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मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर हलचल तेज , आला अधिकारीयों ने किया निरीक्षण मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर हलचल तेज सेमरहना गांव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर हलचल तेज हो गई है। दर असल बता दें कि मोतीपुर थाना क्षेत्र के सेमरहना गांव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 25 मार्च को प्रस्तावित कार्यक्रम है। इसी को लेकर अब अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को आईजी देवीपाटन मंडल अमित पाठक सहित पुलिस अधीक्षक बहराइच रामनयन सिंह, जिला अधिकारी बहराइच अक्षय त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों का निरीक्षण कर हैलीपेड व रूट डाइवर्जन का जायजा लिया है। साथ ही संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।
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मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर हलचल तेज , आला अधिकारीयों ने किया निरीक्षण मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर हलचल तेज सेमरहना गांव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर हलचल तेज हो गई है। दर असल बता दें कि मोतीपुर थाना क्षेत्र के सेमरहना गांव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 25 मार्च को प्रस्तावित कार्यक्रम है। इसी को लेकर अब अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को आईजी देवीपाटन मंडल अमित पाठक सहित पुलिस अधीक्षक बहराइच रामनयन सिंह, जिला अधिकारी बहराइच अक्षय त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों का निरीक्षण कर हैलीपेड व रूट डाइवर्जन का जायजा लिया है। साथ ही संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।
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- मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर हलचल तेज सेमरहना गांव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर हलचल तेज हो गई है। दर असल बता दें कि मोतीपुर थाना क्षेत्र के सेमरहना गांव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 25 मार्च को प्रस्तावित कार्यक्रम है। इसी को लेकर अब अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को आईजी देवीपाटन मंडल अमित पाठक सहित पुलिस अधीक्षक बहराइच रामनयन सिंह, जिला अधिकारी बहराइच अक्षय त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों का निरीक्षण कर हैलीपेड व रूट डाइवर्जन का जायजा लिया है। साथ ही संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।1
- Post by Manoj kumar chursya1
- संयुक्त अरब अमीरात के Ras Al Khaimah में 23 मार्च 2026 को भारी बारिश के कारण गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ, जबकि कई रिहायशी इलाकों में जलभराव के चलते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन द्वारा तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं। स्थानीय टीमें और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। लगातार हो रही बारिश के कारण हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। कई स्कूलों और दफ्तरों को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। बिजली और पानी की सप्लाई भी कुछ इलाकों में बाधित हुई है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्था की है, जहां प्रभावित लोगों को भोजन और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।1
- बहराइच: खैरीघाट थाने की पुलिस ने मारपीट के मामले में आठ लोगों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। थानाध्यक्ष आनंद सिंह ने बताया कि भिखारी पुरवा गांव निवासी प्रमोद कुमार गौतम पुत्र खुशीराम गौतम, चकैया गांव निवासी ननकऊ प्रसाद पुत्र मोलहे प्रसाद, पप्पू पुत्र लायक राम, प्रमोद पुत्र रामचरन तथा लौकिहा गांव निवासी पवन कुमार पुत्र इंद्रपाल, दीपू पुत्र इंद्रपाल व नकहा गांव निवासी राहुल कुमार पुत्र एकराम और महेंद्र प्रताप पुत्र एकराम को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि उपनिरीक्षक चंद्रशेखर चौहान, राम प्रवेश यादव, कविंद्र नाथ सिंह व कांस्टेबल हनुमान यादव, अरविंद राव, अजय कुमार की टीम ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया।2
- दाहोरा पुल के पास मौत का खेल जारी! प्रशासन मौन क्यों? लखीमपुर खीरी धौरहरा दाहोरा पुल के पास चंद दिन पहले हुए भीषण हादसे में एक महिला की दर्दनाक मौत और कई लोग घायल हुए थे। लेकिन हैरानी की बात ये है कि खबरें चलने के बावजूद प्रशासन की नींद नहीं टूटी! सड़कों पर आज भी खुलेआम ओवरलोड/हाइट लोड वाहन दौड़ रहे हैं नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं और जिम्मेदार अधिकारी खामोश बैठे हैं क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? हर हादसे के बाद वही कहानी— गरीब किसान, मजदूर अपनी जान गंवाते हैं… बच्चे अनाथ हो जाते हैं… मां का साया हमेशा के लिए उठ जाता है… सवाल सीधा है — अगर फिर कोई बड़ा हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा? क्या लखीमपुर खीरी प्रशासन सिर्फ कागजों में ही जागता है? अब वक्त है जवाब का, कार्रवाई का… वरना ये खामोशी ही अगली मौत की वजह बनेगी। हक की आवाज न्यूज़ चैनल संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्र दिनेश आचार्य 89489833881
