। कई स्कूलों और दफ्तरों को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। बिजली और पानी की सप्लाई भी कुछ इलाकों में बाधित हुई है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्था की है, जहां प्रभावित लोगों को भोजन और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।1
- बहराइच: खैरीघाट थाने की पुलिस ने मारपीट के मामले में आठ लोगों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। थानाध्यक्ष आनंद सिंह ने बताया कि भिखारी पुरवा गांव निवासी प्रमोद कुमार गौतम पुत्र खुशीराम गौतम, चकैया गांव निवासी ननकऊ प्रसाद पुत्र मोलहे प्रसाद, पप्पू पुत्र लायक राम, प्रमोद पुत्र रामचरन तथा लौकिहा गांव निवासी पवन कुमार पुत्र इंद्रपाल, दीपू पुत्र इंद्रपाल व नकहा गांव निवासी राहुल कुमार पुत्र एकराम और महेंद्र प्रताप पुत्र एकराम को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि उपनिरीक्षक चंद्रशेखर चौहान, राम प्रवेश यादव, कविंद्र नाथ सिंह व कांस्टेबल हनुमान यादव, अरविंद राव, अजय कुमार की टीम ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया।2
- *पत्रकारों ने होली एवं ईद मिलन का संयुक्त समारोह मनाया* *दैनिक भास्कर कार्यालय में मनाया गया होली एवं ईद मिलन का संयुक्त समारोह* *फूलों की होली खेली, होली एवं ईद मिलन किया...* *एक दूसरे को गले लगकर शुभकामनाएं दी तथा मिष्ठान ग्रहण किया...* *बहराइच l* देश के अग्रणी समाचार पत्र समूह दैनिक भास्कर के बहराइच कार्यालय पर ब्यूरो हेड कुतुब अंसारी की अध्यक्षता में होली एवं ईद मिलन का संयुक्त समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिले भर से आए दैनिक भास्कर के संवाददाताओं ने भाग लिया और एक-दूसरे को होली एवं ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम की शुरुआत फूलों की होली खेलकर की गई, जिससे माहौल पूरी तरह रंगमय और सौहार्दपूर्ण हो गया। इसके बाद आयोजित ईद मिलन समारोह में सभी उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर भाईचारे का संदेश दिया और मिष्ठान ग्रहण किया। इस आयोजन में प्रमुख रूप से लियाकत अली, लक्ष्मण पांडे, महेश अग्रवाल, फैजान अहमद, विरेंद्र कुमार राव, श्यामसुंदर श्रीवास्तव, शकील अंसारी,रईस खान,कृष्णा पाण्डेय, जयदीश कुमार श्रीवास्तव, फैज़ान अहमद, मसी उल्ला खां, नजीर खान, अल्ताफ शेख, सिराज अली कादरी, एम अरशद, संतोष मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। जिले में पत्रकारों की ओर से होली और ईद का इस प्रकार संयुक्त आयोजन पहली बार किया गया, जिसकी लोगों ने सराहना करते हुए इसे आपसी सौहार्द और एकता का प्रतीक बताया।1
- लखनऊ (21 मार्च) – विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान सभागार में विभागीय कार्यशाला व जन संवाद का आयोजन कर प्रदेश में वन्य क्षेत्र का घनत्व बढ़ाने, वन्य जीवों को प्राकृतिक वास देने तथा जल व पर्यावरण संरक्षण को मानवानुकूल बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया गया। विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, पर्यावरण व जल संरक्षण से ही मानव जीवन की सृष्टि संरचना संभव है और सृष्टि संरचना मानव जीवन के अस्तित्व का आधार है। ऐसे में हम सब का दायित्व बनता है कि हम मिलकर अधिकाधिक संख्या में वृक्षारोपण करें और वन्य जीवों का संरक्षण करें, ताकि प्रकृति और मानव का संतुलन बना रह सके। वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि जन संवाद एवं समन्वय स्थापित कर योजनाबद्ध तरीके से वन्य परिक्षेत्र बढ़ाया जा रहा है तथा सभी को खाली पड़े स्थानों पर वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वृक्ष संरक्षण, पक्षी संरक्षण व जल संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। वन्य राज्य मंत्री के० पी० मालिक ने कहा कि पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण अभियान को गति देकर धरती को हराभरा बनाने का प्रभावी प्रयास किया जा रहा है। आयोजित कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं पर्यावरणविदों ने वन मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए सड़कों एवं राज्य