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आंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर पनवाड़ी थाना पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आई।
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
आंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर पनवाड़ी थाना पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आई।
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- अभियान के तहत महज 12 घण्टे के अन्दर विभिन्न मुकदमों से सम्बन्धित 26 वारण्टी अभियुक्त किये गये गिरफ्तार1
- हमीरपुर के थाना मझगवां क्षेत्र में रविवार को एक व्यक्ति का शव खेत में मिला है। मृतक की पहचान हरनारायण पुत्र बच्चू धीमर (उम्र लगभग 40 वर्ष) के रूप में हुई वह अपने ससुराल टोला खंगारन थाना चिकासी में रह रहा था और परिवार सहित ग्राम इकठौरा में खेती करता था ¹। परिजनों के अनुसार, हरनारायण को शराब पीने की लत थी, जिससे उसकी हालत अक्सर खराब रहती थी। फिलहाल मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अन्य आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। रिर्पोट निर्दोष राजपूत1
- जनपद बांदा के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र से एक व्यक्ति द्वारा अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत होकर सूचना दी गई थी कि जनपद बांदा में नियुक्त एक डाक्टर की लापरवाही के चलते उनकी बेटी के पैर को काटना पड़ गया था । सूचना पर जिलाधिकारी बांदा के आदेश के क्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी बांदा द्वारा एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई जिसके क्रम में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है । आगे की विधिक कार्यवाही प्रचलित है । अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक ।1
- सेंवडी़ गांव में स्थित शासकीय वन भूमि पर रेंजर नीलेश प्रजापति का एकाधिकार जिसको निजी संपत्ति समझकर खुलेआम वीट प्रभारी रामकिशन कुशवाहा के साथ मिलकर कालाबाजारी कर रहा है और ग्रामीणों को औने-पौने दाम में बेशकीमती सागौन की लकड़ी सहित मुरम और रेत बेंच रहा है वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह से रेत माफिया वन भूमि से बेख़ौफ़ होकर वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के संरक्षण में रेत निकाल रहे हैं वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि दिन रात हरे भरे पेड़ों की कटाई करके पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और वन विभाग द्वारा कुछ ग्रामीणों की निजी भूमि पर जबरन कब्जा भी किया गया है जिसका न्यायालय द्वारा फैसला भूमि स्वामी के पक्ष में ही दिया गया है उसके बाद भी वन विभाग के अधिकारी कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं ऊपर से फर्जी मुकदमे लगाने की धमकी देते हैं पूरे मामले को लेकर जब गांव के लोगों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेरे द्वारा ग्रामीणों के साथ मिलकर इस तरह से चल रहे अवैध काम का खुलकर विरोध किया जा रहा है मगर इस काम को रोकने में ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन असमर्थ नाकाम है क्योंकि जिम्मेदार अधिकारियों और रेंजर नीलेश प्रजापति रेंज लवकुश नगर एवं राजनगर को बार बार फोन लगाया जाता मगर वह किसी का कभी फोन रिसीव नहीं करते एवं कुछ भी जानकारी देना जरूरी नहीं समझते हैं जिससे साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि उनकी मिली-भगत और सहमति से ही इतने बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है एवं इस काले कारोबार से की गई काली कमाई और आमदनी का हिस्सा नीचे से ऊपर तक सभी अधिकारियों को मिल रहा है तभी कोई सुनवाई नहीं एवं कार्यवाही नहीं की जा रही है अब देखना होगा कि मामला मीडिया में आने के बाद जिला कलेक्टर पार्थ जैसवाल एवं जिला वन अधिकारी रिशि मिश्रा ऐसे भ्रष्ट रेंजर और वीट प्रभारी पर क्या कार्यवाही करते हैं1
