*बिजनेसमैन पति पर केस, पंचायत ने समाज से बाहर किया:* 4 लाख का जुर्माना भी लगाया; दूसरी शादी के लिए तलाक का दबाव डाल रहा था राजस्थान के पाली जिले के चंडावल क्षेत्र में एक खाप पंचायत का क्रूर फरमान सामने आया है, जहां कोर्ट में चल रहे मुकदमों को वापस न लेने पर पीड़ित विवाहिता और उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। इसके साथ ही पंचायत ने पीड़ित पक्ष पर 4 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है.यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पीड़िता ने अपने बिजनेसमैन पति के खिलाफ दूसरी शादी के लिए प्रताड़ित करने और दहेज का मुकदमा दर्ज करवाया था. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने पति और 22 पंचों समेत कुल 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है.क्या है पूरा मामला और विवाद की वजह?चेन्नई का बिजनेसमैन है पति: मूल रूप से देवली कलां और वर्तमान में सोजत रोड निवासी पीड़िता की शादी राजेंद्र नामक युवक से हुई थी, जिसका चेन्नई में हार्डवेयर का बड़ा बिजनेस है. आरोप है कि राजेंद्र दूसरी शादी करना चाहता था और इसके लिए पत्नी पर लगातार तलाक (Divorce) का दबाव बना रहा था.पीड़िता ने दर्ज कराया था केस: पति और ससुराल वालों द्वारा मारपीट कर घर से निकाले जाने के बाद पीड़िता ने साल 2022 में दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और भरण-पोषण का केस कोर्ट में दर्ज करा दिया. जांच में पुलिस ने पति के खिलाफ जुर्म को सही माना था. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा
*बिजनेसमैन पति पर केस, पंचायत ने समाज से बाहर किया:* 4 लाख का जुर्माना भी लगाया; दूसरी शादी के लिए तलाक का दबाव डाल रहा था राजस्थान के पाली जिले के चंडावल क्षेत्र में एक खाप पंचायत का क्रूर फरमान सामने आया है, जहां कोर्ट में चल रहे मुकदमों को वापस न लेने पर पीड़ित विवाहिता और उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। इसके साथ ही पंचायत ने पीड़ित पक्ष पर 4 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है.यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पीड़िता ने अपने बिजनेसमैन पति के खिलाफ दूसरी शादी के लिए प्रताड़ित करने और दहेज का मुकदमा दर्ज करवाया था. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने पति और 22 पंचों समेत कुल 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है.क्या है पूरा मामला और विवाद की वजह?चेन्नई का बिजनेसमैन है पति: मूल रूप से देवली कलां और वर्तमान में सोजत रोड निवासी पीड़िता की शादी राजेंद्र नामक युवक से हुई थी, जिसका चेन्नई में हार्डवेयर का बड़ा बिजनेस है. आरोप है कि राजेंद्र दूसरी शादी करना चाहता था और इसके लिए पत्नी पर लगातार तलाक (Divorce) का दबाव बना रहा था.पीड़िता ने दर्ज कराया था केस: पति और ससुराल वालों द्वारा मारपीट कर घर से निकाले जाने के बाद पीड़िता ने साल 2022 में दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और भरण-पोषण का केस कोर्ट में दर्ज करा दिया. जांच में पुलिस ने पति के खिलाफ जुर्म को सही माना था. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा
- सावन और आला हजरत उर्स को लेकर बरेली पुलिस अलर्ट, 3000 से अधिक पुलिस बल रहेगा तैनात, ड्रोन से होगी निगरानी सावन और आला हजरत उर्स को लेकर बरेली पुलिस अलर्ट, 3000 से अधिक पुलिस बल रहेगा तैनात, ड्रोन से होगी निगरानी बरेली। सावन माह की कांवड़ यात्रा और 6, 7 व 8 अगस्त को आयोजित होने वाले आला हजरत उर्स को लेकर बरेली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे जनपद को कांवड़ यात्रा के लिए 3 जोन, 8 सेक्टर, 28 सब-सेक्टर और 114 सुरक्षा सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में करीब 8 कांस्टेबल तैनात रहेंगे। कांवड़ मार्ग पर हर एक किलोमीटर पर एक कांस्टेबल तथा प्रत्येक चार किलोमीटर पर एक सब-इंस्पेक्टर की ड्यूटी लगाई गई है। सभी प्रमुख शिव मंदिरों का सुरक्षा की दृष्टि से निरीक्षण किया जा चुका है और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रत्येक कांवड़ जत्थे के साथ एक पुलिस अधिकारी या सब-इंस्पेक्टर रहेगा, जिससे किसी भी समस्या का मौके पर ही समाधान किया जा सके। आला हजरत उर्स की सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र को 4 सुपर जोन, 8 जोन और 28 सेक्टर में बांटा गया है। उर्स में 3000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त 1700 पुलिसकर्मी, पीएसी और आरएएफ की कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाई जाएंगी। पहली बार ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे आयोजन की निगरानी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उर्स और कांवड़ यात्रा को लेकर 16 प्रकार के हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। सभी आयोजकों को आश्वस्त किया गया है कि दोनों धार्मिक आयोजन परंपरागत, सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराए जाएंगे तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क रहेगी।1
