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पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने नकली शराब के एक बड़े ‘काले साम्राज्य’ पर छापा मारा है। यह साम्राज्य कोरोना काल से लगातार सक्रिय था और बड़े पैमाने पर अपना धंधा चला रहा था। इस कार्रवाई के बाद से ब्रांडेड शराब कंपनियों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि नकली शराब के इस अवैध धंधे ने उनकी प्रतिष्ठा और व्यवसाय को भारी नुकसान पहुंचाया था।
Mahendra kumar sidar
पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने नकली शराब के एक बड़े ‘काले साम्राज्य’ पर छापा मारा है। यह साम्राज्य कोरोना काल से लगातार सक्रिय था और बड़े पैमाने पर अपना धंधा चला रहा था। इस कार्रवाई के बाद से ब्रांडेड शराब कंपनियों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि नकली शराब के इस अवैध धंधे ने उनकी प्रतिष्ठा और व्यवसाय को भारी नुकसान पहुंचाया था।
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- कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र में मंगलवार को एक पटाखा गोदाम में भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसके बाद गोदाम में रखे पटाखों तक पहुंचते ही लगातार जोरदार धमाके होने शुरू हो गए। इन धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।1
- यह पोस्ट इस विचार को उजागर करती है कि सभी हाथ केवल चालान काटने के लिए नहीं होते, बल्कि कुछ हाथ लोगों की सहायता करने के लिए भी आगे आते हैं। इसमें दर्शकों को एक वीडियो देखने के लिए आमंत्रित किया गया है, जो संभवतः इस मददगार भावना को दर्शाता है।1
- सीतापुर नगर पंचायत में कार्यरत विभिन्न विभागों के प्लेसमेंट कर्मचारियों ने अपने लंबित मानदेय भुगतान की मांग को लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि वे पिछले 10 से 15 वर्षों से प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नगर पंचायत को सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। उनके अनुसार, उन्हें मार्च 2025 तक का मानदेय ही प्राप्त हुआ है, जबकि अप्रैल 2025 से लेकर मई 2026 तक का वेतन अभी भी बकाया है। कर्मचारियों ने बताया कि पहले नगर पंचायत द्वारा सीधे एजेंसी को भुगतान किए जाने पर उन्हें नियमित रूप से मानदेय मिल जाता था, लेकिन वर्तमान में प्लेसमेंट एजेंसी बदलने के बाद भुगतान व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। वेतन न मिलने के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा और अन्य दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि दो दिनों के भीतर वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है, तो सफाई शाखा, नल-जल शाखा, विद्युत शाखा सहित अन्य विभागों के प्लेसमेंट कर्मचारी नगर पंचायत कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस ज्ञापन की एक प्रति क्षेत्रीय विधायक, कलेक्टर सरगुजा, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास, तथा नगर पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को भी प्रेषित की गई है।1
- सक्ती पुलिस को मालखरौदा थाना क्षेत्र के सेंदुरस गांव में हुए पति-पत्नी के दोहरे हत्याकांड को सुलझाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि जिन आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया था, उन्हीं ने दो वर्ष पूर्व हुए मुक्ता दोहरा हत्याकांड को भी अंजाम दिया था।1
- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहाँ एक युवक ने अपनी पत्नी और बच्चों के सामने बीच सड़क पर पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट और गाली-गलौज किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। वायरल वीडियो में, पीड़ित युवक को हाथ में सिनेमा शो का टिकट दिखाते हुए सुना जा सकता है। उसने बताया कि वह रात 10 बजे से 1 बजे के शो के बाद अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान अर्जुनी थाने के थाना प्रभारी (SHO) चंद्रकांत साहू और उनके साथ मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी को जबरन रुकवा लिया। युवक का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसकी गाड़ी की चाबी निकाल ली और बिना किसी उकसावे के उसके साथ मारपीट की। वीडियो में उसे यह कहते सुना गया: "आपने मुझे थप्पड़ क्यों मारा? बीच रोड पर हमारी गाड़ी की चाबी निकाल दी, पीछे से ट्रक आ रहा था, अगर मेरे बच्चों को कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता?" उसकी पत्नी भी डरी-सहमी हुई दिख रही थी और पुलिसकर्मियों से उन्हें जाने देने की गुहार लगा रही थी। युवक जब पुलिस अधिकारी से पूछता है कि क्या वे अब घर जा सकते हैं, तो कथित तौर पर पुलिसकर्मी ने उन्हें जाने से मना कर दिया। वीडियो पर मौजूद टेक्स्ट के अनुसार, परिवार को रात में करीब 2 घंटे तक सड़क पर ही रोके रखा गया। इस घटना के दौरान, युवक ने सड़क से गुजर रहे ट्रक चालकों और पास के एक मकान में रहने वाले लोगों से भी मदद की अपील की, चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा था कि "भैया! ये पुलिस वाले रात के समय हमें जबरन रोककर मार रहे हैं, प्लीज हमारी मदद करो।" वीडियो सामने आने के बाद, स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में पुलिस के इस आचरण को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का मानना है कि अगर कानून के रखवाले आम नागरिकों, खासकर सपरिवार यात्रा कर रहे लोगों के साथ ऐसा हिंसक और असंवेदनशील व्यवहार करेंगे, तो जनता का पुलिस पर से विश्वास खत्म हो जाएगा। फिलहाल, इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पीड़ित परिवार अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से न्याय और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।2
- पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने नकली शराब के एक बड़े ‘काले साम्राज्य’ पर छापा मारा है। यह साम्राज्य कोरोना काल से लगातार सक्रिय था और बड़े पैमाने पर अपना धंधा चला रहा था। इस कार्रवाई के बाद से ब्रांडेड शराब कंपनियों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि नकली शराब के इस अवैध धंधे ने उनकी प्रतिष्ठा और व्यवसाय को भारी नुकसान पहुंचाया था।1