गाजीपुर: NH-24 को जोड़ने वाले आलम रोड पर थोड़ी सी बारिश में डूबी सड़कें, जल निकासी व्यवस्था फेल, जिलाधिकारी से संज्ञान लेने की मांग गाजीपुर। जनपद में विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग 24 (NH-24) को शहर से जोड़ने वाले बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाकों में शुमार आलम रोड पर थोड़ी सी बारिश होते ही सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। नालियों की साफ-सफाई न होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पूरी सड़क ने तालाब का रूप ले लिया है। इस जलभराव के चलते स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। NH-24 मार्ग से जुड़ने के कारण लगा रहता है लंबा जाम चूंकि यह रास्ता सीधे NH-24 मार्ग से जुड़ता है, इसलिए इस पर दिनभर भारी वाहनों, एम्बुलेंस और वीआईपी मूवमेंट सहित हजारों लोगों का आवागमन रहता है। सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाने के कारण गाड़ियों की रफ्तार थम गई है और आलम रोड पर घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है। हाईवे की तरफ जाने वाले मुसाफिर इस जलभराव के चलते बीच रास्ते में ही फंस जा रहे हैं। व्यापारियों का फूटा गुस्सा: दुकानदारी ठप, लाखों का नुकसान सड़क पर पानी जमा होने से सबसे ज्यादा मार आलम रोड के व्यापारियों पर पड़ी है। स्थानीय दुकानदार रमेश गुप्ता ने आक्रोश जताते हुए कहा, "थोड़ी सी भी बारिश होती है तो पानी हमारी दुकानों के शटर तक आ जाता है। ग्राहक दुकान पर आने से कतराते हैं। नगर पालिका को कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।" एक अन्य कपड़ा व्यापारी मो. असलम ने बताया, "जलभराव के कारण नालियों का गंदा पानी सड़क पर आ जाता है, जिससे बदबू फैल जाती है। दिनभर दुकान पर बैठना दूभर हो गया है और हमारा व्यापार पूरी तरह से ठप हो चुका है।" राहगीर और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालने को मजबूर इस मुख्य मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों के लिए यह सड़क किसी मुसीबत से कम नहीं है। नियमित राहगीर अमित यादव ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा, "हाईवे (NH-24) को जोड़ने वाली मुख्य सड़क होने के बावजूद प्रशासन सो रहा है। पानी की वजह से नीचे के गड्ढे दिखाई नहीं देते। आए दिन बाइक सवार और साइकिल वाले अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं। पैदल चलने वालों के लिए तो रास्ता ही नहीं बचता।" एक अभिभावक सुनीता देवी ने कहा, "स्कूल बसें और ऑटो इस पानी से होकर गुजरते हैं, जिससे हमेशा बच्चों की सुरक्षा का डर बना रहता है। जिला प्रशासन को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।" जिलाधिकारी से संज्ञान लेने की अपील आलम रोड के नागरिकों, राहगीरों और व्यापार मंडल ने अब सीधे गाजीपुर के जिलाधिकारी (DM) से इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेने की गुहार लगाई है। जनता की पुरजोर मांग है कि जिलाधिकारी स्वयं इस रूट का निरीक्षण करें और नगर पालिका व संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर नाले-नालियों की तत्काल सफाई कराएं। यहां जल निकासी का कोई स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।
गाजीपुर: NH-24 को जोड़ने वाले आलम रोड पर थोड़ी सी बारिश में डूबी सड़कें, जल निकासी व्यवस्था फेल, जिलाधिकारी से संज्ञान लेने की मांग गाजीपुर। जनपद में विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग 24 (NH-24) को शहर से जोड़ने वाले बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाकों में शुमार आलम रोड पर थोड़ी सी बारिश होते ही सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। नालियों की साफ-सफाई न होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पूरी सड़क ने तालाब का रूप ले लिया है। इस जलभराव के चलते स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। NH-24 मार्ग से जुड़ने के कारण लगा रहता है लंबा जाम चूंकि यह रास्ता सीधे NH-24 मार्ग से जुड़ता है, इसलिए इस पर दिनभर भारी वाहनों, एम्बुलेंस और वीआईपी मूवमेंट सहित हजारों लोगों का आवागमन रहता है। सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाने के कारण गाड़ियों की रफ्तार थम गई है और आलम रोड पर घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है। हाईवे की तरफ जाने वाले मुसाफिर इस जलभराव