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सावन के तीसरे सोमवार को सैंपऊ के ऐतिहासिक शिव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब धौलपुर सैंपऊ। सावन के तीसरे सोमवार को सैंपऊ स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह करीब तीन बजे से ही मंदिर परिसर में भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। पूरा मंदिर परिसर “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, दूध, दही, शर्करा और शहद अर्पित कर विधि-विधान से जलाभिषेक किया। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। सैंपऊ के इस ऐतिहासिक शिव मंदिर की धार्मिक आस्था दूर-दूर तक है। सावन के अवसर पर राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। भक्तों में मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा। हर तरफ शिव भक्ति और आस्था का रंग नजर आया। सावन के तीसरे सोमवार को सैंपऊ के ऐतिहासिक शिव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब धौलपुर सैंपऊ। सावन के तीसरे सोमवार को सैंपऊ स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह करीब तीन बजे से ही मंदिर परिसर में भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। पूरा मंदिर परिसर “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, दूध, दही, शर्करा और शहद अर्पित कर विधि-विधान से जलाभिषेक किया। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। सैंपऊ के इस ऐतिहासिक शिव मंदिर की धार्मिक आस्था दूर-दूर तक है। सावन के अवसर पर राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। भक्तों में मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा। हर तरफ शिव भक्ति और आस्था का रंग नजर आया।

15 hrs ago
user_Deepu Verma
Deepu Verma
धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
15 hrs ago

सावन के तीसरे सोमवार को सैंपऊ के ऐतिहासिक शिव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब धौलपुर सैंपऊ। सावन के तीसरे सोमवार को सैंपऊ स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह करीब तीन बजे से ही मंदिर परिसर में भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। पूरा मंदिर परिसर “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, दूध, दही, शर्करा और शहद अर्पित कर विधि-विधान से जलाभिषेक किया। बड़ी संख्या में महिला,

पुरुष और युवा श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। सैंपऊ के इस ऐतिहासिक शिव मंदिर की धार्मिक आस्था दूर-दूर तक है। सावन के अवसर पर राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। भक्तों में मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा। हर तरफ शिव भक्ति और आस्था का रंग नजर आया। सावन

के तीसरे सोमवार को सैंपऊ के ऐतिहासिक शिव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब धौलपुर सैंपऊ। सावन के तीसरे सोमवार को सैंपऊ स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह करीब तीन बजे से ही मंदिर परिसर में भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। पूरा मंदिर परिसर “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, दूध, दही, शर्करा और शहद अर्पित कर विधि-विधान से जलाभिषेक किया। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष

और युवा श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। सैंपऊ के इस ऐतिहासिक शिव मंदिर की धार्मिक आस्था दूर-दूर तक है। सावन के अवसर पर राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। भक्तों में मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा। हर तरफ शिव भक्ति और आस्था का रंग नजर आया।

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लिए शिवानी ने उठाई कांवड़ रामनगर पोरसा निवासी 17 वर्षीय कुमारी शिवानी प्रजापति ने अपने पिता अशोक प्रजापति के स्वास्थ्य लाभ की कामना को लेकर कांवड़ उठाई। प्राची अपने भाई विवेक प्रजापति के साथ करीब 200 किलोमीटर पैदल यात्रा कर पवित्र जल लेकर पोरसा पहुंचीं,,, बताया गया कि उनके पिता अशोक प्रजापति काफी समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। पिता को निरोगी देखने की इच्छा और भगवान भोलेनाथ में अटूट विश्वास के चलते शिवानी ने यह कठिन संकल्प लिया। सोमवार को उन्होंने नागाजी मंदिर स्थित भगवान भोलेनाथ को कांवड़ का पवित्र जल अर्पित कर अपने पिता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। भाई के स्वास्थ्य की कामना लेकर प्राची ने भी पूरी की कठिन यात्रा इसी तरह रामनगर निवासी 16 वर्षीय कुमारी प्राची प्रजापति ने अपने भाई नितिन प्रजापति के स्वास्थ्य लाभ की कामना से कांवड़ उठाई। प्राची अपने मामा कल्याण प्रजापति के साथ सौरों से कांवड़ लेकर पैदल पोरसा पहुंचीं। बताया गया कि प्राची के भाई नितिन प्रजापति लंबे समय से अस्वस्थ रहते हैं। भाई के स्वास्थ्य के लिए प्राची ने भगवान भोलेनाथ से मन्नत मांगी और करीब 200 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी कांवड़ यात्रा पूरी की। सोमवार को नागाजी मंदिर पहुंचकर उन्होंने भगवान भोलेनाथ को पवित्र गंगाजल अर्पित किया और भाई के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। 13 तारीख को पोरसा से निकले, 14 को उठाई कांवड़ परिजनों के अनुसार शिवानी और प्राची सहित श्रद्धालुओं का दल 13 तारीख को पोरसा से सौरों के लिए रवाना हुआ था। 