सिमडेगा सदर अस्पताल के फार्मेसी विभाग में कार्यरत शिवकुमार सिंह मंगलवार को 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर अस्पताल परिसर में एक भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। समारोह में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. शीलवन्त एक्का की उपस्थिति में शिवकुमार सिंह को माला पहनाकर, पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके लंबे सेवाकाल को याद करते हुए उनकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और मधुर व्यवहार के साथ अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन की सराहना की। मरीजों और सहकर्मियों के बीच भी उनकी कार्यशैली प्रशंसित रही। सम्मान से अभिभूत शिवकुमार सिंह विदाई के दौरान भावुक हो गए, उन्होंने सभी सहकर्मियों का आभार व्यक्त किया और अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के समापन के बाद, वे अपने पैतृक गांव, बिहार के लिए रवाना हो गए। इस अवसर पर आलोक कुमार, प्रवीण कुमार, अरुण कुमार, नौरंगी सहित सदर अस्पताल के कई अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
सिमडेगा सदर अस्पताल के फार्मेसी विभाग में कार्यरत शिवकुमार सिंह मंगलवार को 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर अस्पताल परिसर में एक भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। समारोह में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. शीलवन्त एक्का की उपस्थिति में शिवकुमार सिंह को माला पहनाकर, पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके लंबे सेवाकाल को याद करते हुए उनकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और मधुर व्यवहार के साथ अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन की सराहना की। मरीजों और सहकर्मियों के बीच भी उनकी कार्यशैली प्रशंसित रही। सम्मान से अभिभूत शिवकुमार सिंह विदाई के दौरान भावुक हो गए, उन्होंने सभी सहकर्मियों का आभार व्यक्त किया और अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के समापन के बाद, वे अपने पैतृक गांव, बिहार के लिए रवाना हो गए। इस अवसर पर आलोक कुमार, प्रवीण कुमार, अरुण कुमार, नौरंगी सहित सदर अस्पताल के कई अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
- सिमडेगा सदर अस्पताल के फार्मेसी विभाग में कार्यरत शिवकुमार सिंह मंगलवार को 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर अस्पताल परिसर में एक भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। समारोह में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. शीलवन्त एक्का की उपस्थिति में शिवकुमार सिंह को माला पहनाकर, पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके लंबे सेवाकाल को याद करते हुए उनकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और मधुर व्यवहार के साथ अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन की सराहना की। मरीजों और सहकर्मियों के बीच भी उनकी कार्यशैली प्रशंसित रही। सम्मान से अभिभूत शिवकुमार सिंह विदाई के दौरान भावुक हो गए, उन्होंने सभी सहकर्मियों का आभार व्यक्त किया और अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के समापन के बाद, वे अपने पैतृक गांव, बिहार के लिए रवाना हो गए। इस अवसर पर आलोक कुमार, प्रवीण कुमार, अरुण कुमार, नौरंगी सहित सदर अस्पताल के कई अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।1
- झारखंड के गुमला जिला, सिसई प्रखंड अंतर्गत पिलखी मोड़ निवासी 27 वर्षीय अंजनी कुमारी ने पुलिस अधीक्षक गुमला और थाना प्रभारी सिसई को लिखित आवेदन देकर मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश के कुशीनगर स्थित एक ईंट भट्ठे पर उनके पति सुदेश्वर उरांव के साथ मारपीट की गई, उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई, और अंततः उनके पति के शव को छिपा दिया गया है। अंजनी कुमारी ने बताया कि अक्टूबर 2025 में वह अपने पति और दो बच्चों के साथ उमा ईंट भट्ठा, पढ़री बनचरा, प्रखण्ड सुकरोली, थाना हाटा, जिला कुशीनगर, राज्य यूपी में काम करने गई थीं। वे ग्राम रंगी जमटोली, थाना घागरा, जिला गुमला के रंजीत उरांव और उनकी पत्नी तरुण उरांव के कहने पर गए थे। उनके अनुसार, 21 जून 2026 को जब उन्होंने अपने जिला वापस लौटने के लिए मजदूरी का हिसाब कर भुगतान मांगा, तो सभी लोगों ने मिलकर उनके पति के साथ मारपीट की और उनका मोबाइल लूट लिया। इसके बाद, 23 जून 2026 की शाम काम बंद करने के बाद जब वे फिर से पैसा मांगने गए, तो करीब 7 बजे के लगभग सभी लोगों ने दोबारा उनके पति के साथ मारपीट शुरू कर दी। अंजनी कुमारी को एक कमरे में बंद कर दिया गया और उन्हें धमकी दी गई कि उनके पति को मारकर पेड़ में टांग देंगे। उन्होंने आवेदन में कहा है कि अंत में यही हुआ और उनके पति का शव छिपा दिया गया है। पीड़िता 26 जून 2026 को सिसई पहुंची और घटना के बारे में जानकारी दी। पत्नी ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में ईंट भट्ठा के मालिक सहित कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और अपने पति के शव को खोजने के लिए मदद मांगी है।2
