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पश्चिम बंगाल में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दुर्गा पूजा के दौरान मछली-मांस को लेकर दिए गए बयान पर विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस और TMC ने विरोध किया, वहीं बंगाल BJP ने भी बयान से दूरी बना ली। आखिर धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा और बंगाल में इतना बवाल क्यों मचा? पूरी खबर वीडियो में। #️⃣ Hashtags #DhirendraShastri #BageshwarDham #WestBengal #DurgaPuja #BengalNews
Awaaz -e-Bharat
पश्चिम बंगाल में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दुर्गा पूजा के दौरान मछली-मांस को लेकर दिए गए बयान पर विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस और TMC ने विरोध किया, वहीं बंगाल BJP ने भी बयान से दूरी बना ली। आखिर धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा और बंगाल में इतना बवाल क्यों मचा? पूरी खबर वीडियो में। #️⃣ Hashtags #DhirendraShastri #BageshwarDham #WestBengal #DurgaPuja #BengalNews
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- पश्चिम बंगाल में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दुर्गा पूजा के दौरान मछली-मांस को लेकर दिए गए बयान पर विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस और TMC ने विरोध किया, वहीं बंगाल BJP ने भी बयान से दूरी बना ली। आखिर धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा और बंगाल में इतना बवाल क्यों मचा? पूरी खबर वीडियो में। #️⃣ Hashtags #DhirendraShastri #BageshwarDham #WestBengal #DurgaPuja #BengalNews1
- *थाना बबुरी के अंतर्गत ग्राम मैनपुर में मूर्ति खण्डित करने के संबंध में क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर श्री अरूण कुमार सिंह का आधिकारिक वक्तव्य* *थाना बबुरी के अंतर्गत ग्राम मैनपुर में मूर्ति खण्डित करने के संबंध में क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर श्री अरूण कुमार सिंह का आधिकारिक वक्तव्य*1
- चंदौली छात्रों ने दिया 48 घंटे का डीएम को अल्टीमेटम चकिया GIC के प्रिंसिपल को निलंबित करने के लिए, नहीं होने पर जिलाधिकारी कार्यालय चंदौली का छात्र करेंगे घेराव। चंदौली दिनांक 10/09/2026 को जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी महोदय जी को 48 घंटे का अल्टिमेटम पत्रक सौंपा गया। आपको बता दें की चकिया आदित्य नारायण राजकीय इंटर कालेज में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन छात्रों के साथ प्रिंसिपल द्वारा जातिगत व मानसिक सार्वजनिक प्रताड़ना किया गया जिसके संबंध में कार्यवाही की मांग कर धरना प्रदर्शन किया गया मांग प्रिंसिपल को निलंबित किया जाए,शासन द्वारा 15 से 20 तक का आश्वासन दिया गया पर शासन का आश्वासन हुआ खत्म फिर भी नहीं हुई प्रिंसिपल पर कार्यवाही, कार्यवाही को लेकर के आज दिया गया जिलाधिकारी को अल्टीमेटम 48 घंटे में कार्यवाही नहीं हुई तो 15/09/2026 को Gen_g, Gen_Alpha का होगा सबसे बड़ा जनपद का महा आन्दोलन जिलाधिकारी कार्यालय का होगा घेराव । ,,छात्र न्याय मंच चकिया,,1
- मंत्री जमा खान ने 68 करोड़ की लागत से बना अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का किया उद्घाटन, पानी की समस्या का निदान कब...?1
- चंदौली के बरहनी सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने जन चौपाल लगाकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं : अधिकारियों को मौके पर निस्तारण के दिए निर्देश1
- दुर्गावती में ट्रक से पकड़ा गया भारी संख्या में मवेशी,तीन तस्कर गिरफ्तार मोहनिया कैंमूर:-दुर्गावती थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के समीप दुर्गावती पुलिस में एक ट्रक पर लदे भारी संख्या में मवेशीको बरामद किया है.साथ ही तीन तस्कर को गिरफ्तार किया गया है जिन्हें पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है.जानकारी के अनुसार कैमूर एसपी के निर्देश पर लगातार के पशु तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है इसके आलोक में पुलिस द्वारा चेकिंग अभियान के दौरान ट्रक से भारी संख्या में मवेशी को बरामद किया है.1