14 तारीख को सौरों से कांवड़ उठाई गई। इसके बाद श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए 16 तारीख की शाम पोरसा क्षेत्र में पहुंचे। कांवड़ यात्रा पोरसा-नगरा घाट मार्ग से होते हुए आगे बढ़ी और सोमवार को श्रद्धालुओं ने नागाजी मंदिर स्थित भगवान भोलेनाथ को कांवड़ अर्पित की। इस यात्रा में रामवीर प्रजापति, रूप किशोर प्रजापति, जितेंद्र प्रजापति और राम बहादुर प्रजापति सहित अन्य श्रद्धालु भी शामिल रहे। कांवड़ बनी आस्था, संकल्प और अपनों के प्रति प्रेम की मिसाल इस कांवड़ यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि इसमें केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि परिवार के प्रति प्रेम और समर्पण भी दिखाई दिया। महज 16 और 17 वर्ष की शिवानी और प्राची ने अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य के लिए करीब 200 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर यह संदेश दिया कि श्रद्धा के सामने कठिन रास्ते भी आसान हो जाते हैं। कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु कांवड़ में पवित्र जल लेकर पूरे रास्ते भगवान शिव का स्मरण करते हुए आगे बढ़ते हैं। यात्रा पूरी होने के बाद उस जल से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। भक्तों का विश्वास होता है कि भगवान भोलेनाथ उनकी श्रद्धा, तपस्या और संकल्प को स्वीकार कर परिवार में सुख-शांति और स्वास्थ्य प्रदान करेंगे। सोमवार को जब शिवानी और प्राची ने नागाजी मंदिर में भगवान भोलेनाथ को कांवड़ का जल अर्पित किया तो यह पल उनके लिए भावुक और यादगार बन गया। दोनों ने अपने-अपने परिजनों के स्वास्थ्य लाभ की कामना के साथ भोलेनाथ के चरणों में मन्नत अर्पित की। आस्था की इस यात्रा ने यह साबित कर दिया कि कांवड़ केवल जल लाने की परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धा, संकल्प, त्याग और अपने प्रियजनों के लिए की गई प्रार्थना का प्रतीक भी है। हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से अपने परिवार के लिए सुख, शांति और निरोगी जीवन का आशीर्वाद मांगा। शिव के प्रति समर्पण, त्याग और श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है। श्रद्धालु पवित्र गंगाजल को कांवड़ में लेकर पैदल यात्रा करते हैं और अपने आराध्य भगवान शिव को अर्पित करते हैं। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और संकल्प के साथ की गई कांवड़ यात्रा भगवान भोलेनाथ के प्रति भक्त की आस्था और समर्पण को दर्शाती है। इसी विश्वास के साथ अनेक श्रद्धालु अपने और अपने परिवार के सुख, शांति, स्वास्थ्य तथा मनोकामना पूर्ति के लिए कांवड़ उठाते हैं। पिता के स्वास्थ्य के लिए शिवानी ने उठाई कांवड़ रामनगर पोरसा निवासी 17 वर्षीय कुमारी शिवानी प्रजापति ने अपने पिता अशोक प्रजापति के स्वास्थ्य लाभ की कामना को लेकर कांवड़ उठाई। प्राची अपने भाई विवेक प्रजापति के साथ करीब 200 किलोमीटर पैदल यात्रा कर पवित्र जल लेकर पोरसा पहुंचीं,,, बताया गया कि उनके पिता अशोक प्रजापति काफी समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। पिता को निरोगी देखने की इच्छा और भगवान भोलेनाथ में अटूट विश्वास के चलते शिवानी ने यह कठिन संकल्प लिया। सोमवार को उन्होंने नागाजी मंदिर स्थित भगवान भोलेनाथ को कांवड़ का पवित्र जल अर्पित कर अपने पिता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। भाई के स्वास्थ्य की कामना लेकर प्राची ने भी पूरी की कठिन यात्रा इसी तरह रामनगर निवासी 16 वर्षीय कुमारी प्राची प्रजापति ने अपने भाई नितिन प्रजापति के स्वास्थ्य लाभ की कामना से कांवड़ उठाई। प्राची अपने मामा कल्याण प्रजापति के साथ सौरों से कांवड़ लेकर पैदल पोरसा पहुंचीं। बताया गया कि प्राची के भाई नितिन प्रजापति लंबे समय से अस्वस्थ रहते हैं। भाई के स्वास्थ्य के लिए प्राची ने भगवान भोलेनाथ से मन्नत मांगी और करीब 200 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी कांवड़ यात्रा पूरी की। सोमवार को नागाजी मंदिर पहुंचकर उन्होंने भगवान भोलेनाथ को पवित्र गंगाजल अर्पित किया और भाई के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। 13 तारीख को पोरसा से निकले, 14 को उठाई कांवड़ परिजनों के अनुसार शिवानी और प्राची सहित श्रद्धालुओं का दल 13 तारीख को पोरसा से सौरों के लिए रवाना हुआ था। 14 तारीख को सौरों से कांवड़ उठाई गई। इसके बाद श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए 16 तारीख की शाम पोरसा क्षेत्र में पहुंचे। कांवड़ यात्रा पोरसा-नगरा घाट मार्ग से होते हुए आगे बढ़ी और सोमवार को श्रद्धालुओं ने नागाजी मंदिर स्थित भगवान भोलेनाथ को कांवड़ अर्पित की। इस यात्रा में रामवीर प्रजापति, रूप किशोर प्रजापति, जितेंद्र प्रजापति और राम बहादुर प्रजापति सहित अन्य श्रद्धालु भी शामिल रहे। कांवड़ बनी आस्था, संकल्प और अपनों के प्रति प्रेम की मिसाल इस कांवड़ यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि इसमें केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि परिवार के प्रति प्रेम और समर्पण भी दिखाई दिया। महज 16 और 17 वर्ष की शिवानी और प्राची ने अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य के लिए करीब 200 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर यह संदेश दिया कि श्रद्धा के सामने कठिन रास्ते भी आसान हो जाते हैं। कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु कांवड़ में पवित्र जल लेकर पूरे रास्ते भगवान शिव का स्मरण करते हुए आगे बढ़ते हैं। यात्रा पूरी होने के बाद उस जल से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। भक्तों का विश्वास होता है कि भगवान भोलेनाथ उनकी श्रद्धा, तपस्या और संकल्प को स्वीकार कर परिवार में सुख-शांति और स्वास्थ्य प्रदान करेंगे। सोमवार को जब शिवानी और प्राची ने नागाजी मंदिर में भगवान भोलेनाथ को कांवड़ का जल अर्पित किया तो यह पल उनके लिए भावुक और यादगार बन गया। दोनों ने अपने-अपने परिजनों के स्वास्थ्य लाभ की कामना के साथ भोलेनाथ के चरणों में मन्नत अर्पित की। आस्था की इस यात्रा ने यह साबित कर दिया कि कांवड़ केवल जल लाने की परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धा, संकल्प, त्याग और अपने प्रियजनों के लिए की गई प्रार्थना का प्रतीक भी है। हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से अपने परिवार के लिए सुख, शांति और निरोगी जीवन का आशीर्वाद मांगा।