के चलते बीच रास्ते में ही फंस जा रहे हैं। व्यापारियों का फूटा गुस्सा: दुकानदारी ठप, लाखों का नुकसान सड़क पर पानी जमा होने से सबसे ज्यादा मार आलम रोड के व्यापारियों पर पड़ी है। स्थानीय दुकानदार रमेश गुप्ता ने आक्रोश जताते हुए कहा, "थोड़ी सी भी बारिश होती है तो पानी हमारी दुकानों के शटर तक आ जाता है। ग्राहक दुकान पर आने से कतराते हैं। नगर पालिका को कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।" एक अन्य कपड़ा व्यापारी मो. असलम ने बताया, "जलभराव के कारण नालियों का गंदा पानी सड़क पर आ जाता है, जिससे बदबू फैल जाती है। दिनभर दुकान पर बैठना दूभर हो गया है और हमारा व्यापार पूरी तरह से ठप हो चुका है।" राहगीर और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालने को मजबूर इस मुख्य मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों के लिए यह सड़क किसी मुसीबत से कम नहीं है। नियमित राहगीर अमित यादव ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा, "हाईवे (NH-24) को जोड़ने वाली मुख्य सड़क होने के बावजूद प्रशासन सो रहा है। पानी की वजह से नीचे के गड्ढे दिखाई नहीं देते। आए दिन बाइक सवार और साइकिल वाले अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं। पैदल चलने वालों के लिए तो रास्ता ही नहीं बचता।" एक अभिभावक सुनीता देवी ने कहा, "स्कूल बसें और ऑटो इस पानी से होकर गुजरते हैं, जिससे हमेशा बच्चों की सुरक्षा का डर बना रहता है। जिला प्रशासन को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।" जिलाधिकारी से संज्ञान लेने की अपील आलम रोड के नागरिकों, राहगीरों और व्यापार मंडल ने अब सीधे गाजीपुर के जिलाधिकारी (DM) से इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेने की गुहार लगाई है। जनता की पुरजोर मांग है कि जिलाधिकारी स्वयं इस रूट का निरीक्षण करें और नगर पालिका व संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर नाले-नालियों की तत्काल सफाई कराएं। यहां जल निकासी का कोई स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।
- विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: जब 'विकास भवन' ही हुआ जलमग्न और सड़कें बनीं जानलेवा, तो पूरे ग़ाज़ीपुर का क्या होगा हाल? उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर जिले में इस मॉनसून की बारिश और प्रशासनिक लापरवाही ने मिलकर आम जनजीवन को पूरी तरह तबाही के मुहाने पर ला खड़ा किया है [m7Nfw9REY88]। जिले का सबसे अहम प्रशासनिक केंद्र, विकास भवन, इस समय पूरी तरह से पानी में डूब चुका है [m7Nfw9REY88]। स्थानीय जनता अब तीखे सवाल पूछ रही है कि जिस जगह से पूरे जिले के विकास और जल निकासी की योजनाएं बनती हैं, जब वह खुद 'समंदर' बन चुकी है, तो आम मोहल्लों और गांवों का क्या हाल होगा? ग़ाज़ीपुर शहर के सबसे महत्वपूर्ण और पॉश इलाकों में शुमार होने वाले दफ्तरों के बाहर इस समय घुटनों तक पानी भरा हुआ है। विकास भवन के अलावा कचहरी, डीएम कार्यालय, सीडीओ कार्यालय, और एसपी ऑफिस के सामने की सड़कें पूरी तरह तालाब में तब्दील हो चुकी हैं। जलभराव के साथ-साथ इस समय जिले की सड़के भी सैकड़ों जानलेवा गड्ढों से युक्त हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के 'गड्ढामुक्त सड़क' अभियान के बड़े-बड़े दावों को ठेंगा दिखाते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) और ठेकेदारों की पोल खुल गई है। भारी बारिश और जलजमाव के कारण तारकोल की सड़कें पूरी तरह उखड़ चुकी हैं और अब सड़कों पर सिर्फ गहरे गड्ढे ही नजर आ रहे हैं। इन जर्जर और गड्ढायुक्त सड़कों के कारण आम जनता का आवागमन पूरी तरह से दुश्वार हो चुका है। सड़कों पर बने ये गहरे गड्ढे इस समय 'अदृश्य काल' बने हुए हैं। जब सड़कों पर पानी भर जाता है, तो राहगीरों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता। इसके कारण हर दिन बाइक सवार और ई-रिक्शा पलट रहे हैं, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं। जर्जर सड़कों की वजह से वाहनों की रफ्तार थम गई है और गाजीपुर के मुख्य मार्गों पर हर समय लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिल रहा है। जो सफर महज 10 मिनट में पूरा होना चाहिए, उसमें अब घंटों का समय लग रहा है। सबसे बदतर स्थिति जिला अस्पताल और महिला अस्पताल जाने वाले रास्तों की है। प्रसव पीड़िताओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को