- सिसैया | रामलोक_कल्याण_समिति मातारानी के पावन दरबार में भक्ति का सागर उमड़ पड़ा, जहां भगवत_कथा का रसपान कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल, जयकारों की गूंज और आस्था की अद्भुत छटा देखने को मिली। लखीमपुर खीरी में माता रानी का भव्य जगराता, जहां देर रात तक भजन-कीर्तन और कथा के माध्यम से भक्तों ने लिया दिव्य आनंद। इस पावन अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) परिवार धौरहरा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने आयोजन की शोभा बढ़ाई। उपस्थित प्रमुख लोग: Rakesh Tikait, Rajveer Singh Jadaun, Rajpal Sharma, Anuj Singh, Dilbag Singh, Monu Yadav, Mohan Bajpai, Yogendra Mishra, धर्मेन्द्र पटेल, महापात्रा दिनेश आचार्य महापात्रा, सन्नो आचार्य, नन्हा सिपाही, तहसील अध्यक्ष पवन पाठक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। “हक की आवाज न्यूज़” के माध्यम से जन-जन तक पहुंची आस्था, भक्ति और एकता की ये अनोखी मिसाल। पूरा समागम बना श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक। हक की आवाज न्यूज़ चैनल ऑल इंडिया प्रेस महापात्र शन्नो आचार्य 90058991491
- लखीमपुर खीरी। धौरहरा कस्बे के रामनवमी मंदिर में नैमिषारण्य धाम से पधारे कथावाचक ज्ञानी महाराज तथा कथा व्यास कीर्ति के द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का गुड़गान किया जा रहा है इस अवसर पर करुणाशंकर,,,महेश की संगीतवादन की धुन के साथ कथाव्यास ज्ञानी महाराज जी ने दिन में राम जी की महिमा सुनाई और सुन्दर – सुन्दर भजन गाए तो वहीं कथा व्यास कीर्ति ने रात्रि के बेला में सती अनुसूईया का प्रसंग सुनाकर भक्तों को भाव विभोर कर दिया। स्थानीय समेत आसपास के गांवों के भक्त कथा सुनने पहुंचे। व्यास जी ने कथा सुनाते हुए कहा कि नारद जी ने लक्ष्मी, पार्वती व ब्राह्मणी के सामने माता सती अनुसूईया की प्रशंसा की। क्योंकि, एक स्त्री दूसरी स्त्री की तारीफ नहीं सुन सकती। इस पर लक्ष्मी ने विष्णु, पार्वती ने शिव व ब्रह्माणी ने ब्रह्मा जी को माता सती अनुसूया की परीक्षा लेने भेजा। तीनों साधू रूप धारण का माता अनुसुइया के पास अलख जगाते हैं कि माता हमें भोजन करवाओ। हम कई दिन के भूखे हैं। माता उन्हें घर में ले गई और भोजन की व्यवस्था करने लगी। साधू बोले कि उन्हें भोजन करवाना है तो नग्न अवस्था में करवाओ, नहीं तो वह चले जाएंगे। इतना कहने पर माता ने तीनों को छह मास के बालक बनाकर पालने में डाल दिया और प्रत्येक को बारी-बारी से दूध पिलाने लगीं। जब कई मास बीत गए तो माता लक्ष्मी, पार्वती व ब्राह्मणी अपने-अपने पतियों को लेने के लिए आईं। सती अनुसूया ने उन्हें अपना-अपना पति ले जाने की अनुमति दी, लेकिन तीनों पति को पहचानने में असमर्थ थीं। अनुसुइया की कथा सुनकर सभी भक्त भाव विभोर हो गए। इस दौरान मंदिर समिति के सदस्यों के साथ – साथ सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।2
- ईरान पर बयानों की जंग ट्रंप बनाम अराघची: सच्चाई क्या है.? अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है, और इस बार वजह है दोनों देशों के बीच सामने आए विरोधाभासी बयान। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हालात को देखते हुए सैन्य हमलों को पाँच दिनों के लिए रोका गया है, ताकि बातचीत को मौका दिया जा सके। लेकिन, इसी बीच ईरान की तरफ से बिल्कुल उलट तस्वीर सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी तरह की कोई बातचीत नहीं हो रही है। उनके मुताबिक, अमेरिका के ये दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं और इन्हें सिर्फ ऊर्जा की कीमतों को प्रभावित करने के लिए दिया जा रहा है। अब आपको बताते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है और अमेरिका-ईरान के रिश्तों में यह तनाव क्यों बना रहता है। दरअसल, दोनों देशों के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति रही है। परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका लगातार ईरान पर दबाव बनाता रहा है, जबकि ईरान अपने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता और सैन्य गतिविधियों ने भी हालात को और संवेदनशील बना दिया है। हाल के दिनों में क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे टकराव की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे माहौल में जब अमेरिका की तरफ से बातचीत और हमले रोकने की बात कही जाती है, और ईरान उसे सिरे से नकार देता है, तो यह कूटनीतिक उलझन और भी गहरी हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विरोधाभासी बयान न सिर्फ दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका असर पड़ता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या वाकई पर्दे के पीछे कोई बातचीत चल रही है, या फिर यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाज़ी है? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में साफ हो सकते हैं।1