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    निरोगी होने की मन्नत लेकर 200 किलोमीटर पैदल चलीं शिवानी और प्राची, नागाजी मंदिर में भोलेनाथ को अर्पित की कांवड़

पोरसा    सावन माह के तृतीया सोमवार को नगर में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा और अपने परिजनों के स्वास्थ्य की कामना लेकर सैकड़ों कांवड़िए पवित्र गंगाजल की कांवड़ लेकर सौरों से पोरसा पहुंचे। आज सोमवार को श्रद्धालुओं ने विधि-विधान और श्रद्धा के साथ कांवड़ में लाए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।
कांवड़ यात्रा सनातन परंपरा में भगवान शिव के प्रति समर्पण, त्याग और श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है। श्रद्धालु पवित्र गंगाजल को कांवड़ में लेकर पैदल यात्रा करते हैं और अपने आराध्य भगवान शिव को अर्पित करते हैं। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और संकल्प के साथ की गई कांवड़ यात्रा भगवान भोलेनाथ के प्रति भक्त की आस्था और समर्पण को दर्शाती है। इसी विश्वास के साथ अनेक श्रद्धालु अपने और अपने परिवार के सुख, शांति, स्वास्थ्य तथा मनोकामना पूर्ति के लिए कांवड़ उठाते हैं।
पिता के स्वास्थ्य के लिए शिवानी ने उठाई कांवड़
रामनगर पोरसा निवासी 17 वर्षीय कुमारी शिवानी प्रजापति ने अपने पिता अशोक प्रजापति के स्वास्थ्य लाभ की कामना को लेकर कांवड़ उठाई। प्राची अपने भाई विवेक प्रजापति के साथ करीब 200 किलोमीटर पैदल यात्रा कर पवित्र जल लेकर पोरसा पहुंचीं,,,
बताया गया कि उनके पिता अशोक प्रजापति काफी समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। पिता को निरोगी देखने की इच्छा और भगवान भोलेनाथ में अटूट विश्वास के चलते शिवानी ने यह कठिन संकल्प लिया। सोमवार को उन्होंने नागाजी मंदिर स्थित भगवान भोलेनाथ को कांवड़ का पवित्र जल अर्पित कर अपने पिता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की।
भाई के स्वास्थ्य की कामना लेकर प्राची ने भी पूरी की कठिन यात्रा
इसी तरह रामनगर निवासी 16 वर्षीय कुमारी प्राची प्रजापति ने अपने भाई नितिन प्रजापति के स्वास्थ्य लाभ की कामना से कांवड़ उठाई। प्राची अपने मामा कल्याण प्रजापति के साथ सौरों से कांवड़ लेकर पैदल पोरसा पहुंचीं।
बताया गया कि प्राची के भाई नितिन प्रजापति लंबे समय से अस्वस्थ रहते हैं। भाई के स्वास्थ्य के लिए प्राची ने भगवान भोलेनाथ से मन्नत मांगी और करीब 200 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी कांवड़ यात्रा पूरी की। सोमवार को नागाजी मंदिर पहुंचकर उन्होंने भगवान भोलेनाथ को पवित्र गंगाजल अर्पित किया और भाई के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
13 तारीख को पोरसा से निकले, 14 को उठाई कांवड़
परिजनों के अनुसार शिवानी और प्राची सहित श्रद्धालुओं का दल 13 तारीख को पोरसा से सौरों के लिए रवाना हुआ था। 14 तारीख को सौरों से कांवड़ उठाई गई। इसके बाद श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए 16 तारीख की शाम पोरसा क्षेत्र में पहुंचे। कांवड़ यात्रा पोरसा-नगरा घाट मार्ग से होते हुए आगे बढ़ी और सोमवार को श्रद्धालुओं ने नागाजी मंदिर स्थित भगवान भोलेनाथ को कांवड़ अर्पित की।
इस यात्रा में रामवीर प्रजापति, रूप किशोर प्रजापति, जितेंद्र प्रजापति और राम बहादुर प्रजापति सहित अन्य श्रद्धालु भी शामिल रहे।
कांवड़ बनी आस्था, संकल्प और अपनों के प्रति प्रेम की मिसाल
इस कांवड़ यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि इसमें केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि परिवार के प्रति प्रेम और समर्पण भी दिखाई दिया। महज 16 और 17 वर्ष की शिवानी और प्राची ने अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य के लिए करीब 200 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर यह संदेश दिया कि श्रद्धा के सामने कठिन रास्ते भी आसान हो जाते हैं।
कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु कांवड़ में पवित्र जल लेकर पूरे रास्ते भगवान शिव का स्मरण करते हुए आगे बढ़ते हैं। यात्रा पूरी होने के बाद उस जल से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। भक्तों का विश्वास होता है कि भगवान भोलेनाथ उनकी श्रद्धा, तपस्या और संकल्प को स्वीकार कर परिवार में सुख-शांति और स्वास्थ्य प्रदान करेंगे।
सोमवार को जब शिवानी और प्राची ने नागाजी मंदिर में भगवान भोलेनाथ को कांवड़ का जल अर्पित किया तो यह पल उनके लिए भावुक और यादगार बन गया। दोनों ने अपने-अपने परिजनों के स्वास्थ्य लाभ की कामना के साथ भोलेनाथ के चरणों में मन्नत अर्पित की।
आस्था की इस यात्रा ने यह साबित कर दिया कि कांवड़ केवल जल लाने की परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धा, संकल्प, त्याग और अपने प्रियजनों के लिए की गई प्रार्थना का प्रतीक भी है। हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से अपने परिवार के लिए सुख, शांति और निरोगी जीवन का आशीर्वाद मांगा।
