Shuru
Apke Nagar Ki App…
छतरपुर: खसरा नंबर 612 को आबादी भूमि में शामिल करने की मांग, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन छतरपुर: खसरा नंबर 612 को आबादी भूमि में शामिल करने की मांग, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन
Bharat Junction News
छतरपुर: खसरा नंबर 612 को आबादी भूमि में शामिल करने की मांग, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन छतरपुर: खसरा नंबर 612 को आबादी भूमि में शामिल करने की मांग, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- प्रथमेश्वर डिजिटल किताब हुआ विमोचन श्री गणेश जी के जीवन पर आधारित किताब गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी के जीवन पर आधारित किताब का विमोचन हुआ, इस डिजिटल किताब का लेखन दमोह जिला के बांसा कलां निवासी अभिनव मुखुटी ने किया है, तीखी बात किताब के लेखन के बाद यह अभिनव द्वारा प्रकाशित दूसरी किताब है, इस किताब के विषय में लेखक अभिनव मुखुटी ने बताया कि इस किताब में भगवान् गणेश के जीवन से जुड़े अनछुए पहलुओं पर लेखन किया गया है जैसे गणेश जी द्वारा बोली गई गीता, गणेश जी का नारी स्वरूप, गणेश जी के आठ अवतार, गणेश जी को दूर्वा और मोदक क्यों चढ़ाते है, मोरिया शब्द क्यों बोला जाता है, मूषक ही गणपति जी का वाहन क्यों बना, वो एकदंत क्यों कहलाते हैं ऐसी कथाओं और गणेश जी के 25 प्राचीन प्रसिद्ध मंदिरों का उल्लेख किया गया है। किताब के मुख्यपृष्ठ के वमोचन के समय मध्य प्रदेश शासन के मंत्री लखन पटेल ने बताया की इस किताब को पढ़ने से जन सामान्य के मध्य फैली किवदंतियों की पुष्टि हो पाएगी और गणेश जी को लेकर हमारे मन में उत्पन्न प्रश्नों के उत्तर भी मिल सकेंगे। वहीं भाजपा नेता अभिषेक भार्गव ने अभिनव द्वारा पाँच वर्षों में किए गए संकलन का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रथमेश्वर किताब डिजिटल रूप से 14 सितंबर गणेश चतुर्थी से 25 सितंबर अनंत चतुर्दशी तक फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नि: शुल्क पढ़ने को मिलेगी। भाजपा नेता सिद्धार्थ मलैया ने बताया कि यह 67 पृष्ठों की किताब में गणेश जी के जीवन की पौराणिक कथाओं से लेकर प्रसिद्ध मंदिरों के विषय में पढ़ने को मिलेगा जो की बच्चों के ज्ञानवर्धन हेतु उपयोगी सिद्ध होगी। अभिनव द्वारा प्रथमेश्वर का मुख्य पृष्ठ मंत्री एवं पथरिया विधायक लखन पटेल के अलावा रहली विधायक गोपाल भार्गव, दमोह विधायक जयंत मलैया, सागर विधायक शैलेंद्र जैन, दमोह जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गौरव पटेल, गढ़ाकोटा नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज तिवारी, जिला पंचायत सदस्य राव बृजेन्द्र सिंह, दमोह युवक कांग्रेस अध्यक्ष दृगपाल सिंह लोधी सहित अनेकों जनप्रतिनिधियों को भेंट किया गया।1
- छतरपुर: खसरा नंबर 612 को आबादी भूमि में शामिल करने की मांग, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन छतरपुर: खसरा नंबर 612 को आबादी भूमि में शामिल करने की मांग, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन1
- छिरावल जामनान पुरवा की गली सई करवा दि जाऐ छिरावल जामनान पुरवा मुख्यमंत्री से निवेदन है कि कृपया गली सई करवाऐ मेंशन करें सवी को1
