चित्रकूट में पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में मादक पदार्थों की तस्करी एवं बिक्री की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना मानिकपुर पुलिस ने एक आरोपी को 4 किलो 382 ग्राम अवैध सूखा गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई क्षेत्राधिकारी मऊ श्री फहद अली के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक मानिकपुर श्री अजीत कुमार पाण्डेय और उनकी टीम द्वारा अंजाम दी गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान संजय उपाध्याय पुत्र शिवशरण, निवासी इटौरा, थाना पहाड़ी, जनपद चित्रकूट के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामद अवैध गांजे को अपने कब्जे में ले लिया है और अभियुक्त के विरुद्ध थाना मानिकपुर में धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक श्री अजीत कुमार पाण्डेय, उपनिरीक्षक श्री गौरव तिवारी, आरक्षी संतोष सिंह, आरक्षी शरद कुमार सिंह और मुख्य आरक्षी चालक सज्जन सिंह शामिल रहे।
चित्रकूट में पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में मादक पदार्थों की तस्करी एवं बिक्री की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना मानिकपुर पुलिस ने एक आरोपी को 4 किलो 382 ग्राम अवैध सूखा गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई क्षेत्राधिकारी मऊ श्री फहद अली के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक मानिकपुर श्री अजीत कुमार पाण्डेय और उनकी टीम द्वारा अंजाम दी गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान संजय उपाध्याय पुत्र शिवशरण, निवासी इटौरा, थाना पहाड़ी, जनपद चित्रकूट के रूप में हुई है। पुलिस ने बरामद अवैध गांजे को अपने कब्जे में ले लिया है और अभियुक्त के विरुद्ध थाना मानिकपुर में धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक श्री अजीत कुमार पाण्डेय, उपनिरीक्षक श्री गौरव तिवारी, आरक्षी संतोष सिंह, आरक्षी शरद कुमार सिंह और मुख्य आरक्षी चालक सज्जन सिंह शामिल रहे।
- Post by Pintu Dubey3
- रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र अंतर्गत डॉक्टर कॉलोनी के पास पुलिस ने दबिश देकर जुए की फड़ से तीन लोगों को पकड़ा है। 22/07/2026 को क्षेत्र भ्रमण के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि डॉक्टर कॉलोनी के पास कुछ लोग ताश के पत्तों से हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शिवम सोनी (पिता राजेंद्र सोनी, निवासी कटरा मोहल्ला), सुमित वर्मा (पिता तेजबली वर्मा, निवासी पांडेय टोला) और सौरभ साहू (पिता केश कुमार साहू, निवासी तरहटी) के रूप में हुई है। यह सभी थाना सिटी कोतवाली रीवा क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने गवाहों के समक्ष आरोपियों की तलाशी लेकर फड़ और उनके पास से कुल ₹4590 नकदी एवं 52 ताश के पत्ते जब्त किए हैं। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। आरोपियों के खिलाफ धारा 13 जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और सात वर्ष से कम सजा का प्रावधान होने के कारण धारा 35 (ग) बीएनएसएस की नोटिस देकर उन्हें अदालत में उपस्थित होने हेतु पाबंद किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा और नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. रितु उपाध्याय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अमहिया निरीक्षक मनोज गौतम के नेतृत्व में की गई। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक केमला प्रजापति, आरक्षक विकास तिवारी, शंकर दत्त जायसवाल, दिवाकर तिवारी, शिवाकांत शर्मा और श्याम पांडेय की मुख्य भूमिका रही।1
