राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सुनील बेनिवाल ने कुशलगढ़ धर्मांतरण मामले में छह आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। जिन आरोपियों की याचिका खारिज हुई है, उनमें अनिल (पुत्र देवजी रावत), नितेश (पुत्र प्रेमचंद डामोर), दिलीप (पुत्र हलिया रावत), वरदेश (पुत्र बाबू डामोर), प्रवीण (पुत्र श्यामजी डामोर) और पंकज (पुत्र तेरसिंह डामोर) शामिल हैं, जो सभी कलिंजरा के निवासी हैं। न्यायालय में प्रार्थी रवी भाबोर के अधिवक्ता पुष्पेंद्र त्रिपाठी ने धारा 3, 5 और 7(2)(ख) के तहत कानूनी तथ्यों को मजबूती से रखा। अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2025 के तहत दंडनीय अपराध में शामिल हैं, जिसमें एससी-एसटी वर्ग के लोगों को प्रलोभन देकर सामूहिक धर्मांतरण करवाया जा रहा था। इसके अलावा, स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपियों द्वारा जानलेवा हमला कर कई लोगों को गंभीर चोटें पहुंचाने का आरोप भी लगाया गया। मामले की गंभीरता और सजा के कड़े प्रावधानों को देखते हुए आरोपियों के अधिवक्ता ने अपनी जमानत याचिका वापस लेने का निवेदन किया, जिसके बाद अदालत ने इसे खारिज कर दिया।
राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सुनील बेनिवाल ने कुशलगढ़ धर्मांतरण मामले में छह आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। जिन आरोपियों की याचिका खारिज हुई है, उनमें अनिल (पुत्र देवजी रावत), नितेश (पुत्र प्रेमचंद डामोर), दिलीप (पुत्र हलिया रावत), वरदेश (पुत्र
बाबू डामोर), प्रवीण (पुत्र श्यामजी डामोर) और पंकज (पुत्र तेरसिंह डामोर) शामिल हैं, जो सभी कलिंजरा के निवासी हैं। न्यायालय में प्रार्थी रवी भाबोर के अधिवक्ता पुष्पेंद्र त्रिपाठी ने धारा 3, 5 और 7(2)(ख) के तहत कानूनी तथ्यों को मजबूती से रखा। अधिवक्ता ने बताया
कि आरोपी राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2025 के तहत दंडनीय अपराध में शामिल हैं, जिसमें एससी-एसटी वर्ग के लोगों को प्रलोभन देकर सामूहिक धर्मांतरण करवाया जा रहा था। इसके अलावा, स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपियों द्वारा जानलेवा हमला
कर कई लोगों को गंभीर चोटें पहुंचाने का आरोप भी लगाया गया। मामले की गंभीरता और सजा के कड़े प्रावधानों को देखते हुए आरोपियों के अधिवक्ता ने अपनी जमानत याचिका वापस लेने का निवेदन किया, जिसके बाद अदालत ने इसे खारिज कर दिया।
- राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सुनील बेनिवाल ने कुशलगढ़ धर्मांतरण मामले में छह आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। जिन आरोपियों की याचिका खारिज हुई है, उनमें अनिल (पुत्र देवजी रावत), नितेश (पुत्र प्रेमचंद डामोर), दिलीप (पुत्र हलिया रावत), वरदेश (पुत्र बाबू डामोर), प्रवीण (पुत्र श्यामजी डामोर) और पंकज (पुत्र तेरसिंह डामोर) शामिल हैं, जो सभी कलिंजरा के निवासी हैं। न्यायालय में प्रार्थी रवी भाबोर के अधिवक्ता पुष्पेंद्र त्रिपाठी ने धारा 3, 5 और 7(2)(ख) के तहत कानूनी तथ्यों को मजबूती से रखा। अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2025 के तहत दंडनीय अपराध में शामिल हैं, जिसमें एससी-एसटी वर्ग के लोगों को प्रलोभन देकर सामूहिक धर्मांतरण करवाया जा रहा था। इसके अलावा, स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपियों द्वारा जानलेवा हमला कर कई लोगों को गंभीर चोटें पहुंचाने का आरोप भी लगाया गया। मामले की गंभीरता और सजा के कड़े प्रावधानों को देखते हुए आरोपियों के अधिवक्ता ने अपनी जमानत याचिका वापस लेने का निवेदन किया, जिसके बाद अदालत ने इसे खारिज कर दिया।4
- कुशलगढ़ नगर पालिका ने राज्य सरकार के निर्देशानुसार शहरी सेवा शिविर-2026 का आयोजन किया, जिसमें नागरिकों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। शुक्रवार शाम 6 बजे तक बड़ी तादाद में लोगों ने अपनी समस्याओं के समाधान और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवेदन जमा किए। शिविर के दौरान कई पात्र प्रकरणों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। इस शिविर में जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सफाई, स्वास्थ्य, पेंशन, राजस्व, विद्युत, परिवहन और कर संबंधी विषयों पर आवेदन प्राप्त किए गए। उपस्थित अधिकारियों ने नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी और आगे भी ऐसे शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान रेखा मीणा, हरेंद्र सिंह भाटी, जय पांचाल, महेश पारगी, डॉक्टर नितिन नायक, विजयश्री, संगीता, सबीना राणा, मयंक बैरागी, कल्याण सिंह शक्तावत, उषा, भगवती कच्छावा, माया सक्सेना, गुलाब देवी, हिम्मत सिंह, दीपेश्वरी, उर्मिला और अर्चना राव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।1
- डूंगरपुर जिले के कुआं थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ मारपीट कर उसे बंधक बनाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 4 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं। कुआं पुलिस ने यह कार्रवाई अपने 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत की है। पुलिस द्वारा की गई इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में मामले की चर्चा तेज है।1
