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sitarganj pandri me thodi si varshat ki bajha seroad ha hua bura haal Har shal yahi haal hota hai or Lagbhag 40 saal se iska koi samadhan nahi ho raha hai iska jald se jald kuch kiya jaye Dhanyawad
Anas
sitarganj pandri me thodi si varshat ki bajha seroad ha hua bura haal Har shal yahi haal hota hai or Lagbhag 40 saal se iska koi samadhan nahi ho raha hai iska jald se jald kuch kiya jaye Dhanyawad
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- अमरिया क्षेत्र के ड्यूनी डैम पुल की बदहाली, गड्ढे ने बढ़ाई मुश्किलें1
- राजा मोरध्वज की नगरी – मरौरी खास, जिला पीलीभीत नमस्कार दोस्तों! आज हम आपको उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत के बिलसंडा ब्लॉक स्थित मरौरी खास गाँव की ऐतिहासिक और धार्मिक कहानी सुनाने जा रहे हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यही वह पावन भूमि है जहाँ महादानी राजा मोरध्वज का किला और उनकी राजधानी हुआ करती थी। आज भी यहाँ किले के अवशेष मौजूद हैं, जिन्हें लोग राजा मोरध्वज की विरासत के रूप में देखते हैं। हाल के वर्षों में इस किले के संरक्षण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई है। राजा मोरध्वज को उनकी दानवीरता, न्यायप्रियता और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति के लिए याद किया जाता है। लोककथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी भक्ति और त्याग की परीक्षा ली, जिसमें राजा मोरध्वज ने धर्म और वचन की रक्षा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। मरौरी खास के लोग आज भी इस स्थान को गर्व से राजा मोरध्वज की नगरी कहते हैं। यहाँ का प्राचीन किला, आसपास के ऐतिहासिक स्थल और मंदिर इस गौरवशाली इतिहास की याद दिलाते हैं। स्थानीय परंपराओं में इस गाँव का विशेष महत्व माना जाता है। यदि आप इतिहास, संस्कृति और धार्मिक धरोहरों में रुचि रखते हैं, तो मरौरी खास अवश्य आइए और इस ऐतिहासिक स्थल के दर्शन कीजिए। वीडियो पसंद आए तो इसे लाइक करें, अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। जय श्रीकृष्ण। जय माता मोर भवानी। राजा मोरध्वज की नगरी – मरौरी खास, जिला पीलीभीत नमस्कार दोस्तों! आज हम आपको उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत के बिलसंडा ब्लॉक स्थित मरौरी खास गाँव की ऐतिहासिक और धार्मिक कहानी सुनाने जा रहे हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यही वह पावन भूमि है जहाँ महादानी राजा मोरध्वज का किला और उनकी राजधानी हुआ करती थी। आज भी यहाँ किले के अवशेष मौजूद हैं, जिन्हें लोग राजा मोरध्वज की विरासत के रूप में देखते हैं। हाल के वर्षों में इस किले के संरक्षण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई है। राजा मोरध्वज को उनकी दानवीरता, न्यायप्रियता और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति के लिए याद किया जाता है। लोककथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी भक्ति और त्याग की परीक्षा ली, जिसमें राजा मोरध्वज ने धर्म और वचन की रक्षा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। मरौरी खास के लोग आज भी इस स्थान को गर्व से राजा मोरध्वज की नगरी कहते हैं। यहाँ का प्राचीन किला, आसपास के ऐतिहासिक स्थल और मंदिर इस गौरवशाली इतिहास की याद दिलाते हैं। स्थानीय परंपराओं में इस गाँव का विशेष महत्व माना जाता है। यदि आप इतिहास, संस्कृति और धार्मिक धरोहरों में रुचि रखते हैं, तो मरौरी खास अवश्य आइए और इस ऐतिहासिक स्थल के दर्शन कीजिए। वीडियो पसंद आए तो इसे लाइक करें, अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। जय श्रीकृष्ण। जय माता मोर भवानी।1
- बाबर के खौफ को सुनकर जो हिन्दू मुसलमान बने थे उनसे प्रार्थना1
- सत्य परमात्मा बोध शिविर का भव्य आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आध्यात्मिक लाभ गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद जी महाराज के सान्निध्य में सत्य परमात्मा बोध शिविर का भव्य आयोजन किया गया। शिविर में बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र सहित दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वामी प्रवक्तानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं को सत्य, धर्म, मानव सेवा और आध्यात्मिक जीवन का संदेश दिया। पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। शिविर का समापन गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ। इसके उपरांत उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। #गुरु_पूर्णिमा #GuruPurnima #स्वामी_प्रवक्तानंद #बरखेड़ा #अलखेश्वर_महादेव #भजन_कीर्तन #सनातन_संस्कृति #महादेव #श्रद्धा #भक्ति #BJP #उत्तरप्रदेश #Pilibhit #Barkhera #HarHarMahadev #जय_भोलेनाथ #Viral #Trending #News #BHASKARNEWS1
- 37 वर्षों की सेवा के बाद वन उप निरीक्षक दिनेश चंद्र जोशी को भावभीनी विदाई, डीएफओ प्रणब जैन बोले— ईमानदारी, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता से निभाई जिम्मेदारी बिलासपुर। आरक्षित डडिया वन में तैनात वन उप निरीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए दिनेश चंद्र जोशी को गुरुवार शाम विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भावभीनी विदाई दी। सामाजिक वानिकी प्रभाग, बिलासपुर रेंज के तत्वावधान में बेगमाबाद गांव स्थित एक पैलेस में आयोजित सम्मान समारोह में अधिकारियों ने उनके 37 वर्षों के सेवाकाल की सराहना करते हुए उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीएफओ प्रणब जैन ने कहा कि दिनेश चंद्र जोशी ने अपने लंबे सेवाकाल में पूरी ईमानदारी, निष्ठा और मेहनत के साथ विभागीय दायित्वों का निर्वहन किया।उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मठ अधिकारी विभाग के लिए प्रेरणा होते हैं और उनकी कार्यशैली आने वाली पीढ़ी के कर्मचारियों के लिए उदाहरण बनी रहेगी।इस अवसर पर सेवानिवृत्त वन उप निरीक्षक दिनेश चंद्र जोशी ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान साथियों के सहयोग और यादगार अनुभवों को साझा करते हुए भावुक होकर कहा कि विभाग के साथ बिताया गया समय हमेशा उनकी स्मृतियों में रहेगा। कार्यक्रम के अंत में उन्हें स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।इस मौकें पर वन क्षेत्राधिकारी आलोक शर्मा,मिलक रेंजर संतोष कुमार,अमित कुमार,एसडीओ ओमप्रकाश,कमल किशोर शर्मा,शील कुमार आदि मौजूद रहे।4
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- उत्तराखंड:रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, उत्तराखंड के रेल मार्गों पर लगेगा 'कवच 4.0' उत्तराखंड:रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, उत्तराखंड के रेल मार्गों पर लगेगा 'कवच 4.0'1