- नौगढ़ चंदौली ग्राम पंचायत बरबसपुर में आकाशी बिजली,मारने से , पांच बकरियों की मौत नौगढ़ /चंदौली ग्राम पंचायत बरबसपुर में आकाशी बिजली गिरने से पांच बकरियों की मौत हो गई चरवाहा अपने बकरियों को चराने के लिए गांव के,जंगल में ले गया था,गुरुवार को लगभग 2:00 के समय आकाशी बिजली की चपेट में आने से चार बकरियों की मौत हो गई मुनताज अली ने अपने सारे बकरियों को जंगल में चराने गए थे उसी वक्त बकरियों के ऊपर और अकाली, बिजली गिर गई चरवाहे ने,अपने बकरियों को तड़पते देखता रहा । पांच बकरियो ने,दम तोड़ दिया इसकी सूचना अपने क्षेत्रीय नेकपाल सद्दाम खान को तत्काल रूप से दिया गया पीड़ित परिवार । ने सरकार से मुआवजा की मांग की है2
- BSP सुप्रिमों मायावती जी का नीला रंग पर राजनित करने वाले को करारा जवाब। 1. सपा, कांग्रेस व अन्य विरोधी पार्टियों के नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा बी.एस.पी. का शुरु से ही चला आ रहा नीला रंग अब यह इनके गले का गमछा व कपड़े पहनने से तथा स्टेज आदि में भी नीला कपड़ा इस्तेमाल करने से इनकी सर्वसमाज में से ख़ासकर ग़रीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़े व अन्य उपेक्षित वर्गों के प्रति वर्षों से चली आ रही इनकी जातिवादी, संकीर्ण, सामन्तवादी एवं पूँजीवादी सोच नहीं बदल सकती है तथा ना ही ये लोग दिल से अम्बेडकरवादी होने एवं कहलाने वाले हैं। इसीलिये ’बहुजन समाज’ के वास्तविक हित व कल्याण के प्रति पहले वे अपना दिल व दिमाग़ तो पाक-साफ करें। 2. वैसे भी ये लोग इन वर्गों के मामले में आए दिन गिरगिट की तरह ही रंग बदलते रहते हैं अर्थात् ये कहते कुछ हैं और करते उसके ठीक विपरीत हैं। ख़ासकर इनके सपा के PDA के मामले में तो इनकी सोच, चाल, चरित्र व चेहरा आदि हमेशा दोग़ला व बईमान ही रहा है, जिसके अनेकों उदाहरण हैं, ये सभी जानते हैं। इसलिए इन वर्गों की एकमात्र हितैषी व अम्बेडकरवादी पार्टी केवल बी.एस.पी. ही है, जो सर्वविदित है। 3. यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि अन्य पार्टियों की तरह बी.एस.पी. के जो भी लोग पार्टी में अनुशासनहीनता आदि के कारण समय-समय पर निष्कासित कर दिये जाते हैं तो वे अधिकतर इन्हीं सब कारणों से अब तक कई पार्टी बदल चुके हैं, जो किसी से छिपा नहीं है। इसी से ही अन्दाज़ा लगा लेना चाहिये कि ये लोग पूरे स्वार्थी व अवसरवादी हैं और वे किसी भी पार्टी के हित में नहीं हो सकते हैं। 4. इतना ही नहीं बल्कि जिनको पार्टी से निकाल दिया जाता है तो उनमें से कुछ लोग दूसरी पार्टियों के हाथों में खेलकर छोटी-छोटी पार्टियाँ व संगठन आदि भी बना लेते हैं, जिनसे ’बहुजन समाज’ का सामूहिक हित नहीं हो सकता है, 5. हालांकि ऐसी पार्टियाँ बिना किसी गठबन्धन के भी चुनाव नहीं लड़ सकती हैं तथा किसी भी पार्टी की सरकार बनने पर सरकार में शामिल हुये बिना भी नहीं रह सकती हैं, जो पार्टी से निकाले हुये लोगों को अक्सर अपनी पार्टी में लेने की बात करते हैं या उन्हें पार्टी बनाने की भी सलाह देते हैं, तो वे पहले अपने गिरेबान में भी झाँककर ज़रूर देख लें। 6. ख़ासकर कांग्रेस पार्टी, जिन निकाले हुये लोगों को अपनी पार्टी में लेने की बात कर रही है, तो ऐसी पार्टी में जो डूबते जहाज़ की तरह है, उसमें भला कौन शामिल होकर अपने भविष्य को अन्धकार में डालेगा, जबकि ख़ासकर इस पार्टी से दूरी बनाने के लिये बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर जी ने अपने जीते-जी बहुजन समाज के लोगों को अगाह (चेताया) भी किया था। इसलिये यह सब वर्तमान हालात में, पार्टी व मूवमेन्ट के हित में बी.एस.पी. के लोगों को जानना व समझना भी बहुत ज़रूरी है तो यह उचित होगा। 7. यहां यह भी बताना बहुत जरूरी है कि जिस दिन बी.एस.पी. ने श्री अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी थी तो उस दिन इन्होंने इनके उपर काफी दबाव पड़ने के बावजूद भी अपने संन्यास लेने की घोषणा तब तत्काल नहीं की थी। 8. क्योंकि उस दिन यह पूरी रातभर इसे रुकवाने के लिए क़िस्म-क़िस्म के हथकण्डे इस्तेमाल करते रहे जिसमें कामयाबी नहीं मिलने पर, फिर मजबूरी में, अगले दिन यह सोच कर इनको लगभग प्रातः 6ः30 बजे अपने संन्यास की काफी किन्तु-परन्तु वाली घोषणा करनी पड़ी है, कि कहीं ज्यादा देरी होने पर और भी बड़ा नुकसान ना हो जाये, जिसके बारे में सही समय आने पर पार्टी के लोगों को और भी बहुत कुछ ज़रूर बताया जायेगा। Neelam Express रिपोर्टर:- प्रहलाद बौद्ध बात सच की ....1