शिव के प्रति समर्पण, त्याग और श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है। श्रद्धालु पवित्र गंगाजल को कांवड़ में लेकर पैदल यात्रा करते हैं और अपने आराध्य भगवान शिव को अर्पित करते हैं। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और संकल्प के साथ की गई कांवड़ यात्रा भगवान भोलेनाथ के प्रति भक्त की आस्था और समर्पण को दर्शाती है। इसी विश्वास के साथ अनेक श्रद्धालु अपने और अपने परिवार के सुख, शांति, स्वास्थ्य तथा मनोकामना पूर्ति के लिए कांवड़ उठाते हैं।
पिता के स्वास्थ्य के लिए शिवानी ने उठाई कांवड़
रामनगर पोरसा निवासी 17 वर्षीय कुमारी शिवानी प्रजापति ने अपने पिता अशोक प्रजापति के स्वास्थ्य लाभ की कामना को लेकर कांवड़ उठाई। प्राची अपने भाई विवेक प्रजापति के साथ करीब 200 किलोमीटर पैदल यात्रा कर पवित्र जल लेकर पोरसा पहुंचीं,,,
बताया गया कि उनके पिता अशोक प्रजापति काफी समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। पिता को निरोगी देखने की इच्छा और भगवान भोलेनाथ में अटूट विश्वास के चलते शिवानी ने यह कठिन संकल्प लिया। सोमवार को उन्होंने नागाजी मंदिर स्थित भगवान भोलेनाथ को कांवड़ का पवित्र जल अर्पित कर अपने पिता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की।
भाई के स्वास्थ्य की कामना लेकर प्राची ने भी पूरी की कठिन यात्रा
इसी तरह रामनगर निवासी 16 वर्षीय कुमारी प्राची प्रजापति ने अपने भाई नितिन प्रजापति के स्वास्थ्य लाभ की कामना से कांवड़ उठाई। प्राची अपने मामा कल्याण प्रजापति के साथ सौरों से कांवड़ लेकर पैदल पोरसा पहुंचीं।
बताया गया कि प्राची के भाई नितिन प्रजापति लंबे समय से अस्वस्थ रहते हैं। भाई के स्वास्थ्य के लिए प्राची ने भगवान भोलेनाथ से मन्नत मांगी और करीब 200 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी कांवड़ यात्रा पूरी की। सोमवार को नागाजी मंदिर पहुंचकर उन्होंने भगवान भोलेनाथ को पवित्र गंगाजल अर्पित किया और भाई के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
13 तारीख को पोरसा से निकले, 14 को उठाई कांवड़
परिजनों के अनुसार शिवानी और प्राची सहित श्रद्धालुओं का दल 13 तारीख को पोरसा से सौरों के लिए रवाना हुआ था। 14 तारीख को सौरों से कांवड़ उठाई गई। इसके बाद श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए 16 तारीख की शाम पोरसा क्षेत्र में पहुंचे। कांवड़ यात्रा पोरसा-नगरा घाट मार्ग से होते हुए आगे बढ़ी और सोमवार को श्रद्धालुओं ने नागाजी मंदिर स्थित भगवान भोलेनाथ को कांवड़ अर्पित की।
इस यात्रा में रामवीर प्रजापति, रूप किशोर प्रजापति, जितेंद्र प्रजापति और राम बहादुर प्रजापति सहित अन्य श्रद्धालु भी शामिल रहे।
कांवड़ बनी आस्था, संकल्प और अपनों के प्रति प्रेम की मिसाल
इस कांवड़ यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि इसमें केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि परिवार के प्रति प्रेम और समर्पण भी दिखाई दिया। महज 16 और 17 वर्ष की शिवानी और प्राची ने अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य के लिए करीब 200 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर यह संदेश दिया कि श्रद्धा के सामने कठिन रास्ते भी आसान हो जाते हैं।
कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु कांवड़ में पवित्र जल लेकर पूरे रास्ते भगवान शिव का स्मरण करते हुए आगे बढ़ते हैं। यात्रा पूरी होने के बाद उस जल से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। भक्तों का विश्वास होता है कि भगवान भोलेनाथ उनकी श्रद्धा, तपस्या और संकल्प को स्वीकार कर परिवार में सुख-शांति और स्वास्थ्य प्रदान करेंगे।
सोमवार को जब शिवानी और प्राची ने नागाजी मंदिर में भगवान भोलेनाथ को कांवड़ का जल अर्पित किया तो यह पल उनके लिए भावुक और यादगार बन गया। दोनों ने अपने-अपने परिजनों के स्वास्थ्य लाभ की कामना के साथ भोलेनाथ के चरणों में मन्नत अर्पित की।
आस्था की इस यात्रा ने यह साबित कर दिया कि कांवड़ केवल जल लाने की परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धा, संकल्प, त्याग और अपने प्रियजनों के लिए की गई प्रार्थना का प्रतीक भी है। हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से अपने परिवार के लिए सुख, शांति और निरोगी जीवन का आशीर्वाद मांगा।
    user_Malkhan parmar
    Malkhan parmar
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सावन के तीसरे सोमवार को शिवालयों पर रही ‘बम बम भोले’ की गूंज, जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। राजाखेड़ा में भोलनाथ के जयकारों से गूंजे मंदिर; सुबह 4 बजे से लगी कतारें; कावड़ियों और महिलाओं ने किया रुद्राभिषेक; जगह-जगह भंडारे और प्रसाद वितरण; सुरक्षा के कड़े इंतजाम* सावन माह के तीसरे सोमवार,को राजाखेड़ा क्षेत्र के सभी शिवालय भक्ति और आस्था के रंग में रंगे नजर आए। सुबह से ही ‘बम बम भोले और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब राजाखेड़ा के प्राचीन गढ़ी वाले महादेव मंदिर,नलिया चौक शिव मंदिर,वार्ड 30 स्थित वनखण्डेश्वर महादेव,में भीड़ रही। श्रद्धालु सुबह 4 बजे से ही जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा लेकर मंदिरों के बाहर कतार में लग गए। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने पूरे भक्तिभाव से भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। राजाखेड़ा निवासी , प्रियांशी ने बताया हर सोमवार व्रत रखती हूं। आज तीसरा सोमवार है। भोलेनाथ सबकी मनोकामना पूरी करें।" कावड़िया लोकेंद्र सिंह ने करीब 210 KM दूर गंगा मैया से जल लाकर शिवलिंग पर चढ़ाया। इस बार बच्चियों भी कांवड़ लेकर आई उन्होंने कहा सावन में शिवजी जल्दी प्रसन्न होते हैं।" पुजारी पंडित कृष्ण पुरी"आज पंचामृत अभिषेक, बिल्वपत्र और रुद्र पाठ हुआ। शाम तक 5000 से ज्यादा भक्त दर्शन कर चुके होंगे।" कई मंदिरों में पंडितों द्वारा विशेष रुद्राभिषेक कराया गया शिव भक्तों ने भंडारे लगाए। खीर, हलवा और प्रसाद वितरित किया मंदिरों को फूल, बेलपत्र और तिरंगे की लाइटों से सजाया गया,भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर रहा। थानाधिकारी वीर सिंह, सावन का चौथा और अंतिम सोमवार 31 अगस्त को होगा। उसके लिए भी मंदिर समितियों ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। सावन के तीसरे सोमवार को शिवालयों पर रही ‘बम बम भोले’ की गूंज, जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। राजाखेड़ा में भोलनाथ के जयकारों से गूंजे मंदिर; सुबह 4 बजे से लगी कतारें; कावड़ियों और महिलाओं ने किया रुद्राभिषेक; जगह-जगह भंडारे और प्रसाद वितरण; सुरक्षा के कड़े इंतजाम* सावन माह के तीसरे सोमवार,को राजाखेड़ा क्षेत्र के सभी शिवालय भक्ति और आस्था के रंग में रंगे नजर आए। सुबह से ही ‘बम बम भोले और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब राजाखेड़ा के प्राचीन गढ़ी वाले महादेव मंदिर,नलिया चौक शिव मंदिर,वार्ड 30 स्थित वनखण्डेश्वर महादेव,में भीड़ रही। श्रद्धालु सुबह 4 बजे से ही जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा लेकर मंदिरों के बाहर कतार में लग गए। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने पूरे भक्तिभाव से भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। राजाखेड़ा निवासी , प्रियांशी ने बताया हर सोमवार व्रत रखती हूं। आज तीसरा सोमवार है। भोलेनाथ सबकी मनोकामना पूरी करें।" कावड़िया लोकेंद्र सिंह ने करीब 210 KM दूर गंगा मैया से जल लाकर शिवलिंग पर चढ़ाया। इस बार बच्चियों भी कांवड़ लेकर आई उन्होंने कहा सावन में शिवजी जल्दी प्रसन्न होते हैं।" पुजारी पंडित कृष्ण पुरी"आज पंचामृत अभिषेक, बिल्वपत्र और रुद्र पाठ हुआ। शाम तक 5000 से ज्यादा भक्त दर्शन कर चुके होंगे।" कई मंदिरों में पंडितों द्वारा विशेष रुद्राभिषेक कराया गया शिव भक्तों ने भंडारे लगाए। खीर, हलवा और प्रसाद वितरित किया मंदिरों को फूल, बेलपत्र और तिरंगे की लाइटों से सजाया गया,भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर रहा। थानाधिकारी वीर सिंह, सावन का चौथा और अंतिम सोमवार 31 अगस्त को होगा। उसके लिए भी मंदिर समितियों ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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    सावन के तीसरे सोमवार को शिवालयों पर रही ‘बम बम भोले’ की गूंज, जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। 

राजाखेड़ा में भोलनाथ के जयकारों से गूंजे मंदिर; सुबह 4 बजे से लगी कतारें; कावड़ियों और महिलाओं ने किया रुद्राभिषेक; जगह-जगह भंडारे और प्रसाद वितरण; सुरक्षा के कड़े इंतजाम*

सावन माह के तीसरे सोमवार,को राजाखेड़ा क्षेत्र के सभी शिवालय भक्ति और आस्था के रंग में रंगे नजर आए। सुबह से ही ‘बम बम भोले और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब 
राजाखेड़ा के प्राचीन गढ़ी वाले महादेव मंदिर,नलिया चौक शिव मंदिर,वार्ड 30 स्थित वनखण्डेश्वर  महादेव,में भीड़ रही। श्रद्धालु सुबह 4 बजे से ही जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा लेकर मंदिरों के बाहर कतार में लग गए। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने पूरे भक्तिभाव से भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया।
  
राजाखेड़ा निवासी , प्रियांशी ने बताया  हर सोमवार व्रत रखती हूं। आज तीसरा सोमवार है। भोलेनाथ सबकी मनोकामना पूरी करें।"
कावड़िया  लोकेंद्र सिंह ने करीब 210 KM दूर गंगा मैया  से जल लाकर शिवलिंग पर चढ़ाया। इस बार  बच्चियों भी कांवड़ लेकर आई उन्होंने कहा सावन में शिवजी जल्दी प्रसन्न होते हैं।"
पुजारी पंडित कृष्ण पुरी"आज पंचामृत अभिषेक, बिल्वपत्र और रुद्र पाठ हुआ। शाम तक 5000 से ज्यादा भक्त दर्शन कर चुके होंगे।"
कई मंदिरों में पंडितों द्वारा विशेष रुद्राभिषेक कराया गया
शिव भक्तों ने भंडारे लगाए। खीर, हलवा और प्रसाद वितरित किया
मंदिरों को फूल, बेलपत्र और तिरंगे की लाइटों से सजाया गया,भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर रहा। थानाधिकारी वीर सिंह,

सावन का चौथा और अंतिम सोमवार 31 अगस्त को होगा। उसके लिए भी मंदिर समितियों ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सावन के तीसरे सोमवार को शिवालयों पर रही ‘बम बम भोले’ की गूंज, जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। 
राजाखेड़ा में भोलनाथ के जयकारों से गूंजे मंदिर; सुबह 4 बजे से लगी कतारें; कावड़ियों और महिलाओं ने किया रुद्राभिषेक; जगह-जगह भंडारे और प्रसाद वितरण; सुरक्षा के कड़े इंतजाम*
सावन माह के तीसरे सोमवार,को राजाखेड़ा क्षेत्र के सभी शिवालय भक्ति और आस्था के रंग में रंगे नजर आए। सुबह से ही ‘बम बम भोले और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब 
राजाखेड़ा के प्राचीन गढ़ी वाले महादेव मंदिर,नलिया चौक शिव मंदिर,वार्ड 30 स्थित वनखण्डेश्वर  महादेव,में भीड़ रही। श्रद्धालु सुबह 4 बजे से ही जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा लेकर मंदिरों के बाहर कतार में लग गए। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने पूरे भक्तिभाव से भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया।
राजाखेड़ा निवासी , प्रियांशी ने बताया  हर सोमवार व्रत रखती हूं। आज तीसरा सोमवार है। भोलेनाथ सबकी मनोकामना पूरी करें।"
कावड़िया  लोकेंद्र सिंह ने करीब 210 KM दूर गंगा मैया  से जल लाकर शिवलिंग पर चढ़ाया। इस बार  बच्चियों भी कांवड़ लेकर आई उन्होंने कहा सावन में शिवजी जल्दी प्रसन्न होते हैं।"