मार्गों के किनारे पंचवटी प्रजाति के वृक्ष लगाने, नदी-तालाब, पोखरा, झील, मठ-मंदिर एवं खाली स्थानों पर स्थानीय जन सहयोग से सघन वृक्षारोपण कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने सरयू एवं गोमती नदियों को अविरल और स्वच्छ बनाए रखने के लिए निरंतर सफाई एवं तटीय क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। वन मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए आश्वस्त किया तथा विभागीय समन्वय व सहयोग की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों को मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा प्रदेश को हराभरा बनाने के लिए जन सहभागिता बढ़ाने का आह्वान किया गया।4
- उत्तर प्रदेश अंतर्गत ग्राम पिपरिया थाना खैरीघाट जनपद बहराइच1
- मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर हलचल तेज सेमरहना गांव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर हलचल तेज हो गई है। दर असल बता दें कि मोतीपुर थाना क्षेत्र के सेमरहना गांव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 25 मार्च को प्रस्तावित कार्यक्रम है। इसी को लेकर अब अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को आईजी देवीपाटन मंडल अमित पाठक सहित पुलिस अधीक्षक बहराइच रामनयन सिंह, जिला अधिकारी बहराइच अक्षय त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों का निरीक्षण कर हैलीपेड व रूट डाइवर्जन का जायजा लिया है। साथ ही संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।1
- बहराइच बिग ब्रेकिंग न्यूज बहराइच DPRO पर लगा 25 हजार का जुर्माना RTI कार्यकर्ता रौशन लाल नाभिक ने मांगी सूचना RTI के तहत कर्मचारियों की वैध नियुक्ति की मांगी थी सूचना ग्राम विकास अधिकारीयो के स्थायी करण को लेकर मांगी थी सूचना ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के स्थायी करण को लेकर भी मांगी थी सूचना 2024 में मांगी गई सूचना का अभी तक नहीं दिया गया जवाब राज्य सूचना आयोग ने मामले का लिया संज्ञान DPRO पर लगाया 25 हजार का जुर्माना *बाइट: रौशन लाल नाभिक, RTI कार्यकर्ता बहराइच*1
- ईरान पर बयानों की जंग ट्रंप बनाम अराघची: सच्चाई क्या है.? अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है, और इस बार वजह है दोनों देशों के बीच सामने आए विरोधाभासी बयान। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हालात को देखते हुए सैन्य हमलों को पाँच दिनों के लिए रोका गया है, ताकि बातचीत को मौका दिया जा सके। लेकिन, इसी बीच ईरान की तरफ से बिल्कुल उलट तस्वीर सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी तरह की कोई बातचीत नहीं हो रही है। उनके मुताबिक, अमेरिका के ये दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इन्हें सिर्फ ऊर्जा की कीमतों को प्रभावित करने के लिए दिया जा रहा है। अब आपको बताते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है और अमेरिका-ईरान के रिश्तों में यह तनाव क्यों बना रहता है। दरअसल, दोनों देशों के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति रही है। परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका लगातार ईरान पर दबाव बनाता रहा है, जबकि ईरान अपने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता और सैन्य गतिविधियों ने भी हालात को और संवेदनशील बना दिया है। हाल के दिनों में क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे टकराव की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे माहौल में जब अमेरिका की तरफ से बातचीत और हमले रोकने की बात कही जाती है, और ईरान उसे सिरे से नकार देता है, तो यह कूटनीतिक उलझन और भी गहरी हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विरोधाभासी बयान न सिर्फ दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका असर पड़ता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या वाकई पर्दे के पीछे कोई बातचीत चल रही है, या फिर यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाज़ी है? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में साफ हो सकते हैं।1