Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत गांव बोढा में बागपत तहसील पिछले 10 साल से खराब पड़ी है। इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है और लोगों से इस जानकारी को ज़्यादा से ज़्यादा साझा करने की अपील की जा रही है।
Gram Seva
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत गांव बोढा में बागपत तहसील पिछले 10 साल से खराब पड़ी है। इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है और लोगों से इस जानकारी को ज़्यादा से ज़्यादा साझा करने की अपील की जा रही है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत गांव बोढा में बागपत तहसील पिछले 10 साल से खराब पड़ी है। इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है और लोगों से इस जानकारी को ज़्यादा से ज़्यादा साझा करने की अपील की जा रही है।1
- दिल्ली के जंतर मंतर पर कर्नाटक के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जमीर अहमद ने धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन न्याय की मांग और डिप्टी CM पद की मांग को लेकर किया गया।1
- गाजियाबाद की लिंक रोड पुलिस टीम ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। चेकिंग के दौरान की गई इस कार्रवाई में उनके कब्जे से चोरी की गई दो चार पहिया गाड़ियाँ बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार, 06 जून 2026 को गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र में रहने वाले श्री श्यामबीर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 04 जून 2026 की शाम को उनके घर A-39, रामपुरी (सूर्य नगर) के सामने से उनकी ग्रे रंग की स्विफ्ट कार (पंजीकरण संख्या DL-12-CS-7174) चोरी हो गई थी। इस शिकायत पर लिंक रोड थाने में आईपीसी की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। जाँच के क्रम में, 17 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने दो आरोपियों को पकड़ा। इनकी पहचान मेरठ के सफीराबाद लोटी निवासी कामयराब (लगभग 50 वर्ष) और गाजियाबाद के दौलतपुरा निवासी सहदेव (मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले के मंझौल गाँव का निवासी, लगभग 39 वर्ष) के रूप में हुई। हालांकि, मेरठ के सफीराबाद लोटी निवासी कासिम मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से मारुति स्विफ्ट और मारुति अर्टिगा ब्रांड की दो चोरी की गाड़ियाँ बरामद कीं, जिनमें से अर्टिगा दिल्ली राज्य से चोरी हुई थी। अब आरोपियों के खिलाफ धारा 317(2)/3(5) बीएनएस जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों कामयराब और सहदेव ने स्वीकार किया कि बरामद दोनों वाहन चोरी के हैं। उन्होंने बताया कि स्विफ्ट कार लगभग 10-11 दिन पहले गाजियाबाद के रामपुरी से चोरी की थी, जबकि अर्टिगा गाड़ी 8-9 दिन पहले दिल्ली के यमुना विहार से चुराई थी। पकड़े जाने के डर से उन्होंने वाहनों की नंबर प्लेट हटाकर फेंक दी थी। उन्होंने स्विफ्ट का पंजीकरण नंबर DL 12CS 7174 और अर्टिगा का पंजीकरण नंबर DL 5CS 0523 बताया, जिनकी जाँच करने पर संबंधित चेसिस और इंजन नंबर सही पाए गए। आरोपियों ने पैसों की कमी और कर्ज के चलते वाहन चोरी करने की बात कबूल करते हुए माफी माँगी। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि रामपुरी से स्विफ्ट कार उन्होंने सहारनपुर जिले के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र निवासी नूर कमर उर्फ लंगड़ा (जिसकी डिजायर कार पंजीकरण संख्या UK 07BX 1383 है) के साथ मिलकर चुराई थी। वे दिल्ली से चुराई गई अर्टिगा को मेरठ जिले के किला परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र निवासी हसीन को बेचने की फिराक में थे, तभी पकड़े गए। नूर कमर उर्फ लंगड़ा और हसीन उनके गिरोह के सदस्य हैं, जिन्हें वे पहले भी चोरी के वाहन बेच चुके हैं। इस मामले में मेरठ निवासी कासिम, सहारनपुर निवासी नूर कमर उर्फ लंगड़ा, और मेरठ निवासी हसीन अभी भी फरार चल रहे हैं और पुलिस को उनकी तलाश है।1
- आषाढ़ के महीने में मीरा बाबा की जात किस प्रकार लगाई जाती है और उन्हें भेंट कैसे अर्पित की जाती है, इस संबंध में जानकारी मांगी गई है। इस बारे में विवरण प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति व्हाट्सएप नंबर 8527233646 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- थाना फेस-3 पुलिस और साइबर सेल ने दिनांक 18.06.2026 को बीट पुलिसिंग और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया ऐप (फेसबुक, इंस्टाग्राम) के माध्यम से लॉटरी के नाम पर ठगी करने वाले 10 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में एलन एंटनी पुत्र वी0जे एंटनी, अंकित कुमार पुत्र जयशंकर प्रसाद, राहुल पुत्र मनोज प्रसाद, शकील पुत्र मइमुद्दीन, राजशेखर पुत्र मणिक्यम, गुरु प्रसाद पुत्र शिव शरण अप्पा, विनय डीपी पुत्र परमेश्वर, विनोद कुमार पुत्र मुनीरेड्डी और संतोष पुत्र मनोहर शामिल हैं। इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त 20 मोबाइल फोन और ₹10,200/- नकद बरामद किए गए हैं।1
- बागपत के बड़ौत क्षेत्र में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड के मामले में फरार चल रहे ₹25 हजार के इनामी आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 9 जून 2026 को हुई थी जब बड़ौत निवासी राजेश कुमार ने थाना बड़ौत में शिकायत दर्ज कराई थी। राजेश कुमार ने आरोप लगाया था कि वरुण लुहारी और उसके साथियों ने तमंचे और पिस्टल से उनके परिजनों पर जानलेवा फायरिंग की, जिसमें उनके भाई सोहनलाल और भतीजे विकास अग्रवाल को गोली लग गई थी। दोनों को सीएचसी ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में थाना बड़ौत पर मुकदमा संख्या 401/26 के तहत विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। घटना के बाद से आरोपी फरार था और उस पर ₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस अधीक्षक बागपत के निर्देशन में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थाना बड़ौत पुलिस, सर्विलांस सेल और स्वाट टीम की संयुक्त 10 टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने विभिन्न राज्यों में दबिश दी और तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की तलाश जारी रखी। आरोपी की लोकेशन मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध 315 बोर तमंचा, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस ने यह भी कहा कि गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1