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उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर ज़िले के जखनिया से शिक्षा विभाग पर सीधा निशाना साधा गया है। शिक्षा विभाग की बदौलत मिल रही बेरोजगारी के परिणाम और इसके चलते बच्चों को मिल रही 'नई जिंदगी' पर गहरा आक्रोश और तंज जताया गया है। यह स्थिति सीधे तौर पर विभाग की नाकामियों और उससे प्रभावित हो रहे बच्चों के भविष्य को साफ तौर पर उजागर करती है।
Vrijesh Singh Yadav
उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर ज़िले के जखनिया से शिक्षा विभाग पर सीधा निशाना साधा गया है। शिक्षा विभाग की बदौलत मिल रही बेरोजगारी के परिणाम और इसके चलते बच्चों को मिल रही 'नई जिंदगी' पर गहरा आक्रोश और तंज जताया गया है। यह स्थिति सीधे तौर पर विभाग की नाकामियों और उससे प्रभावित हो रहे बच्चों के भविष्य को साफ तौर पर उजागर करती है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जौनपुर के जलालपुर विकासखंड क्षेत्र में पुरेव बाजार से केराव नहोरा जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क मार्ग पर गटर का गंदा और बदबूदार पानी बीच सड़क पर बह रहा है। पुरेव बाजार के इस गटर के पानी के कारण सड़क से गुजरने वाले आम लोगों का बेहद बुरा हाल है और वे भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस बदहाली की वजह से रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर पैदल इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं। सड़क पर फैले इस गंदे पानी में गिरने के कारण पैदल जाने वाले बच्चे और महिलाएं घायल भी हो चुके हैं। इस गंदगी और दूषित पानी के फैलाव के कारण बच्चों सहित कई लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं, जिससे यहाँ बीमारी को खुली दावत मिल रही है। इस गंभीर समस्या पर क्षेत्र के नेताओं और जनप्रतिनिधियों की पूरी तरह से उदासीनता बनी हुई है। जफराबाद विधानसभा के सभी प्रत्याशी, विधायक, पूर्व विधायक, सांसद और समाजसेवी सैकड़ों गांवों के दौरे के लिए रोजाना इसी सड़क मार्ग से जाते हैं, लेकिन किसी का भी ध्यान इस समस्या पर नहीं जा रहा है। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत पुरेव के प्रधान प्रत्याशी, प्रधान और पूर्व प्रधान भी हर रोज 24 घंटे इसी सड़क से गुजरते हैं। अब देखना यह है कि चुनाव से पहले किसी की नजर इस बदहाल सड़क पर पड़ती है या नहीं।1
- आजमगढ़ के मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर क्षेत्र के विधायक अखिलेश यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, मंडल आजमगढ़ के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर तत्काल बिजली व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। विधायक ने कहा कि मुबारकपुर सहित पूरे आजमगढ़ जनपद में कई महीनों से लगातार गंभीर बिजली संकट बना हुआ है। अघोषित कटौती के कारण आम जनता, किसान, छात्र और छोटे व्यापारी बेहद परेशान हैं। विशेष रूप से बारिश और उमस के इस मौसम में लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली न मिलने से फसलों की सिंचाई का कार्य भी बाधित हो रहा है। विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा घोषित 18 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो रहा है और कई क्षेत्रों में केवल 4 से 6 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जिससे जनता में भारी नाराजगी है। उन्होंने पत्र के माध्यम से मुख्य अभियंता के समक्ष मांग रखी है कि बिजली आपूर्ति में तुरंत सुधार किया जाए, निर्धारित 18 घंटे की आपूर्ति सुनिश्चित हो, जर्जर व ढीले तारों तथा जर्जर विद्युत पोलों को तत्काल बदला जाए, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाए और विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं के नाम पर की जा रही कथित वसूली पर रोक लगाकर कार्रवाई की जाए। विधायक अखिलेश यादव ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो समाजवादी पार्टी जनहित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और प्रशासन की होगी।2
- चन्दौली जिले के सकलडीहा में स्टेडियम और खेल के मैदान को लेकर तहसील दिवस पर एक ज्ञापन सौंपा गया है। यह ज्ञापन किसान नेता मणि देव चतुर्वेदी द्वारा दिया गया है, जिसमें सकलडीहा स्टेडियम व खेल के मैदान के विषय को उठाया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला कारागार में बंद मऊ के एक 24 वर्षीय बंदी की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। चोरी के आरोप में जेल में बंद इस युवक की मौत के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान मऊ जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के नया चौक निवासी विक्रम (24) के रूप में हुई है। विक्रम के खिलाफ आजमगढ़ के जीयनपुर थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज था। वह पहले भी जेल जा चुका था और बाद में जमानत पर बाहर था। न्यायालय में पेश न होने पर वारंट जारी होने के बाद, जीयनपुर पुलिस ने तीन दिन पहले ही उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजा था। मामले पर सफाई देते हुए जेलर विजय कुमार पांडेय ने दावा किया कि मृतक विक्रम नशे का आदी था और उसमें ‘डाउन सिंड्रोम’ से संबंधित लक्षण भी थे। जेलर के अनुसार, जेल में नशा न मिलने की वजह से वह काफी बेचैन था और मानसिक भ्रम की स्थिति में था। गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान रात करीब 8:30 बजे उसकी मौत हो गई। दूसरी तरफ, मृतक के भाई विक्की ने जेल प्रशासन की भूमिका पर सीधा सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के समय विक्रम पूरी तरह स्वस्थ था। विक्की का कहना है कि मात्र तीन दिनों के भीतर ऐसा क्या हुआ कि उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसकी जान चली गई। परिजनों ने इस पूरे मामले में जेल प्रशासन की लापरवाही की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की बात कही जा रही है।2