पुजारी पंडित कृष्ण पुरी"आज पंचामृत अभिषेक, बिल्वपत्र और रुद्र पाठ हुआ। शाम तक 5000 से ज्यादा भक्त दर्शन कर चुके होंगे।"
कई मंदिरों में पंडितों द्वारा विशेष रुद्राभिषेक कराया गया
शिव भक्तों ने भंडारे लगाए। खीर, हलवा और प्रसाद वितरित किया
मंदिरों को फूल, बेलपत्र और तिरंगे की लाइटों से सजाया गया,भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर रहा। थानाधिकारी वीर सिंह,
सावन का चौथा और अंतिम सोमवार 31 अगस्त को होगा। उसके लिए भी मंदिर समितियों ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।
    user_Jaypal Singh
    Jaypal Singh
    Local News Reporter राजाखेड़ा, धौलपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • बारिश के दिनों में रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिससे पैदल चलना और वाहन निकालना भी मुश्किल हो जाता है।
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    बारिश के दिनों में रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिससे पैदल चलना और वाहन निकालना भी मुश्किल हो जाता है।
    user_Patrakar वंदे भारत न्यूज़
    Patrakar वंदे भारत न्यूज़
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • रिपोर्टर देवेंद्र कुमार सिंघल सत्यार्थ न्यूज रुदावल, भरतपुर रुदावल सीएचसी खुद बीमार, मरीजों का इलाज कैसे होगा? रुदावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पिछले करीब एक महीने से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। करीब 45 गांवों से जुड़े इस अस्पताल में डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से मरीजों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सकों की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। उनका कहना है कि कभी डॉक्टर उपलब्ध होते हैं तो कभी लंबे समय तक मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में गंभीर मरीजों सहित अन्य लोगों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों या दूर-दराज के चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। रुदावल सीएचसी पर आसपास के करीब 45 गांवों की बड़ी आबादी उपचार के लिए निर्भर है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी गरीब और ग्रामीण परिवारों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार गांव-गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन रुदावल सीएचसी में चिकित्सकों की कमी इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। उनका कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त और नियमित चिकित्सकों की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। रुदावल भरतपुर जिले में आता है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह जिला होने के बावजूद यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी दूर नहीं होना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन और चिकित्सा विभाग से मांग की है कि रुदावल सीएचसी में पर्याप्त चिकित्सकों की स्थायी नियुक्ति की जाए, ताकि 45 गांवों से आने वाले मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके। अब देखना होगा कि चिकित्सा विभाग और प्रशासन इस समस्या को लेकर कब तक ठोस कदम उठाते हैं। बड़ा सवाल: जब रुदावल सीएचसी खुद डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है, तो यहां आने वाले मरीजों का इलाज कैसे होगा?
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    रिपोर्टर देवेंद्र कुमार सिंघल 
सत्यार्थ न्यूज रुदावल, भरतपुर 

रुदावल सीएचसी खुद बीमार, मरीजों का इलाज कैसे होगा?
रुदावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पिछले करीब एक महीने से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। करीब 45 गांवों से जुड़े इस अस्पताल में डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से मरीजों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सकों की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। उनका कहना है कि कभी डॉक्टर उपलब्ध होते हैं तो कभी लंबे समय तक मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में गंभीर मरीजों सहित अन्य लोगों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों या दूर-दराज के चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है।
रुदावल सीएचसी पर आसपास के करीब 45 गांवों की बड़ी आबादी उपचार के लिए निर्भर है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी गरीब और ग्रामीण परिवारों को उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि सरकार गांव-गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन रुदावल सीएचसी में चिकित्सकों की कमी इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। उनका कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त और नियमित चिकित्सकों की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।
रुदावल भरतपुर जिले में आता है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह जिला होने के बावजूद यहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी दूर नहीं होना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और चिकित्सा विभाग से मांग की है कि रुदावल सीएचसी में पर्याप्त चिकित्सकों की स्थायी नियुक्ति की जाए, ताकि 45 गांवों से आने वाले मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके।
अब देखना होगा कि चिकित्सा विभाग और प्रशासन इस समस्या को लेकर कब तक ठोस कदम उठाते हैं।
बड़ा सवाल: जब रुदावल सीएचसी खुद डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है, तो यहां आने वाले मरीजों का इलाज कैसे होगा?
