निरसा बाजार में बंदर का आतंक, वन विभाग की टीम भी नहीं पकड़ सकी पनभरा मजदूरों का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी, प्रबंधन के प्रति बढ़ा आक्रोश अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने की आशंका, बोले—“मानवता के आधार पर डॉक्टर को जांच के लिए भेजे प्रबंधन” मुगमा। ईसीएल मुगमा क्षेत्र की विभिन्न कोलियरियों में वर्षों से कार्यरत पनभरा मजदूरों का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे मजदूरों में ईसीएल प्रबंधन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अनशनकारियों का कहना है कि आमरण अनशन के दौरान यदि किसी भी अनशनकारी की तबीयत अचानक बिगड़ती है, तो उसकी स्थिति गंभीर हो सकती है। मजदूरों ने आरोप लगाया कि अब तक ईसीएल प्रबंधन की ओर से अनशन स्थल पर डॉक्टर भेजकर स्वास्थ्य जांच नहीं कराई गई है। अनशनकारियों ने कहा कि आमरण अनशन की स्थिति को देखते हुए मानवता के आधार पर प्रबंधन को नियमित रूप से डॉक्टर भेजकर सभी अनशनकारियों के स्वास्थ्य की जांच करानी चाहिए। लंबे समय तक भोजन नहीं लेने के कारण कभी भी किसी की तबीयत बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था नहीं होने को लेकर अनशनकारियों में प्रबंधन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। मजदूरों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर प्रबंधन की ओर से कोई सार्थक और ठोस पहल नहीं होती, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा। कई दौर की वार्ता के बाद भी नहीं निकला समाधान आमरण अनशन का नेतृत्व कर रहे सांसद प्रतिनिधि गोपाल राय ने कहा कि पनभरा मजदूर अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। कई दौर की वार्ता और लगातार धरना-प्रदर्शन के बावजूद ईसीएल प्रबंधन की ओर से मांगों के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल नहीं की गई। मजबूर होकर मजदूरों को आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अनशनकारियों के स्वास्थ्य को लेकर प्रबंधन को गंभीरता दिखानी चाहिए और तत्काल चिकित्सकीय जांच की व्यवस्था करनी चाहिए। आमरण अनशन में नरेश महतो, सुबल रवानी, अर्जुन यादव, उमाकांत यादव, मोहन महतो, शंकर महतो सहित अन्य मजदूर शामिल हैं।
निरसा बाजार में बंदर का आतंक, वन विभाग की टीम भी नहीं पकड़ सकी पनभरा मजदूरों का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी, प्रबंधन के प्रति बढ़ा आक्रोश अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने की आशंका, बोले—“मानवता के आधार पर डॉक्टर को जांच के लिए भेजे प्रबंधन” मुगमा। ईसीएल मुगमा क्षेत्र की विभिन्न कोलियरियों में वर्षों से कार्यरत पनभरा मजदूरों का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे मजदूरों में ईसीएल प्रबंधन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अनशनकारियों का कहना है कि आमरण अनशन के दौरान यदि किसी भी अनशनकारी की तबीयत अचानक बिगड़ती है, तो उसकी स्थिति गंभीर हो सकती है। मजदूरों ने आरोप लगाया कि अब तक ईसीएल प्रबंधन की ओर से अनशन स्थल पर डॉक्टर भेजकर स्वास्थ्य जांच नहीं कराई गई है। अनशनकारियों ने कहा कि आमरण अनशन की स्थिति को देखते हुए मानवता के आधार पर प्रबंधन को नियमित रूप से डॉक्टर भेजकर सभी अनशनकारियों के स्वास्थ्य की जांच करानी चाहिए। लंबे समय तक भोजन नहीं
लेने के कारण कभी भी किसी की तबीयत बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था नहीं होने को लेकर अनशनकारियों में प्रबंधन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। मजदूरों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर प्रबंधन की ओर से कोई सार्थक और ठोस पहल नहीं होती, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा। कई दौर की वार्ता के बाद भी नहीं निकला समाधान आमरण अनशन का नेतृत्व कर रहे सांसद प्रतिनिधि गोपाल राय ने कहा कि पनभरा मजदूर अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। कई दौर की वार्ता और लगातार धरना-प्रदर्शन के बावजूद ईसीएल प्रबंधन की ओर से मांगों के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल नहीं की गई। मजबूर होकर मजदूरों को आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अनशनकारियों के स्वास्थ्य को लेकर प्रबंधन को गंभीरता दिखानी चाहिए और तत्काल चिकित्सकीय जांच की व्यवस्था करनी चाहिए। आमरण अनशन में नरेश महतो, सुबल रवानी, अर्जुन यादव, उमाकांत यादव, मोहन महतो, शंकर महतो सहित अन्य मजदूर शामिल हैं।
- बारिश में भी नहीं थमा फुटबॉल का जुनून, शिबू सोरेन मेमोरियल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचीं चार टीमें जामताड़ा। पद्म भूषण से सम्मानित दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर गांधी मैदान में आयोजित तीन दिवसीय दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट के दूसरे दिन क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले गए। रोमांचक मुकाबलों के बाद चार टीमों ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।1