- पलेरा के सहायक कनिष्ठ अभियंता लक्ष्मण कुशवाहा बने कनिष्ठ अभियंता *पलेरा (टीकमगढ़)।विद्युत विभाग पलेरा में पदस्थ सहायक कनिष्ठ अभियंता (सहायक कनिष्ठ यंत्री) लक्ष्मण कुशवाहा जी को पदोन्नत होकर कनिष्ठ अभियंता (कनिष्ठ यंत्री) बनाए जाने पर विद्युत विभाग के कर्मचारियों एवं _विद्युत विभाग की हेल्परो_ टीम द्वारा फूल-माला पहनाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई। इस अवसर पर कर्मचारियों ने उनके उज्जवल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विभाग और अधिक बेहतर कार्य करेगा। पलेरा के सहायक कनिष्ठ अभियंता लक्ष्मण कुशवाहा बने कनिष्ठ अभियंता *पलेरा (टीकमगढ़)।विद्युत विभाग पलेरा में पदस्थ सहायक कनिष्ठ अभियंता (सहायक कनिष्ठ यंत्री) लक्ष्मण कुशवाहा जी को पदोन्नत होकर कनिष्ठ अभियंता (कनिष्ठ यंत्री) बनाए जाने पर विद्युत विभाग के कर्मचारियों एवं _विद्युत विभाग की हेल्परो_ टीम द्वारा फूल-माला पहनाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई। इस अवसर पर कर्मचारियों ने उनके उज्जवल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विभाग और अधिक बेहतर कार्य करेगा।4
- नवागत जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ पहली बार पहुंचे पलेरा, कर्मचारियों की ली समीक्षा बैठक नवागत जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ पहली बार पहुंचे पलेरा, कर्मचारियों की ली समीक्षा बैठक पलेरा। नवागत जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ मंगलवार को पहली बार जनपद पंचायत कार्यालय पलेरा पहुंचे। यहां उन्होंने कर्मचारियों के साथ बैठक कर आगामी शासकीय कार्यक्रमों और विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री जन आशीर्वाद कैंप सहित शासन स्तर से 17 सितंबर से शुरू होने वाले अभियान की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में तहसीलदार पलक जैन, नगर परिषद सीएमओ शिवी उपाध्याय, जनपद पंचायत सीईओ अरविंद बोरकर सहित एपीओ, उपयंत्री एवं अन्य -कर्मचारी मौजूद रहे। जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी कार्यक्रमों की तैयारियां पर जोर दिया और विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाए। बैठक के बाद जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ ने क्षेत्र के ग्राम दांतगोरा और बराना पहुंचकर अमृत सरोवर तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तालाब की स्थिति और कराए गए कार्यों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- सीएम के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, रोजगार सुरक्षा समेत कई मांगें उठाईं युवा सर्वेयरों ने सौंपा ज्ञापन, एक सप्ताह में मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल1
- भोपाल ब्रेकिंग: Govt IToT हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग से 20 छात्र अस्पताल में भर्ती, प्रबंधन पर एम्बुलेंस लौटाने का आरोप (साक्ष्य संलग्न) भोपाल ब्रेकिंग: Govt IToT हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग से 20 छात्र अस्पताल में भर्ती, प्रबंधन पर एम्बुलेंस लौटाने का आरोप (साक्ष्य संलग्न) GOVT ITOT BOYS HOSTEL BHOPAL भोपाल ब्रेकिंग: Govt IToT भोपाल हॉस्टल में हाहाकार, दूषित खाने से 20 छात्र अस्पताल में भर्ती, प्रबंधन ने वापस लौटाई एम्बुलेंस!भोपाल, 15 सितंबर 2026गोविंदपुरा स्थित Govt IToT (Government Institute for Training of Trainers) भोपाल के बॉयज हॉस्टल में इस समय छात्रों की जान आफ़त में है। कॉलेज प्रशासन की घोर लापरवाही और हॉस्टल में चल रहे अवैध मेस घोटाले के कारण लगभग 20 छात्र गंभीर फूड पॉइजनिंग (Mass Food Poisoning) का शिकार हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कइयों की हालत बेहद नाज़ुक बनी हुई है। 🔴 बदनामी के डर से वापस लौटाई एम्बुलेंस, तड़पते रहे छात्रपीड़ित छात्रों का आरोप है कि रात में जब छात्रों की तबीयत बिगड़ी और एम्बुलेंस बुलाई गई, तो कॉलेज प्रबंधन ने अपनी बदनामी और घोटाले को छुपाने के लिए एम्बुलेंस को गेट से ही वापस लौटा दिया। प्रबंधन ने दावा किया कि वे खुद प्राइवेट में इलाज कराएंगे, लेकिन बाद में साफ़ मुकर गए। गंभीर रूप से बीमार छात्र बिना किसी स्ट्रेचर या मेडिकल सपोर्ट के, तड़पती हालत में खुद गाड़ियों का इंतज़ाम कर अस्पताल पहुँचे। इतने बड़े कैंपस में छात्रों के लिए कोई डॉक्टर या प्राथमिक उपचार (First Aid) तक की व्यवस्था नहीं है। 