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नए भारत की पहचान अब इस बात से भी हो रही है कि इसमें उन किसानों को भी पद्म अवार्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जा रहा है, जो हवाई चप्पल पहनते हैं। यह एक बड़ा बदलाव दर्शाता है, जहाँ ज़मीनी स्तर के और साधारण जीवनशैली वाले किसानों को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान मिल रहा है।
Sahil kumar
नए भारत की पहचान अब इस बात से भी हो रही है कि इसमें उन किसानों को भी पद्म अवार्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जा रहा है, जो हवाई चप्पल पहनते हैं। यह एक बड़ा बदलाव दर्शाता है, जहाँ ज़मीनी स्तर के और साधारण जीवनशैली वाले किसानों को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान मिल रहा है।
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- कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर बनवारी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआ। कथावाचक ब्रजनेश माधव शास्त्री ने इस दौरान सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष का वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोताओं की आँखों से अश्रुधारा बहने लगी। पूज्य व्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण और सुदामा बचपन में उज्जैन स्थित सांदीपनि मुनि के आश्रम में साथ पढ़ते थे और उनमें गहरा स्नेह था। बड़े होने पर सुदामा अत्यंत निर्धन ब्राह्मण बन गए, जिनके पास परिवार के लिए पर्याप्त अन्न भी नहीं था, फिर भी वे संतोषी स्वभाव के थे। पत्नी सुशीला के आग्रह पर, सुदामा अपने बालसखा कृष्ण से मिलने खाली हाथ द्वारका पहुँचे, जहाँ वे फटेहाल अवस्था में थे। संकोचवश सुदामा अपनी पत्नी द्वारा दिए गए मामूली चावल (तंदुल) छिपा रहे थे, लेकिन श्रीकृष्ण ने उन्हें छीनकर बड़े चाव से खाया। श्रीकृष्ण ने सुदामा के बिना कुछ माँगे ही उनकी दरिद्रता दूर कर दी, जिसका परिणाम यह हुआ कि जब सुदामा अपने गाँव लौटे, तो उनकी झोपड़ी की जगह एक आलीशान महल बन चुका था। इससे यह सिद्ध होता है कि भगवान अपने भक्त की निस्वार्थ भावना और प्रेम के भूखे होते हैं। परीक्षित मोक्ष पर प्रकाश डालते हुए व्यास जी ने बताया कि शुकदेव जी ने लगातार सात दिनों तक राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा का अमृत पान कराया। इन सात दिनों में परीक्षित के मन से संसार का मोह और मृत्यु का भय पूरी तरह समाप्त हो गया। सातवें दिन, शाप के अनुसार तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डस लिया, लेकिन कथा के प्रभाव और हरि स्मरण के कारण डसते ही उनका शरीर भस्म हो गया। उसी क्षण भगवान विष्णु के पार्षद उन्हें विमान में बिठाकर वैकुण्ठ धाम ले गए। इस समापन अवसर पर मूलचंद्र शर्मा, अर्पित, आदित्य, संजेश, घनश्याम, मानसिंह, महेश, रॉबिन कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। ब्रजनेश शास्त्री ने अपने संदेश में कहा कि हरि नाम संकीर्तन और भागवत कथा श्रवण से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं।1
- फर्रुखाबाद के कायमगंज में दिनांक 25/6/26 को भारतीय किसान यूनियन अखंड प्रदेश के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्थानीय एसडीएम के विरोध में एक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण किसानों और आम जनता की समस्याओं का समाधान न होना बताया गया, जिससे लोगों में बढ़ती नाराजगी थी। प्रदर्शन के दौरान, संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद, भारतीय किसान यूनियन अखंड प्रदेश के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर कायमगंज एसडीएम के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। संगठन के नेताओं ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उनका संगठन आगे भी अपने आंदोलन को जारी रखेगा। इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- छिबरामऊ के रहने वाले एक वीर जवान ने सीमा पर देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया और शहीद हो गए। इस वीर जवान की शहादत की खबर मिलते ही पूरे छिबरामऊ में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस हृदय विदारक क्षण में शहीद जवान की मां का रो-रोकर बुरा हाल था।1
- फर्रुखाबाद जनपद में भरत तिवारी के कथित अवैध एनकाउंटर का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, जिस पर राष्ट्रवादी ब्राह्मण महासभा ने गहरा रोष व्यक्त किया है। संगठन ने इस घटना को न्याय व्यवस्था और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। महासभा ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। राष्ट्रवादी ब्राह्मण महासभा का आरोप है कि यदि मृतक भरत तिवारी के विरुद्ध कोई भी आपराधिक आरोप थे, तो कानून की स्थापित प्रक्रिया के तहत कार्यवाही की जानी चाहिए थी। संगठन ने सवाल उठाया है कि यदि एनकाउंटर में विधि सम्मत प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है, तो यह लोकतंत्र और न्यायपालिका के लिए एक गंभीर खतरा है। इस कथित घटना के बाद से स्थानीय समाज में काफी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। संगठन ने प्रशासन और शासन से कई प्रमुख मांगें की हैं। इनमें पूरे प्रकरण की जांच किसी राज्य स्तरीय एजेंसी या विशेष एसआईटी (SIT) से कराना; घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करना; भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दोषियों को सख्त से सख्त सजा देना; पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान कर न्याय दिलाना; और घटना से संबंधित सभी तथ्यों को सार्वजनिक करके पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है।4
- लखनऊ में हुए अग्निकांड की घटना के बाद, फर्रुखाबाद जिले में प्रशासन ने अस्पतालों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश में अपनी प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी। यह घोषणा राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत की गई है।1
- नए भारत की पहचान अब इस बात से भी हो रही है कि इसमें उन किसानों को भी पद्म अवार्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जा रहा है, जो हवाई चप्पल पहनते हैं। यह एक बड़ा बदलाव दर्शाता है, जहाँ ज़मीनी स्तर के और साधारण जीवनशैली वाले किसानों को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान मिल रहा है।1
- कन्नौज जिले के छिबरामऊ में एक बड़ा अग्निकांड सामने आया है। लाला मोटर्स के शोरूम में भीषण आग लग गई, जिसके चलते पूरा शोरूम जलकर राख हो गया।1