- *बिजनेसमैन पति पर केस, पंचायत ने समाज से बाहर किया:* 4 लाख का जुर्माना भी लगाया; दूसरी शादी के लिए तलाक का दबाव डाल रहा था राजस्थान के पाली जिले के चंडावल क्षेत्र में एक खाप पंचायत का क्रूर फरमान सामने आया है, जहां कोर्ट में चल रहे मुकदमों को वापस न लेने पर पीड़ित विवाहिता और उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। इसके साथ ही पंचायत ने पीड़ित पक्ष पर 4 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है.यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पीड़िता ने अपने बिजनेसमैन पति के खिलाफ दूसरी शादी के लिए प्रताड़ित करने और दहेज का मुकदमा दर्ज करवाया था. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने पति और 22 पंचों समेत कुल 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है.क्या है पूरा मामला और विवाद की वजह?चेन्नई का बिजनेसमैन है पति: मूल रूप से देवली कलां और वर्तमान में सोजत रोड निवासी पीड़िता की शादी राजेंद्र नामक युवक से हुई थी, जिसका चेन्नई में हार्डवेयर का बड़ा बिजनेस है. आरोप है कि राजेंद्र दूसरी शादी करना चाहता था और इसके लिए पत्नी पर लगातार तलाक (Divorce) का दबाव बना रहा था.पीड़िता ने दर्ज कराया था केस: पति और ससुराल वालों द्वारा मारपीट कर घर से निकाले जाने के बाद पीड़िता ने साल 2022 में दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और भरण-पोषण का केस कोर्ट में दर्ज करा दिया. जांच में पुलिस ने पति के खिलाफ जुर्म को सही माना था. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा1
- राजा मोरध्वज की नगरी – मरौरी खास, जिला पीलीभीत नमस्कार दोस्तों! आज हम आपको उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत के बिलसंडा ब्लॉक स्थित मरौरी खास गाँव की ऐतिहासिक और धार्मिक कहानी सुनाने जा रहे हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यही वह पावन भूमि है जहाँ महादानी राजा मोरध्वज का किला और उनकी राजधानी हुआ करती थी। आज भी यहाँ किले के अवशेष मौजूद हैं, जिन्हें लोग राजा मोरध्वज की विरासत के रूप में देखते हैं। हाल के वर्षों में इस किले के संरक्षण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई है। राजा मोरध्वज को उनकी दानवीरता, न्यायप्रियता और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति के लिए याद किया जाता है। लोककथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी भक्ति और त्याग की परीक्षा ली, जिसमें राजा मोरध्वज ने धर्म और वचन की रक्षा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। मरौरी खास के लोग आज भी इस स्थान को गर्व से राजा मोरध्वज की नगरी कहते हैं। यहाँ का प्राचीन किला, आसपास के ऐतिहासिक स्थल और मंदिर इस गौरवशाली इतिहास की याद दिलाते हैं। स्थानीय परंपराओं में इस गाँव का विशेष महत्व माना जाता है। यदि आप इतिहास, संस्कृति और धार्मिक धरोहरों में रुचि रखते हैं, तो मरौरी खास अवश्य आइए और इस ऐतिहासिक स्थल के दर्शन कीजिए। वीडियो पसंद आए तो इसे लाइक करें, अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। जय श्रीकृष्ण। जय माता मोर भवानी। राजा मोरध्वज की नगरी – मरौरी खास, जिला पीलीभीत नमस्कार दोस्तों! आज हम आपको उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत के बिलसंडा ब्लॉक स्थित मरौरी खास गाँव की ऐतिहासिक और धार्मिक कहानी सुनाने जा रहे हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यही वह पावन भूमि है जहाँ महादानी राजा मोरध्वज का किला और उनकी राजधानी हुआ करती थी। आज भी यहाँ किले के अवशेष मौजूद हैं, जिन्हें लोग राजा मोरध्वज की विरासत के रूप में देखते हैं। हाल के वर्षों में इस किले के संरक्षण की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई है। राजा मोरध्वज को उनकी दानवीरता, न्यायप्रियता और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति के लिए याद किया जाता है। लोककथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी भक्ति और त्याग की परीक्षा ली, जिसमें राजा मोरध्वज ने धर्म और वचन की रक्षा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। मरौरी खास के लोग आज भी इस स्थान को गर्व से राजा मोरध्वज की नगरी कहते हैं। यहाँ का प्राचीन किला, आसपास के ऐतिहासिक स्थल और मंदिर इस गौरवशाली इतिहास की याद दिलाते हैं। स्थानीय परंपराओं में इस गाँव का विशेष महत्व माना जाता है। यदि आप इतिहास, संस्कृति और धार्मिक धरोहरों में रुचि रखते हैं, तो मरौरी खास अवश्य आइए और इस ऐतिहासिक स्थल के दर्शन कीजिए। वीडियो पसंद आए तो इसे लाइक करें, अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। जय श्रीकृष्ण। जय माता मोर भवानी।1
- बाबर के खौफ को सुनकर जो हिन्दू मुसलमान बने थे उनसे प्रार्थना1