- हाई वोल्टेज ड्रामा! 😱 बीवी के झगड़े से परेशान होकर जमशेदपुर का सिपाही चढ़ गया सीधे मोबाइल टावर पर! 🗼 सोचा था टावर पर नेटवर्क मिलेगा, लेकिन वहां तो नीचे पुलिस की पूरी 'नेटवर्किंग' शुरू हो गई! 😅 घंटों की मान-मनौव्वल और भारी मशक्कत के बाद आखिर "बाबू लाल" जी को सुरक्षित नीचे उतारा गया। वैसे तो मामला गंभीर है, लेकिन भाई... पारिवारिक क्लेश से बचने के लिए सीधे टावर चढ़ जाना कौन सा आइडिया है? 🤦♂️ 👉 पूरी घटना देखने के लिए वीडियो अंत तक देखें! 👉 आपकी इस पर क्या राय है? कमेंट में बताएं! #Jamshedpur #JharkhandNews #Sitaramdera #ViralVideo #HighVoltageDrama #HusbandWifeDipute #PoliceDrama #TrendingNow #JamshedpurNews1
- ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक की एक टीम ने गांडेय प्रखंड और अंचल कार्यालय से संबंधित जनता के विभिन्न सवालों को लेकर अधिकारियों से की मुलाकात ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक की एक टीम ने मंगलवार को 2 बजे गांडेय प्रखंड और अंचल कार्यालय से संबंधित जनता के विभिन्न सवालों को लेकर अधिकारियों से मुलाकात की। टीम में पार्टी के जिला संयोजक एवं पूर्व जिप सदस्य राजेश यादव, प्रखंड अध्यक्ष मेहताब अली मिर्जा, महासचिव मनोज यादव सहित कई अन्य थे।1
- हाई ब्रीड का सोनाझुरी पौधा इतना खूबसूरत होता है जो लाजवाब यह रानेश्वर प्रखंड में है1
- फुटबॉल प्रतियोगिता देखने पहुंचे खेल प्रेमियों से जामताड़ा शहर की सड़कें हुईं जाम। जामताड़ा शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पर बढ़ा दबाव;-दर्शकों की भारी भीड़ के कारण जामताड़ा शहर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। सुभाष चौक से टावर चौक तक वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए पुलिसकर्मी लगातार मशक्कत करते नजर आए, लेकिन भीड़ के अनुपात में पुलिस बल कम होने की चर्चा भी लोगों के बीच रही। फिलहाल सीमित संख्या में मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी पूरे क्षेत्र में यातायात को सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों और दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।1
- 🔴#BREAKING| नेपाल के Gen Z का दावा नेपाल को मोदी जैसा नेता चाहिए सोशल मीडिया पर वायरल बयान, राजनीतिक बहस तेज #newsindia 🔴#BREAKING| नेपाल के Gen Z का दावा नेपाल को मोदी जैसा नेता चाहिए सोशल मीडिया पर वायरल बयान, राजनीतिक बहस तेज #newsindia1
- डुमरी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग तेज, जिप सदस्य सुनीता कुमारी ने एसडीएम को सौंपा पत्र डुमरी/गिरिडीह। डुमरी प्रखंड में लंबे समय से लंबित नवीन केंद्रीय विद्यालय की स्थापना प्रक्रिया को तेज करने की मांग को लेकर जिला परिषद सदस्य सुनीता कुमारी ने बुधवार को एसडीएम डुमरी को पत्र सौंपा। पत्र की प्रतिलिपि उपायुक्त गिरिडीह को भी भेजी गई है।सुनीता कुमारी ने पत्र में कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन, नई दिल्ली और क्षेत्रीय कार्यालय रांची द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज और प्रस्ताव उपलब्ध कराने के संबंध में पूर्व में पत्राचार किया जा चुका है।इसके बावजूद अब तक जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पुनरीक्षित प्रस्ताव को जल्द तैयार कर अग्रसारित किया जाए। इसके लिए निर्धारित कक्षा-कक्ष, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय, भवन का संरचनात्मक और अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र, बिजली, पेयजल और पठन-पाठन की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही अस्थायी भवन की बाउंड्री और फेंसिंग तथा प्रस्तावित स्थायी विद्यालय की भूमि तक पहुंच मार्ग की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने की मांग की गई।जिप सदस्य ने कहा कि डुमरी क्षेत्र के विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए सभी प्रशासनिक औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर प्रस्ताव शीघ्र आगे भेजा जाना चाहिए, ताकि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो सके।2
- धनबाद: बैंक मोड़ शांति भवन में बिजली मीटर में लगी भीषण आग, अग्निशमन यंत्र के अभाव में मची अफरा-तफरी, समय पर दमकल ने टाला बड़ा हादसा । धनबाद के व्यस्त इलाके बैंक मोड़ स्थित शांति भवन बिल्डिंग में बुधवार बिजली मीटर में अचानक आग लग जाने से हड़कंप मच गया। आग लगते ही मीटर से धुआं और चिंगारियां निकलने लगीं, जिससे बिल्डिंग के फ्लैटों में रहने वाले लोग घबरा कर आनन-फानन में नीचे उतरने लगे। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि आग मीटर के ठीक बगल में संचालित जेनरेटर रूम तक नहीं पहुंच सकी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने में भरपूर सहयोग किया। शांति भवन के बगल स्थित मधुलिका इंक्लेव के निवासियों ने अपने यहां उपलब्ध फायर उपकरण लाकर आग बुझाने का प्रयास किया। शांति भवन के निवासियों ने आरोप लगाया कि बिल्डिंग में किसी प्रकार का अग्निशमन यंत्र या सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। दमकल कर्मियों और आम लोगों की सूझबूझ से समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया। फिलहाल शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण माना जा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति कुछ देर बाधित रही।1