लेकर जाने वाली एम्बुलेंस इन गड्ढों में हिचकोले खाते हुए रेंगने को मजबूर हैं, जिससे मरीजों की जान पर बन आ रही है। शहरी जलभराव के बीच, ग़ाज़ीपुर के ग्रामीण इलाकों में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने तबाही मचाई थी। यद्यपि अब गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन बाढ़ के बाद की चुनौतियां भयानक रूप ले चुकी हैं। रेवतीपुर, नगदिलपुर, बीरउपुर और हसनपुरा जैसे बाढ़ प्रभावित गांवों के रास्ते तो खुल गए हैं, लेकिन गलियों में कीचड़ और गंदगी की मोटी परत जम गई है। हफ्तों तक खेतों में पानी डूबे रहने के कारण किसानों की फसलें सड़कर बर्बाद हो चुकी हैं। वहीं रुके हुए पानी और गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ा है, जिससे मलेरिया और डेंगू जैसी संक्रामक महामारियों का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर साल करोड़ों रुपये का बजट नाला सफाई और पैचवर्क (गड्ढा भराई) के नाम पर पास होता है, लेकिन भ्रष्टाचार की वजह से जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। जनता का सीधा आरोप है कि जब तक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से नहीं निभाएंगे, तब तक विकास भवन से लेकर आम नागरिक के घर तक, पूरा ग़ाज़ीपुर ऐसे ही नारकीय स्थिति झेलता रहेगा। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती जलभराव को खत्म करने, सड़कों को तुरंत चलने लायक बनाने और ग्रामीण इलाकों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराने की है।1
- गाजीपुर 375 सदर विधानसभा के विधायक जय किशन साहू ने समाजवादी PDA कार्यकर्ता सम्मान समारोह के बाद प्रेसवार्ता की। आज 13 सितंबर 2026 को विधानसभा सदर गाजीपुर में बूथ, सेक्टर, जोनल, ब्लॉक संगठन के पदाधिकारी, विधानसभा के पदाधिकारी, विधानसभा व जनपद के वरिष्ठ नेतागण का सम्मान समारोह कार्यक्रम शहनाई पैलेस गाजीपुर में सपा जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सम्मान समारोह कार्यक्रम के संयोजक सदर के विधायक श्री जैकिशन साहू जी बड़ी संख्या में आए कार्यकर्ताओं को अंग वस्त्र पेन व डायरी देकर स्वागत व सम्मान किया करते हुए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक जंगीपुर डॉ वीरेंद्र यादव ने सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर पीडीए समाज के अधिकारों ,लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए 2027 में समाजवादी पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का आवाह्न किया। सम्मान समारोह का संचालन विधानसभा अध्यक्ष तहसीन अहमद ने किया। कार्यक्रम में सर्वश्री पूर्व सांसद श्री जगदीश कुशवाहा ,पूर्व विधायक श्री खुर्शीद अहमद, पूर्व जिला अध्यक्षगण श्री रामधारी यादव श्री सुदर्शन यादव, डॉक्टर नन्हकू यादव, बलिराम पटेल, मुन्नन यादव, आमिर अली, सीमा यादव, कन्हैयालाल विश्वकर्मा, डॉ समीर सिंह, आत्मा, सदानंद, राजेश, रमेश, सुशील जायसवाल, कमलेश, सूरज रामबिंद, परशुराम बिंद, विभा पाल, बिंदु वाला बिन्द, पुनीता सिंह, शौर्या सिंह, रीना रीता विश्वकर्मा सुषमा बिन्द, धनु, राकेश यादव फेकन राजेंद्र यादव, कन्हैया यादव, फेकू यादव, अजय, अभिषेक कुशवाहा अमित ठाकुर संतोष देवेंद्र, महेंद्र बिंद, शिशु रजनीकांत, पंकज जिला पंचायत, भीम यादव, धर्मदेव, रमेश गोड़, राहुल निषाद, जगत मोहन एडवोकेट, विजय शंकर एडवोकेट, गोपाल एडवोकेट, बचनू, अमन, बाबी चौधरी, असलम खान, तिलक प्रधान, सरदार प्रधान, प्रदीप प्रधान, बलराम यादव सहित बड़ी संख्या में बूथ, सेक्टर, जोनल के पदाधिकारी उपस्थितरहे।1
- ड्यूटी के दौरान गोली लगने से जान गंवाने वाली महिला सिपाही प्रियंका का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब। कौशांबी में ड्यूटी के दौरान राइफल से गोली लगने से जान गंवाने वाली गाजीपुर की 28 वर्षीय महिला सिपाही प्रियंका यादव बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गईं। दुल्लहपुर क्षेत्र के सिखड़ी गांव में तड़के करीब चार बजे प्रियंका का पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। मां प्रमिला यादव और बहन प्रीति ने प्रियंका के पार्थिव शरीर को कंधा दिया, जबकि पिता रविंद्र यादव बेटी की अंतिम यात्रा में खुद को संभाल नहीं सके। गांव से निकली अंतिम यात्रा में सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ जुटी रही। गाजीपुर के गंगा घाट पर प्रियंका का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पिता रविंद्र यादव ने नम आंखों से मुखाग्नि दी। कौशांबी से पहुंचे पुलिसकर्मियों ने शोक सलामी देकर अपनी साथी महिला सिपाही को अंतिम विदाई दी।1
