रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग ने 'ऑपरेशन आघात' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले में नकली शराब के काले साम्राज्य का पर्दाफाश किया है। बाहर से 'ब्लैक डॉग' और 'रॉयल स्टैग' जैसी महंगी शराब की चमकती बोतलों में 'मौत का जहर' भरकर बेचा जा रहा था। कोरोना काल से चल रहे इस गोरखधंधे की नींव हिलाते हुए पुलिस ने भारी मात्रा में नकली शराब का जखीरा बरामद किया है। पुलिस ने कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनागर में दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू के ठिकाने पर दबिश दी, तो वहां गाय बांधने वाले कोठे में एक पूरी 'अवैध डिस्टिलरी' मिली। आरोपी अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से सस्ती शराब लाकर उसमें स्प्रिट और रेड लेबल चायपत्ती मिलाकर शराब की मात्रा और रंग तैयार करते थे। कचरे से पुरानी बोतलें इकट्ठा कर उन्हें धोकर उन पर ब्रांडेड कंपनियों के 'नकली होलोग्राम' और 'डुप्लीकेट लेबल' चिपकाए जाते थे, फिर उन्हें बाजार में असली शराब के भाव में बेचा जाता था। 'रॉयल स्टैग', 'इंपीरियल ब्लू (IB)', 'ब्लैक डॉग', 'गोवा' और 'किंगफिशर बीयर' जैसे कई नामी ब्रांड्स की नकली पैकेजिंग कर भोले-भाले ग्राहकों की जान जोखिम में डाली जा रही थी। एसएसपी शशि मोहन सिंह को जैसे ही इस सिंडिकेट की भनक लगी, उन्होंने साइबर सेल, कोतरारोड़ थाना और आबकारी की एक संयुक्त टीम बनाई। पुलिस ने एक डमी ग्राहक भेजकर नकली शराब की पुष्टि की और फिर सीधा धावा बोल दिया। मौके से मास्टरमाइंड दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू (47 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका भाई सुभाष पटेल और साथी विनय सिंह फरार होने में सफल रहे। छापेमारी में विभिन्न ब्रांड्स की 869 नकली शराब की बोतलें, अद्धी और पौव्वा, 240 लीटर तैयार अवैध मदिरा (जिसकी कीमत लगभग ₹2,16,245 है), शराब की बोतलों के 560 नकली ढक्कन, स्प्रिट के ड्रम, केतली और सैकड़ों खाली बोतलें बरामद हुई हैं। गिरफ्तार आरोपी दुष्यंत पटेल के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं और आबकारी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपियों सुभाष और विनय की तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अवैध शराब कारोबारियों के लिए रायगढ़ में कोई जगह नहीं है और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले इस सिंडिकेट के एक-एक गुर्गे को पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा। पुलिस का संदेश है कि 'ऑपरेशन आघात' अभी थमा नहीं है, यह तो बस शुरुआत है।
रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग ने 'ऑपरेशन आघात' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले में नकली शराब के काले साम्राज्य का पर्दाफाश किया है। बाहर से 'ब्लैक डॉग' और 'रॉयल स्टैग' जैसी महंगी शराब की चमकती बोतलों में 'मौत का जहर' भरकर बेचा जा रहा था। कोरोना काल से चल रहे इस गोरखधंधे की नींव हिलाते हुए पुलिस ने भारी मात्रा में नकली शराब का जखीरा बरामद किया है। पुलिस ने कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनागर में दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू के ठिकाने पर दबिश दी, तो वहां गाय बांधने वाले कोठे में एक पूरी 'अवैध डिस्टिलरी' मिली। आरोपी अरुणाचल
प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से सस्ती शराब लाकर उसमें स्प्रिट और रेड लेबल चायपत्ती मिलाकर शराब की मात्रा और रंग तैयार करते थे। कचरे से पुरानी बोतलें इकट्ठा कर उन्हें धोकर उन पर ब्रांडेड कंपनियों के 'नकली होलोग्राम' और 'डुप्लीकेट लेबल' चिपकाए जाते थे, फिर उन्हें बाजार में असली शराब के भाव में बेचा जाता था। 'रॉयल स्टैग', 'इंपीरियल ब्लू (IB)', 'ब्लैक डॉग', 'गोवा' और 'किंगफिशर बीयर' जैसे कई नामी ब्रांड्स की नकली पैकेजिंग कर भोले-भाले ग्राहकों की जान जोखिम में डाली जा रही थी। एसएसपी शशि मोहन सिंह को जैसे ही इस सिंडिकेट की भनक लगी, उन्होंने साइबर सेल, कोतरारोड़ थाना
और आबकारी की एक संयुक्त टीम बनाई। पुलिस ने एक डमी ग्राहक भेजकर नकली शराब की पुष्टि की और फिर सीधा धावा बोल दिया। मौके से मास्टरमाइंड दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू (47 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका भाई सुभाष पटेल और साथी विनय सिंह फरार होने में सफल रहे। छापेमारी में विभिन्न ब्रांड्स की 869 नकली शराब की बोतलें, अद्धी और पौव्वा, 240 लीटर तैयार अवैध मदिरा (जिसकी कीमत लगभग ₹2,16,245 है), शराब की बोतलों के 560 नकली ढक्कन, स्प्रिट के ड्रम, केतली और सैकड़ों खाली बोतलें बरामद हुई हैं। गिरफ्तार आरोपी दुष्यंत पटेल के खिलाफ BNS की
गंभीर धाराओं और आबकारी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपियों सुभाष और विनय की तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अवैध शराब कारोबारियों के लिए रायगढ़ में कोई जगह नहीं है और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले इस सिंडिकेट के एक-एक गुर्गे को पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा। पुलिस का संदेश है कि 'ऑपरेशन आघात' अभी थमा नहीं है, यह तो बस शुरुआत है।