- सतना की शहर कोतवाली पुलिस ने लोहरौरा स्थित आशीर्वाद ढाबे में घुसकर मारपीट करने तथा नगदी व मोबाइल लूटने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए लोहरौरा निवासी 20 वर्षीय यश उर्फ यशवर्धन सिंह को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे केंद्रीय जेल सतना भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार यह घटना 28 जून को हुई थी, जब आरोपियों ने लोहरौरा स्थित आशीर्वाद ढाबे में शराब पीने के लिए पैसों की मांग करते हुए कर्मचारी पुष्पराज दाहिया के साथ मारपीट की थी। इसके बाद आरोपी कर्मचारी से ₹5 हजार नगद और मोबाइल लूटकर मौके से फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस द्वारा एक आरोपी की गिरफ्तारी पहले ही की जा चुकी थी, वहीं अब दूसरे आरोपी को जेल भेजने के बाद पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1
- सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत लोहरौरा स्थित आशीर्वाद ढाबे में घुसकर एक राय होकर मारपीट और नगदी लूटने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे केंद्रीय जेल सतना भेज दिया गया है। फरियादी पुष्पराज दाहिया (उम्र 30 वर्ष, निवासी लोहरौरा) ने 28.06.26 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह आशीर्वाद ढाबे में नौकरी करता है और रात में ढाबे पर बैठा था। तभी अचानक यश सिंह, कार्तिक सिंह, अरविंद सिंह उर्फ छोटू, रिशू सिंह, आदित्य सिंह और अन्य लोग आए तथा शराब पीने के लिए पैसे की मांग करते हुए मारपीट करने लगे। आरोपी ढाबे में रखा मोबाइल और ₹5000 नगद लूटकर साथ ले गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री हंसराज सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गौरव पाण्डेय और नगर पुलिस अधीक्षक श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह चौहान के मार्गदर्शन में तथा थाना प्रभारी सिटी कोतवाली उप पुलिस अधीक्षक रावेन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में धारा 567/26 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई। पूर्व में आरोपी कार्तिक सिंह परिहार उर्फ जानू (पिता अनिल सिंह परिहार, उम्र 20 वर्ष, निवासी लगरगवां थाना उचेहरा) को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया जा चुका है। वहीं, पतासाजी के दौरान आरोपी यश उर्फ यशवर्धन सिंह (पिता निर्भय सिंह, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम लोहरौरा, थाना सिटी कोतवाली, सतना) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे केंद्रीय जेल सतना निरूद्ध कर दिया गया। मामले के अन्य आरोपी घटना के समय से फरार हैं, जिनकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक राजकुमार मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक हेमराज सिंह, प्रधान आरक्षक 28 सतेन्द्र सिंह, आरक्षक 706 कृष्णरंजन और आरक्षक 1044 सतीष की सराहनीय भूमिका रही।1
- सोशल मीडिया पर दिल को छू लेने वाला एक शायरी वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इंटरनेट पर ट्रेंड कर रहा यह वीडियो लोगों को बेहद पसंद आ रहा है और खूब चर्चा बटोर रहा है।1
- मध्य प्रदेश के सतना में लोकनिर्माण विभाग की सतना से सेमरिया मार्ग की डायवर्शन सड़क 'नैना सगमनिया मार्ग' पर जाम लग गया है। इस रास्ते पर जाम लगने की वजह से वहाँ से गुजर रहे वाहन चालक और यात्री काफी परेशान हो रहे हैं।1
- जंतर-मंतर पर अब तैनात पुलिस अधिकारियों की वर्दी पर नेमप्लेट साफ़ दिखाई दे रही है, लेकिन संसद मार्च के दौरान कई पुलिसकर्मियों की वर्दी पर नेमप्लेट नज़र नहीं आई थी। इसके साथ ही, कुछ लोग बिना पुलिस वर्दी के हाथों में डंडे लिए कार्रवाई करते भी दिखाई दिए थे। आखिर उस दिन ऐसा क्यों था, इसे लेकर इस पूरे मुद्दे पर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो और दावे सामने आने के बाद लोकतांत्रिक मूल्यों और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मांग की गई है कि यदि किसी के भी साथ दुर्व्यवहार हुआ है, तो मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। यह बात किसी भी संस्था या व्यक्ति के प्रति नफरत फैलाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जवाबदेही और अधिकारों पर चर्चा के लिए उठाई गई है। इसके साथ ही जनता से भी सवाल किया गया है कि क्या लोकतंत्र में ऐसी घटनाएं स्वीकार्य हैं और इस मुद्दे पर लोगों से कमेंट के जरिए अपनी राय साझा करने की अपील की गई है।1