    user_संवाददाता देवेन्द्र कुमार सत्य
    संवाददाता देवेन्द्र कुमार सत्य
    Local News Reporter Rupbas, Bharatpur•
    4 hrs ago
  • पिनाहट घाट पर स्टीमर संचालन अग्रिम आदेश तक बंद,,,,,,,,, पिनाहट थाना प्रभारी वीरेश पाल गिरी ने चंबल नदी के पिनाहट घाट पर मुनादी कर यात्रियों को स्टीमर संचालन अग्रिम आदेश तक बंद किए जाने की जानकारी दी। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया है। चंबल घाट और आसपास की हर महत्वपूर्ण खबर के लिए हमें Like और Follow करें, ताकि आने वाली हर खबर की अपडेट आपको तुरंत मिल सके। जितेन्द्र सिंह करोरिया, पत्रकार
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    पिनाहट घाट पर स्टीमर संचालन अग्रिम आदेश तक बंद,,,,,,,,,
पिनाहट थाना प्रभारी वीरेश पाल गिरी ने चंबल नदी के पिनाहट घाट पर मुनादी कर यात्रियों को स्टीमर संचालन अग्रिम आदेश तक बंद किए जाने की जानकारी दी। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया है।
चंबल घाट और आसपास की हर महत्वपूर्ण खबर के लिए हमें Like और Follow करें, ताकि आने वाली हर खबर की अपडेट आपको तुरंत मिल सके।
जितेन्द्र सिंह करोरिया, पत्रकार
    user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • रुपबास: भिडयानी गांव में अवैध शराब बिक्री बंद कराने को लेकर ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्टर से करेंगे शिकायत,,, रूपवास क्षेत्र के गांव भिडयानी में अवैध शराब की बिक्री बंद करवाने की मांग को लेकर करीब दो दर्जन महिला-पुरुष ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी के नाम ज्ञापन तहसीलदार जीतेन्द्र सिंह को सौंपा। इससे पहले ग्रामीण रूपवास थाना अधिकारी को भी गांव से अवैध शराब बंद कराने के लिए ज्ञापन दे चुके हैं। ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि गांव में दो स्थानों पर अवैध शराब के ठेके संचालित हो रहे हैं। इन ठेकों से शराब खरीदकर लोग गांव में बनी सार्वजनिक धर्मशाला में बैठकर शराब का सेवन करते हैं। शराबी शराब के नशे में आए दिन गाली-गलौज और विवाद करते हैं जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं युवाओं में शराब की लत लगती जा रही है,जिससे परिवरीजन बेहद परेशान है । ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में संचालित अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द गांव से शराबबंदी नहीं की गई तो शराब माफियाओं सहित स्थानीय प्रशासन की शिकायत जिला कलेक्टर भरतपुर से की जाएगी। और अगर फिर भी शराब का बिकना बंद नहीं हुआ तो सीएम कार्यालय जाकर देंगे शिकायत ।
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    रुपबास: भिडयानी गांव में अवैध शराब बिक्री बंद कराने को लेकर ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्टर से करेंगे शिकायत,,, 
रूपवास क्षेत्र के गांव भिडयानी में अवैध शराब की बिक्री बंद करवाने की मांग को लेकर करीब दो दर्जन महिला-पुरुष ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी के नाम ज्ञापन तहसीलदार जीतेन्द्र सिंह को सौंपा। इससे पहले ग्रामीण रूपवास थाना अधिकारी को भी गांव से अवैध शराब बंद कराने के लिए ज्ञापन दे चुके हैं।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि गांव में दो स्थानों पर अवैध शराब के ठेके संचालित हो रहे हैं। इन ठेकों से शराब खरीदकर लोग गांव में बनी सार्वजनिक धर्मशाला में बैठकर शराब का सेवन करते हैं।
शराबी शराब के नशे में आए दिन गाली-गलौज और विवाद करते हैं  जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं युवाओं में शराब की लत लगती जा रही है,जिससे परिवरीजन बेहद परेशान है । 
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में संचालित अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द गांव से शराबबंदी नहीं की गई तो शराब माफियाओं सहित स्थानीय प्रशासन की शिकायत जिला कलेक्टर भरतपुर से की जाएगी। और अगर फिर भी शराब का बिकना बंद नहीं हुआ तो सीएम कार्यालय जाकर देंगे शिकायत ।
    user_मेरा प्रयास सच दिखाने का
    मेरा प्रयास सच दिखाने का
    रूपबास, भरतपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • लापरवाही पूर्वक स्टीमर संचालित कर सेकेंडों लोगों की जान संकट में डालने वाले चालक के विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही पुलिस द्वारा की जा रही है। लापरवाही पूर्वक स्टीमर संचालित कर सेकेंडों लोगों की जान संकट में डालने वाले चालक के विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही पुलिस द्वारा की जा रही है।
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    लापरवाही पूर्वक स्टीमर संचालित कर सेकेंडों लोगों की जान संकट में डालने वाले चालक के विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही पुलिस द्वारा की जा रही है।
लापरवाही पूर्वक स्टीमर संचालित कर सेकेंडों लोगों की जान संकट में डालने वाले चालक के विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही पुलिस द्वारा की जा रही है।
    user_Malkhan parmar
    Malkhan parmar
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • 18 साल से पुलिस को चकमा दे रहा था 10 हजार का इनामी स्थायी वारंटी, नई गल्ला मंडी से दबोचा भिण्ड। थाना देहात भिण्ड पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी स्थायी वारंटी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी करीब 18 वर्षों से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस की सतत निगरानी और सक्रिय मुखबिर तंत्र ने आखिरकार आरोपी को नई गल्ला मंडी भिण्ड से पकड़वा दिया। पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक भिण्ड श्री सूरज कुमार वर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप पटेल के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में जिले में इनामी एवं स्थायी वारंटियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी। 2000 में अवैध हथियार के साथ पकड़ा गया था पुलिस के मुताबिक वर्ष 2000 में थाना देहात पुलिस ने आरोपी को अवैध हथियार के साथ पकड़ा था। इस मामले में उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 177/2000 के तहत धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया था। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन रहने के दौरान आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट जारी हो गया। इसके बाद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। उसकी तलाश लगातार की जाती रही, लेकिन वह अपना ठिकाना बदलता रहा और पहचान छिपाकर रहने लगा। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक भिण्ड द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मुखबिर की सूचना पर नई गल्ला मंडी में घेराबंदी पुलिस टीम आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर तंत्र के माध्यम से उसके नई गल्ला मंडी क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और लंबे समय से फरार चल रहे स्थायी वारंटी को गिरफ्तार कर लिया। 18 वर्षों तक पुलिस से बचता रहा आरोपी आखिरकार पुलिस की निगरानी और मुखबिर तंत्र के सामने टिक नहीं सका। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका इस कार्रवाई में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, प्रधान आरक्षक राजवीर पिप्पल, आरक्षक कमल तोमर, भूपेन्द्र तोमर, अजीत सिकरवार, सुमित शर्मा, अवधेश चौहान, फिरोज खान, अतुल पाण्डेय एवं कुलदीप कसौटिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस मीडिया सेल, भिण्ड द्वारा 17 अगस्त 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, स्थायी वारंटियों और इनामी आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान लगातार जारी है।
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    18 साल से पुलिस को चकमा दे रहा था 10 हजार का इनामी स्थायी वारंटी, नई गल्ला मंडी से दबोचा
भिण्ड। थाना देहात भिण्ड पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी स्थायी वारंटी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी करीब 18 वर्षों से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस की सतत निगरानी और सक्रिय मुखबिर तंत्र ने आखिरकार आरोपी को नई गल्ला मंडी भिण्ड से पकड़वा दिया।
पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक भिण्ड श्री सूरज कुमार वर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप पटेल के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में जिले में इनामी एवं स्थायी वारंटियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई थी।
2000 में अवैध हथियार के साथ पकड़ा गया था
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2000 में थाना देहात पुलिस ने आरोपी को अवैध हथियार के साथ पकड़ा था। इस मामले में उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 177/2000 के तहत धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया था। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन रहने के दौरान आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट जारी हो गया।
इसके बाद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। उसकी तलाश लगातार की जाती रही, लेकिन वह अपना ठिकाना बदलता रहा और पहचान छिपाकर रहने लगा। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक भिण्ड द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
मुखबिर की सूचना पर नई गल्ला मंडी में घेराबंदी
पुलिस टीम आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर तंत्र के माध्यम से उसके नई गल्ला मंडी क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और लंबे समय से फरार चल रहे स्थायी वारंटी को गिरफ्तार कर लिया।
18 वर्षों तक पुलिस से बचता रहा आरोपी आखिरकार पुलिस की निगरानी और मुखबिर तंत्र के सामने टिक नहीं सका। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, प्रधान आरक्षक राजवीर पिप्पल, आरक्षक कमल तोमर, भूपेन्द्र तोमर, अजीत सिकरवार, सुमित शर्मा, अवधेश चौहान, फिरोज खान, अतुल पाण्डेय एवं कुलदीप कसौटिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस मीडिया सेल, भिण्ड द्वारा 17 अगस्त 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, स्थायी वारंटियों और इनामी आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान लगातार जारी है।
    user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बनारस के ऐतिहासिक पानदरीबा के प्रांगण में अखिल भारतीय चौरसिया महासभा,श्री बरई सभा काशी एवं चौरसिया समाज बनारस के संयुक्त तत्वावधान में भव्य रूद्राभिषेक का आयोजन सम्पन्न हुआ। उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय चौरसिया महासभा मा. डा. अजय चौरसिया जी ने कहा कि नागपंचमी का यह पर्व चौरसिया समाज पूरे देश में चौरसिया दिवस/चौरसिया पर्व के रूप में मना रहा है यह त्यौहार चौरसिया समाज के लिए बड़े गर्व का पर्व है इस त्यौहार पर चौरसिया समाज अपने कुल के जनक चौऋषि महाराज के जयंती के रूप में मनाते है पूरे देश में लगभग सभी जिलों में अखिल भारतीय चौरसिया महासभा के पदाधिकारीयों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया इसी कड़ी में बनारस में विगत कई वर्षों की भांति इस वर्ष भी भव्य रूद्राभिषेक का आयोजन किया गया इस शुभ अवसर पर हजारों की संख्या में चौरसिया भाई बहन अपने परिवार के संग उपस्थित होकर हर्षोल्हास के साथ इस कार्यक्रम को भव्यता प्रदान किये ।
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    बनारस के ऐतिहासिक पानदरीबा के प्रांगण में अखिल भारतीय चौरसिया महासभा,श्री बरई सभा काशी एवं चौरसिया समाज बनारस के संयुक्त तत्वावधान में भव्य रूद्राभिषेक का आयोजन सम्पन्न हुआ।
उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय चौरसिया महासभा मा. डा. अजय चौरसिया जी ने कहा कि नागपंचमी का यह पर्व चौरसिया समाज पूरे देश में चौरसिया दिवस/चौरसिया पर्व के रूप में मना रहा है यह त्यौहार चौरसिया समाज के लिए बड़े गर्व का पर्व है इस त्यौहार पर चौरसिया समाज अपने कुल के जनक चौऋषि महाराज के जयंती के रूप में मनाते है पूरे देश में लगभग सभी जिलों में अखिल भारतीय चौरसिया महासभा के पदाधिकारीयों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया इसी कड़ी में बनारस में विगत कई वर्षों की भांति इस वर्ष भी भव्य रूद्राभिषेक का आयोजन किया गया इस शुभ अवसर पर हजारों की संख्या में चौरसिया भाई बहन अपने परिवार के संग उपस्थित होकर हर्षोल्हास के साथ इस कार्यक्रम को भव्यता प्रदान किये ।
    user_Sapna thakur
    Sapna thakur
    आगरा, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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