- Ganesh pujan samaroh ke taraf se hamare samiti sabhi parivar ko Hardik shubhkamnaen dete hue Jay ho ganpati bappa moriya Ganesh Bhagwan ki aarti sham ko Jaan se manae gai hamare hamare samiti ki taraf se Ganesh pujan ke madhyam se sabhi deshvasiyon aur mere parivar ko Ganesh ji ki hamesha aashirwad banae rakhen aur Har parivar ko Khushi milta rahe yah hamare samiti ki taraf se Ganesh ji ki se kamna Karte Hain ganpati bappa moriya ganpati bappa moriya ganpati bappa moriya4
- गरीब समाज पार्टी का तहसील पर प्रदर्शन, 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ जताई नाराजगी गरीब समाज पार्टी ने तहसील परिसर में 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारी और लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महंगाई बढ़ने से गरीब परिवारों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। बेरोजगारी के कारण बड़ी संख्या में लोगों के पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है, जिससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार से 10 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए गरीब, मजदूर और बेरोजगार वर्ग के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर में काफी देर तक नारेबाजी होती रही।1
- *कक्षा-1 की छात्रा समारा नाज की शिकायत पर पूर्ण हुआ रास्ते का निर्माण।* *कक्षा-1 की छात्रा समारा नाज की शिकायत पर पूर्ण हुआ रास्ते का निर्माण।* *जिलाधिकारी ने भटकुला पट्टी पहुंचकर सड़क की गुणवत्ता का किया स्थलीय निरीक्षण।* *समस्याओं के त्वरित निस्तारण के साथ जनसुविधाओं का ध्यान रखना जिला प्रशासन की प्राथमिकता : जिलाधिकारी।* नगर पालिका परिषद मऊ के अंतर्गत भटकुला पट्टी स्थित वार्ड नंबर-17 में रास्ता निर्माण को लेकर कक्षा-1 की छात्रा समारा नाज द्वारा जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी महोदय के समक्ष शिकायत की गई थी। जिला प्रशासन द्वारा शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिसके क्रम में रास्ता निर्माण का कार्य पूर्ण करा लिया गया। आज जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन द्वारा मौके पर पहुंचकर नवनिर्मित रास्ते का स्थलीय निरीक्षण किया गया तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं अन्य आवश्यक बिंदुओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आसपास की गलियों का भी सर्वे कराकर आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने के निर्देश अधिशासी अधिकारी नगरपालिका को दिए। उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर क्षेत्र की अन्य समस्याओं एवं मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली तथा प्राप्त समस्याओं के नियमानुसार एवं समयबद्ध ढंग से समाधान के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने छात्रा समारा नाज से मुलाकात की तथा उसे साइकिल एवं चॉकलेट उपहार स्वरूप भेंट की। रास्ते का निर्माण पूर्ण होने और उपहार पाकर समारा नाज काफी प्रसन्न हुई। बच्ची एवं उसके परिजनों द्वारा जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान आसपास के स्थानीय लोगों ने भी क्षेत्र में कराए गए कार्यों तथा जिलाधिकारी द्वारा मौके पर पहुंचकर समस्याओं का जायजा लेने और उनके समाधान के लिए दिए गए निर्देशों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद मऊ सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।2
- गाजीपुर: NH-24 को जोड़ने वाले आलम रोड पर थोड़ी सी बारिश में डूबी सड़कें, जल निकासी व्यवस्था फेल, जिलाधिकारी से संज्ञान लेने की मांग गाजीपुर। जनपद में विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग 24 (NH-24) को शहर से जोड़ने वाले बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाकों में शुमार आलम रोड पर थोड़ी सी बारिश होते ही सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। नालियों की साफ-सफाई न होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण पूरी सड़क ने तालाब का रूप ले लिया है। इस जलभराव के चलते स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। NH-24 