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के सकलडीहा अंतर्गत कमालपुर कस्बा के रहने वाले प्रमोद रस्तोगी के 16 वर्षीय पुत्र राधे कृष्ण रस्तोगी ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक अनोखी पहल की है। जहां आमतौर पर इस उम्र के छात्र केवल पढ़ाई और करियर की तैयारी में जुटे रहते हैं, वहीं राधे कृष्ण ने इमरजेंसी के दौरान अस्पताल और एम्बुलेंस के बीच त्वरित तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से एक हेल्थटेक MVP (न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद) 'ApkaBachav by (Lifenerula)' तैयार किया है। इस तकनीक को विकसित करने के पीछे राधे कृष्ण रस्तोगी का मुख्य उद्देश्य अस्पताल और एम्बुलेंस के बीच त्वरित सूचना के आदान-प्रदान को मजबूत करना है। इसके लिए अलग-अलग डैशबोर्ड बनाए गए हैं, ताकि दोनों पक्ष अपनी जरूरत और भूमिका के अनुसार इस सिस्टम का कुशलतापूर्वक उपयोग कर सकें। राधे कृष्ण ने बताया कि उन्हें इस प्रोजेक्ट का विचार अपने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों और लोगों को समय पर एम्बुलेंस न मिल पाने के संघर्ष को देखकर आया। उनका लक्ष्य एक आसान समाधान बनाना है, ताकि दूर-दराज के इलाकों में भी कोई मरीज समय पर इलाज से वंचित न रहे। फिलहाल यह प्रोजेक्ट अपने शुरुआती तकनीकी चरण में है, और उनका अगला कदम स्थानीय अस्पतालों और एम्बुलेंस सेवाओं के साथ मिलकर इसका ट्रायल रन (पायलट प्रोजेक्ट) शुरू करना है। इस ट्रायल से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर सिस्टम को भविष्य में और बेहतर किया जाएगा। भविष्य में इस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जोड़ने की भी योजना है, जिससे गंभीर स्थिति के अनुसार सिस्टम खुद सही अस्पताल का चुनाव कर सके। इसके सफल ट्रायल के बाद इसे बनारस, लखनऊ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों के मेडिकल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। कमालपुर के ग्रामीण माहौल से निकलकर तकनीकी क्षेत्र में किया गया उनका यह प्रयास क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बन गया है।3
- ab sikha ko aise hi bhawnao se dekh ja rha jisse student1
- मऊ के जिला अस्पताल (सदर अस्पताल) के इमरजेंसी वार्ड में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वार्ड के अंदर अचानक एक सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही वहां मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और कुछ देर के लिए वार्ड में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सांप को वार्ड से बाहर निकाला, तब जाकर मरीजों और तीमारदारों ने राहत की सांस ली। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बरसात के मौसम में अस्पताल परिसर के अंदर सांप निकलने की इस घटना के बाद अब अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और वहां उगी झाड़ियों की नियमित कटाई को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पवई थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक महिला पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहे वांछित आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है। दरअसल, बीते 16 जुलाई को पवई कस्बे में एक महिला पर जानलेवा हमला हुआ था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि पवई कस्बे का रहने वाला सुजीत मौर्य (33) एकतरफा प्रेम में महिला का पीछा करता था। घटना की रात वह चोरी-छिपे महिला के घर में घुस गया और धारदार हथियार से उसकी गर्दन और हाथ पर वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस वारदात के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था और पुलिस ने उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1)/118(1) के तहत मामला दर्ज किया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें सक्रिय थीं। इसी दौरान 17/18 जुलाई की रात पवई पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी खंडोरा अंडरपास के पास छिपा हुआ है। जब पुलिस टीम ने उसकी घेराबंदी की, तो आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई नियंत्रित फायरिंग में आरोपी सुजीत मौर्य के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और 220 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पवई भेजा गया है। पवई पुलिस ने अब आरोपी के खिलाफ पुलिस टीम पर फायरिंग करने और अवैध शस्त्र रखने के आरोप में एक नया मुकदमा (मुकदमा संख्या 177/2026) भी दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन किया गया है।2
- उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में विक्रम डोम की मौत के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। घटना के बाद एक महिला ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी का पीछा करते हुए उस पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे वहां काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिला पुलिसकर्मी पर मामले में लापरवाही बरतने और कोई ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगा रही थी। इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, क्षेत्र में फैले तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।1