🔴 हॉस्टल में 'अवैध मेस घोटाला', वार्डन पर कमीशनखोरी का आरोपछात्रों ने सीधे तौर पर हॉस्टल वार्डन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। हॉस्टल में नियम के मुताबिक कोई आधिकारिक मेस नहीं है। वार्डन के दबाव में बाहर के किसी अनधिकृत वेंडर से घटिया और बासी खाना मंगवाया जाता है। इसी दूषित भोजन को खाने से लड़कों को उल्टियां और दस्त शुरू हो गए और देखते ही देखते 20 छात्र बीमार पड़ गए। 🔴 आए दिन light गुल, शौचालय के लिए 'बारिश का पानी' भरने को मजबूर छात्रहॉस्टल की दुर्दशा यहीं खत्म नहीं होती। छात्रों ने बताया कि हॉस्टल में आए दिन बिजली की समस्या रहती है और कोई पावर बैकअप (जनरेटर) नहीं है। पिछले 2 दिनों से हॉस्टल में न बिजली है और न पानी। छात्र शौचालय जाने और नहाने जैसी बुनियादी ज़रूरतों के लिए छतों से गिर रहे बारिश के पानी को बाल्टियों में भरने को मजबूर हैं। डिजिटल इंडिया के दौर में हॉस्टल में न तो वाई-फाई (Wi-Fi) है और न ही लाइब्रेरी चालू हालत में है। 🔴 सुरक्षा भी खतरे में: रात में शराब पीकर रहता है सिक्योरिटी गार्डछात्रों की सुरक्षा का आलम यह है कि रात की ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड भारी मात्रा में शराब पीकर ड्यूटी करता है। जब छात्र अपनी शिकायतें लेकर जाते हैं, तो वह लड़कों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करता है। 🔴 छात्रों ने दी चेतावनी: "DGT दिल्ली और जिला प्रशासन तुरंत करे FIR"पीड़ित छात्रों ने केंद्रीय महानिदेशक (DGT दिल्ली) और भोपाल कलेक्टर को आधिकारिक शिकायत भेजकर मांग की है कि:इस जानलेवा लापरवाही के ज़िम्मेदार हॉस्टल वार्डन और कॉलेज मैनेजमेंट के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर उन्हें सस्पेंड किया जाए।हॉस्टल में तुरंत डॉक्टर, स्थायी पावर बैकअप, साफ पानी और सरकारी मेस की व्यवस्था बहाल हो।छात्रों का कहना है कि यदि किसी भी साथी छात्र की जान को कुछ भी नुकसान पहुँचा, तो इसकी पूरी ज़िम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी।📸 मीडिया बंधुओं के लिए नोट: बीमार छात्रों के अस्पताल के पर्चे, अस्पताल में भर्ती लड़कों के विज़ुअल्स, और हॉस्टल में बारिश का पानी भरते हुए छात्रों के वीडियो और फोटो साक्ष्य के रूप में संलग्न (Attached) हैं।4
- रस्सी के सहारे जिंदगी, उफनता नाला पार कर स्कूल पहुंच रहे बच्चे पुरवा के 60 से ज्यादा ग्रामीणों की जान जोखिम में, बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग लकड़ी के सहारे पार कर रहे नाला राजनगर। राजनगर तहसील क्षेत्र के पुरवा गांव में बारिश के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांव के पास स्थित उफनते नाले को पार करने के लिए ग्रामीणों के पास सुरक्षित रास्ता नहीं होने के कारण 60 से अधिक ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नाला पार करने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। बच्चे रस्सी का सहारा लेकर नाला पार कर स्कूल पहुंच रहे हैं। वहीं महिलाएं और बुजुर्ग भी लकड़ी तथा अन्य साधनों के सहारे उफनते नाले को पार करते नजर आ रहे हैं। तेज बहाव के बीच नाला पार करना कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में नाले में पानी का बहाव बढ़ जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद गांव के लोगों को जरूरी कामों और बच्चों को स्कूल जाने के लिए इसी खतरनाक रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाले पर पुलिया या सुरक्षित आवागमन की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि स्कूली बच्चों सहित ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नाला पार न करना पड़े।1