- *✰गरीब, असहाय परिवार को मिला "संत रामपाल जी महाराज" का सहारा✰* अवश्य देखिए पूरी वीडियो *AnnaPurna Muhim* YouTube Channel पर *✰गरीब, असहाय परिवार को मिला "संत रामपाल जी महाराज" का सहारा✰* अवश्य देखिए पूरी वीडियो *AnnaPurna Muhim* YouTube Channel पर1
- कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र में मंगलवार को एक पटाखा गोदाम में भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसके बाद गोदाम में रखे पटाखों तक पहुंचते ही लगातार जोरदार धमाके होने शुरू हो गए। इन धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।1
- यह पोस्ट इस विचार को उजागर करती है कि सभी हाथ केवल चालान काटने के लिए नहीं होते, बल्कि कुछ हाथ लोगों की सहायता करने के लिए भी आगे आते हैं। इसमें दर्शकों को एक वीडियो देखने के लिए आमंत्रित किया गया है, जो संभवतः इस मददगार भावना को दर्शाता है।1
- रायगढ़ रेलवे स्टेशन और एक एक्सप्रेस ट्रेन में चोरी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। इनमें से एक घटना में, चांदनी चौक धोबीपारा निवासी बृहस्पति बाई बरैठ (48) रविवार को अपनी बेटी के साथ बहन के घर अकलतरा जाने के लिए रायगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर बिलासपुर-रायगढ़ मेमू ट्रेन का इंतजार कर रही थीं। ट्रेन में काफी भीड़ थी, और जब वे जनरल कोच में सवार हुईं, तो उनका करीब 4 ग्राम वजनी सोने का मंगलसूत्र गायब पाया गया। यह मंगलसूत्र लगभग 30 हजार रुपए का था और 15 से 20 साल पुराना बताया गया है। आशंका है कि भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात चोर ने इसे चुरा लिया। दूसरे मामले में, बलसाड़-पुरी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक यात्री का बैग चोरी हो गया। दोनों घटनाओं के बाद, रायगढ़ जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) ने शिकायतें दर्ज कर ली हैं। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जीआरपी थाना प्रभारी ने बुधवार करीब दोपहर 12 बजे इस खबर की पुष्टि की है।1
- कोरबा जिले में लगभग 400 साल पुरानी एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर की खोज की गई है। यह खोज और संबंधित कार्य कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में संपन्न हुए।1
- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहाँ एक युवक ने अपनी पत्नी और बच्चों के सामने बीच सड़क पर पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट और गाली-गलौज किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। वायरल वीडियो में, पीड़ित युवक को हाथ में सिनेमा शो का टिकट दिखाते हुए सुना जा सकता है। उसने बताया कि वह रात 10 बजे से 1 बजे के शो के बाद अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान अर्जुनी थाने के थाना प्रभारी (SHO) चंद्रकांत साहू और उनके साथ मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी को जबरन रुकवा लिया। युवक का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसकी गाड़ी की चाबी निकाल ली और बिना किसी उकसावे के उसके साथ मारपीट की। वीडियो में उसे यह कहते सुना गया: "आपने मुझे थप्पड़ क्यों मारा? बीच रोड पर हमारी गाड़ी की चाबी निकाल दी, पीछे से ट्रक आ रहा था, अगर मेरे बच्चों को कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता?" उसकी पत्नी भी डरी-सहमी हुई दिख रही थी और पुलिसकर्मियों से उन्हें जाने देने की गुहार लगा रही थी। युवक जब पुलिस अधिकारी से पूछता है कि क्या वे अब घर जा सकते हैं, तो कथित तौर पर पुलिसकर्मी ने उन्हें जाने से मना कर दिया। वीडियो पर मौजूद टेक्स्ट के अनुसार, परिवार को रात में करीब 2 घंटे तक सड़क पर ही रोके रखा गया। इस घटना के दौरान, युवक ने सड़क से गुजर रहे ट्रक चालकों और पास के एक मकान में रहने वाले लोगों से भी मदद की अपील की, चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा था कि "भैया! ये पुलिस वाले रात के समय हमें जबरन रोककर मार रहे हैं, प्लीज हमारी मदद करो।" वीडियो सामने आने के बाद, स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में पुलिस के इस आचरण को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का मानना है कि अगर कानून के रखवाले आम नागरिकों, खासकर सपरिवार यात्रा कर रहे लोगों के साथ ऐसा हिंसक और असंवेदनशील व्यवहार करेंगे, तो जनता का पुलिस पर से विश्वास खत्म हो जाएगा। फिलहाल, इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पीड़ित परिवार अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से न्याय और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।2
- पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने नकली शराब के एक बड़े ‘काले साम्राज्य’ पर छापा मारा है। यह साम्राज्य कोरोना काल से लगातार सक्रिय था और बड़े पैमाने पर अपना धंधा चला रहा था। इस कार्रवाई के बाद से ब्रांडेड शराब कंपनियों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि नकली शराब के इस अवैध धंधे ने उनकी प्रतिष्ठा और व्यवसाय को भारी नुकसान पहुंचाया था।1