राजा मोरध्वज की नगरी – मरौरी खास, जिला पीलीभीत नमस्कार दोस्तों! आज हम आपको उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत के बिलसंडा ब्लॉक स्थित मरौरी खास गाँव की ऐतिहासिक और धार्मिक कहानी सुनाने जा रहे हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यही वह पावन भूमि है जहाँ महादानी राजा मोरध्वज का किला और उनकी राजधानी हुआ करती थी। आज भी यहाँ किले के अवशेष मौजूद हैं, जिन्हें लोग राजा मोरध्वज की विरासत के रूप में देखते हैं। हाल के वर्षों में इस किले के संरक्षण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई है। राजा मोरध्वज को उनकी दानवीरता, न्यायप्रियता और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति के लिए याद किया जाता है। लोककथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी भक्ति और त्याग की परीक्षा ली, जिसमें राजा मोरध्वज ने धर्म और वचन की रक्षा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। मरौरी खास के लोग आज भी इस स्थान को गर्व से राजा मोरध्वज की नगरी कहते हैं। यहाँ का प्राचीन किला, आसपास के ऐतिहासिक स्थल और मंदिर इस गौरवशाली इतिहास की याद दिलाते हैं। स्थानीय परंपराओं में इस गाँव का विशेष महत्व माना जाता है। यदि आप इतिहास, संस्कृति और धार्मिक धरोहरों में रुचि रखते हैं, तो मरौरी खास अवश्य आइए और इस ऐतिहासिक स्थल के दर्शन कीजिए। वीडियो पसंद आए तो इसे लाइक करें, अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। जय श्रीकृष्ण। जय माता मोर भवानी। राजा मोरध्वज की नगरी – मरौरी खास, जिला पीलीभीत नमस्कार दोस्तों! आज हम आपको उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत के बिलसंडा ब्लॉक स्थित मरौरी खास गाँव की ऐतिहासिक और धार्मिक कहानी सुनाने जा रहे हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यही वह पावन भूमि है जहाँ महादानी राजा मोरध्वज का किला और उनकी राजधानी हुआ करती थी। आज भी यहाँ किले के अवशेष मौजूद हैं, जिन्हें लोग राजा मोरध्वज की विरासत के रूप में देखते हैं। हाल के वर्षों में इस किले के संरक्षण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई है। राजा मोरध्वज को उनकी दानवीरता, न्यायप्रियता और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति के लिए याद किया जाता है। लोककथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी भक्ति और त्याग की परीक्षा ली, जिसमें राजा मोरध्वज ने धर्म और वचन की रक्षा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। मरौरी खास के लोग आज भी इस स्थान को गर्व से राजा मोरध्वज की नगरी कहते हैं। यहाँ का प्राचीन किला, आसपास के ऐतिहासिक स्थल और मंदिर इस गौरवशाली इतिहास की याद दिलाते हैं। स्थानीय परंपराओं में इस गाँव का विशेष महत्व माना जाता है। यदि आप इतिहास, संस्कृति और धार्मिक धरोहरों में रुचि रखते हैं, तो मरौरी खास अवश्य आइए और इस ऐतिहासिक स्थल के दर्शन कीजिए। वीडियो पसंद आए तो इसे लाइक करें, अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। जय श्रीकृष्ण। जय माता मोर भवानी।
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- बाबर के खौफ को सुनकर जो हिन्दू मुसलमान बने थे उनसे प्रार्थना1
- सत्य परमात्मा बोध शिविर का भव्य आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आध्यात्मिक लाभ गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद जी महाराज के सान्निध्य में सत्य परमात्मा बोध शिविर का भव्य आयोजन किया गया। शिविर में बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र सहित दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वामी प्रवक्तानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं को सत्य, धर्म, मानव सेवा और आध्यात्मिक जीवन का संदेश दिया। पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। शिविर का समापन गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ। इसके उपरांत उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। #गुरु_पूर्णिमा #GuruPurnima #स्वामी_प्रवक्तानंद #बरखेड़ा #अलखेश्वर_महादेव #भजन_कीर्तन #सनातन_संस्कृति #महादेव #श्रद्धा #भक्ति #BJP #उत्तरप्रदेश #Pilibhit #Barkhera #HarHarMahadev #जय_भोलेनाथ #Viral #Trending #News #BHASKARNEWS1
- *बिजनेसमैन पति पर केस, पंचायत ने समाज से बाहर किया:* 4 लाख का जुर्माना भी लगाया; दूसरी शादी के लिए तलाक का दबाव डाल रहा था राजस्थान के पाली जिले के चंडावल क्षेत्र में एक खाप पंचायत का क्रूर फरमान सामने आया है, जहां कोर्ट में चल रहे मुकदमों को वापस न लेने पर पीड़ित विवाहिता और उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। इसके साथ ही पंचायत ने पीड़ित पक्ष पर 4 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है.यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पीड़िता ने अपने बिजनेसमैन पति के खिलाफ दूसरी शादी के लिए प्रताड़ित करने और दहेज का मुकदमा दर्ज करवाया था. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने पति और 22 पंचों समेत कुल 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है.क्या है पूरा मामला और विवाद की वजह?चेन्नई का बिजनेसमैन है पति: मूल रूप से देवली कलां और वर्तमान में सोजत रोड निवासी पीड़िता की शादी राजेंद्र नामक युवक से हुई थी, जिसका चेन्नई में हार्डवेयर का बड़ा बिजनेस है. आरोप है कि राजेंद्र दूसरी शादी करना चाहता था और इसके लिए पत्नी पर लगातार तलाक (Divorce) का दबाव बना रहा था.पीड़िता ने दर्ज कराया था केस: पति और ससुराल वालों द्वारा मारपीट कर घर से निकाले जाने के बाद पीड़िता ने साल 2022 में दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और भरण-पोषण का केस कोर्ट में दर्ज करा दिया. जांच में पुलिस ने पति के खिलाफ जुर्म को सही माना था. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा1