- मनोहरपुर प्रखंड की चिड़िया पंचायत के बिनुवा ग्राम के अंकुवा टोला में डीएमएफटी (DMFT) फंड से चार साल पहले बनाई गई एक जलमीनार पिछले एक साल से खराब पड़ी है। इस गंभीर पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी और माननीय विधायक श्री जगत माझी जी को लिखित सूचना दी थी, लेकिन दो से तीन महीने बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई है। जलमीनार खराब होने और शिकायतों पर कार्रवाई न होने से ग्रामीण काफी नाराज हैं। बरसात का मौसम शुरू होने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है, क्योंकि इन दिनों नदी का पानी बढ़ जाता है और लाल हो जाता है। ग्रामीणों को यही लाल नदी का पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिसके कारण उन्हें तरह-तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने श्रीमान से इस समस्या का जल्द से जल्द निदान करने की कृपा करने का निवेदन किया है।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड मुख्यालय से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 143ए (NH 143A) की स्थिति बेहद खराब है, जिससे झारखंड सहित कई राज्यों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पथ पर यात्रा करना मुश्किल हो गया है। विशेषकर बरसात के मौसम में राहगीरों को इस सड़क पर चलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, और स्थानीय लोग भी रोजमर्रा की परेशानियों से जूझ रहे हैं। यह समस्या संवेदक की घोर लापरवाही और सड़क निर्माण में तय मानकों का पालन न होने का सीधा परिणाम है, जिसके चलते आम जनता और राहगीर लगातार परेशान हो रहे हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए, उपायुक्त (DC) ने इसकी जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं।1
- खूंटी में जनवितरण प्रणाली के डीलरों की एक बैठक आयोजित की गई। इस दौरान, बीएओ ने जनवितरण प्रणाली के डीलरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।1
- झारखंड में 7 एकड़ 71 डिसमिल जमीन के फर्जी म्यूटेशन का गंभीर आरोप सामने आया है। इस मामले ने तब और तूल पकड़ा जब कथित तौर पर इस जमीन को बेचने की कोशिश की गई, जिसके बाद इलाके में व्यापक हड़कंप मच गया है।1
- सिमडेगा में आजसू पार्टी की जिला कमेटी ने मंगलवार को हूल दिवस के अवसर पर जिला कार्यालय ठाकुरटोली में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान वीर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरो और फूलो-झानो को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में, जिला अध्यक्ष धुपेंद्र पांडेय ने कहा कि सिदो-कान्हू का संघर्ष और उनका बलिदान सदैव समाज को प्रेरित करता रहेगा। वहीं, जिला सचिव विकास बड़ाईक ने इस बात पर जोर दिया कि हूल दिवस हमें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज के हित में एकजुट होकर कार्य करने की प्रेरणा देता है। इस श्रद्धांजलि सभा में जिला प्रवक्ता शिवनाथ डेहरी, नारायण बड़ाईक, देवेंद्र साहू, जॉन पॉल, लालू ठाकुर, दिलीप बड़ाईक, उत्तम कुमार सिंह सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- संत जेवियर्स महाविद्यालय, महुआडांड़ में दिनांक 23 जून 2026 से 30 जून 2026 तक "नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान" के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। यह अभियान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं तथा स्थानीय समुदाय को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर एक स्वस्थ, सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करना था। अभियान की शुरुआत 23 जून 2026 को गणित, भौतिकी, वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम से हुई, जहाँ विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों पर आधारित जागरूकता वीडियो दिखाए गए। इस दौरान विद्यार्थियों ने "नशा मुक्ति मित्र" के रूप में Nasha Mukt Bharat Abhiyaan Portal पर स्वयं को पंजीकृत किया, साथ ही सिग्नेचर कैंपेन और प्रतिज्ञा ग्रहण समारोह भी आयोजित किए गए, जिसमें नशा मुक्त समाज निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया गया। इसके अतिरिक्त, अभियान में नशा मुक्ति लोकगीत, जागरूकता सृजन कार्यक्रम, इंटरएक्टिव सत्र, Testimonial Sharing और Social Media Campaign जैसे विभिन्न कार्यक्रम भी शामिल थे। दिनांक 25 जून 2026 को नशा मुक्ति के समर्थन में एक बाइक रैली, मानव श्रृंखला और सामूहिक चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। बाइक रैली के माध्यम से महाविद्यालय परिवार और विद्यार्थियों ने पूरे क्षेत्र में नशा विरोधी संदेश फैलाया, जबकि मानव श्रृंखला ने समाज में एकता, जागरूकता और सामूहिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया। सामूहिक चर्चा में विद्यार्थियों ने नशे के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर गहन विचार-विमर्श किया। 29 जून 2026 को एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम हुआ, जिसमें जनजातीय व कांग्रेस नेता अजीत पाल कुजूर और स्थानीय पत्रकार सूरज कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने नशे की बुराइयों, उसके दुष्परिणामों तथा समाज व परिवार पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। इस अवसर पर, प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश ने अपने संदेश में कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को कमजोर करता है, और एक विकसित भारत तभी संभव है जब युवा नशामुक्त, शिक्षित, अनुशासित और जागरूक हों। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आग्रह करते हुए अभियान की सफलता के लिए सभी विभागों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। महाविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों, शिक्षकों के समर्पण और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान अत्यधिक सफल रहा, जिसने न केवल जागरूकता फैलाई बल्कि नशामुक्त समाज और विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूत किया।3
- गोइलकेरा थाना क्षेत्र में एक ट्रक ड्राइवर ने लापरवाही और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हुए एक शिक्षिका की रास्ते में जान ले ली। इस घटना के बाद ड्राइवर ने मौके से भागने की कोशिश की।3