- सत्य परमात्मा बोध शिविर का भव्य आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आध्यात्मिक लाभ गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद जी महाराज के सान्निध्य में सत्य परमात्मा बोध शिविर का भव्य आयोजन किया गया। शिविर में बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र सहित दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वामी प्रवक्तानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं को सत्य, धर्म, मानव सेवा और आध्यात्मिक जीवन का संदेश दिया। पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। शिविर का समापन गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ। इसके उपरांत उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। #गुरु_पूर्णिमा #GuruPurnima #स्वामी_प्रवक्तानंद #बरखेड़ा #अलखेश्वर_महादेव #भजन_कीर्तन #सनातन_संस्कृति #महादेव #श्रद्धा #भक्ति #BJP #उत्तरप्रदेश #Pilibhit #Barkhera #HarHarMahadev #जय_भोलेनाथ #Viral #Trending #News #BHASKARNEWS1
- बरेली- कावड़ यात्रा को हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था कम यात्रा के रास्ते पर पड़ने वाली मास की दुकाने बंद शराब की दुकान भी ढक कर रहेगी -डीआईजी अजय कुमार साहनी1
- *AI कराएगा REET, RAS और UPSC की तैयारी:* टेस्ट से बताएगा स्टूडेंट कौनसे सब्जेक्ट में है कमजोर; 25 साल पुराने पेपर भी मिलेंगे जोधपुर के टेक स्टार्टअप 'द अभ्यास' ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक अनूठा एजुकेशनल प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो छात्रों को REET, RAS और UPSC जैसी कठिन परीक्षाओं की सटीक तैयारी कराएगा। इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी पारंपरिक कोचिंग संस्थान की तरह टेस्ट लेकर छात्र के सबसे कमजोर विषयों (Weak Subjects) की पहचान करेगा और उस आधार पर पढ़ाई का पर्सनलाइज्ड प्लान तैयार करेगा।इस इनोवेटिव प्लेटफॉर्म को जोधपुर के शुभेंद्र गौतम ने विकसित किया है, जिन्हें खुद 4 साल तक यूपीएससी की तैयारी करने के दौरान आए अनुभवों से इस एआई टूल को बनाने का आइडिया मिला।प्लेटफॉर्म के 7 मुख्य एआई फीचर्स (Modules)AI ट्यूटर: छात्र क्लासरूम की तरह प्रतियोगिता परीक्षाओं से जुड़ा कोई भी कठिन सवाल या डाउट पूछ सकते हैं, जिसका एआई पूरी डिटेल के साथ तुरंत जवाब देगा।स्मार्ट PYQs: इसमें पिछले 20 से 25 सालों के पुराने प्रश्न पत्र (Previous Year Papers) पूरी तरह से सब्जेक्ट और टॉपिक-वाइज कैटेगराइज्ड फॉर्म में मिलेंगे ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा1
- योगी के राज में खाकी बनी हैवान! 10 साल की मासूम की बेरहमी से हत्या" योगी के राज में खाकी बनी हैवान! 10 साल की मासूम की बेरहमी से हत्या" नमस्कार आप देख रहे हैं भारत vision live गोरखपुर में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। जिस खाकी पर सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, उसी पर 10 साल की मासूम बच्ची के अपहरण और हत्या का आरोप लगा है। आरोपी डायल-112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव है। गिरफ्तारी के बाद जब उसे मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ ने आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की, अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया और पुलिस को आरोपी को बचाने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। 28 जुलाई को गोरखपुर के सदर अस्पताल से 10 वर्षीय बच्ची के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो एक शख्स बच्ची को बाइक पर ले जाता दिखाई दिया। जांच आगे बढ़ी तो पहचान डायल-112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर नदी से बच्ची का शव बरामद किया गया। पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराएं मुकदमे में बढ़ा दी हैं। पुलिस ने यह भी कहा है कि दुष्कर्म की आशंका के पहलू की जांच की जा रही है और इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी दुष्कर्म के एक मामले में जेल जा चुका था और निलंबित भी रह चुका था। इस खुलासे के बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया तो वहां भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों और अस्पताल स्टाफ के कुछ सदस्यों ने आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि पुलिस को सुरक्षा घेरा बनाकर आरोपी को बचाना पड़ा। बाहर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। इस दौरान धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। उधर, गोरखपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले पर पुलिस की नजर है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एक मासूम की मौत, खाकी पर गंभीर आरोप और गुस्से से उबलती जनता... गोरखपुर की यह घटना कई बड़े सवाल खड़े कर रही है। अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।1