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सिंघिया प्रखंड के सालेपुर पंचायत अंतर्गत भीरार में कलश यात्रा
Pankaj Baba
सिंघिया प्रखंड के सालेपुर पंचायत अंतर्गत भीरार में कलश यात्रा
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- कर्मकला ठाकुर स्वर्णकार संघ हसनपुर, सकरपुरा ने बाजार स्थित एक निजी होटल में होली मिलन समारोह मनाया।1
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- खानपुर प्रखंड में विद्यालयों का औचक निरीक्षण, कहीं खामियाँ तो कहीं सराहनीय व्यवस्था। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने बच्चों को खिलाई फाइलेरिया की दवा। समस्तीपुर जिले के खानपुर प्रखंड अंतर्गत जहांगीरपुर पंचायत में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार ने कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ विद्यालयों में कई तरह की कमियाँ सामने आईं, वहीं एक-दो विद्यालयों की वास्तविक स्थिति, साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को देखकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का मन प्रसन्न हो गया। निरीक्षण के क्रम में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जब राजकीय कृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, कोठिया पहुँचे, तो विद्यालय के प्रधानाध्यापक विपिन ठाकुर द्वारा उनका स्वागत किया गया। विद्यालय की पेंटिंग, रंग-रोगन, फूलों की सजावट, कार्यालय व्यवस्था, बच्चों का शिष्टाचार एवं अनुशासन देखकर शिक्षा पदाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने मिड-डे मील (MDM) की स्थिति, रंग-रोगन, बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालय तक पहुँचने वाले रास्ते सहित अन्य शैक्षणिक व बुनियादी सुविधाओं की गहनता से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं मौके पर मौजूद पंचायत के मुखिया चंद्र भूषण गुप्ता ने राजकीय कृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, कोठिया में RO (शुद्ध पेयजल मशीन) लगवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत के सभी विद्यालयों में बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग द्वारा जिन विद्यालयों में कमियाँ पाई गई हैं, उन्हें शीघ्र सुधारने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।1
- समस्तीपुर में भूकंप की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के दौरान जिले के आठ अलग-अलग स्थानों पर काल्पनिक रूप से भूकंप आने की स्थिति बनाई गई, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन किया गया। मॉक ड्रिल शुरू होने से पूर्व सभी विभागों की टीमें पटेल मैदान में एकत्रित हुईं, जहां जिलाधिकारी (डीएम) द्वारा विस्तृत ब्रीफिंग दी गई। ब्रीफिंग के बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, अग्निशमन दल और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें एंबुलेंस के साथ सायरन बजाते हुए निर्धारित स्थलों की ओर रवाना हुईं। निर्धारित स्थानों पर पहुंचकर टीमों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने, प्राथमिक उपचार देने और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभ्यास किया। जख्मी लोगों को एंबुलेंस के माध्यम से मेडिकल कैंप में लाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज किया। गंभीर रूप से घायल मरीजों को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। इस दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों के उपयोग का भी परीक्षण किया गया। प्रशासन ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम करना और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि भूकंप या किसी भी आपदा की स्थिति में घबराएं नहीं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।1
- अपने सभ शुभचिंतक साथी के महापर्व होलीक अग्रिम शुभकामनाएं।❤️🙏🏻1
- Post by Md.ayan.khan1