दौसा के मंडावर क्षेत्र में एक शराब ठेकेदार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आबकारी विभाग और शराब कारोबार से जुड़े कथित गठजोड़ को लेकर गंभीर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सायपुर पाखर बाईपास स्थित शराब दुकान के ठेकेदार करण सिंह गुर्जर ने इस वीडियो में आबकारी विभाग के अधिकारियों और बस स्टैंड स्थित शराब ठेका संचालक पर आरोप लगाया है कि नियमों को दरकिनार कर सरकारी निर्धारित दरों से कम कीमत पर शराब बेची जा रही है, जबकि शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। करण सिंह गुर्जर ने दावा किया है कि उन्होंने करोड़ों रुपये की राशि में वर्षभर के लिए शराब ठेका लिया है। ठेकेदार करण सिंह गुर्जर का आरोप है कि मंडावर बस स्टैंड स्थित शराब दुकान पर कथित रूप से कम कीमत पर शराब बेचकर बाजार व्यवस्था को प्रभावित किया जा रहा है। उनके अनुसार, निर्धारित न्यूनतम मूल्य से कम दर पर देशी शराब की बिक्री होने से अन्य लाइसेंसी दुकानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और ग्राहकों का रुझान भी प्रभावित हो रहा है। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा है कि संबंधित ठेके पर अंग्रेजी शराब निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेची जा रही है, जबकि देशी शराब कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही है। करण सिंह ने यह आरोप लगाया है कि इस संबंध में कई बार आबकारी विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी और संबंधित आबकारी निरीक्षक पर भी बस स्टैंड स्थित शराब ठेका संचालक के साथ कथित मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की गंभीरता को बढ़ाते हुए ठेकेदार ने वीडियो में यह आशंका भी जताई है कि संबंधित ठेके पर नकली शराब का कारोबार संचालित हो सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि उनके पास कुछ ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य हैं, जिन्हें वह आगामी समय में सार्वजनिक करेंगे। वीडियो सामने आने के बाद आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था, मूल्य नियंत्रण प्रणाली और शराब बिक्री संबंधी नियमों के पालन को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। मंडावर और आसपास के क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन आरोपों में तथ्य हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए, वहीं यदि आरोप निराधार हैं तो संबंधित पक्षों की स्थिति भी स्पष्ट होनी चाहिए। इस आरोप-प्रत्यारोप के प्रकरण ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को एक बार फिर सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है और अब सभी की निगाहें विभागीय जांच एवं प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। सहायक आबकारी अधिकारी धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि सायपुर पाखर शराब ठेकेदार का वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है और ठेकेदार की ओर से फोन पर भी शिकायत की गई थी। उन्होंने जानकारी दी कि मामले की जानकारी संबंधित आबकारी निरीक्षक को दे दी गई है तथा शिकायत के बिंदुओं का मौके पर सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में कोई अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिला आबकारी अधिकारी को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है, और उनके अवकाश पर होने के कारण उन्होंने मामले की निगरानी आबकारी निरीक्षक को सौंपी है, जो जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। वहीं, आबकारी निरीक्षक (बांदीकुई) लोकेश यादव ने वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया निराधार और तथ्यों से परे बताया। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता और जिस ठेके के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, दोनों के बीच व्यापारिक प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पूर्व में भी इसी प्रकार की शिकायतों पर बस स्टैंड स्थित शराब ठेके का दो बार सत्यापन किया जा चुका है। इसके बावजूद, वायरल वीडियो के बाद दोनों संबंधित ठेकों की पुनः जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो दोषी के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आबकारी अधिकारियों पर लगाए गए मिलीभगत संबंधी आरोपों की भी जांच कर आवश्यक कानूनी और विभागीय कदम उठाए जाएंगे।
दौसा के मंडावर क्षेत्र में एक शराब ठेकेदार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आबकारी विभाग और शराब कारोबार से जुड़े कथित गठजोड़ को लेकर गंभीर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सायपुर पाखर बाईपास स्थित शराब दुकान के ठेकेदार करण सिंह गुर्जर ने इस वीडियो में आबकारी विभाग के अधिकारियों और बस स्टैंड स्थित शराब ठेका संचालक पर आरोप लगाया है कि नियमों को दरकिनार कर सरकारी निर्धारित दरों से कम कीमत पर शराब बेची जा रही है, जबकि शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। करण सिंह गुर्जर ने दावा किया है कि उन्होंने करोड़ों रुपये की राशि में वर्षभर के लिए शराब ठेका लिया है। ठेकेदार करण सिंह गुर्जर का आरोप है कि मंडावर बस स्टैंड स्थित शराब दुकान पर कथित रूप से कम कीमत पर शराब बेचकर बाजार व्यवस्था को प्रभावित किया जा रहा है। उनके अनुसार, निर्धारित न्यूनतम मूल्य से कम दर पर देशी शराब की बिक्री होने से अन्य लाइसेंसी दुकानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और ग्राहकों का रुझान भी प्रभावित हो रहा है। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा है कि संबंधित ठेके पर अंग्रेजी शराब निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेची जा रही है, जबकि देशी शराब कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही है। करण सिंह ने यह आरोप लगाया है कि इस संबंध में कई बार आबकारी विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी और संबंधित आबकारी निरीक्षक पर भी बस स्टैंड स्थित शराब ठेका संचालक के साथ कथित मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की गंभीरता को बढ़ाते हुए ठेकेदार ने वीडियो में यह आशंका भी जताई है कि संबंधित ठेके पर नकली शराब का कारोबार संचालित हो सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि उनके पास कुछ ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य हैं, जिन्हें वह आगामी समय में सार्वजनिक करेंगे। वीडियो सामने आने के बाद आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था, मूल्य नियंत्रण प्रणाली और शराब बिक्री संबंधी नियमों के पालन को लेकर स्थानीय स्तर पर
सवाल उठने लगे हैं। मंडावर और आसपास के क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन आरोपों में तथ्य हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए, वहीं यदि आरोप निराधार हैं तो संबंधित पक्षों की स्थिति भी स्पष्ट होनी चाहिए। इस आरोप-प्रत्यारोप के प्रकरण ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को एक बार फिर सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है और अब सभी की निगाहें विभागीय जांच एवं प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। सहायक आबकारी अधिकारी धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि सायपुर पाखर शराब ठेकेदार का वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है और ठेकेदार की ओर से फोन पर भी शिकायत की गई थी। उन्होंने जानकारी दी कि मामले की जानकारी संबंधित आबकारी निरीक्षक को दे दी गई है तथा शिकायत के बिंदुओं का मौके पर सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में कोई अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिला आबकारी अधिकारी को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है, और उनके अवकाश पर होने के कारण उन्होंने मामले की निगरानी आबकारी निरीक्षक को सौंपी है, जो जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। वहीं, आबकारी निरीक्षक (बांदीकुई) लोकेश यादव ने वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया निराधार और तथ्यों से परे बताया। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता और जिस ठेके के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, दोनों के बीच व्यापारिक प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पूर्व में भी इसी प्रकार की शिकायतों पर बस स्टैंड स्थित शराब ठेके का दो बार सत्यापन किया जा चुका है। इसके बावजूद, वायरल वीडियो के बाद दोनों संबंधित ठेकों की पुनः जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो दोषी के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आबकारी अधिकारियों पर लगाए गए मिलीभगत संबंधी आरोपों की भी जांच कर आवश्यक कानूनी और विभागीय कदम उठाए जाएंगे।
- दौसा के मंडावर क्षेत्र में एक शराब ठेकेदार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आबकारी विभाग और शराब कारोबार से जुड़े कथित गठजोड़ को लेकर गंभीर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सायपुर पाखर बाईपास स्थित शराब दुकान के ठेकेदार करण सिंह गुर्जर ने इस वीडियो में आबकारी विभाग के अधिकारियों और बस स्टैंड स्थित शराब ठेका संचालक पर आरोप लगाया है कि नियमों को दरकिनार कर सरकारी निर्धारित दरों से कम कीमत पर शराब बेची जा रही है, जबकि शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। करण सिंह गुर्जर ने दावा किया है कि उन्होंने करोड़ों रुपये की राशि में वर्षभर के लिए शराब ठेका लिया है। ठेकेदार करण सिंह गुर्जर का आरोप है कि मंडावर बस स्टैंड स्थित शराब दुकान पर कथित रूप से कम कीमत पर शराब बेचकर बाजार व्यवस्था को प्रभावित किया जा रहा है। उनके अनुसार, निर्धारित न्यूनतम मूल्य से कम दर पर देशी शराब की बिक्री होने से अन्य लाइसेंसी दुकानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और ग्राहकों का रुझान भी प्रभावित हो रहा है। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा है कि संबंधित ठेके पर अंग्रेजी शराब निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेची जा रही है, जबकि देशी शराब कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही है। करण सिंह ने यह आरोप लगाया है कि इस संबंध में कई बार आबकारी विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी और संबंधित आबकारी निरीक्षक पर भी बस स्टैंड स्थित शराब ठेका संचालक के साथ कथित मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की गंभीरता को बढ़ाते हुए ठेकेदार ने वीडियो में यह आशंका भी जताई है कि संबंधित ठेके पर नकली शराब का कारोबार संचालित हो सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि उनके पास कुछ ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य हैं, जिन्हें वह आगामी समय में सार्वजनिक करेंगे। वीडियो सामने आने के बाद आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था, मूल्य नियंत्रण प्रणाली और शराब बिक्री संबंधी नियमों के पालन को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। मंडावर और आसपास के क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन आरोपों में तथ्य हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए, वहीं यदि आरोप निराधार हैं तो संबंधित पक्षों की स्थिति भी स्पष्ट होनी चाहिए। इस आरोप-प्रत्यारोप के प्रकरण ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को एक बार फिर सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है और अब सभी की निगाहें विभागीय जांच एवं प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। सहायक आबकारी अधिकारी धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि सायपुर पाखर शराब ठेकेदार का वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है और ठेकेदार की ओर से फोन पर भी शिकायत की गई थी। उन्होंने जानकारी दी कि मामले की जानकारी संबंधित आबकारी निरीक्षक को दे दी गई है तथा शिकायत के बिंदुओं का मौके पर सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में कोई अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिला आबकारी अधिकारी को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है, और उनके अवकाश पर होने के कारण उन्होंने मामले की निगरानी आबकारी निरीक्षक को सौंपी है, जो जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। वहीं, आबकारी निरीक्षक (बांदीकुई) लोकेश यादव ने वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया निराधार और तथ्यों से परे बताया। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता और जिस ठेके के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, दोनों के बीच व्यापारिक प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पूर्व में भी इसी प्रकार की शिकायतों पर बस स्टैंड स्थित शराब ठेके का दो बार सत्यापन किया जा चुका है। इसके बावजूद, वायरल वीडियो के बाद दोनों संबंधित ठेकों की पुनः जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो दोषी के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आबकारी अधिकारियों पर लगाए गए मिलीभगत संबंधी आरोपों की भी जांच कर आवश्यक कानूनी और विभागीय कदम उठाए जाएंगे।2
- कुरुक्षेत्र में रेनू भाटिया ने अपनी बात रखते हुए ₹100 देने के मतलब पर सवाल उठाया, यह स्पष्ट करते हुए कि वह तो दाना डाल रही थीं। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि अगर उन्हें जेल भी जाना पड़े, तो भी डॉक्टर को किसी VIP की तरह नहीं रखा जाएगा। इसके अलावा, रेनू भाटिया ने एक बच्ची से बात की, जिसने कुछ हैरान कर देने वाली बातें बताईं।1
- अलवर के लोहिया तिवाड़ा मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में एक नई कंपनी की स्थापना और उसके माध्यम से नए रोजगार के अवसर पैदा होने की जानकारी दी गई है। इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है कि क्या इस नए रोजगार के तहत काम करने वाले मजदूरों को उनके उचित अधिकार प्राप्त हो पाएंगे। पोस्ट में लोगों से इस विषय पर अपनी राय कमेंट्स में साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- रविवार को नौगांवा थाना पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया। दिनभर चली इस सघन जांच के दौरान, नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। यह अभियान राजस्थान पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसके तहत वाहनों पर पद, जाति या नाम लिखी पट्टियां लगाने और काली फिल्म का उपयोग करने वालों के विरुद्ध विशेष रूप से कड़ा रुख अपनाया जा रहा है।3
- प्रतापगढ़ के मोहल्ला भरला बाज़ार में कई घरों में नलों में पानी नहीं आ रहा है। स्थानीय निवासियों ने अपनी निजी लागत पर अपनी पाइपलाइनों को ठीक भी करवाया है, लेकिन इसके बावजूद भी उनके घरों में पानी की आपूर्ति बाधित है। क्षेत्र में पानी की समस्या बनी हुई है।1
- अलवर के लोहिया तिवारा स्थित केंद्रीय राजकीय अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह 6 बजे से ही मरीजों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं, लेकिन शाम तक भी उनका नंबर नहीं आता। खासतौर पर गरीब और मजदूर तबके के लोग इलाज कराने आते हैं, जिन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। शिकायत है कि यह अस्पताल केवल नाम का ही रह गया है, जहाँ कोई उचित सुविधा नहीं है और डॉक्टर भी लापरवाही बरतते हैं।4
- डीग जिले के बराई गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद, पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गुहार लगाई है। यह जानकारी राजेश चौधरी द्वारा दी गई है।1
- राजस्थान पुलिस और परिवहन विभाग वाहनों पर नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है। इस अभियान के तहत, उन पट्टियों को हटाना अनिवार्य किया गया है जिन पर पद, जाति या नाम लिखा होता है। इसके साथ ही, वाहनों पर काली फिल्म के उपयोग, किसी भी प्रकार के मॉडिफिकेशन और फ्लैशर लाइट लगाने पर भी सख्ती बरती जा रही है। यह कार्रवाई नौगांवा क्षेत्र सहित पूरे राज्य में की जा रही है।1