मार्ग से जुड़ने के कारण लगा रहता है लंबा जाम चूंकि यह रास्ता सीधे NH-24 मार्ग से जुड़ता है, इसलिए इस पर दिनभर भारी वाहनों, एम्बुलेंस और वीआईपी मूवमेंट सहित हजारों लोगों का आवागमन रहता है। सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाने के कारण गाड़ियों की रफ्तार थम गई है और आलम रोड पर घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है। हाईवे की तरफ जाने वाले मुसाफिर इस जलभराव के चलते बीच रास्ते में ही फंस जा रहे हैं। व्यापारियों का फूटा गुस्सा: दुकानदारी ठप, लाखों का नुकसान सड़क पर पानी जमा होने से सबसे ज्यादा मार आलम रोड के व्यापारियों पर पड़ी है। स्थानीय दुकानदार रमेश गुप्ता ने आक्रोश जताते हुए कहा, "थोड़ी सी भी बारिश होती है तो पानी हमारी दुकानों के शटर तक आ जाता है। ग्राहक दुकान पर आने से कतराते हैं। नगर पालिका को कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।" एक अन्य कपड़ा व्यापारी मो. असलम ने बताया, "जलभराव के कारण नालियों का गंदा पानी सड़क पर आ जाता है, जिससे बदबू फैल जाती है। दिनभर दुकान पर बैठना दूभर हो गया है और हमारा व्यापार पूरी तरह से ठप हो चुका है।" राहगीर और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालने को मजबूर इस मुख्य मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों के लिए यह सड़क किसी मुसीबत से कम नहीं है। नियमित राहगीर अमित यादव ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा, "हाईवे (NH-24) को जोड़ने वाली मुख्य सड़क होने के बावजूद प्रशासन सो रहा है। पानी की वजह से नीचे के गड्ढे दिखाई नहीं देते। आए दिन बाइक सवार और साइकिल वाले अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं। पैदल चलने वालों के लिए तो रास्ता ही नहीं बचता।" एक अभिभावक सुनीता देवी ने कहा, "स्कूल बसें और ऑटो इस पानी से होकर गुजरते हैं, जिससे हमेशा बच्चों की सुरक्षा का डर बना रहता है। जिला प्रशासन को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।" जिलाधिकारी से संज्ञान लेने की अपील आलम रोड के नागरिकों, राहगीरों और व्यापार मंडल ने अब सीधे गाजीपुर के जिलाधिकारी (DM) से इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेने की गुहार लगाई है। जनता की पुरजोर मांग है कि जिलाधिकारी स्वयं इस रूट का निरीक्षण करें और नगर पालिका व संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर नाले-नालियों की तत्काल सफाई कराएं। यहां जल निकासी का कोई स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज | राम लगन मौर्य के परिवार की हत्या मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, अपनी जनता पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र सिंह कुशवाहा ने उठाए सवाल गाजीपुर/अयोध्या। अयोध्या में राम लगन मौर्य के परिवार की हत्या के मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर अपनी जनता पार्टी गाजीपुर के जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र सिंह कुशवाहा ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले में आरोपित व्यक्तियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। जितेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि परिवार की हत्या जैसी गंभीर घटना के बाद पीड़ित परिजनों को न्याय और सुरक्षा का भरोसा मिलना जरूरी है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं प्रभावी जांच करते हुए जिन लोगों पर हत्या में शामिल होने के आरोप हैं, उनकी शीघ्र गिरफ्तारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि घटना के वास्तविक तथ्यों की जांच कर दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन को मामले में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए। जितेन्द्र सिंह कुशवाहा ने सवाल उठाया कि यदि हत्या के मामले में आरोपितों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं तो उनकी गिरफ्तारी में देरी क्यों हो रही है? उन्होंने पुलिस-प्रशासन से कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक इस मुद्दे को लेकर आवाज उठाई जाती रहेगी। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और दोष सिद्ध होने पर न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। नोट: घटना और आरोपों से संबंधित अंतिम तथ्य पुलिस/जांच एजेंसी की आधिकारिक कार्रवाई तथा न्यायालय के निर्णय के अधीन हैं।3