- सुमेरपुर हमीरपुर । सोमवार को सुबह क्षेत्र के ग्राम टेढ़ा में गेहूं की फसल काटते समय हार्वेस्टर से निकली चिंगारी से आग लग गई। आग ने देखते ही विकराल रुप धारण कर लिया और चंद मिनटों में 30 बीघे में खड़ी गेहूं की फसल को अपनी आगोश में लेकर फूंक डाला। आग से करीब 8 लाख रुपए की फसल जल जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। खेतों में कार्य कर रहे किसानों ने एकत्र होकर आग को आगे बढ़ने से रोका और खड़ी फसल को ट्रैक्टर से जोतकर आग बुझाई। किसान का आरोप है कि सूचना के एक घंटे बाद फायर दस्ता मौके पर पहुंचा तब तक आग कंट्रोल हो चुकी थी। सोमवार को सुबह करीब 10 बजे टेढ़ा गांव निवासी रामकिशोर सिंह के खेत में गेहूं की फसल की कटाई करते समय हार्वेस्टर से निकली चिंगारी से आग लग गई। आग ने तेज हवा पाकर विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते 30 बीघे में खड़ी गेहूं की फसल को खाक कर दिया। किसान का आरोप है कि सूचना देने के बाद कस्बे से फायर दस्ता 1 घंटा 5 मिनट बाद घटना स्थल पर पहुंचा तब तक किसानों ने एकत्र होकर आग पर नियंत्रण कर लिया था। आग से किसानों को करीब आठ लाख की क्षति हुई है।1
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- नरैनी थाना क्षेत्र में अपहरणऔर मारपीट के मामले मेंपुलिस ने एक अभियुक्त कोकिया गिरफ्तार।1
- बांदा, 1 मार्च 2026। डिस्ट्रिक्ट टीचर्स सोसाइटी, बांदा में रविवार दोपहर आयोजित बैठक में शिक्षकों ने ट अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का बिल्कुल एकजुट होकर टीईटी (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता के विरोध में व्यापक आंदोलन का ऐलान किया। यह बैठक अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (JTFI) की बांदा इकाई के तत्वावधान में संपन्न हुई, जिसमें जनपद के विभिन्न शिक्षक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही।बैठक में अखिल भारतीय उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, अटेवा, वी.बी.टी.सी. शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा), टीएससीटी, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ, एससी/एसटी वेलफेयर एसोसिएशन, ऑल अधिकारी शिक्षक विकास परिषद, परिषदीय अनुदेशक उत्थान समिति, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक संघ और शिक्षामित्र संघ सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि परिषदीय शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना उनके अधिकारों के साथ अन्याय है। इसी के विरोध में देशभर के लगभग दो दर्जन शिक्षक संगठनों ने मिलकर “अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक मोर्चा” का गठन किया है, जिसके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।आंदोलन की प्रमुख रणनीति इस प्रकार तय की गई—09 से 15 मार्च 2026 तक: “शिक्षक की पाती अभियान” चलाया जाएगा।13 अप्रैल 2026 को: जिला मुख्यालयों पर मशाल जुलूस निकाला जाएगा।03 मई 2026 को: राजधानी लखनऊ में विशाल महारैली आयोजित की जाएगी।बैठक में इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति बनाई गई और सभी संगठनों ने सामूहिक रूप से आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।,शिक्षकों का यह आंदोलन उनके सेवा सुरक्षा और पेशेवर सम्मान से जुड़ा हुआ है। जब पहले से कार्यरत शिक्षकों पर नई शर्तें लागू की जाती हैं, तो यह उनके अनुभव और योगदान की अनदेखी के रूप में देखा जाता है। वहीं साहित्यिक परिप्रेक्ष्य में, यह संघर्ष उस चेतना का प्रतीक है, जहां शिक्षा के दीप जलाने वाले स्वयं अपने अधिकारों की रोशनी तलाशने को विवश हैं।बैठक में प्रमुख रूप से अटेवा के प्रदेश संयुक्त मंत्री वीरेंद्र पटेल, संयोजक जयनारायण श्रीवास, महामंत्री धीरेंद्र सिंह, यूटा के प्रदेश उपाध्यक्ष/जिला अध्यक्ष निरंजन चक्रवर्ती, जिला संयोजक कुलदीप क्रांतिकारी, वीबीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक डी.सी. श्रीवास्तव, टीएससीटी के सहसंयोजक कुलदीप राणा, प्राथमिक शिक्षक संघ के मंडलिक मंत्री अच्छेलाल, कार्यवाहक अध्यक्ष जे.पी. वर्मा, मंत्री रामदेव सिंह, एससी/एसटी वेलफेयर एसोसिएशन के मंत्री मोहनलाल, ऑल अधिकारी कर्मचारी विकास परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुमार राजा, परिषदीय अनुदेशक उत्थान समिति के अध्यक्ष चंद्रसेन पटेल सहित रामप्रकाश यादव, अवनीश प्रजापति, अकरम खान, जुल्फिकार अहमद, मोहम्मद नसीम अंसारी, श्यामबाबू, कृष्णा पाल सहित अनेक शिक्षक मौजूद रहे।1