- अमरिया क्षेत्र के ड्यूनी डैम पुल की बदहाली, गड्ढे ने बढ़ाई मुश्किलें1
- आतिशबाजी दुकानों पर प्रशासन की सख्ती, सुरक्षा मानकों की हुई गहन जांच पूरनपुर, पीलीभीत। जनपद पीलीभीत में आगामी त्योहारों और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उप जिलाधिकारी पूरनपुर के निर्देशन में गुरुवार को क्षेत्राधिकारी पूरनपुर और मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने आतिशबाजी की अस्थायी एवं स्थायी लाइसेंसधारी दुकानों का संयुक्त निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, अग्निशमन विभाग से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), लाइसेंस की शर्तों के अनुपालन, आतिशबाजी के सुरक्षित भंडारण, फायर एक्सटिंग्विशर की उपलब्धता एवं उनकी कार्यशीलता, आपातकालीन सुरक्षा इंतजाम तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों की गहन जांच की। साथ ही यह भी परखा गया कि आतिशबाजी का भंडारण निर्धारित क्षमता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं।अधिकारियों ने दुकानदारों को निर्देश दिए कि आतिशबाजी का क्रय-विक्रय केवल शासन के निर्देशों, विस्फोटक अधिनियम एवं लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप ही किया जाए। बिना लाइसेंस अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किसी भी प्रकार का भंडारण और बिक्री बिल्कुल न की जाए। सभी दुकानदार अपनी दुकानों पर अग्निशमन उपकरण हमेशा कार्यशील स्थिति में रखें और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें।निरीक्षण के दौरान व्यापारियों को आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों और सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन या किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दोहराया कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आतिशबाजी दुकानों पर प्रशासन की सख्ती, सुरक्षा मानकों की हुई गहन जांच पूरनपुर, पीलीभीत। जनपद पीलीभीत में आगामी त्योहारों और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उप जिलाधिकारी पूरनपुर के निर्देशन में गुरुवार को क्षेत्राधिकारी पूरनपुर और मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने आतिशबाजी की अस्थायी एवं स्थायी लाइसेंसधारी दुकानों का संयुक्त निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, अग्निशमन विभाग से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), लाइसेंस की शर्तों के अनुपालन, आतिशबाजी के सुरक्षित भंडारण, फायर एक्सटिंग्विशर की उपलब्धता एवं उनकी कार्यशीलता, आपातकालीन सुरक्षा इंतजाम तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों की गहन जांच की। साथ ही यह भी परखा गया कि आतिशबाजी का भंडारण निर्धारित क्षमता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं।अधिकारियों ने दुकानदारों को निर्देश दिए कि आतिशबाजी का क्रय-विक्रय केवल शासन के निर्देशों, विस्फोटक अधिनियम एवं लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप ही किया जाए। बिना लाइसेंस अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किसी भी प्रकार का भंडारण और बिक्री बिल्कुल न की जाए। सभी दुकानदार अपनी दुकानों पर अग्निशमन उपकरण हमेशा कार्यशील स्थिति में रखें और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें।निरीक्षण के दौरान व्यापारियों को आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों और सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन या किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दोहराया कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- संसद में चला 'चंदा चोर' नाटक, भगवा वस्त्र पहन पप्पू यादव बने पुजारी1
- *AI कराएगा REET, RAS और UPSC की तैयारी:* टेस्ट से बताएगा स्टूडेंट कौनसे सब्जेक्ट में है कमजोर; 25 साल पुराने पेपर भी मिलेंगे जोधपुर के टेक स्टार्टअप 'द अभ्यास' ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक अनूठा एजुकेशनल प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो छात्रों को REET, RAS और UPSC जैसी कठिन परीक्षाओं की सटीक तैयारी कराएगा। इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी पारंपरिक कोचिंग संस्थान की तरह टेस्ट लेकर छात्र के सबसे कमजोर विषयों (Weak Subjects) की पहचान करेगा और उस आधार पर पढ़ाई का पर्सनलाइज्ड प्लान तैयार करेगा।इस इनोवेटिव प्लेटफॉर्म को जोधपुर के शुभेंद्र गौतम ने विकसित किया है, जिन्हें खुद 4 साल तक यूपीएससी की तैयारी करने के दौरान आए अनुभवों से इस एआई टूल को बनाने का आइडिया मिला।प्लेटफॉर्म के 7 मुख्य एआई फीचर्स (Modules)AI ट्यूटर: छात्र क्लासरूम की तरह प्रतियोगिता परीक्षाओं से जुड़ा कोई भी कठिन सवाल या डाउट पूछ सकते हैं, जिसका एआई पूरी डिटेल के साथ तुरंत जवाब देगा।स्मार्ट PYQs: इसमें पिछले 20 से 25 सालों के पुराने प्रश्न पत्र (Previous Year Papers) पूरी तरह से सब्जेक्ट और टॉपिक-वाइज कैटेगराइज्ड फॉर्म में मिलेंगे ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा1