Shuru
Apke Nagar Ki App…
UP गोरखपुर मै सारे आम गोली मरने की देती है दमकी ये लेडी डॉन KGB DIGITAL MEDIA 8278523209
KGB DIGITAL MEDIA
UP गोरखपुर मै सारे आम गोली मरने की देती है दमकी ये लेडी डॉन KGB DIGITAL MEDIA 8278523209
More news from Garhwa and nearby areas
- UP गोरखपुर मै सारे आम गोली मरने की देती है दमकी ये लेडी डॉन KGB DIGITAL MEDIA 82785232091
- Post by The Update Abtak1
- Post by Samaj seva2
- कांडी कॉलेज रोड में खुला न्यू फर्नीचर का दुकान ये दुकान लक्ष्मी चंद्रवंशी गर्ल स्कूल के बगल में जहां पर जाकर आप सामान को खरीद सकते हैं संपर्क मो0 9065231404/9973007623 मां लक्ष्मी फर्नीचर शोरूम कांडी1
- सरकी गांव में जंगली हाथी का तांडव, दंपति का कच्चा घर किया ध्वस्त, वन विभाग अलर्ट मोड में, चार गांवों में रातभर खतरे की चेतावनी हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनियां थाना क्षेत्र के सरकी गांव में रविवार सुबह करीब 7 बजे एक जंगली हाथी ने भारी तबाही मचाते हुए गांव के एक दंपति के कच्चे खपरैल मकान को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। अचानक हुई इस घटना से पीड़ित परिवार सदमे और दहशत में है, वहीं गांव समेत आसपास के इलाकों में भय का माहौल व्याप्त हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह जंगली हाथी पिछले कई महुनो से चिनिया थाना क्षेत्र में लगातार विचरण कर रहा है और लगभग हर दिन किसी न किसी गांव में नुकसान पहुंचा रहा है। रविवार को भी हाथी को एक बार फिर क्षेत्र के गांवों के आसपास देखा गया, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए चिनियां प्रभारी वनपाल अनिमेष कुमार ने रविवार शाम 6:00 बजे से पूरे क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया है। उन्होंने बताया कि यह एक अकेला जंगली हाथी है, जो आज रात खुर्री, मसरा, बिलैतीखैर और चपकली गांवों की सीमा में विचरण कर सकता है। वन विभाग ने इन सभी गांवों के ग्रामीणों से अत्यधिक सतर्क रहने, रात में घर से बाहर न निकलने और हाथी दिखने पर किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करने की अपील की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि किसी अन्य स्थान पर हाथी की मौजूदगी की सूचना मिले, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में डर और असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है, वहीं वन विभाग स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।1
- गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी पर मानहानि का केस दर्ज1
- 🔥 सोनभद्र महा-घोटाला: क्या 'पुरस्कृत' भ्रष्टाचार के आगे लाचार है सरकारी तंत्र? 🛑 सचिवालय को सजाने वाले मज़दूर को मिलीं गंदी गालियां और जान से मारने की धमकी; "पत्राचार से क्या उखाड़ लोगे?"—गुलालझरिया के प्रधान ने लोकतंत्र और कानून को बताया अपनी जूती! जनपद सोनभद्र के दुद्धी ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुलालझरिया आज तानाशाही और लूट का केंद्र बन चुकी है। मुख्यमंत्री पुरस्कार का मुखौटा पहनकर एक दबंग प्रधान ने न केवल एक मज़दूर का हक मारा, बल्कि उसे "ब्लैकमेलर" बताकर जान से मारने की धमकी भी दे डाली है। सचिवालय को अपने खून-पसीने से चमकाने वाले एक गरीब अल्पसंख्यक मज़दूर को भुगतान के बदले आज जान बचाने के लाले पड़ गए हैं। १. हक मांगा तो मिला "ब्लैकमेलर" का ठप्पा और मौत की धमकी! जब पीड़ित मज़दूर ने अपनी मेहनत की कमाई मांगी, तो प्रधान ने अपनी दबंगई दिखाते हुए उसे सरेआम "ब्लैकमेलर" करार दिया। प्रधान का अहंकार यहीं नहीं रुका, उसने मज़दूर को जान से मारने की सीधी धमकी देते हुए कहा कि अगर दोबारा पैसे मांगे या कहीं शिकायत की तो अंजाम बहुत बुरा होगा। पीड़ित का सवाल है— "साहब! अपना हक मांगना ब्लैकमेलिंग है क्या? क्या गरीब को अपनी मेहनत का पैसा मांगने पर जान से हाथ धोना पड़ेगा?" २. 'जनसुनवाई पोर्टल' (IGRS) की नाकामी: रसूखदारों की 'सेटिंग' का अड्डा! पीड़ित ने जब न्याय की उम्मीद में पोर्टल पर गुहार लगाई, तो वहां न्याय के बजाय 'साठ-गांठ' का नंगा नाच देखने को मिला। अधिकारियों ने बिना धरातल पर जांच किए, प्रधान के रसूख के आगे घुटने टेकते हुए शिकायतों को कागजों में ही 'निस्तारित' दिखा दिया। पीड़ित का आरोप है कि— "अधिकारी और प्रधान मिलकर शिकायतों का सौदा कर लेते हैं। आम नागरिक की आवाज़ केवल फाइलों में दबने के लिए है।" ३. "मीडिया ₹50 की, दरोगा-पत्रकार मेरे पालतू"—सिस्टम का सरेआम अपमान जब पीड़ित ने सच उजागर करने की चेतावनी दी, तो प्रधान ने सिस्टम को अपनी जागीर बताते हुए कहा— "लोकल मीडिया की औकात ₹50 की है, उन्हें मैं अपनी जेब में रखता हूँ। 2-4 पालतू पत्रकार और दरोगा तो मैंने भी पाल रखे हैं जो मेरे टुकड़ों पर पलते हैं।" उसने पुलिस विभाग को ललकारते हुए कहा— "थाना मेरी जेब में रहता है। तेरे बकाये पैसे में से 10% पुलिस को दूंगा और तुझे वहीं उल्टा लटकवाकर मारूंगा। 2-4 फर्जी केस लगाकर तुझे उम्र भर के लिए जेल में सड़ा दूंगा।" ४. अधिकारियों पर '40% कमीशन' का आरोप और ₹80 बनाम ₹200 का खेल! भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। अपनी गर्दन बचाने के लिए प्रधान ने खुद कुबूल किया कि— "हर काम में 40% कमीशन ब्लॉक के अधिकारियों और तंत्र में बांटना पड़ता है, तब बिल पास होता है।" इसी लूट को अंजाम देने के लिए जिस इंटीरियर कार्य का वास्तविक रेट ₹80/sqft था, उसे सरकारी कागजों में ₹200 से ऊपर का दिखाया गया है। हमारी मांग है कि पूरे पंचायत के कार्यों का तत्काल 'टेक्निकल ऑडिट' कराया जाए। आसपास के 4-5 गांव के कामो का स्पेेशल टीम से जांच पड़ताल कराया जाये ५. भद्दी गालियां, सांप्रदायिक प्रताड़ना और 'न्यायपालिका' को चुनौती अपना हक मांगने पर पीड़ित को ऐसी भद्दी और अमर्यादित गालियां दी जा रही हैं जिसे सभ्य समाज में सुना भी नहीं जा सकता। प्रधान सरेआम कहता है— "DM से शिकायत करोगे DM पैैसा दिला देगा और जज तुम्हारी जेब नहीं भरेंगे, पत्राचार करके क्या उखाड़ लोगे? कोई कोर्ट-कचहरी तुझे पैसा नहीं दिला पाएगी। ग्राम प्रधान का पावर बहुत होता है।" ⚠️ शासन और जिला प्रशासन के लिए चुभते सवाल: @dm_sonbhadra: साहब! एक गरीब की आंखों में आंसू हैं और आपके पद की सरेआम नीलामी हो रही है। क्या एक "मज़दूर" को "ब्लैकमेलर" कहकर उसकी जान लेने की धमकी देने वाले पर कार्रवाई होगी? @sonbhadrapolice: प्रधान दावा कर रहा है कि दरोगा उसके पालतू हैं और वह 10% रिश्वत देकर मज़दूर को उल्टा लटकवाएगा। क्या पुलिस विभाग अपनी वर्दी का यह अपमान सहेगा? सोनभद्र के पत्रकारों: क्या आप ₹50 की औकात बताने वाले और पत्रकारों को 'पालतू' कहने वाले इस भ्रष्ट प्रधान को अपनी कलम की ताकत दिखाएंगे? 3
- भारत में बहुत ज्यादा वायरल वीडियो वीडियो को पूरा देखिए फिर आपको पूरी बात समझ में आएगी यहां क्या चल रहा है1