- प्रतापगढ़ जिले के अरनोद में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के माध्यम से अर्जित की गई संपत्ति के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत अवैध गतिविधियों से जुटाई गई संपत्ति को चिह्नित कर पुलिस द्वारा कड़ी कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई है।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा स्थित कांग्रेस कार्यालय में चौरासी विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सचिन पायलट के प्रस्तावित वागड़ दौरे के दौरान 14 जुलाई को साबला में होने वाले स्वागत कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की रणनीति तैयार करना था। बैठक की अध्यक्षता पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा ने की, जबकि पूर्व राज्य मंत्री डॉ. शंकर यादव और पूर्व उप जिला प्रमुख प्रेमकुमार पाटीदार के आतिथ्य में कार्यकर्ताओं से संवाद किया गया। नेताओं ने विश्वास जताया कि सचिन पायलट का यह दौरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा। बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने 14 जुलाई को सुबह 10 बजे बड़ी संख्या में साबला पहुंचकर भव्य स्वागत करने का संकल्प लिया। सचिन पायलट 13 जुलाई को बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और अगले दिन 14 जुलाई की सुबह बांसवाड़ा से उदयपुर जाते समय साबला से होकर गुजरेंगे। इस दौरान उनके स्वागत के लिए चौरासी विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे डूंगरपुर जिले में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। बैठक में डूले सिंह चौहान, कारीलाल मीणा, प्रकाश पाटीदार, प्रद्युम्न सिंह चौहान, मनोहर सिंह चौहान, महेंद्र भगोरा, बालगोविंद पाटीदार, सुरेश भोई सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।1
- सीमलवाड़ा के अंतर्गत चौरासी विधानसभा क्षेत्र के चिखली स्थित कांग्रेस कार्यालय में सचिन पायलट के प्रस्तावित वागड़ दौरे की तैयारियों के संबंध में कार्यकर्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई। पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दौरे से जुड़ी रणनीतियों पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व राज्य मंत्री डॉ. शंकर यादव और पूर्व उप जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार ने कार्यकर्ताओं से 14 जुलाई को सुबह 10 बजे आसपुर विधानसभा क्षेत्र के साबला में एकत्रित होने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर सचिन पायलट का भव्य स्वागत करने के निर्देश दिए और तैयारियों की समीक्षा की। इस बैठक में डुले सिंह चौहान, कारीलाल मीणा, प्रकाश पाटीदार, प्रद्युम्न सिंह चौहान, मनोहर सिंह चौहान, महेंद्र भगोरा, सुरेश भोई, धूलेश्वर पाटीदार, गजराज सिंह चौहान, हीरालाल डामोर, अंबालाल परमार, प्रदीप यादव, राकेश डामोर और शंकर भाई सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।3
- डूंगरपुर जिले के धम्बोला कस्बे में सेवा समिति भजन मंडली ने अपना प्रथम भजन-सत्संग आयोजित किया। यह कार्यक्रम विप्र फाउंडेशन की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रीति पंड्या और मुकेश पंड्या के निवास पर उनके जन्मदिन के अवसर पर संपन्न हुआ। आयोजन का मुख्य उद्देश्य भक्ति के माध्यम से मानवता और समाज सेवा का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान महिला मंडल की सदस्यों ने भगवान श्रीकृष्ण के भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भजन-सत्संग न केवल आध्यात्मिक शांति का मार्ग है, बल्कि यह समाज में सहयोग और सद्भाव को मजबूत करने का भी सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर समिति ने समाज की हर बेटी, जरूरतमंद और गरीब परिवार की सहायता के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। समिति ने क्षेत्र की महिलाओं से अपील की है कि वे भी अपने घरों में ऐसे आयोजन करवाएं ताकि सेवा और मानवता के इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक प्रसारित किया जा सके।4
- भारतीय किसान संघ की महिला प्रमुखों की एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को कुशलगढ़ तहसील के अंबेडकर भवन में संपन्न हुई। इस बैठक में 10 गांवों की 25 महिला प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें तहसील, जिला और प्रांतीय स्तर के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कृषि अधिकारी छगनलाल दामा ने बैठक को संबोधित करते हुए तारबंदी, फार्म पॉण्ड, पाइपलाइन, ड्रिप सिंचाई और किसान बीमा योजना जैसी सरकारी कृषि कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों के लाभ के बारे में बताया। उन्होंने कृषि शिक्षा लेने वाली छात्राओं के लिए उपलब्ध प्रोत्साहन राशि की जानकारी भी साझा की। प्रांत उपाध्यक्ष रणछोड़ भाई पाटीदार ने महिला किसानों को संगठन की रीढ़ बताते हुए उन्हें नेतृत्व की भूमिका में लाने पर जोर दिया, जबकि जिला अध्यक्ष खेमजी भाई पाटीदार ने महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से संगठन के और मजबूत होने की बात कही। विभाग ग्राम विकास संयोजक भरत भाई कुमावत ने गांवों में महिला समूहों के जरिए जैविक खेती, पोषण वाटिका और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का आह्वान किया। बैठक में आगामी योजनाओं पर चर्चा करते हुए जिला महिला प्रमुख श्रीमती लक्ष्मी बहन सोनी ने 'किसान शक्ति जागे, सारी समस्या भागेगी' अभियान के तहत वर्ष 2026 को किसान महिला वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इसके साथ ही, 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले महिला किसान सम्मेलन के लिए प्रत्येक तहसील से कम से कम 10 महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिला महिला प्रमुख श्रीमती संगीता बहन ने बताया कि 15 अगस्त से पूर्व तहसीलों में बैठकें कर अधिक से अधिक महिलाओं को संगठन से जोड़ने और दिल्ली सम्मेलन के लिए प्रेरित करने का कार्य किया जाएगा।2